04 मार्च 2023 : समाचार विश्लेषण
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A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित: शासन:
C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। E. संपादकीय: राजव्यवस्था एवं शासन:
भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान:
F. प्रीलिम्स तथ्य:
G. महत्वपूर्ण तथ्य:
H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: |
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सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
शासन:
पुरानी पेंशन योजना
विषय: सरकार की नीतियां और विकास के लिए हस्तक्षेप
मुख्य परीक्षा: भारत की पेंशन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता
संदर्भ:
- केंद्र सरकार के चुनिंदा कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना का विकल्प चुन सकते हैं।
भूमिका:
- केंद्र सरकार ने कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने के लिए एकमुश्त विकल्प देने का फैसला किया है।
- यह निर्णय पुरानी पेंशन योजना के मुद्दे पर सरकार द्वारा सामना किए जा रहे मुकदमों का समाधान करने के लिए लिया गया था।
- विभिन्न उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने उन लोगों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के लिए कई आदेश जारी किए हैं जिन्होंने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) अधिसूचित होने से पहले नौकरियों के लिए आवेदन किया था।
- वर्ष 2020 में, पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DPPW) ने उन केंद्रीय कर्मचारियों को OPS चुनने का एकमुश्त विकल्प दिया था, जो 31 दिसंबर, 2003 से पहले घोषित परिणामों में भर्ती के लिए सफल घोषित किए गए थे।
- केंद्र सरकार का कहना है कि पुरानी व्यवस्था की बहाली से सरकार पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ेगा।
- छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों ने घोषणा की है कि वे पुरानी पेंशन योजना को बहाल करेंगे।
- 31 जनवरी, 2023 तक कुल 23,65,693 केंद्रीय कर्मचारियों और 60,32,768 राज्य सरकार के कर्मचारियों ने NPS के तहत नामांकन किया है। पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्यों ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू किया था।
मुख्य विवरण:
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प ऐसे कर्मचारी चुन सकते हैं जिन्होंने 22 दिसंबर, 2003 से पहले विज्ञापित नौकरियों के लिए आवेदन किया था, इसी दिन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को अधिसूचित किया गया था, लेकिन 2004 में सेवा में शामिल हुए थे, जब राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को लागू किया गया था।
- यह विकल्प राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत नामांकित केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है, जो 1 जनवरी, 2004 को या उसके बाद सेवा में शामिल हुए थे।
- यह आदेश केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों पर भी लागू होगा। पुरानी पेंशन योजना का विकल्प चुनने के लिए कर्मचारियों के पास 31 अगस्त तक का समय है।
- राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में कर्मचारियों के योगदान को व्यक्ति के सामान्य भविष्य निधि (GPF) में जमा किया जाएगा।
पुरानी व्यवस्था बनाम नई व्यवस्था:

चित्र स्रोत: The Hindu
पुरानी पेंशन योजना बनाम नई पेंशन योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक कीजिए: Old Pension v/s New Pension Scheme
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सारांश:
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संपादकीय-द हिन्दू
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
राजव्यवस्था एवं शासन:
ग्रामीण भारत में स्वच्छ-प्रौद्योगिकी
विषय: सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप।
मुख्य परीक्षा: ग्रामीण भारत में स्वच्छ प्रौद्योगिकी।
विवरण:
