02 अगस्त 2022 : समाचार विश्लेषण
|
A.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। B.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। C.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित: सुरक्षा:
D.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। E.सम्पादकीय: अर्थव्यवस्था:
स्वास्थ्य:
F. प्रीलिम्स तथ्य:
G.महत्वपूर्ण तथ्य:
H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न : |
|---|
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:
भारतीय वायुसेना की घटती लड़ाकू ताकत
सुरक्षा:
विषय: विभिन्न सुरक्षा बल एवं एजेंसियां और उनका जनादेश।
प्रारंभिक परीक्षा: MIG-21 विमान।
मुख्य परीक्षा: MIG-21 विमान से जुड़ी चिंताएँ, MIG-21 की वर्तमान स्थिति और IAF में अन्य लड़ाकू जेट और भावी कदम।
संदर्भ:
- हाल ही में राजस्थान में भारतीय वायु सेना (IAF) का एक MIG-21 ट्रेनर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया ।
विवरण:
- जनवरी 2021 से अब तक छह मिग-21 बाइसन के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले सामने आए हैं, जिनमें 2021 में पांच और 2022 में एक दुर्घटना हुई है।
- इन हादसों में करीब पांच पायलटों की जान चली गई है।
मिग-21 विमान:

Image Source: India Today
- मिकोयान-गुरेविच 21 (Mikoyan-Gurevich 21) या मिग-21 ( MiG-21)को सोवियत संघ द्वारा विकसित किया गया,और इसे वर्ष 1955 में वहाँ की वायुसेना में शामिल किया गया था।
- MIG-21 पहला सोवियत विमान था.जिसमें इंटरसेप्टर एयरक्राफ्ट और सुपरसोनिक फाइटर जेट दोनों की विशेषताएं शामिल थी ।
- MIG-21 विमान में एक डेल्टा विंग (Delta Wing -एक त्रिकोणीय स्वेप्ट-बैक एयरप्लेन विंग जिसमें आमतौर पर सीधा अनुगामी किनारा होता है) होता है जो विमान को तेज गति में बिना नुक्सान के तेजी से मोड़ने में सक्षम बनाता है।
- इसके अलावा, विमान 1210 किमी की परिचालन सीमा, 2 मैक (2175 किमी / घंटा) की उड़ान गति और सतह से 17.8 किलोमीटर की ऊंचाई (surface ceiling) तक उड़न भर सकता है,जो इसे अपनी तीसरी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ विमानों में से एक बनाता है।
- (surface ceiling-अधिकतम ऊंचाई जिस पर एक विशेष विमान ऊंचाई की निर्दिष्ट गति को बनाए रख सकता है।)
- MIG-21 को 1960 के दशक में भारत-चीन युद्ध के बाद IAF में शामिल किया गया था और 800 से अधिक विमान को सेवा में शामिल किया गया है।
- IAF ने 874 से अधिक मिग -21 को शामिल किया है, जिनमें से 657 का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा किया गया है।
- एचएएल ने मिग -21 एफएल, मिग -21 एम और मिग -21 बीआईएस सहित विमान के कई प्रकार विकसित किए हैं।
- भारत को अपना पहला मिग-21 बाइसन 2001 में मिला जो मिग-21bis का अधिक उन्नत संस्करण है।

MIG-21 विमान से जुड़ी चिंताएं:
- MIG-21 विमान के वायुसेना में शामिल होने के बाद से 400 से अधिक जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं जिससे लगभग 200 पायलटों की मौत हो गई हैं।
- दुर्घटनाओं की अधिक संख्या के कारण, MIG-21 विमानों की “फ्लाइंग कॉफिन्स” (Flying Coffins-उड़ते हुए ताबूत) के रूप में आलोचना की जाती है।
- IAF के प्रतिनिधियों का मानना है कि वर्तमान में MG-21 विमान बहुत पुराने हो चुके हैं और उनकी तकनीकी मियाद लगभग पूरी हो गई है जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2010 से अब तक 20 से अधिक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।
- इसके अलावा, इस विमान में तकनीकी खराबी और रखरखाव समस्याओं के बारे में चिंताएं काफी गंभीर हैं।
IAF में MIG-21 जेट की वर्तमान स्थिति:
- MIG-21 विमान लंबे समय से IAF के फ्रंटलाइन फाइटर जेट रहे हैं।
