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06 जनवरी 2024 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

  1. ‘PACS द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के संचालन’ की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में ‘राष्‍ट्रीय पैक्स महासंगोष्ट्ठी’ का आयोजन:
  2. 43वें भारतीय वैज्ञानिक अभियान पर अंटार्कटिक महासागर में पहुंचा एमवी वासिली गोलोविन जहाज:
  3. स्वामित्व योजना को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद में लोक नीति संवाद-2024 के दौरान नवाचार सैंडबॉक्स प्रस्तुति के लिए सर्वश्रेष्ठ नवाचार पुरस्कार मिला:

‘PACS द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के संचालन’ की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में ‘राष्‍ट्रीय पैक्स महासंगोष्ट्ठी’ का आयोजन:

सामान्य अध्ययन: 2

सरकारी नीतियाँ

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

प्रारंभिक परीक्षा: PACS; प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों से संबंधित जानकारी।

प्रसंग:

  • केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सोमवार, 8 जनवरी, 2024 को विज्ञान भवन, नई दिल्‍ली में ‘प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के संचालन’ की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित ‘राष्‍ट्रीय पैक्स महासंगोष्ट्ठी’ की अध्यक्षता करेंगे।

विवरण:

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्‍व और गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हाल ही में पैक्स को प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्रों के संचालन के लिए पात्र संस्था बनाया गया हैI गत कुछ महीनों में ही, 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की 4400 से भी अधिक पैक्स/ सहकारी समितियों द्वारा भारत सरकार के औषध विभाग के पोर्टल पर इस पहल के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा चुका है। जिनमें से 2300 से अधिक समितियों को प्राथमिक अनुमोदन प्राप्त हो चुका है और 146 पैक्स/सहकारी समितियां जन औषधि केन्द्रों के रूप में कार्य करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार भी हो चुकी हैं I
  • प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां आम नागरिकों तक पहुंचाई जाती हैं, जो खुले बाज़ार की ब्रांडेड दवाइयों के मुकाबले 50-90% तक सस्ती होती हैं I इन केन्द्रों पर 2000 से अधिक प्रकार की जेनेरिक दवाइयां तथा लगभग 300 सर्जिकल उपकरण उचित मूल्य पर आम जनता के लिए उपलब्ध हैं I
  • यह पहल पैक्‍स को अपने आर्थिक कार्यों के विविधिकरण व विस्‍तार के नए अवसर प्रदान करेगी, जिससे पैक्स से जुड़े करोड़ों छोटे व सीमान्त किसान भाइयों व बहनों की आय में वृद्धि होगी I इसके साथ साथ यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर पैदा करने में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होगी ।
  • पैक्‍स सहकारिता आन्दोलन की नींव के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों छोटे व सीमान्त किसानों की सेवा के लिए कार्यरत हैं I प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की “सहकार-से-समृद्धि” की परिकल्पना को साकार करने के लिए सहकारिता मंत्रालय निरंतर प्रयासरत है I देश भर में पैक्‍स के कंप्‍यूटरीकरण का कार्य चल रहा है, जिसके तहत पैक्स को एक राष्ट्रव्यापी ERP आधारित सॉफ्टवेयर के ज़रिये नाबार्ड से जोड़ा जा रहा हैI साथ ही, पैक्स के आर्थिक कार्यकलापों में विविधता व कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से मॉडल उपनियम बनाये गए हैंI सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करने के लिए नया राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस तथा नई सहकारिता नीति का निर्माण किया जा रहा है। बीज, जैविक तथा कृषि उत्पादों के उत्पादन तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तीन नई बहुराज्‍य सहकारी समितियां स्‍थापित की गई हैं। देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित भंडारण व्यवस्था के लिए सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना भी लायी गई है, जिसके तहत पैक्स स्तर पर गोदामों का निर्माण किया जा रहा है I
  • इन सभी महत्त्वपूर्ण पहल से पैक्स तथा प्राथमिक स्तर की सहकारी समितियों का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित होगा और इनसे जुड़े करोड़ों किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी I