- ग्रामीण भारत की कई महिलाओं ने अपने व्यवसायों को बढ़ाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा आधारित आजीविका तकनीकों को अपनाया है। ये सौर रेफ्रिजरेटर, रेशम-रीलिंग मशीन, जैव ऊर्जा-आधारित शीत भंडारगृह, बल्क दुग्ध प्रशीतक, वितरित नवीकरणीय ऊर्जा आदि जैसी तकनीकों का उपयोग करती हैं।
- ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) के एक अध्ययन के अनुसार, यह पाया गया कि स्वच्छ तकनीक आजीविका उपकरणों के शुरुआती 13000 उपयोगकर्ताओं में से लगभग 80% महिलाएं हैं।
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: https://byjus.com/free-ias-prep/clean-energy-india-ieefa-ember-report-upsc/
वितरित नवीकरणीय ऊर्जा के लाभ:
- लैंगिक रूप से निर्धारित श्रमसाध्य गतिविधियों को कम करने के अलावा, वितरित नवीकरणीय ऊर्जा (DRE) मशीनीकरण के माध्यम से आय के अवसरों में वृद्धि कर महिला किसानों और उद्यमियों की मदद करती है।
- ऐसा अनुमान है कि 2030 तक, लगभग 30 मिलियन महिलाओं के स्वामित्व वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) लगभग 150 मिलियन लोगों को रोजगार प्रदान करेंगे।
- वितरित नवीकरणीय ऊर्जा आजीविका प्रौद्योगिकियों में विशेष रूप से महिलाओं के लिए ग्रामीण आजीविका को बदलने की अपार क्षमता है। उदाहरण के लिए, भारत में इसके लिए $50 बिलियन का बाजार अवसर है।
वितरित अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने से संबद्ध चिंताएं और उपाय:
- DRI को विशेष रूप से महिला उपयोगकर्ताओं के बीच एक उच्च जोखिम वाली खरीद के रूप में देखा जाता है क्योंकि उनकी शुरुआती कीमत अधिक होती है और सामाजिक-आर्थिक कारणों से महिला उपयोगकर्ताओं की जोखिम लेने की क्षमता कम होती है।
- इस चुनौती को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को उत्पादों के विपणन और विश्वसनीयता प्रदान करने हेतु प्रारंभिक उपयोगकर्ताओं को अपना डेमो चैंपियन/बिक्री एजेंट बनाना चाहिए।
- यह ध्यान रखना चाहिए कि लोग हाई-टेक और हाई-टिकट-साइज उत्पादों को छूना और देखना चाहते हैं।
- इस प्रकार, हाइपरलोकल इवेंट्स और डेमो का आयोजन किया जाना चाहिए क्योंकि ये महिलाओं को नेटवर्क, उत्पाद के बारे में जानने और इन मशीनों की खरीद, वित्तपोषण और उपयोग के लिए लोगों से जुड़ने हेतु स्थान प्रदान करते हैं।
- स्वच्छ प्रौद्योगिकी उत्पादों के लिए वित्तपोषण प्राप्त करने के सीमित अवसर एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
- आसान वित्त को सक्षम करने के लिए प्रावधान किए जाने चाहिए।
- इसके अलावा, प्रौद्योगिकी निर्माताओं और प्रमोटरों को बिक्री के बाद की सेवाओं और बाय-बैक के लिए भी सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए।
- उत्पाद की आर्थिक व्यवहार्यता का साक्ष्य प्रदर्शित किया जाना चाहिए और प्रमोटरों को आंशिक डिफ़ॉल्ट गारंटी प्रदान करनी चाहिए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में केवल प्रौद्योगिकी प्रावधान पर्याप्त नहीं है।
- फॉरवर्ड और बैकवर्ड बाजार लिंकेज को सहायता करना महत्वपूर्ण है।
- उच्च आय उत्पन्न करने के लिए, उत्पादकों को शहरी क्षेत्रों में उपभोग केन्द्रों को खोजने और उनसे जोड़ने में मदद करना महत्वपूर्ण है।
- महिलाएं अपने गांव के बाहर सीमित गतिशीलता और नेटवर्क के कारण भी संघर्ष करती हैं।
- इस मामले में, महिलाओं को सामूहन किया जा सकता है या एक ऐसा व्यवसाय मॉडल स्थापित किया जा सकता है जो उन्हें मध्यस्थ वस्तुओं को बेचने और एक नियमित राजस्व सुनिश्चित करने की अनुमति देगा।
- यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि निजी क्षेत्र की संस्थाओं में प्रायः उस तरह की पहुंच और पैमाने की कमी होती है जो सरकार द्वारा प्रदान की जा सकती है।
- इस प्रकार, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच नीति अभिसरण होना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:National Clean Energy Fund (NCEF) – An Overview | UPSC Notes
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सारांश: ग्रामीण महिलाओं और स्वच्छ प्रौद्योगिकी दोनों की क्षमता को स्पष्ट रूप से प्राप्त करने के लिए, नीति निर्माताओं, निवेशकों, फाइनेंसरों, प्रौद्योगिकी प्रमोटरों और अन्य पारिस्थितिकी तंत्र समर्थकों जैसे सभी हितधारकों को सहयोग करना चाहिए। |
