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A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित: आज इससे संबंधित समाचार उपलब्ध नहीं हैं। B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित: राजव्यवस्था
अंतर्राष्ट्रीय संबंध
C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित: आज इससे संबंधित समाचार उपलब्ध नहीं हैं। D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित: आज इससे संबंधित समाचार उपलब्ध नहीं हैं। E. संपादकीय: आज इससे संबंधित समाचार उपलब्ध नहीं हैं। F. प्रीलिम्स तथ्य:
G. महत्वपूर्ण तथ्य: आज इससे संबंधित समाचार उपलब्ध नहीं हैं। H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: |
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित
उत्तराखंड के UCC में क्या शामिल है?
राजव्यवस्था
विषय: संविधान के ऐतिहासिक आधार, संविधान का विकास, मुख्य विशेषताएं, बुनियादी संरचना, संशोधन और महत्वपूर्ण प्रावधान
प्रारंभिक परीक्षा: UCC
मुख्य परीक्षा: UCC के साथ चुनौतियाँ
सन्दर्भ: उत्तराखंड विधानसभा द्वारा पारित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए, उनकी धार्मिक स्थिति से परे, विवाह, तलाक, संपत्ति की विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में आम नियम स्थापित करना है। संविधान के अनुच्छेद 44, जिसमें समान नागरिक संहिता पर बल दिया गया है, से उत्पन्न यह विधेयक सामाजिक और विधिक एकरूपता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है।
मुद्दे:
- UCC विधेयक लिव-इन रिलेशनशिप के अनिवार्य पंजीकरण के कारण निजता के उल्लंघन को लेकर चिंता पैदा करता है।
- विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों के बीच कुछ पर्सनल लॉ प्रथाओं के उन्मूलन को लेकर आशंकाएं हैं।
- तलाक और विरासत के अधिकारों पर इस विधेयक के प्रावधान, संवैधानिक सिद्धांतों और मौजूदा कानूनी ढांचे के सामने आएँगे, जिसको लेकर इन प्रावधानों के जांच -परीक्षण हो सकते हैं।
महत्त्व:
- उत्तराखंड का UCC विधेयक अन्य राज्यों के लिए इसी तरह के कानून पर विचार करने के लिए एक मिसाल कायम करता है, जिसका लक्ष्य पूरे देश में पर्सनल लॉ में सामंजस्य स्थापित करना है।
- यह सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देने, विवाह, तलाक और विरासत के मामलों में विधिक स्पष्टता और स्थिरता की आवश्यकता का समाधान करता है।
समाधान:
- लिव-इन संबंधों के अनिवार्य पंजीकरण की आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन करके और व्यक्तियों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करके निजता संबंधी चिंताओं का समाधान करना।
- समावेशिता सुनिश्चित करने और संभावित टकरावों को कम करने के लिए कानूनी विशेषज्ञों, धार्मिक नेताओं और सामुदायिक प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ गहन परामर्श करना।
- अल्पसंख्यकों और कमजोर समूहों के अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त कानूनी सुरक्षा उपाय प्रदान करना, साथ ही यह सुनिश्चित करना कि UCC भारत के विविध सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का सम्मान करे।
निष्कर्ष:
- उत्तराखंड में UCC विधेयक का पारित होना कानूनी एकरूपता और सामाजिक न्याय की खोज में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर दर्शाता है। हालाँकि यह अनुच्छेद 44 के आदर्शों को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति का प्रतीक है, लेकिन इसके कार्यान्वयन के लिए विभिन्न सामाजिक-कानूनी निहितार्थों और भारतीय समाज की विविध आवश्यकताओं पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है।
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सारांश: चिंताओं को दूर करने, संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने और समान नागरिक संहिता के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सहयोगात्मक प्रयास और समावेशी नीति निर्धारण आवश्यक है। |
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित
भारत, मालदीव द्विपक्षीय तरीके से आपसी मुद्दे सुलझाएंगे
अंतर्राष्ट्रीय संबंध
विषय: विकसित एवं विकासशील देशों की नीतियों एवं राजनीति का भारत के हितों पर प्रभाव
