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Question

Gandhi knew that the earth has enough to satisfy everybody’s need but not anybody’s greed. He has called for the replacement of greed with love. Gandhi is, therefore, now a source of inspiration and a reference book for all those fighting against racial discrimination, oppression, domination, wars, unclear energy, environmental degradation, lack of freedom and human rights-for all those who are fighting for a better world, a better quality of life.

Gandhi is, therefore, no longer an individual. He is a symbol of all that is the best and the most enduring in the human tradition. And he is also a symbol of the alternative in all areas of life-agriculture, industry, technology, education, health, economy, political organizations, etc. he is a man of the future, a future that has to be shaped if the human race has to survive and progress on the path of evolution.

Q. With reference to the above passage, consider the following statements:
1. Gandhi would have solved most of the problems of modern era.
2. Gandhi’s philosophy can help in creating a better world in future.
3. Gandhi’s philosophy does not support individualism.
Which of the above statements can be inferred from the given passage?

गांधी जानते थे कि पृथ्वी पर हर किसी की आवश्यकता को संतुष्ट करने के लिए संसाधन पर्याप्त हैं, लेकिन किसी के लालच को संतुष्ट करने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लालच का प्रतिस्थापन प्रेम से करने का आह्वान किया था। गांधी इसलिए अब जातीय भेदभाव, उत्पीड़न, वर्चस्व, युद्ध, परमाणु ऊर्जा, पर्यावरण निम्नीकरण, स्वतंत्रता और मानव अधिकारों के अभाव के विरुद्ध संघर्ष करने वाले एवं बेहतर विश्व, बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत और संदर्भ ग्रन्थ के रूप में हैं।

गांधी, इसलिए अब एक व्यक्ति नहीं हैं वरन वह मानव परंपरा के सर्वोत्तम और सर्वाधिक चिरस्थायी जीवन मूल्यों के प्रतीक हैं। साथ ही वह जीवन के सभी क्षेत्रों जैसे- कृषि, उद्योग, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और राजनीतिक संगठनों इत्यादि में वैकल्पिक मार्ग का भी प्रतीक हैं। वह भविष्य के व्यक्ति हैं-एक ऐसा भविष्य जिसे मानव जाति द्वारा जीवित रहने और विकास के मार्ग पर प्रगति करने हेतु निर्मित किया जाना अनिवार्य होगा।

Q. उपर्युक्त परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1. गांधी आधुनिक युग की अधिकतर समस्याओं का समाधान कर चुके होते।
2. गांधी का दर्शन भविष्य में एक बेहतर विश्व निर्मित करने में सहयोग कर सकता है।
3. गांधी का दर्शन व्यक्तिवाद का समर्थन नहीं करता है।
उपर्युक्त परिच्छेद से किस कथन को निष्कर्षित किया जा सकता है?
  1. Only 1

    केवल 1
  2. Only 2 and 3

    केवल 2 और 3
  3. Only 2

    केवल 2
  4. All of the above
     


Solution

The correct option is C Only 2

केवल 2
Statement (1) is incorrect. It can’t be said from the passage if Gandhi would have solved most of the problems of the modern era.
Statement (2) is correct. The passage discusses Gandhi’s ideas of replacement of greed with love. His ideas and principles are a reference book to solve the contemporary problems. Thus, it can be inferred that Gandhi’s philosophy can help in creating a better world in future.
Statement (3) is incorrect. Nothing is mentioned in the passage about philosophy of individualism. Thus option (c) is correct answer.

कथन (1) गलत है। परिच्छेद के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि गांधी आधुनिक युग की अधिकतर समस्याओं का समाधान कर चुके होते।
कथन (2) सही है। परिच्छेद लालच को प्रेम से प्रतिस्थापित करने के गांधीवादी विचार की चर्चा कर रहा है। उनके विचार और सिद्धांत समसामायिक समस्याओं के समाधान के लिए संदर्भ ग्रंथ के रूप में हैं। इस प्रकार यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि गांधी का दर्शन भविष्य में एक बेहतर विश्व निर्मित करने में सहायक हो सकता है।
कथन 3 गलत है। परिच्छेद में व्यक्तिवाद के दर्शन के संबंध में कुछ भी उल्लेख नहीं किया गया है। इस प्रकार विकल्प (c) सही उत्तर है।

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All India Test Series
Q1.

Your answers to these items should be based on the passages only.

During the freedom struggle Mahatma Gandhi tried to bring together various communities. He searched for a principle that could bind people of different faiths into a unified whole. This principle had to reassure the minority that they would not be discriminated against and to warn the majority that the majority rule is undemocratic since democracy upholds freedom and equality for all.

Gandhi found this principle in the doctrine of ‘Sarva Dharma Samabhava’ which implies that all religions should be treated equally. It was not a political principle meant to integrate people. It was a normative that recognized the value of religion in people’s lives. In a society like India with religious diversity it is important to respect all religions. People have right to religion and culture. And democracy upholds freedom and equality for all. The struggle against the British was not merely a struggle for independence but also a struggle for establishing justice and democracy in the country. This was Gandhi’s contribution to the resolution of religious conflict in India.

