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A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित: अंतर्राष्ट्रीय संबंध:
C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। E. संपादकीय: अंतर्राष्ट्रीय संबंध:
F. प्रीलिम्स तथ्य:
G. महत्वपूर्ण तथ्य:
H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: |
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित
मोदी, बाइडन ने रक्षा संबंधों में प्रगति का स्वागत किया।
अंतरराष्ट्रीय संबंध
विषय- द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से जुड़े समझौते और/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते।
प्रारंभिक परीक्षा- QUAD, UNSC, GE F-414 जेट इंजन, INDUS-X, iCET, RE-TAP
मुख्य परीक्षा- भारत-अमेरिका संबंध, स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत
भूमिका
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच बैठक के बाद भारत और अमेरिका द्वारा जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर प्रकाश डाला गया है।
- इस बयान में रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों सहित सहयोग के कई क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है।
सहयोग के क्षेत्र
- राजनीतिक:
- भारत और अमेरिका ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सम्मान, बहुलवाद और विश्वास पर आधारित भारत-अमेरिका वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
- भूरणनीतिक:
- प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति बाइडन ने एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूती देने में क्वाड के महत्व की पुष्टि की।
- राष्ट्रपति बाइडन ने भारत को स्थायी सदस्य बनाए जाने के तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया।
- रक्षा:
- दोनों देश संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सहित अपने सैन्य जुड़ाव का विस्तार करने पर सहमत हुए हैं तथा अंतरिक्ष एवं AI जैसे नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।
- दोनों नेताओं ने भारत में GE F-414 जेट इंजनों के निर्माण के लिए GE एयरोस्पेस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (HAL) के बीच वाणिज्यिक समझौते के लिए बातचीत शुरू होने का भी स्वागत किया।
- साझे सुरक्षा मुद्दों से निपटने हेतु एक मजबूत सहयोग योजना बनाने के लिए दोनों नेताओं द्वारा India-U.S. डिफेंस एक्सेलरेशन इकोसिस्टम (INDUS-X) टीम की प्रशंसा की गई।
- राष्ट्रपति बाइडेन ने 31 जनरल एटॉमिक्स MQ-9B ड्रोन (16 स्काई गार्जियन और 15 सी गार्जियन) के लिए भारत के रक्षा मंत्रालय के अनुरोध के प्रति समर्थन व्यक्त किया, जनरल एटॉमिक्स MQ-9B ड्रोन खुफिया जानकारी एकत्र करने, निगरानी करने और टोही गतिविधियों में शामिल होने की भारतीय सैन्य बल की क्षमता में सुधार करेगा।
- व्यापार:
- संयुक्त बयान में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि अमेरिका और भारत ने द्विपक्षीय व्यापार विवादों को सुलझाने में बड़े स्तर पर प्रगति की है, जिसमें विश्व व्यापार संगठन (WTO) के माध्यम से सुलझाए गए छह लंबित मुद्दे भी शामिल हैं।
- अमेरिका ने भारत को इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फोरम के “ट्रेड” पिलर में शामिल होते देखने में अपनी रुचि व्यक्त की है। हालाँकि, भारत इस चिंता के कारण अब तक इस पहल से दूर रहा है कि बाध्यकारी पर्यावरण और श्रम नियमों से उसके व्यापार हित प्रभावित हो सकते हैं।
- प्रौद्योगिकी और नवाचार:
- अमेरिका और भारत ने इनिशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (iCET) जिससे खुली, सुलभ, सुरक्षित और लचीली प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखलाओं को बढ़ावा मिलता है, की मध्यावधि समीक्षा करने के प्रति झुकाव दिखाया है।
- इन दोनों नेताओं ने लचीली वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के प्रति अपना सहयोग दोहराया।
- सुरक्षित और विश्वसनीय दूरसंचार, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और वैश्विक डिजिटल समावेशन के दृष्टिकोण को साझा करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति बाइडन ने भारत 6G अलायंस और नेक्स्ट G अलायंस (Next G Alliance) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया।
- संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्वांटम क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर काम करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- दोनों नेताओं ने जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार करने के लिए U.S. नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) और भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के बीच एक कार्यान्वयन व्यवस्था पर हुए हस्ताक्षर की सराहना की।