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सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान:
वाचडॉग (प्रहरी संस्था) का चयन
विषय: विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व
मुख्य परीक्षा: मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की चयन समिति और संबंधित चिंताएं
प्रारंभिक परीक्षा: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति की प्रक्रिया
संदर्भ:
- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला।
विवरण:
- शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया है कि जब तक कोई कानून पारित नहीं किया जाता है तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति तीन सदस्यीय समिति द्वारा की जाएगी जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल होंगे।
- यह फैसला भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है।
- यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारतीय चुनाव आयोग गणतंत्र का एक महत्वपूर्ण घटक है जिसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कार्यात्मक स्वतंत्रता और संवैधानिक सुरक्षा की जरूरत होती है।
- संविधान पीठ ने कहा कि संविधान निर्माताओं का मूल उद्देश्य यह था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति का तरीका संसदीय कानून द्वारा निर्धारित किया जाए। हालांकि, एक के बाद एक कई सरकारें इस बारे में एक कानून बनाने में विफल रही हैं।
- न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ (फैसले के मुख्य न्यायमूर्ति) ने कहा कि, अदालत का फैसला विधायिका की “जड़ता” और एक कानून के अभाव में उभरे कथित खालीपन पर आधारित है।
नोट: इस लेख को 3 मार्च, 2023 के यूपीएससी परीक्षा विस्तृत समाचार विश्लेषण में शामिल किया गया।
संबद्ध चिंताएं:
- चयन समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की उपस्थिति से ECI की स्वतंत्रता को बनाए रखने पर कई सवाल उठते हैं।
- यह तर्क दिया जाता है कि इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है कि सीबीआई निदेशक, जिसे एक ऐसी ही समिति द्वारा नियुक्त किया जाता है, की स्वतंत्रता को संरक्षित या बढ़ाया गया है।
- इसके अलावा, समिति में मुख्य न्यायाधीश की उपस्थिति सभी नियुक्तियों को पहले से ही वैधता प्रदान करेगी और प्रक्रिया में किसी भी त्रुटि या दुर्बलता की न्यायिक जांच को प्रभावित करेगी।
संबंधित लिंक:
Is the Election Commission of India an independent body?
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सारांश:
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प्रीलिम्स तथ्य:
- विश्व बैंक भारत को एक अरब डॉलर का ऋण देगा
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:
विषय: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान
प्रारंभिक परीक्षा: विश्व बैंक; स्वास्थ्य से संबंधित सरकारी योजनाएं
संदर्भ:
- विश्व बैंक भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र का समर्थन करने के लिए 1 बिलियन डॉलर का ऋण देगा।
भूमिका:
- विश्व बैंक ने भारत की स्वास्थ्य सेवा परियोजना, प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के लिए 1 बिलियन डॉलर की सहायता को मंजूरी दी है।
- देश भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए इसे अक्टूबर 2021 में लॉन्च किया गया था।
- 1 बिलियन डॉलर की सहायता राशि को 500 मिलियन डॉलर के दो-दो पूरक ऋणों में विभाजित किया जाएगा।
मुख्य विवरण:
- ऋण प्रदान करने का उद्देश्य भविष्य की महामारियों के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत की तैयारी में मदद करना है।
- राष्ट्रीय स्तर के हस्तक्षेपों के अलावा, ऋण की एक किश्त सात राज्यों – आंध्र प्रदेश, केरल, मेघालय, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा वितरण को प्राथमिकता देने पर खर्च की जाएगी।
- 500 मिलियन डॉलर का सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली महामारी तैयारी कार्यक्रम (PHSPP) संभावित अंतरराष्ट्रीय चिंता की महामारी का पता लगाने और रिपोर्ट करने के लिए भारत की निगरानी प्रणाली को तैयार करने के सरकार के प्रयासों का समर्थन करेगा।