मुख्य परीक्षा: भारत-मालदीव संबंध
सन्दर्भ: हिंद महासागर सम्मेलन में भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच हाल की चर्चाओं में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय चिंताओं पर प्रकाश डाला गया, जो कि विशेष रूप से आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में विदेशी जहाजों की उपस्थिति के संबंध में था। श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग के लिए श्रीलंका की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए भारत और मालदीव के लिए अपने मुद्दों को द्विपक्षीय रूप से हल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुद्दे:
- भारतीय सैनिकों की वापसी, चीनी जहाजों के प्रवेश और मालदीव के मंत्रियों की आलोचनात्मक टिप्पणियों से तनाव पैदा हो गया है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
- हिंद महासागर क्षेत्र में विदेशी अनुसंधान जहाजों की उपस्थिति एक प्रमुख चिंता का विषय रही है, विशेष रूप से चीन द्वारा दोहरे उद्देश्य वाले एजेंडे और सैन्य निर्माण पर बढ़ती चिंताओं के साथ चिंता रही है।
- क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक सहयोग (RCEP) समझौते में शामिल होने के श्रीलंका के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं, विशेषकर ये 2019 में इस समझौते से भारत के पीछे हटने के आलोक में हैं।
महत्त्व:
- भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच द्विपक्षीय चर्चाएं साझा चिंताओं को दूर करने और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में क्षेत्रीय सहयोग और कूटनीति के महत्व को रेखांकित करती हैं।
- RCEP में शामिल होने का श्रीलंका का निर्णय बाहरी बाजारों तक पहुंच बनाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उसके प्रयासों को दर्शाता है, साथ ही भारत के साथ अपने संबंधों के महत्व को भी स्वीकार करता है।
समाधान:
- इसमें शामिल देशों की संप्रभुता का सम्मान करते हुए क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने और सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में द्विपक्षीय वार्ता और राजनयिक चैनलों के महत्व पर जोर देना।
- समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय हितधारकों के बीच आपसी विश्वास को बढ़ावा देने के लिए नौसेना अभ्यास और पोर्ट कॉल जैसे सहयोग तंत्र को मजबूत करना।
- समुद्री सुरक्षा खतरों और आर्थिक एकीकरण सहित आम चुनौतियों का समाधान करने के लिए हिंद महासागर रिम देशों के बीच पारदर्शी संवाद और सहयोग को प्रोत्साहित करना।
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सारांश: भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच चर्चा हिंद महासागर क्षेत्र में जटिल गतिशीलता और साझा हितों को रेखांकित करती है। हालाँकि चुनौतियाँ बनी हुई हैं, वहीं सुरक्षा चिंताओं को दूर करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर बातचीत और सहयोग आवश्यक है। |
संपादकीय-द हिन्दू
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प्रीलिम्स तथ्य:
1.EPFO ने PF जमा पर ब्याज दर बढ़ाकर 8.25% करने की तैयारी की
सन्दर्भ: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए भविष्य निधि (PF) जमा पर ब्याज दर 8.15% से बढ़ाकर 8.25% करने की सिफारिश की है। इस कदम का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के कल्याणकारी उपायों को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत के कार्यबल के लिए सामाजिक सुरक्षा बढ़ाना है।
मुद्दे:
- EPFO द्वारा ब्याज दर बढ़ाने का निर्णय ऐसे समायोजनों की स्थिरता और संगठन के वित्तीय स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव पर सवाल उठाता है।
- EPF सदस्यों के बीच विशेषकर फंड के बढ़ते आकार को देखते हुए ऐतिहासिक आय के समान वितरण को लेकर चिंताएं पैदा हो सकती हैं।
महत्त्व:
- प्रस्तावित ब्याज दर वृद्धि श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता देने और विशेषकर आर्थिक चुनौतियों के सामने उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- ऐतिहासिक आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा EPF सदस्यों को वितरित करने की EPFO की सिफारिश सदस्य लाभ बढ़ाने और बचत संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सक्रिय दृष्टिकोण का संकेत देती है।