- वर्तमान में, चार MIG-21 बाइसन स्क्वाड्रन सेवा में हैं, जिनमें प्रत्येक स्क्वाड्रन में 16-18 विमान शामिल हैं।
- इनमें से एक स्क्वाड्रन (श्रीनगर स्थित स्क्वाड्रन) कुछ ही महीनों में सेवानिवृत्त होने वाली है।
- अन्य तीन स्क्वाड्रनों को भी 2025 तक सेवानिवृत्त करने की योजना है।
भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की ताकत:
- IAF के पास 42 फाइटर स्क्वाड्रन की ताकत है।
- हाल के वर्षों में, IAF ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस के दो स्क्वाड्रन और फ्रांस से राफेल लड़ाकू जेट के दो स्क्वाड्रन शामिल किए हैं।
- IAF ने अधिक उन्नत LCA (Light Combat Aircraft (LCA) Tejas) MK-1A के 83 के लिए HAL के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं, साथ ही IAF लगभग 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) का अधिग्रहण भी करेगी ।
- एक बड़ा और उन्नत एलसीए-एमके2 और पांचवीं पीढ़ी का उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) भी विकसित किया जा रहा है।
- हालांकि, नए विमानों के आगमन की दर उन विमानों की भरपाई नहीं कर पा रही है जिनकी तकनीकी मियाद पूरी हो गई है।
- आने वाले वर्षों में जगुआर और एमआईजी -29 जैसे विभिन्न फ्रंटलाइन विमान सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
भावी कदम:
- IAF स्वदेशी LCA तेजस विमान को शामिल करके स्क्वाड्रन को फिर से सेवा में वापस लाने की दिशा में काम कर रही है।
- इसके आलावा,यह स्वीकार करते हुए कि वर्तमान में वांछित ताकत हासिल करना संभव नहीं होगा, अतः IAF स्क्वाड्रनों में कमी की भरपाई के लिए Su-30 और अन्य लड़ाकू विमानों की उपलब्धता दरों को बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
- IAF इस्तेमाल किए गए रूसी उपकरणों की सेवाक्षमता दरों को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है, विशेष रूप से Su-30MKI बेड़े में, जो IAF की फेहरिस्त में बड़ी संख्या में है।
- इन प्रयासों में पुर्जों और समर्थन समझौतों के साथ-साथ भारत में रूसी मूल उपकरण निर्माताओं के साथ संयुक्त उद्यम शामिल हैं।
- हालाँकि, यूक्रेन के मौजूदा संघर्ष और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण IAF की ये योजनाएँ प्रभावित होंगी।
|
सारांश:
|
|---|
संपादकीय-द हिन्दू
सम्पादकीय:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-3 से संबंधित:
अर्थव्यवस्था:
डॉलर की जगह रुपये का उपयोग:
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था और मुद्दे।
मुख्य परीक्षा: भारत और रूस के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत के लिए किए गए उपाय।
संदर्भ:
- भारत सहित कई देश अब अंतरराष्ट्रीय लेनदेन हेतु अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए व्यापार में उपयोग की जाने वाली मुद्राओं में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं।
- 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के विलय के परिणामस्वरूप लगाये गए प्रतिबंध के कारण भारत में रूसी बैंकों द्वारा बनाए गए वोस्ट्रो खातों का उपयोग करके रूस और भारत के बीच व्यापार अर्ध-अनौपचारिक आधार पर रुपये के भुगतान के माध्यम से जारी रखा गया।
इस संबंध में किए गए उपाय:
- भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये के माध्यम से व्यापार हेतु एक सक्रिय रुख अपनाया – जिसका लक्ष्य भारत में रूसी बैंकों के साथ विशेष वोस्ट्रो खातों को संचालित करना है।
- एक वोस्ट्रो खाता वह खाता होता है जो एक संपर्ककर्ता बैंक दूसरे बैंक की ओर से रखता है।
पिछले अनुभव:
- 1953 में सोवियत ब्लॉक के देशों के साथ एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार और भुगतान व्यवस्था मौजूद थी।