- ऊर्जा:
- भारत का राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष एवं U.S. विकास वित्त निगम दोनों अक्षय अवसंरचना निवेश कोष स्थापित करने के लिए 500 – 500 मिलियन डॉलर तक का योगदान करने के प्रति इच्छुक हैं।
- दोनों नेता उन्नत लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास सहित परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।
- इन दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा अनुसंधान, नीति और निवेश में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए India-U.S. नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी एक्शन प्लेटफॉर्म (RE-TAP) भी लॉन्च किया है।
- लोगों से लोगों तकः
- इन दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने हेतु स्टार्ट-अप, निवेशकों और अधिकारियों को जोड़ने के लिए भारत और अमेरिका में कार्यक्रमों के साथ “इनोवेशन हैंडशेक” कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने पर आपसी सहमति व्यक्त की।
निष्कर्ष
संयुक्त बयान से ज्ञात होता है कि अमेरिका और भारत क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने, आर्थिक संबंधों को बढ़ाने एवं तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान देने के साथ विभिन्न क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।
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सारांश: भारत और अमेरिका भू-रणनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों सहित कई क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। |
संपादकीय-द हिन्दू
संपादकीय:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित
बदलाव पर जोर के साथ भारतीय बच्चों को वापस लाना
अंतरराष्ट्रीय संबंध
विषय- भारत के हितों पर विकसित और विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति का प्रभाव, भारतीय प्रवासी।
मुख्य परीक्षा- भारतीय प्रवासियों को प्रभावित करने वाले मुद्दे
संदर्भ:
- मेजबान देशों द्वारा कई प्रवासी भारतीय माताओं को उनके बच्चों से अलग कर दिया गया है, जो एक प्रकार से मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है, जिससे माताओं, बच्चों और परिवारों की कुशलता अर्थात भलाई प्रभावित हो रही है।
अभिभावकीय अभिरक्षा से हटाए गए बच्चों के उदाहरण
- प्रियदर्शिनी पाटिल और धारा शाह विदेशों में बाल संरक्षण एजेंसियों से प्रभावित माताओं में से हैं।
- प्रियदर्शनी पाटिल ने अपने बच्चों को ऑस्ट्रेलियाई बाल सेवा अधिकारियों द्वारा जब्त कर लिए जाने के बाद अपना जीवन समाप्त कर लिया, एवं बच्चों को भारत वापस भेजने की परिवार की दलीलें स्वीकार नहीं की गईं।
- धारा शाह और उनके पति को अपनी बच्ची से अलग कर दिया गया है। उनकी बच्ची को 2021 में जर्मनी की बाल कल्याण एजेंसी द्वारा स्थायी पालन-पोषण देखभाल के लिए भेज दिया गया था।
- माता-पिता पर बच्चे को घायल करने का आरोप लगाया गया, लेकिन साक्ष्य इसके विपरीत हैं एवं विशेषज्ञ चिकित्सा रिपोर्टों द्वारा प्रमाणित हैं, तथा अदालत द्वारा नियुक्त मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ ने सिफारिश की कि बच्चे को माता-पिता और बाल केंद्र की निगरानी में रखा जाए, जिसे अदालत ने अपने फैसले में नजरअंदाज कर दिया।
- भारत सरकार ने भारतीय बाल संरक्षण अधिकारियों को बच्चे वापस किए जाने की मांग की है, लेकिन जर्मनी ने अभी तक इस पर विचार नहीं किया है।
मातृत्व पितृत्व के मामले में सांस्कृतिक पूर्वाग्रह
- आमतौर पर, युवा परिवार उच्च आय वाले देश में काम करने के लिए चले जाते हैं, एवं माता-पिता पर अपने बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया जाता है। उन पर सांस्कृतिक रूप से पूर्वाग्रहपूर्ण एकतरफा मुकदमा चलाया जाता है और अभिभावकीय अभिरक्षा (parental custody) समाप्त कर दी जाती है।
- बच्चों को उनके मूल स्थान से परे पालन-पोषण देखभाल ( foster care) में रखा जाता है एवं उनका पालन-पोषण ऐसे घरेलू माहौल में किया जाता है जो भोजन, भाषा आदि सहित भारतीय संस्कृति को प्रतिबिंबित नहीं करता है। इन परिस्थितियों को अपनाना शिशुओं, बच्चों और प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए कठिन हो जाता है।
- पर्याप्त पालन-पोषण गृहों की कमी के कारण, बच्चों को एक देखभालकर्ता से दूसरे देखभालकर्ता के पास स्थानांतरित कर दिया जाता है, जिससे बच्चे को हानिकर आघात पहुँचता है।
- वैश्विक मानक संचालन प्रक्रिया के अभाव में अभिरक्षा पर लंबी कानूनी लड़ाई ने माता-पिता, बच्चों और इसमें शामिल सभी हितधारकों को परेशान किया है।
उन्हें भारत वापस क्यों लाया जाना चाहिए?