समाधान:
- ग्राहकों और संगठन दोनों के हितों को संतुलित करते हुए EPFO की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के उपाय लागू करना।
- EPF फंड के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना, जिसमें सदस्यों के बीच आय का समान वितरण शामिल है।
- EPFO की वित्तीय स्थिरता से समझौता किए बिना भविष्य में ब्याज दर समायोजन का समर्थन करने के लिए निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने और रिटर्न को अनुकूलित करने के रास्ते तलाशना।
2. CSIR NAL ने परीक्षण वाला ड्रोन उड़ाया जो ‘सूडो उपग्रह’ (pseudo satellite) के रूप में भी काम कर सकता है
सन्दर्भ: CSIR-नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (NAL) के वैज्ञानिकों ने हाई एल्टीट्यूड सूडो सैटेलाइट (HAPS) नामक मानव रहित हवाई वाहन का सफलतापूर्वक परीक्षण करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ड्रोन जैसी लेकिन समताप मंडल में काम करने वाली इस नवोन्मेषी तकनीक में निगरानी से लेकर दूरसंचार तक विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए अपार संभावनाएं हैं।
मुद्दे:
- हाई एल्टीट्यूड सूडो सैटेलाइट (HAPS) को विकसित करना इंजीनियरिंग चुनौतियों को प्रस्तुत करता है, जो कि विशेष रूप से बिजली उत्पादन, हल्के डिजाइन और विस्तारित उड़ान अवधि के दौरान स्थिरता के संबंध में है।
- पतली सौर-सेल फिल्मों जैसे विशेष घटकों की सीमित उपलब्धता, कुशल HAPS सिस्टम के निर्माण में तार्किक और तकनीकी बाधाएं पैदा करती है।
महत्त्व:
- HAPS अनूठा लचीलापन और एंड्यूरेंस प्रदान करता है, अधिक अवधि के लिए हवा में रहने में सक्षम है, निरंतर निगरानी या दूरसंचार सेवाएं प्रदान करता है।
- स्केल-डाउन HAPS प्रोटोटाइप (scaled-down HAPS prototype) का सफल परीक्षण एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करता है और इस क्षेत्र में अग्रणी बनने की इसकी क्षमता को सामने लाता है।
- HAPS के विविध अनुप्रयोग हैं, जिनमें निगरानी, दूरसंचार, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण निगरानी शामिल हैं, जो बढ़ी हुई राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान करते हैं।
समाधान:
- बिजली उत्पादन दक्षता, हल्के निर्माण सामग्री और उड़ान स्थिरता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए HAPS से जुड़ी इंजीनियरिंग चुनौतियों का समाधान करने के लिए अनुसंधान और विकास प्रयास जारी रखना।
- तकनीकी बाधाओं को दूर करने और HAPS प्रणालियों के विकास में तेजी लाने के लिए वैश्विक भागीदारों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना तथा अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ उठाना।
- घरेलू स्तर पर पतली सौर-सेल फिल्मों जैसे महत्वपूर्ण घटकों का उत्पादन करने, विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे और विनिर्माण क्षमताओं में निवेश करना।
3. सीरम HPV वैक्सीन गार्डासिल से कमतर नहीं: अध्ययन
संदर्भ: द लैंसेट में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा अपने ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन, सेरवावैक पर किए गए चरण-2/3 परीक्षण के परिणामों का खुलासा किया गया है। अध्ययन में सेरवावैक की सुरक्षा और प्रभावकारिता की तुलना मर्क द्वारा निर्मित गार्डासिल से की गई है, और 9-14 वर्ष की आयु के किशोरों में आशाजनक परिणाम प्रदर्शित हुए हैं।
मुद्दे:
- कम उम्र के समूहों में HPV टीकों की प्रभावकारिता के मूल्यांकन में नैतिक और तार्किक बाधाओं, जैसे जननांग नमूनाकरण (genital sampling) और दीर्घकालिक फॉलो-अप पीरियड (prolonged follow-up periods) के कारण चुनौतियों का सामना निहित है।
- विभिन्न आयु समूहों और वैक्सीन फॉर्मूलेशन के बीच प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मानकीकृत पद्धतियों और नियामक दिशानिर्देशों को अपनाने की आवश्यकता होती है।
महत्त्व:
- यह अध्ययन विभिन्न आयु समूहों में HPV टीकों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अनुशंसित इम्युनोब्रिजिंग दृष्टिकोण (immunobridging approaches) के महत्व को रेखांकित करता है।