- 500 मिलियन डॉलर का एक और संवर्धित स्वास्थ्य सेवा वितरण कार्यक्रम (EHSDP) एक पुन: डिज़ाइन किए गए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल मॉडल के माध्यम से सेवा वितरण को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों का समर्थन करेगा, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक बेहतर घरेलू पहुंच, घरों के नियमित दौरों के जरिए प्रत्येक घर और इसकी प्राथमिक देखभाल सुविधा के बीच मजबूत संबंध बनाना और गैर-संचारी रोगों का जोखिम मूल्यांकन शामिल है।
- अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (IBRD) से PHSPP और EHSDP, दोनों ऋणों की अंतिम परिपक्वता अवधि 18.5 वर्ष है, जिसमें पाँच वर्ष की छूट अवधि भी शामिल है।
- समय के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार, भारत की जीवन प्रत्याशा 1990 में 58 से बढ़कर 2020 में 69.8 हो गई है। यह देश के आय स्तर के औसत से अधिक है।
- उपभोक्ता अदालतें
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
विषय: राजव्यवस्था
प्रारंभिक परीक्षा: वैधानिक, नियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
संदर्भ:
- भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उपभोक्ता अदालत के अध्यक्षों एवं सदस्यों के चयन के मानदंड को आसान कर दिया है।
मुख्य विवरण:
- सर्वोच्च न्यायालय ने 03 मार्च को उपभोक्ता अदालतों का अध्यक्ष बनने के लिए अनिवार्य पेशेवर अनुभव को 20 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष कर दिया है।
- सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि स्नातक डिग्री धारी वकील और पेशेवर जिसके पास उपभोक्ता मामलों, कानून, सार्वजनिक मामलों, प्रशासन, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, उद्योग, वित्त, प्रबंधन, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक स्वास्थ्य या चिकित्सा में 10 वर्षों का अनुभव है, वे राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला फोरम के अध्यक्ष और सदस्य के रूप में नियुक्ति के पात्र होंगे।
- सर्वोच्च न्यायालय ने उपभोक्ता अदालतों की अध्यक्षता करने के लिए युवा प्रतिभाओं को आकर्षित करने हेतु अनुभव मानदंड को कम करने के लिए अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का उपयोग किया।
- सर्वोच्च न्यायालय ने उम्मीदवारों के प्रदर्शन की जांच करने के लिए लिखित परीक्षा और मौखिक परीक्षा भी अनिवार्य किया है।
- उपभोक्ता आयोगों के पास कई मामलों में दीवानी अदालतों के समान शक्ति है।
पृष्ठभूमि:
- केंद्र सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण (राज्य आयोग और जिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए अर्हता, भर्ती की पद्धति, नियुक्ति की प्रक्रिया, कार्यकाल, पद से त्याग पत्र और हटाना) नियम, 2020 में कई संशोधन प्रस्तावित किए हैं।
- सर्वोच्च न्यायालय का हालिया फैसला 2020 के नियमों में संशोधन किए जाने तक इस कमी को पूरा करेगा।
राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक कीजिए: National Consumer Protection Act 2019
महत्वपूर्ण तथ्य:
- कामकाजी महिलाओं पर विश्व बैंक सूचकांक:
- विश्व बैंक की वार्षिक महिला, व्यवसाय और कानून 2023 रिपोर्ट, जिसमें 190 देश शामिल हैं, के अनुसार भारत ने रिपोर्ट के आठ प्रमुख क्षेत्रों (गतिशीलता, कार्यस्थल, वेतन, विवाह, पितृत्व , उद्यमिता, संपत्ति और पेंशन) में विभाजित 35 उप संकेतकों में 100 संभावित अंकों में से 74.4 अंक प्राप्त किया है।
- भारत ने दक्षिण एशियाई देशों के औसत (63.7) से अधिक अंक प्राप्त किया है, हालांकि यह नेपाल से कम है, जिसने इस क्षेत्र में उच्चतम अंक (80.6) प्राप्त किया है।
- सूचकांक में शामिल 190 अर्थव्यवस्थाओं में से केवल 14 ने ही पूर्ण (100) अंक प्राप्त किया है, ये हैं: बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आइसलैंड, आयरलैंड, लातविया, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन।