Q. With reference to the passage consider the following statements -

1. During the freedom struggle, Indian society was divided along religious lines

2. Gandhi was against a majority rule as it could lead to discrimination against the minority

3. Through the struggle for independence, Gandhi wanted to establish democracy in India

4. Gandhi contributed significantly towards resolution of religious conflicts in India

Select the correct answer from the codes given below:

स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान महात्मा गांधी ने विभिन्न समुदायों को एक-दूसरे के समीप लाने का प्रयास किया। उन्होंने एक ऐसे सिद्धांत की खोज की जो विभिन्न धर्मां के लोगों को एक सूत्र में बांध सके। यह सिद्धांत अल्पसंख्यकों को यह आश्वस्त करने से संबंधित था कि उनके विरूद्ध भेदभाव नहीं होगा तथा बहुसंख्यकों को यह चेतावनी देने के लिए था कि बहुमत का शासन अलोकतांत्रिक है क्योंकि लोकतंत्र में सभी के लिए स्वतंत्रता और समानता है।

गांधी जी ने इस सिद्धांत को ‘सर्व-धर्म समभाव’ के सिद्धांत के रूप में सामने रखा, जिसमें सभी धर्मां से समानतापूर्वक व्यवहार किया जाना निहित है। यह लोगों को एकीकृत करने के लिए कोई राजनीतिक सिद्धांत नहीं था। यक एक निर्देशात्मक सिद्धांत था जिसने लोगों के जीवन में धर्म के मूल्य को पहचाना। धार्मिक विविधताओं से युक्त भारतीय समाज में सभी धर्मां का सम्मान करना महत्वपूर्ण है। लोगों को धर्म और संस्कृति का अधिकार है और लोकतंत्र सभी के लिए स्वतंत्रता और समानता की पृष्टि करता है। अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष केवल स्वतंत्रता के लिए संघर्ष नहीं था बल्कि देश में न्याय और लोकतंत्र की स्थापना के लिए हुआ एक संघर्ष भी था। भारत में धार्मिक संघर्ष के समाधान के लिए यह गांधी जी का योगदान था।

Q परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान, भारतीय समाज धार्मिक आधारों पर विभाजित था।

2. गांधीजी बहुसंख्यकों के शासन के विरूद्ध थे क्योंकि इससे अल्पसंख्यकों के प्रति भेदभाव हो सकता था।

3. स्वतंत्रता संघर्ष के माध्यम से, गांधी जी भारत में लोकतंत्र की स्थापना करना चाहते थे।

4. गांधीजी ने भारत में धार्मिक संघर्षां के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सी सही हैं?


All India Test Series
Q2.

Your answers to these items should be based on the passages only.

During the freedom struggle Mahatma Gandhi tried to bring together various communities. He searched for a principle that could bind people of different faiths into a unified whole. This principle had to reassure the minority that they would not be discriminated against and to warn the majority that the majority rule is undemocratic since democracy upholds freedom and equality for all.

Gandhi found this principle in the doctrine of ‘Sarva Dharma Samabhava’ which implies that all religions should be treated equally. It was not a political principle meant to integrate people. It was a normative that recognized the value of religion in people’s lives. In a society like India with religious diversity it is important to respect all religions. People have right to religion and culture. And democracy upholds freedom and equality for all. The struggle against the British was not merely a struggle for independence but also a struggle for establishing justice and democracy in the country. This was Gandhi’s contribution to the resolution of religious conflict in India.

Q According to the passage, Gandhi adopted the principle of ‘Sarva Dharma Sambhava’ because –

स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान महात्मा गांधी ने विभिन्न समुदायों को एक-दूसरे के समीप लाने का प्रयास किया। उन्होंने एक ऐसे सिद्धांत की खोज की जो विभिन्न धर्मां के लोगों को एक सूत्र में बांध सके। यह सिद्धांत अल्पसंख्यकों को यह आश्वस्त करने से संबंधित था कि उनके विरूद्ध भेदभाव नहीं होगा तथा बहुसंख्यकों को यह चेतावनी देने के लिए था कि बहुमत का शासन अलोकतांत्रिक है क्योंकि लोकतंत्र में सभी के लिए स्वतंत्रता और समानता है।

गांधी जी ने इस सिद्धांत को ‘सर्व-धर्म समभाव’ के सिद्धांत के रूप में सामने रखा, जिसमें सभी धर्मां से समानतापूर्वक व्यवहार किया जाना निहित है। यह लोगों को एकीकृत करने के लिए कोई राजनीतिक सिद्धांत नहीं था। यक एक निर्देशात्मक सिद्धांत था जिसने लोगों के जीवन में धर्म के मूल्य को पहचाना। धार्मिक विविधताओं से युक्त भारतीय समाज में सभी धर्मां का सम्मान करना महत्वपूर्ण है। लोगों को धर्म और संस्कृति का अधिकार है और लोकतंत्र सभी के लिए स्वतंत्रता और समानता की पृष्टि करता है। अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष केवल स्वतंत्रता के लिए संघर्ष नहीं था बल्कि देश में न्याय और लोकतंत्र की स्थापना के लिए हुआ एक संघर्ष भी था। भारत में धार्मिक संघर्ष के समाधान के लिए यह गांधी जी का योगदान था।

Q परिच्छेद के अनुसार, गांधी जी ने ‘सर्व-धर्म समभाव’ के सिद्धांत को अपनाया, क्योंकि-


All India Test Series
Q3.
Q. Consider the following statements with reference to Gandhi-Irwin Pact:

1. The Pact agreed to restore the confiscated properties of the Satyagrahis.
2. The Pact agreed for public inquiry into police excesses during the suppression of the Civil Disobedience Movement.
3. Sardar Vallabhai Patel authorised Gandhi to hold talks with Lord Irwin on  behalf of Congress.

Which of the above given statements is/are incorrect?

Q. गांधी-इरविन समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. समझौते में सत्याग्रहियों की जब्त की गई संपत्तियों को वापस करने पर सहमती बनी।
2. समझौते में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दमन के दौरान पुलिस ज्यादतियों की सार्वजनिक जांच के लिए सहमति व्यक्त की गयी।
3. सरदार वल्लभभाई पटेल ने गांधीजी को कांग्रेस की ओर से लॉर्ड इरविन के साथ बातचीत करने के लिए अधिकृत किया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा / से गलत  है / हैं?
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