- ये बच्चे आमतौर पर निवास के देश (country of residence) के नागरिक नहीं होते हैं और इनका अपने मूल देश के साथ कोई महत्वपूर्ण संबंध नहीं हो पाता है।
- ऐसे बच्चों को किसी विदेशी राज्य एजेंसी की अभिरक्षा में छोड़ने के बजाय स्वदेश में सुरक्षित स्थान पर लौटाना उनके लिए अधिक मानवीय और दयालु समाधान है।
- इन बच्चों को उनके गृह देश लौटाए जाने से उन्हें लाभ होगा जहां वे विस्तृत परिवार (extended family) के साथ रह सकते हैं और परिचित संस्कृतियों में बड़े हो सकते हैं।
भावी कदम?
- विदेशी राष्ट्रों को अपनी बाल संरक्षण प्रणाली में सांस्कृतिक पूर्वाग्रह और अनुचित मुकदमों के माता-पिता के आरोपों की ईमानदारी से जांच करनी चाहिए।
- इसी तरह की समस्याओं को रोकने हेतु विदेशी बाल सेवाओं द्वारा अपने माता-पिता के पास से हटाए गए बच्चों के प्रत्यावर्तन के लिए एक वैश्विक प्रोटोकॉल विकसित करना।
- यदि गृह देश बच्चे की सुरक्षा और कल्याण की जिम्मेदारी लेने को तैयार है, जैसा कि भारत ने जर्मनी में गुजराती बच्चे के मामले में किया है, तो प्रत्यावर्तन से इनकार करने का कोई कारण नहीं होना चाहिए।
- अधिकार क्षेत्र के मुद्दों पर बच्चे की मानवता और अधिकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए एवं पालन-पोषण के सांस्कृतिक संदर्भ की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए।
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सारांश: मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन के मामले में मेजबान देशों द्वारा प्रवासी भारतीय माताओं को उनके बच्चों से अलग कर दिया गया है। इन बच्चों को भारत वापस भेजा जाना चाहिए, जहां वे अपने विस्तृत परिवार के साथ रह सकें एवं परिचित संस्कृतियों में बड़े हो सकें। |
प्रीलिम्स तथ्य:
1. सामाजिक सुरक्षा विधेयकों पर राजस्थान के राज्यपाल की सहमति मांगी गई
- राजस्थान न्यूनतम गारंटीकृत आय विधेयक, 2023 में सभी परिवारों को प्रति माह ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन और एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान है।
- राजस्थान प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर्स (पंजीकरण और कल्याण) विधेयक, 2023, गिग श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है एवं एग्रीगेटर्स के लिए एक नियामक ढांचा तैयार करता है।
- इसका उद्देश्य उन असंगठित क्षेत्रों के लिए एक कल्याण बोर्ड की स्थापना करना भी है जो मौजूदा श्रम कानूनों के अंतर्गत नहीं आते हैं।
- ये दोनों कानून उन गरीब मजदूरों और गिग श्रमिकों को राहत देने में फायदेमंद होंगे जिन्हें अपनी आजीविका कमाने में अधिक समय व्यय करना पड़ता है एवं कानूनी सुरक्षा भी नहीं मिली होती है।
- एक गिग अर्थव्यवस्था एक श्रम बाजार है जिसमें पूर्णकालिक स्थायी कर्मचारियों के बजाय स्वतंत्र ठेकेदार और फ्रीलांसर होते हैं।
- जहाँ गिग कार्य भारत में कुछ समय से अस्तित्व में हैं, वहीं इसे हाल ही में साझा गतिशीलता, खाद्य-तकनीक, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स में काम करने वाली प्लेटफॉर्म-आधारित कंपनियों के उदय के साथ लोकप्रियता हासिल हुई है।