- भारत के लिए स्कोर की गणना करने हेतु, सूचकांक ने मुंबई में लागू कानूनों पर उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग किया था, जिसे देश का मुख्य व्यापारिक शहर माना जाता है।
- महिलाओं के वेतन, पेंशन और बच्चे होने के बाद काम को प्रभावित करने वाले कानूनों, व्यवसाय शुरू करने और संचालन करने वाली महिलाओं पर प्रतिबंध, संपत्ति और विरासत में लैंगिक अंतर के मामले में भारत पीछे है।
- रिपोर्ट के अनुसार, “औसतन रूप से महिलाओं को पुरुषों की तुलना में बमुश्किल 77 प्रतिशत कानूनी अधिकार प्राप्त हैं। सुधार की वर्तमान गति पर, कई देशों में, आज कार्यबल में प्रवेश करने वाली एक महिला पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त करने में सक्षम होने से पहले ही सेवानिवृत्त हो जाएगी।”
- कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता:
- एक वन्यजीव वैज्ञानिक, जिसने भारत के चीता पुनर्वास कार्यक्रम में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी, का कहना है कि मध्य प्रदेश में कूनो राष्ट्रीय उद्यान (KNP), जहाँ वर्तमान में अफ्रीका से लाए गए 20 चीतों को रखा गया है, में जानवरों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त शिकार नहीं है।
- वर्तमान में, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रति वर्ग किलोमीटर लगभग 20 चीतल – चीता का मुख्य शिकार – उपलब्ध हैं, जो 2014 में उद्यान में प्रति वर्ग किमी. में पाए जाने वाले लगभग 60 चीतल की तुलना में काफी कम है।
- सरकार कुछ चीतों को राजस्थान में मुकुंदरा बाघ अभयारण्य में स्थानांतरित करने पर विचार कर सकती है जहाँ वे शीघ्र ही समायोजित हो सकें।
- मध्य प्रदेश में गंगासागर और नौरादेही वन्यजीव अभयारण्यों को चीतों के रहने के अनुकूल बनाने के लिए 750 करोड़ रुपये के निवेश के साथ-साथ कम से कम एक साल का समय लगने का अनुमान है।
- सितंबर 2022 और फरवरी 2023 के बीच भारत में नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को पुनः बसाने की एक पहल के तहत लाया गया था। गौरतलब है कि 1950 के दशक की शुरुआत में भारत में चीतों की आबादी विलुप्त हो गई थी।
- समर्थ योजना:
- कपड़ा मंत्रालय ने अपनी समर्थ योजना हेतु कार्यान्वयन भागीदार के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जो मार्च 2024 के अंत तक जारी रहेगा।
- मंत्रालय ने 14 मार्च, 2023 से पहले पंजीकरण करने के लिए कार्यान्वयन भागीदारों – उद्योगों और औद्योगिक संघों के लिए एक विंडो खोली है।
- इस योजना के तहत अब तक लगभग 1.50 लाख व्यक्तियों (86% महिलाओं) को प्रशिक्षित किया जा चुका है और उनमें से 70% को संगठित क्षेत्र में काम पर रखा गया है।
- यह योजना कताई और बुनाई को छोड़कर संपूर्ण कपड़ा मूल्य श्रृंखला को कवर करती है।
समर्थ योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक कीजिए: Samarth Scheme
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (स्तर-कठिन)
- राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी की स्थापना 1860 के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में की गई थी।
- भारत डोपिंग रोधी पर कोपेनहेगन घोषणा और डोपिंग के विरुद्ध यूनेस्को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का हस्ताक्षरकर्ता है।
विकल्प:
- केवल 1
- केवल 2
- दोनों
- इनमें से कोई नहीं
उत्तर: c
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) को 24 नवंबर, 2005 को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में भारत में डोप मुक्त खेलों के अधिदेश के साथ स्थापित किया गया था।
- कथन 2 सही है: भारत “यूनेस्को डोपिंग रोधी सम्मेलन” का एक हस्ताक्षरकर्ता है, जिसे 07 नवंबर 2007 को भारत द्वारा अनुमोदित किया गया था। खेल में डोपिंग रोधी पर कोपेनहेगन घोषणा को मार्च, 2003 में भारत सरकार द्वारा स्वीकार किया गया था।
प्रश्न 2. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: (स्तर-कठिन)
ऑपरेशन नेतृत्वकर्ता
- ऑपरेशन बरखाने फ्रांस
- ऑपरेशन इनफाइनाइट रीच जर्मनी
- ऑपरेशन टुरस यूके
- ऑपरेशन अर्जेंट फ्यूरी संयुक्त राज्य अमेरिका
उपर्युक्त युग्मों में से कितना/कितने सुमेलित है/हैं?