- सेरवावैक का गार्डासिल की तुलना में कमतर नहीं होने का प्रदर्शन और किशोरों में इसकी बेहतर एंटीबॉडी प्रतिक्रिया विशेषकर लक्षित आयु वर्ग में HPV संक्रमण के विरुद्ध एक प्रभावी निवारक उपाय के रूप में इसकी क्षमता को सामने लाती है।
- सेरवावैक की सुरक्षा और प्रभावकारिता के अनुभवजन्य साक्ष्य प्रदान करके, यह अध्ययन HPV से संबंधित बीमारियों के बोझ को कम करने के उद्देश्य से सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों की उन्नति में योगदान देता है।
समाधान:
- HPV टीकों के मूल्यांकन और लाइसेंस में WHO दिशानिर्देशों और नियामक मानकों का निरंतर अनुपालन, अध्ययन परिणामों की स्थिरता और तुलनीयता सुनिश्चित करना।
- इम्युनोब्रिजिंग पद्धतियों को सुव्यवस्थित करने और वैक्सीन प्रभावकारिता के व्यापक मूल्यांकन के लिए डेटा आदान-प्रदान की सुविधा के लिए वैक्सीन निर्माताओं, नियामक अधिकारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच सहयोग।
- किशोरों के बीच HPV टीकाकरण को बढ़ावा देने और HPV से संबंधित बीमारियों के विरुद्ध निवारक उपायों के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक जागरूकता और भागीदारी के प्रयासों को बढ़ाया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
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UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
Q1) निम्नलिखित में से कौन सा कथन नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड (National Creators Award) के उद्देश्य का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
A) भारत में डिजिटल क्रिएटर (रचनाकार) को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
B) भारत के डिजिटल परिदृश्य में डिजिटल इनोवेटर (digital innovators) और कंटेंट क्रिएटर के योगदान को लेकर उनकी पहचान करना और जश्न मनाना।
C) डिजिटल अर्थव्यवस्था में क्रिएटर को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना।
D) डिजिटल क्रिएटर के बीच अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना।
उत्तर: b
व्याख्या: नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड का उद्देश्य भारत के डिजिटल परिदृश्य में डिजिटल इनोवेटर और कंटेंट क्रिएटर्स के योगदान को लेकर उनकी पहचान करना और जश्न मनाना है।
Q2) निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
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खनिज |
प्रयोग |
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1. लिथियम |
I. लिथियम-आयन बैटरी के एनोड में उपयोग किया जाता है |
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2. कोबाल्ट |
II. लिथियम-आयन बैटरियों में ऊर्जा घनत्व और बैटरी जीवन को बढ़ाता है |
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3. ग्रेफाइट |
III. इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए बैटरी प्रौद्योगिकी में प्रमुख घटक |
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4. उच्च शुद्धता वाला चूना पत्थर |
IV. इस्पात निर्माण में कच्चा माल और दहन गैस निर्गंधकीकरण (Flue-gas desulfurization) जैसे पर्यावरणीय अनुप्रयोगों के लिए |
उपर्युक्त में से कितने सही सुमेलित हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- उपर्युक्त सभी
उत्तर: b
व्याख्या: कोबाल्ट कई महत्वपूर्ण कार्य करता है। बढ़ी हुई ऊर्जा घनत्व के साथ कोबाल्ट, विशेष रूप से जब निकल के साथ मिलाया जाता है, तो लिथियम-आयन बैटरी में उच्च ऊर्जा घनत्व में योगदान देता है। ग्रेफाइट EV में उच्च ड्राइविंग रेंज की सुविधा प्रदान करते हुए उच्च क्षमता प्रदान करता है। भावी पीढ़ियों के लिए सिलिकॉन-ग्रेफाइट कंपोजिट के निरंतर विकास से समग्र बैटरी क्षमता में वृद्धि होगी।
Q3) सफेद हाइड्रोजन के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
- पृथ्वी की पपड़ी और मेंटल से डीप हाइड्रोजन (deep hydrogen) का विघटन
- नए चट्टानी सतहों के संपर्क में जल
- कार्बनिक पदार्थ का अपघटन
- जैविक गतिविधि
- परमाणु रिएक्टर
उपर्युक्त में से कितनों को सफ़ेद हाइड्रोजन का स्रोत माना जा सकता है?