- व्यवस्था में शामिल हैं: एकल राज्य-व्यापारिक इकाइयों की भागीदारी; व्यापार भागीदारों द्वारा निश्चित विनिमय दरों पर सहमति और व्यापार अधिशेष देशों द्वारा व्यापार घाटे वाले देशों को ऋण की पेशकश।
- सोवियत संघ के ऋण के कारण भारत में भिलाई इस्पात संयंत्र, अन्य औद्योगिक इकाइयों, तेल रिफाइनरियों और फार्मास्यूटिकल्स की स्थापना हुई – ये सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हैं।
- 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद समझौता समाप्त हो गया।
भारत के लिए संभावित लाभ:
- डॉलर में लेन-देन से बचा जा सकता है (क्योंकि विनिमय दर ₹80 के उच्चतम स्तर पर है) – यह बदले में अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है:
- मुद्रा स्फ़ीति
- भारत से अमेरिका को पूंजी प्रवाह (फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और यूरोपीय संघ में भी संभावित बढ़ोतरी से प्रभावित)
- विदेशी मुद्रा भंडार को कम करता है।
- गिरते रूबल के माध्यम से रूस से तेल खरीदना किफायती होगा।
- भूमि, समुद्री और हवाई मार्गों का उपयोग करते हुए मल्टी-मोडल मार्गों के उपयोग से समय की बचत भी होगी।
- इसके अलावा, भारत प्रतिबंधों से प्रभावित रूस में व्यापार का विस्तार कर सकता है (क्योंकि यह मंदी और गैर-औद्योगिकीकरण का सामना कर रहा है)।
- रूस के साथ भारत के व्यापार घाटे को संतुलित किया जा सकता है।
चुनौतियां:
- रुपये और रूबल (R-R) के बीच एक सहमत विनिमय दर का मुद्दा ।
- दोनों मुद्राएं अस्थिर हैं।
- व्यापार और भुगतान के लिए निजी पार्टियों (कंपनियों, बैंकों) द्वारा स्वीकृति।
- अन्य देशों, विशेष रूप से यू.एस. की चिंताएं/प्रतिक्रियाएं।
- इसके अलावा, रियायती दरों पर तेल के व्यापार को ‘अप्रत्यक्ष बैक डोर सपोर्ट’/रूस पर प्रतिबंधों का उल्लंघन माना जा सकता है।
|
सारांश:
|
|---|
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-3 से संबंधित:
अर्थव्यवस्था:
सरकार के अपने ‘गिग वर्कर्स’:
विषय: रोजगार।
मुख्य परीक्षा: संविदात्मक और निश्चित अवधि के रोजगार।
विवरण:
- सरकारी रोजगार को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है – स्थायी, संविदात्मक और दैनिक मजदूर।
- आउटसोर्सिंग सरकार में काम करने का प्रमुख तरीका बन गया है, अत्यधिक विशिष्ट कार्यों से लेकर नियमित कार्यों तक – सफाई कर्मचारी से लेकर जूनियर इंजीनियर या सलाहकार तक – सभी नौकरियां आमतौर पर एक एजेंसी को सौंपी जा रही हैं।
- उपलब्ध सरकारी रोजगार की प्रकृति ‘अस्थायी’ है।
श्रमिकों को शामिल करने के तरीके:
- सीधे इकाई के पेरोल पर।
- एक श्रमिक ठेकेदार के माध्यम से।
अपनाने का कारण:
- सरकार की लागत और दायित्व काफी कम हो गया है।
- जिम्मेदारी के बोझ को स्थानांतरित करना आसान है।
- नौकरियों के ‘नियमितीकरण’ की मांग करने वाले श्रमिकों द्वारा मुकदमेबाजी की संभावना को देखते हुए अधिकारियों द्वारा ऐसे श्रम अनुबंधों के उपयोग की प्रवृत्ति में वृद्धि होती है।
संविदा कर्मचारियों के लाभ/महत्व:
- सरकारी क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
- रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।
- स्थानीय निकायों और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं को अत्यधिक लाभ हो सकता है यदि अनुबंध के अनुसार कार्य किया जाए।
परिणाम:
- श्रमिकों पर:
- विस्तारित अवधि के लिए अवैतनिक वेतन।
- श्रमिक ठेकेदार द्वारा कर्मचारी के कल्याण के लिए वैधानिक कटौती जैसे भविष्य निधि (PF), कर्मचारी राज्य बीमा (ESI), आदि में हेराफेरी।
- काम का असमान वितरण।
- सार्वजनिक सेवा की गुणवत्ता पर:
- खराब या अपर्याप्त गुणवत्ता।
- हमारे सरकारी संस्थान को कमजोर करना।
भावी कदम:
- औरंगाबाद की सिटी बस सेवा के उदाहरण से अनुकरण करते है, जहां निश्चित अवधि के अनुबंधों के समय-समय पर नवीनीकरण के माध्यम से भूत-पूर्व सैनिकों के बीच से ही ड्राइवरों और कंडक्टरों की भर्ती की जाती है – इसके कारण विभिन्न सेवा स्तर मापदंडों में सुधार हुआ है।
