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Question

Q. With reference to the special powers conferred to Rajya Sabha, consider the following statements:
  1. The Rajya Sabha can pass a resolution to authorise the Parliament to make a law on any matter enumerated in the state list in the national interest.
  2. A law made by the Parliament on a state list after a resolution by Rajya Sabha restricts the power of a state legislature to make laws on the same matter.
Which of the above statements is/are correct?

Q. राज्य सभा को प्रदत्त विशेष शक्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. राज्यसभा राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर राष्ट्रीय हित में कानून बनाने के लिए संसद को अधिकृत करने का प्रस्ताव पारित कर सकती है।
  2. राज्य सभा द्वारा एक प्रस्ताव के बाद राज्य सूची में शामिल विषय पर संसद द्वारा बनाया गया कानून उसी विषय पर कानून बनाने की राज्य विधायिका की शक्ति को प्रतिबंधित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

  1. 2 only
    केवल 2

  2. 1 only
    केवल 1

  3. Both 1 and 2
    1 और 2 दोनों

  4. Neither 1 nor 2
    न तो 1, न ही 2


Solution

The correct option is B
1 only
केवल 1
Explanation:

Statement 1 is correct:
Article 249 provides that the Rajya Sabha may pass a resolution, by a majority of not less than two-thirds of the members present and voting, to the effect that it is necessary or expedient in the national interest that Parliament should make laws concerning any matter enumerated in the State List. Such a resolution will remain in force for a period not exceeding one year, but this period can be extended by one more year at a time by passing further resolutions.

Statement 2 is incorrect: This provision does not restrict the power of a state legislature to make laws on the same matter. But, in case of inconsistency between the state law and the parliamentary law, the latter is to prevail.

व्याख्या:

कथन 1 सही है:
अनुच्छेद 249 में यह प्रावधान है कि राज्य सभा, राज्य सभा में उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई सदस्यों द्वारा समर्थित एक प्रस्ताव पारित कर सकती है जिसके अनुसार वह राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर राष्ट्रीय हित में कानून बनाने के लिए संसद को अधिकृत कर सकती है। ऐसा प्रस्ताव एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए मान्य नहीं रहता है, लेकिन इस अवधि को एक और प्रस्ताव को पारित करके एक वर्ष के लिए और बढ़ाया जा सकता है।

कथन 2 गलत है: यह प्रावधान उसी विषय पर कानून बनाने के लिए राज्य विधायिका की शक्ति को प्रतिबंधित नहीं करता है। लेकिन, राज्य के कानून और संसदीय कानून के बीच असंगति के मामले में, संसदीय क़ानून को प्रभावी माना जाता है।

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