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. 43वें भारतीय वैज्ञानिक अभियान पर अंटार्कटिक महासागर में पहुंचा एमवी वासिली गोलोविन जहाज:
    • भारत का समुद्री अभियान जहाज एमवी वासिली गोलोविन 23 दिसंबर, 2023 की सुबह 43वीं आईएसईए यात्रा के लिए केप टाउन से अंटार्कटिका की यात्रा पर निकला।
    • इस अभियान में भारत से 21, बांग्लादेश से एक और मॉरीशस से दो सदस्‍य शामिल हैं।
    • इस अभियान में हवाई सहायता के लिए दो हेलीकॉप्टरों- एयरोस्पेशियल 350 बी3 और एक कामोव 32 को लगाया गया है।
    • इसमें कुल नौ सदस्य हैं- जिसका नेतृत्व एनसीपीओआर के अंटार्कटिक ऑपरेशंस ग्रुप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगेश रे कर रहे हैं। व्लादिवोस्तोक में एम/एस फेस्को के 42 चालक दल के सदस्यों की टीम इस समुद्री यात्रा की देखरेख कर रही है।
    • बांग्लादेश और मॉरीशस के प्रतिभागी भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं, जिसके तहत वर्ष 2023 में मंत्रालय की योजना के अनुसार कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव (सीएससी) के सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के वैज्ञानिकों को अद्वितीय अवसर प्रदान किया जा रहा है।
      • ‘हमारा भविष्य हमारे महासागरों के साथ है’ विषय पर पहला समुद्र विज्ञानी और हाइड्रोग्राफर सम्मेलन 15 से 18 नवंबर 2022 तक बहुपक्षीय मंच कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव (सीएससी) के तहत आयोजित किया गया था। प्रतिभागी समुद्री यात्रा अभियान का हिस्सा बनने पर उत्साहित हैं और अंटार्कटिक में मिलने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार हैं।
    • यह जहाज भारतीय अभियान, प्रिंसेस एलिजाबेथ स्टेशन, बेल्जियम (बेलारे) और प्रोग्रेस स्टेशनों पर आपूर्ति के लिए कार्गो के साथ-साथ नोवो हवाई अड्डे के लिए कार्गो से भरा हुआ है, जो एम/एस अल्टिमा अंटार्कटिक लॉजिस्टिक्स, दक्षिण अफ्रीका द्वारा संचालित है। भारतीय कार्गो को दो चरणों- पहला, 20 और 24 नवंबर, 2023 के बीच मोर्मुगाओ के पोर्ट कॉल पर, और दूसरा, 15 और 22 दिसंबर, 2023 के बीच केप टाउन में लोड किया गया था। गोवा में सभी कंटेनर युक्‍त कार्गो, कंटेनर युक्‍त लिविंग मॉड्यूल, भारी मशीनरी, ब्रेकबल्क स्पेयर्स, और ईंधन जहाज पर लादा गया था। वहीं केप टाउन में, स्टेशन फ्यूल टैंक कंटेनर, विशेष रीफर्स कंटेनर, ताजा आपूर्ति, सीएचपी, वाहन स्पेयर, जहाज ईंधन तथा हेलीकॉप्टरों के लिए टॉप अप लोड किया गया था।
    • इस अभियान के लिए, गोवा और केप टाउन बंदरगाहों पर सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम कंपनियों क्रमश: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने ईंधन भरने का काम किया था। पहली बार, किसी भारतीय सार्वजनिक उपक्रम ने केप टाउन में ईंधन भरने का कार्य किया है। एचपीसीएल एविएशन एसबीयू ने आवश्यक ईंधन की आपूर्ति के लिए केप टाउन में एचपीसीएल मध्य पूर्व एफजेडसीओ के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    • भारतीय अंटार्कटिक संचालन पोर्ट कॉल गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए एनसीपीओआर के निदेशक डॉ. थंबन मेलोथ ने गोवा में इस जहाज का दौरा किया और केप टाउन में वहां भारत के महावाणिज्य दूत श्री पी.एस. गंगाधर ने इसका दौरा किया।
    • यात्रा के दौरान, पहला हिमखंड 53°24′ दक्षिण और 77°10′ पूर्व से देखा गया था। इस जहाज ने 3 जनवरी, 2024 को 17:55 यूटीसी पर अंटार्कटिक महासागर में प्रवेश किया।
  2. स्वामित्व योजना को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद में लोक नीति संवाद-2024 के दौरान नवाचार सैंडबॉक्स प्रस्तुति के लिए सर्वश्रेष्ठ नवाचार पुरस्कार मिला:
  • पंचायती राज मंत्रालय ने नवाचार सैंडबॉक्स प्रस्तुति में भाग लिया और “स्वामित्व योजना के माध्यम से भूमि प्रबंधन में डिजिटल परिवर्तन पहल” का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्यों द्वारा भूमि प्रबंधन प्रणालियों को पारदर्शी और कुशलता से डिजिटल बनाने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं का विवरण दिया गया। भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (बीआईपीपी), इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), हैदराबाद में 3 जनवरी – 5 जनवरी 2024 के दौरान आयोजित दूसरे वार्षिक तीन दिवसीय “लोक नीति संवाद” सम्‍मेलन में “स्वामित्व योजना के माध्यम से भूमि प्रबंधन में डिजिटल परिवर्तन पहल” के लिए नवाचार सैंडबॉक्स प्रस्तुति में पंचायती राज मंत्रालय को प्रतिष्ठित प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन में प्रभावकारिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने में पंचायती राज मंत्रालय के अभिनव प्रयासों को पिछले अवसरों पर भी उत्कृष्ट और परिवर्तनकारी माना गया था। स्वामित्व योजना को कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा अक्टूबर 2023 में इंदौर, मध्य प्रदेश में आयोजित “नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए उभरती प्रौद्योगिकी का उपयोग” श्रेणी में ई-गवर्नेंस 2023 के राष्ट्रीय पुरस्कारों में प्रतिष्ठित स्वर्ण पुरस्कार मिला था।
  • स्वामित्व योजना को अगस्त 2023 में गोवा में आयोजित डिजिटेक कॉन्क्लेव 2023 में “डिजिटल परिवर्तन के लिए ई-गवर्नेंस में प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग” श्रेणी के लिए स्वर्ण पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
  • पृष्ठभूमि:
    • स्वामित्व योजना पंचायती राज मंत्रालय की एक केंद्रीय योजना है जिसने भारत में ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अत्याधुनिक ड्रोन सर्वेक्षण और जीआईएस मैपिंग तकनीक का लाभ उठाते हुए इस योजना के अंतर्गत भूमि पार्सल का सटीक सीमांकन सुनिश्चित किया जाता है जिससे विवादों को कम किया जाता है और लोगों को अधिकारों के संपत्ति रिकॉर्ड यानी स्वामित्व संपत्ति कार्ड प्रदान किए जाते हैं। इससे संपत्तियों के मुद्रीकरण की सुविधा मिलती है, बैंक ऋण और व्यापक गांव- स्तरीय योजना को सक्षम किया जाता है। प्रौद्योगिकी का ऐसा इस्‍तेमाल न केवल दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने वाली अधिक पारदर्शी और कुशल भूमि प्रबंधन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
    • स्‍वामित्‍व योजना (https://svamitva.nic.in) एक अभूतपूर्व पहल है जो ग्रामीण भारत में भूमि स्वामित्व के परिदृश्य को बदलने के लिए नवाचार और नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग करती है। इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 24 अप्रैल, 2020 को किया था। इसके बाद से इस योजना को विभिन्न प्लेटफार्मों पर मान्यता मिली है और कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
    • कार्यान्वयन के पूरा होने के लक्ष्य वर्ष 2024-25 वाली इस योजना ने कई उपलब्धि हासिल की हैं। 2.90 लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य संपन्‍न हो चुका है और अब तक 1.06 लाख गांवों में 1.66 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इस योजना के अन्‍तर्गत हरियाणा, उत्तराखंड, पुद्दुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और गोवा के सभी गांवों में संपत्ति कार्ड बनाने का कार्य संपन्‍न हो चुका है।

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