- केवल एक युग्म
- केवल दो युग्म
- केवल तीन युग्म
- सभी चरों युग्म
उत्तर: c
व्याख्या:
- युग्म 1 सुमेलित है: ऑपरेशन बरखाने 2014 से नवंबर 2022 तक अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में इस्लामी समूहों के खिलाफ फ्रांसीसी सेना के नेतृत्व में एक विद्रोही विरोधी अभियान था।
- युग्म 2 सुमेलित नहीं है: ऑपरेशन इनफाइनाइट रीच 20 अगस्त, 1998 को सूडान और अफगानिस्तान में अल-कायदा के ठिकानों पर अमेरिकी क्रूज मिसाइल हमलों का कोडनेम था।
- युग्म 3 सुमेलित है: बोको हरम विद्रोह के दौरान नाइजीरिया की सहायता के लिए ऑपरेशन टुरस ब्रिटिश सैन्य अभियान का कोड नाम है। इसे अप्रैल 2014 में चिबोक स्कूली छात्राओं के अपहरण की प्रतिक्रिया में शुरू किया गया था, जिसमें नाइजीरिया में जिहादी आतंकवादी संगठन बोको हरम द्वारा सौ से अधिक स्कूली छात्राओं का अपहरण कर लिया गया था।
- युग्म 4 सुमेलित है: अक्टूबर 1983 में ग्रेनाडा पर संयुक्त राज्य अमेरिका के आक्रमण का कोडनेम ऑपरेशन अर्जेंट फ्यूरी था। संयुक्त राज्य अमेरिका और छह कैरेबियाई देशों के गठबंधन ने वेनेजुएला के उत्तर में 100 मील (160 किमी.) दूर स्थित ग्रेनेडा के द्वीप राष्ट्र पर आक्रमण किया था।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन सा/से सुमेलित है/हैं? (स्तर-कठिन)
- चौसा का युद्ध – हुमायूँ और शेरशाह सूरी
- हल्दीघाटी का युद्ध- महाराणा प्रताप और अकबर की सेना
- करनाल का युद्ध- नादिर शाह और मुहम्मद शाह
विकल्प:
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: d
व्याख्या:
- युग्म 1 सुमेलित है: चौसा का युद्ध हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच लड़ा गया था। यह 26 जून 1539 को बिहार के बक्सर के पास चौसा में लड़ा गया था।
- युग्म 2 सुमेलित है: हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को महाराणा प्रताप के नेतृत्व वाली मेवाड़ सेना और आमेर के मान सिंह प्रथम के नेतृत्व में अकबर की मुगल सेना के बीच लड़ा गया था।
- युग्म 3 सुमेलित है: करनाल का युद्ध (24 फरवरी 1739) हरियाणा में करनाल के पास मुहम्मद शाह और ईरान के अफशरीद राजवंश के संस्थापक नादिर शाह के बीच भारत पर उसके (नादिर शाह के) आक्रमण के दौरान लड़ा गया था।
प्रश्न 4. प्रायः चर्चा में रहने वाली ‘वसंत क्रांति'(Spring Revolution) है: (स्तर-मध्यम)
- एक राजनीतिक आंदोलन जिसका उद्देश्य सिर्फ म्यांमार में सत्ता परिवर्तन है।
- इक्वाडोर में लोकतंत्र के समर्थन में विरोध और विद्रोह।
- एक राजनीतिक आंदोलन जो हांगकांग में लोकतंत्र विरोध प्रदर्शन के दौरान उभरा।
- ट्यूनीशिया में एक लोकप्रिय विद्रोह जिसने भ्रष्टाचार, गरीबी और राजनीतिक दमन का विरोध किया।
उत्तर: a
व्याख्या: म्यांमार में विरोध प्रदर्शन, जिसे स्थानीय रूप से वसंत क्रांति के रूप में जाना जाता है, 2021 की शुरुआत में 1 फरवरी को देश के सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ द्वारा किए गए तख्तापलट के विरोध में शुरू हुआ था।
प्रश्न 5. प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (PYQ-CSE-2008) (स्तर-सरल)
- प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ में जीवित बैक्टीरिया होते हैं जो मानवों के लिए लाभदायक माने जाते हैं।
- प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ गट फ्लोरा को बनाए रखने में मदद करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2
- 1 और 2 दोनों
- न तो 1, न ही 2
उत्तर: c
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: प्रोबायोटिक जीवित लाभकारी बैक्टीरिया और/या यीस्ट का एक संयोजन है जो प्राकृतिक रूप से हमारे शरीर में पाए जाते हैं। प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ में जीवित बैक्टीरिया होते हैं जो मानवों के लिए लाभदायक माने जाते हैं।
- कथन 2 सही है: प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ लाभकारी बैक्टीरिया से निर्मित होते हैं जो शरीर को स्वस्थ और अच्छी तरह से काम करने में मदद करने में सहायक होता है। ये गट फ्लोरा को बनाए रखने में मदद करते हैं।
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए एक अत्यंत आवश्यक कदम है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (GSII-राजव्यवस्था)
प्रश्न 2. भारत में स्वच्छ प्रौद्योगिकी (cleantech) को अपनाने में अभी भी कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर विस्तारपूर्वक चर्चा कीजिए और उन्हें दूर करने के उपाय सुझाइए। (250 शब्द; 15 अंक) (GSIII-नवीकरणीय ऊर्जा)