- केवल दो
- केवल तीन
- केवल चार
- उपर्युक्त सभी
उत्तर: c
व्याख्या: सफेद हाइड्रोजन का स्रोत, पृथ्वी की पपड़ी और मेंटल से डीप हाइड्रोजन का विघटन, नए चट्टानी सतहों के संपर्क में जल, कार्बनिक पदार्थों का अपघटन और जैविक गतिविधि हैं
Q4) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- ऑप्टिकल लाइन टर्मिनल (OLT) अंतिम उपयोगकर्ता के परिसर में स्थित एक उपकरण है जो सेवा प्रदाता से प्राप्त ऑप्टिकल सिग्नल को विद्युत सिग्नल में परिवर्तित करता है जिसका उपयोग अंतिम उपयोगकर्ता के उपकरणों द्वारा किया जा सकता है।
- ऑप्टिकल नेटवर्क यूनिट (ONU) सेवा प्रदाता के मुख्य कार्यालय में स्थित होता है, जहां यह पैसिव ऑप्टिकल वितरण नेटवर्क के माध्यम से जुड़े परिसर से ऑप्टिकल सिग्नल भेजता और प्राप्त करता है।
- पैसिव ऑप्टिकल नेटवर्क (PON) एक ब्रॉडबैंड नेटवर्क तकनीक है जिसमें एक फाइबर ऑप्टिक लाइन से कई घरों या इमारतों तक सिग्नल वितरित करने के लिए एम्पलीफायर और रिपीटर्स जैसे सक्रिय ऑप्टिकल घटकों का उपयोग होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1 और 3
D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: d
व्याख्या: एक ऑप्टिकल लाइन टर्मिनल (OLT), जिसे ऑप्टिकल लाइन टर्मिनेशन के रूप में भी जाना जाता है, एक पैसिव ऑप्टिकल नेटवर्क में एंडपॉइंट हार्डवेयर डिवाइस के रूप में कार्य करता है। ONU सेवा प्रदाता के मुख्य कार्यालय में स्थित ऑप्टिकल लाइन टर्मिनल (OLT) के साथ संचार करता है। OLT समग्र नेटवर्क का प्रबंधन करता है तथा ONU और कोर नेटवर्क के बीच डेटा ट्रांसमिशन को नियंत्रित करता है। ONU की प्रमुख विशेषताओं में से एक इसकी विभिन्न प्रकार की नेटवर्क सेवाओं को संभालने की क्षमता है। पैसिव ऑप्टिकल नेटवर्क (PON) एक फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क होता है जिसमें एकल ट्रांसमिशन बिंदु से एकाधिक उपयोगकर्ता एंडपॉइंट तक डेटा वितरित करने के लिए पॉइंट-टू-मल्टीपॉइंट टोपोलॉजी और ऑप्टिकल स्प्लिटर्स का उपयोग होता है। पैसिव का आशय, इस संदर्भ में, फाइबर और स्प्लिटिंग/कंबाइनिंग घटकों की शक्तिहीन स्थिति है।
Q5) मानव प्रजनन प्रौद्योगिकी की हालिया प्रगति के संदर्भ में, “प्रोन्यूक्लियर ट्रांसफर” (Pronuclear Transfer) का उपयोग निम्नलिखित में से किस सन्दर्भ में किया जाता है?
A) दाता शुक्राणु (donor sperm) द्वारा इन विट्रो अंडे का निषेचन
B) शुक्राणु उत्पादक कोशिकाओं का आनुवंशिक संशोधन
C) क्रियाशील भ्रूण (functional embryos) में स्टेम कोशिकाओं का विकास
D) संतानों में माइटोकॉन्ड्रियल रोगों की रोकथाम
उत्तर: d
व्याख्या: प्रोन्यूक्लियर ट्रांसफर” का उपयोग संतानों में माइटोकॉन्ड्रियल रोगों की रोकथाम के लिए किया जाता है।
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
1. समान नागरिक संहिता (UCC) की अवधारणा को विस्तृत करते हुए, उन तर्कों पर चर्चा कीजिए जो इस मुद्दे के आस-पास हो सकते हैं (250 शब्द, 15 अंक) – (सामान्य अध्ययन – I/II, सामाजिक मुद्दे/राजव्यवस्था)
2. हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इस क्षेत्र में भारत की भागीदारी का विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द, 10 अंक) – (सामान्य अध्ययन – II, अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
(नोट: मुख्य परीक्षा के अंग्रेजी भाषा के प्रश्नों पर क्लिक कर के आप अपने उत्तर BYJU’S की वेव साइट पर अपलोड कर सकते हैं।)