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Question

Q. In India, “Rice - fish farming system” is in urgent need of conservation. Which of the following is/are the characteristic(s) of this system?

Select the correct answer using the code given below:

Q. भारत में, "चावल - मछली कृषि प्रणाली" संरक्षण की तत्काल आवश्यकता है।निम्नलिखित में कौन सा/से इस प्रणाली की विशेषता है/हैं?

नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:



A

1 and 2 only
केवल 1 और 2
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B

2 only
केवल 2
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C

2 and 3 only
केवल 2 और 3
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D

1 and 3 only
केवल 1 और 3
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Solution

The correct option is B
2 only
केवल 2

Explanation: Rice-fish farming system (RFFS) is an agro-production pattern which combines animal production (for example fish, shellfish, crab, shrimp and ducks) in paddy rice systems. Its potential lies in optimal use of land and water resources to provide both grain and animal protein.

Statement 1 is incorrect: Methane and Nitrous oxide are two major GHGs from the agriculture sector. Recent studies have shown that methane emission from the rice-fish cultivation system is 34.6 percent less than that from a rice monoculture cultivation system. This is possible because of greater aerobic degradation of organic matters like plant residues,  organic fertilisers in RFFS  as compared to the traditional  rice-farming system.

Statement 2 is correct: The method of rice-fish is also beneficial to restore soil fertility and avoid soil degradation, which is a major global environmental issue. The rice-fish system requires only a small amount of pesticide and fertiliser as it is a low input system.

Statement 3 is incorrect: Rice yields from the rice-fish system were 10-26 per cent higher, labour input 19-22 per cent lower and material inputs were seven per cent lower than the monoculture. Additionally, fish production increases net income. 

व्याख्या: चावल-मछली पालन प्रणाली (RFFS) एक कृषि-उत्पादन पैटर्न है,जो धान-चावल प्रणाली  में पशु उत्पादन (उदाहरण के लिए मछली, सीपदार मछली, केकड़ा, झींगा और बतख) को जोड़ती है।इसकी क्षमता अनाज और पशु प्रोटीन दोनों प्रदान करने के लिए भूमि और जल संसाधनों के इष्टतम उपयोग में है।

कथन 1 गलत है: मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड कृषि क्षेत्र की दो प्रमुख ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) हैं।हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि चावल-मछली कृषि प्रणाली से उत्सर्जित मीथेन की मात्रा मोनोकल्चर चावल कृषि  प्रणाली से 34.6 प्रतिशत कम है।यह परंपरागत चावल-कृषि प्रणाली की तुलना में आरएफएफएस में पौधों के अवशेषों, जैव उर्वरकों जैसे जैविक पदार्थों के अधिक एरोबिक अपघटन के कारण संभव है।

कथन 2 सही है: मिट्टी की उर्वरता में सुधार करने और मिट्टी के क्षरण की समस्या,जो एक प्रमुख वैश्विक पर्यावरणीय मुद्दा है से बचाव के लिए भी चावल-मछली की विधि फ़ायदेमंद है।चावल-मछली प्रणाली में कम मात्रा में कीटनाशक और उर्वरक की आवश्यकता होती है क्योंकि यह एक कम निवेश वाली प्रणाली है।

कथन 3 गलत है:मोनोकल्चर की तुलना चावल-मछली प्रणाली में चावल की पैदावार 10-26 प्रतिशत अधिक, श्रम इनपुट 19-22 प्रतिशत कम और सामग्री इनपुट सात प्रतिशत कम है।इसके अतिरिक्त, मछली उत्पादन से शुद्ध आय में वृद्धि होती है।


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