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Question

28. Consider the following statements:
1. Emergency due to armed rebellion leads to the suspension of freedom of speech
2. Right to life cannot be enforced in a court of law during an external emergency
Which of the statements given above is/are correct?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. सशस्त्र विद्रोह के कारण उपजी आपात स्थिति में भाषण की स्वतंत्रता समाप्त हो जाती है।
2. बाह्य आपातकाल के दौरान जीवन के अधिकार को अदालत में लागू नहीं किया जा सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है / हैं?
  1. 2 only

    केवल 2
  2. 1 only

    केवल 1
  3. Both 1 and 2

    1 और 2 दोनों
  4. Neither 1 nor 2

    न तो 1 न ही 2


Solution

The correct option is D Neither 1 nor 2

न तो 1 न ही 2
Statement 1 is not correct
Freedom of speech remains intact during national emergency due to Armed rebellion
Statement 2 is not correct Article 21 remains enforceable even when an emergency is in operation

Extra Information
The 44th Amendment Act of 1978 restricted the scope of Article 358 in two ways. Firstly, the six Fundamental Rights under Article 19 can be suspended only when the National Emergency is declared on the ground of war or external aggression and not on the ground of armed rebellion. Secondly, only those laws which are related with the Emergency are protected from being challenged and no other laws. Also, the executive action taken only under such a law is protected.

The 44th Amendment Act of 1978 restricted the scope of Article 359 in two ways. Firstly, the President cannot suspend the right to move the Court for the enforcement of fundamental rights guaranteed by Articles 20 to 21. In other words, the right to protection in respect of conviction for offences (Article 20) and the right to life and personal liberty (Article 21) remain enforceable even during an emergency. Secondly, only those laws which are related with the emergency are protected from being challenged and not other laws and the executive action taken only under such a law, is protected.

कथन १ सही नहीं है
सशस्त्र विद्रोह के कारण राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान बोलने की स्वतंत्रता बरकरार है।

कथन 2 सही नहीं है
अनुच्छेद  21 आपातकाल के समय भी लागू रहता है।

अतिरिक्त जानकारी
1978 के 44 वें संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद  358 के दायरे को दो तरीकों से प्रतिबंधित कर दिया। सबसे पहले, अनुच्छेद  19 के तहत छह मौलिक अधिकारों को केवल तभी निलंबित किया जा सकता है जब राष्ट्रीय आपातकाल को युद्ध या बाहरी आक्रमण की जमीन पर घोषित किया जाए न कि सशस्त्र विद्रोह की जमीन पर। दूसरे आपातकाल से संबंधित कानून को चुनौती नहीं दी जा सकती  है ।

1978 के 44 वें संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद  359 के दायरे को दो तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया हैं । सबसे पहले, राष्ट्रपति अनुच्छेद  20 से 21 द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय को स्थानांतरित करने के अधिकार को निलंबित नहीं कर सकते हैं । दूसरे शब्दों में अपराधों के लिए सजा के संबंध में सुरक्षा का अधिकार (अनुच्छेद  20) और जीवन और व्यक्तिगत अधिकार यह सब अधिकार आपातकाल के दौरान भी (अनुच्छेद  21) लागू रहने के योग्य है। दूसरे, आपातकाल से संबंधित कानून को चुनौती नहीं दी जा सकती  है । साथ ही, इस तरह के कानून के तहत की गई कार्यपालिका कार्रवाई केवल संरक्षित है।

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