- संसद द्वारा पारित सामाजिक सुरक्षा संहिता (2020) में भी काम की बदलती प्रकृति को मान्यता दी गई है और श्रम बाजार की वास्तविकता को प्रतिबिंबित करने के लिए नीतिगत भाषा को अनुरूप किया गया है। इसने गिग नियोक्ताओं को सामाजिक सुरक्षा कोष में योगदान करने का दायित्व सौंपा है, ज्ञात हो कि सामाजिक सुरक्षा कोष का प्रबंधन सरकार के नेतृत्व वाले बोर्ड द्वारा किया जाएगा।
2. RBI ने चरणबद्ध तरीके से ICRR को वापस लेने का निर्णय लिया
- नकद आरक्षित अनुपात (CRR) कुल जमा की वह न्यूनतम राशि है जिसे बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक के पास नकद आरक्षित के रूप में बनाए रखना चाहिए। बैंकों को ऋण देने या निवेश उद्देश्यों के लिए CRR राशि का उपयोग करने की अनुमति नहीं होती है।
- बैंकिंग प्रणाली में 2,000 रुपये के नोटों की वापसी, RBI द्वारा सरकार को अधिशेष हस्तांतरण, सरकारी खर्च में बढ़ोतरी और पूंजी प्रवाह जैसे कारकों से उत्पन्न अतिरिक्त तरलता को अवशोषित करने के लिए आरबीआई द्वारा वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात (I-CRR) की शुरुआत की गई थी।
- बैंकों को 19 मई, 2023 और 28 जुलाई, 2023 के बीच अपनी शुद्ध मांग और समय देनदारियों (NDTL) में वृद्धि पर 10 प्रतिशत का I-CRR बनाए रखने के लिए कहा गया था।
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अब प्रणाली में तरलता में स्थिरता सुनिश्चित करने और झटके को रोकने के लिए चरणबद्ध तरीके से वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात (I-CRR) को धीरे-धीरे वापस लेने का निर्णय लिया है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
1. फिलीपींस ने दक्षिण चीन सागर में चीनी नौकाओं की ‘अवैध’ गतिविधियों की निंदा की
- सेकंड थॉमस शोल, पश्चिमी फिलीपीन द्वीप पालावान से लगभग 200 किमी दूर है। शोल से चीन का निकटतम प्रमुख भूभाग हैनान द्वीप है।
- यह विवादित दक्षिण चीन सागर के स्प्रैटली द्वीप समूह में एक एटोल है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
Q1. विश्व व्यापार संगठन (WTO) में व्यापार विवादों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. WTO सदस्यों के बीच के व्यापार विवादों का समाधान विवाद निपटान निकाय (DSB) द्वारा किया जाता है।
2. विवाद निपटान निकाय (DSB) में WTO के सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
3. WTO विवाद निपटान निर्णय कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं, एवं गैर-अनुपालन के परिणामस्वरूप प्रतिबंध लग सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कितना/कितने सही है/हैं ?
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) सभी तीन
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: c
व्याख्या: विवाद निपटान निकाय (DSB) व्यापार विवादों का समाधान करता है, इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं, एवं इसके निर्णय गैर-अनुपालन के मामले में संभावित प्रतिबंधों के साथ कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं।.
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा भारतीय राज्य 2023 में न्यूनतम आय गारंटी विधेयक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा गारंटी प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया?
