CameraIcon
CameraIcon
SearchIcon
MyQuestionIcon


Question

Q. With reference to Indigo cultivation in British India, consider the following statements:

1. The Agriculturists Relief Act of 1879  was passed to protect the Indigo cultivators.
2. The Tinkathia system is associated with Indigo cultivation.
3. The Indigo rebellion 1859 occurred in the Bombay and Madras presidency.

Which of the statements given above is/are correct?

Q. ब्रिटिश भारत में नील की खेती के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1. 1879 के किसान राहत अधिनियम को नील की खेती करने वाले  किसानों की सुरक्षा के लिए पारित किया गया था।
2. तिनकठियाँ प्रणाली नील की खेती से जुड़ी है।
3. नील की खेती का विद्रोह 1859 में बॉम्बे और मद्रास प्रेसीडेंसी में हुआ था।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा /से सही है / हैं?


A

2 only
केवल 2
loader
B

2 and 3 only
केवल 2 और 3
loader
C

1 and 3 only
केवल 1 और 3
loader
D

1, 2 and 3
1, 2 और 3
loader

Solution

The correct option is A
2 only
केवल 2
Explanation:

Indigo planting started in Bengal as early as 1777, when the British Power expanded.

Statement 1 is incorrect:  The Agriculturists Relief Act of 1879  was passed  to ensure that the farmers could not be arrested and imprisoned if they were unable to pay their debts. The Act was passed after the Deccan riot of 1875, not for the protection of Indigo cultivators.

Statement 2 is correct: Tinkathia was the system under which the native peasants of Champaran (Bihar) were forced by the British Planters to cultivate 3 kathaa Indigo out of every 20 kathaa (Bigha) of land. A Bigha is a popular land holding in Bihar and it is little less than an Acre. This issue was brought to  the attention of Gandhi, who conducted the first Civil disobedience movement In India in 1917, also known as champaran Satyagraha.

Statement 3 is incorrect: The Blue rebellion occurred only in Bengal province (not in Bombay and Madras Presidency) of British India, because large scale cultivation of Indigo occurred only in Bengal province.

व्याख्या :

नील की खेती की शुरुआत 1777 में बंगाल में हुई, जब ब्रिटिश सत्ता का विस्तार हुआ।

कथन 1 गलत है: 1879 के कृषक राहत अधिनियम को यह सुनिश्चित करने के लिए पारित किया गया था कि यदि किसान अपने ऋण का भुगतान करने में असमर्थ है तो उन्हें कैद या गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा ।यह अधिनियम 1875 के दक्कन के दंगे के बाद पारित किया गया था, न कि नील की खेती के किसानों की सुरक्षा के लिए।

कथन 2 सही है: तिनकठिया वह प्रणाली थी जिसके तहत चंपारण (बिहार) के मूल किसानों को ब्रिटिश बागान मालिकों द्वारा 20 कट्ठा (बीघा) भूमि में से  3 कट्ठा भूमि पर नील की खेती के लिए मजबूर किया जाता था। बिहार में एक बीघा एक प्रचलित भूमि की माप है जो एक एकड़ से कम नहीं है। इस मुद्दे को गांधीजी  के संज्ञान में लाया गया, जिन्होंने 1917 में भारत में पहला सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया, जिसे चंपारण सत्याग्रह के नाम से भी जाना जाता है।

कथन 3 गलत है: नील विद्रोह केवल ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रांत (बंबई और मद्रास प्रेसीडेंसी में नहीं) में हुआ था, क्योंकि बड़े पैमाने पर नील की खेती केवल बंगाल प्रांत की जाती  थी।

All India Test Series

Suggest Corrections
thumbs-up
 
0


similar_icon
Similar questions
View More



footer-image