(a) महाराष्ट्र
(b) राजस्थान
(c) केरल
(d) गुजरात
उत्तर: b
व्याख्या: राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी विधेयक, 2023 के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा गारंटी प्रदान करने वाला राजस्थान ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया।
Q3. वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात (I-CRR) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह कुल जमा की न्यूनतम राशि होती है जो बैंकों को केंद्रीय बैंक के पास रखनी होती है।
2. I-CRR एक अतिरिक्त नकदी शेष है जिसे बनाए रखने के लिए RBI बैंकों को कह सकता है तथा यह एक विशिष्ट अवधि के लिए नकद आरक्षित अनुपात के अतिरिक्त होता है।
3. यह अधिशेष तरलता को अवशोषित करने के उद्देश्य से एक अस्थायी उपाय है।
उपर्युक्त कथनों में से कितना/कितने गलत है/हैं ?
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) सभी तीन
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: a
व्याख्या: यह एक अतिरिक्त नकदी शेष है जिसे RBI विभिन्न कारकों के कारण होने वाली अधिशेष तरलता को अवशोषित करने के लिए बैंकों को नकद आरक्षित अनुपात के अतिरिक्त बनाए रखने के लिए कह सकता है। कथन 1 CRR है।
Q4. निम्नलिखित देशों पर विचार कीजिए:
1. चीन
2. वियतनाम
3. फिलीपींस
4. मलेशिया
5. इंडोनेशिया
6. ब्रुनेई
उपर्युक्त में से कितने देश दक्षिण चीन सागर में स्प्रैटली द्वीप समूह के दावेदार हैं?
(a) केवल दो
(b) केवल तीन
(c) केवल चार
(d) केवल पाँच
उत्तर: d
व्याख्या: स्प्रैटली द्वीप समूह एक विवादित क्षेत्र है जिस पर चीन, वियतनाम, ब्रुनेई, फिलीपींस, मलेशिया और ताइवान सहित कई देश दावा करते हैं। इंडोनेशिया दावेदार नहीं है।
Q5. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
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क्रम संख्या |
जैव ईंधन की पीढ़ियाँ |
विशेषताएँ |
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1. |
प्रथम पीढी |
उत्पादन के लिए सूक्ष्मजीवों/शैवाल का उपयोग। |
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2. |
द्वितीय पीढी |
मकई जैसी खाद्य फसलों से उत्पादित। |
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3. |
तृतीय पीढी |
खाद्य फसलों के अखाद्य भागों से उत्पादित। |
उपर्युक्त युग्मों में से कितना/कितने सुमेलित है/हैं?
- केवल एक युग्म
- केवल दो युग्म
- सभी तीन युग्म
- इन युग्मों में से कोई भी नहीं
उत्तर: d
व्याख्या: प्रथम पीढ़ी: खाद्य फसलें जैसे मक्का, गन्ना, आदि। द्वितीय पीढ़ी: गैर-खाद्य फसलें जैसे जेट्रोफा या ऐसी खाद्य फसलें जो खाने योग्य नहीं हैं जैसे भूसा, भूसी, खाल, लकड़ी के 10 सेमी तक व्यास वाले टूकडे आदि। तृतीय पीढ़ी: शैवाल जैसे सूक्ष्मजीवों का उपयोग।
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
- भारत-अमेरिका संबंधों में जो हालिया सुधार देखा गया है, वह दोनों देशों के लिए लाभप्रद स्थिति है। विस्तारपूर्वक चर्चा कीजिए। (The recent improvement seen in Indo-USA relations is a win-win situation for both nations. Elaborate.) (10 अंक 150 शब्द) (GS- II; अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
- विदेशों में भारतीय जोड़ों की अभिभावकीय अभिरक्षा (पैरेंटल कस्टडी) समाप्त होने के मामलों में वृद्धि हुई है। इससे संबंधित मुद्दों का उल्लेख कीजिए और कुछ संभावित समाधान सूचीबद्ध कीजिए।(There has been a rise in cases of revoking parental custody of Indian couples in foreign nations. Enumerate the issues associated with this and list some possible solutions.) (15 अंक 250 शब्द) (GS- II; अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
(नोट: मुख्य परीक्षा के अंग्रेजी भाषा के प्रश्नों पर क्लिक कर के आप अपने उत्तर BYJU’S की वेव साइट पर अपलोड कर सकते हैं।)