- श्रमिकों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ निश्चित अवधि के अनुबंधों के कारण बेहतर सेवा का समावेशन हो सकता है।
|
सारांश:
|
|---|
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-2 से संबंधित:
स्वास्थ्य:
पशुओं के स्वास्थ्य की दिशा में कार्य करना:
विषय: स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे।
मुख्य परीक्षा: एक स्वास्थ्य दृष्टिकोण।
तथ्य:
- भारत में पशुधन की आबादी 1.6 अरब है।
- पशुधन और अन्य संबंधित गतिविधियों पर निर्भर किसानों की संख्या लगभग 280 मिलियन हैं।
- डेयरी उद्योग का मूल्य (व्यापार के संदर्भ में) 160 अरब डॉलर है।
- मांस उद्योग का मूल्य $50 बिलियन है।
पशु/पशुधन के लाभ/महत्व:
- किसानों को वैकल्पिक आय का एक विश्वसनीय स्रोत प्रदान करता है।
- ग्रामीण गरीबी को कम करता है।
- GDP और निर्यात में योगदान।
खराब पशु स्वास्थ्य के परिणाम:
- 2000 से 2010 के बीच, 60% रोगों की प्रकृति जूनोटिक पाई गई।
- दुनिया भर में बीमारी के प्रकोप की घटनाएं 6% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रही हैं।
- अकेले भारत में जूनोटिक रोगों के वार्षिक प्रकोप के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था को $12 बिलियन का अनुमानित वार्षिक नुकसान हुआ।
किए गए उपाय :
- पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से एक समर्पित ‘वन हेल्थ यूनिट’ की स्थापना की है।
- DAHD ने देश में पशु स्वास्थ्य नियामक पारिस्थितिकी तंत्र को सुव्यवस्थित करने हेतु एक अधिकार प्राप्त समिति की स्थापना की है।
- राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM) के माध्यम से “पशु महामारी से लड़ने की तैयारी” मॉडल लागू किया जाएगा।
- अब पशुपालन अवसंरचना कोष के तहत कंपनियां प्रोत्साहनों का लाभ उठा सकती हैं।
- NDLM के ढांचे के तहत, सीरो-निगरानी में शामिल सभी पशु रोग निदान प्रयोगशालाओं को एक पोर्टल के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
भावी कदम:
- महामारी की तैयारी के लिए प्रभावी उपकरण स्थापित करने के लिए पशु चिकित्सा विज्ञान और मानव स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच घनिष्ठ सहयोग।
- उन्नत रोग निगरानी।
- पशु दवाओं और टीकों का समय पर और सफल विकास सुनिश्चित करना।
- वैक्सीन अनुसंधान में रोगज़नक़ों को प्राथमिकता देना और फार्मा कंपनियों की सहायता करना।
- एक महामारी से लड़ने हेतु मॉडल बनाने तथा मानव स्वास्थ्य डेटा के साथ पशु स्वास्थ्य डेटा को भी जोड़ना अनिवार्य है।
|
सारांश:
|
|---|
प्रीलिम्स तथ्य:
1. लिंगराज मंदिर:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:
भारतीय विरासत और संस्कृति:
विषय: प्राचीन से आधुनिक समय तक वास्तुकला के मुख्य पहलू।
प्रारंभिक परीक्षा: लिंगराज मंदिर से सम्बंधित तथ्य।
संदर्भ:
- भक्तों को पवित्र जल चढ़ाने के लिए लिंगराज मंदिर के अंदर कतार में देखा गया।
लिंगराज मंदिर:

Image Source: Odisha Tourism
- लिंगराज मंदिर ओडिशा के भुवनेश्वर में भगवान शिव को समर्पित सबसे पुराने मंदिरों में से एक है।
- इस मंदिर का निर्माण 10 वीं शताब्दी ईस्वी में राजा जाजति केशरी द्वारा शुरू किया गया था और इसे 11 वीं शताब्दी में राजा लालतेंदु केशरी द्वारा पूरा किया गया था।
- इस मंदिर की केंद्रीय मीनार (central tower) लगभग 180 फीट लम्बी है, यह भुवनेश्वर में सबसे बड़ा मंदिर है।
- यह मंदिर वास्तुकला के कलिंग स्कूल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
- इस मंदिर को चार मुख्य हॉल में विभाजित किया जा सकता है, जिसमें शामिल हैं
- गर्भ गृह (गर्भगृह-sanctum sanctorum)
- यज्ञ मंडप (प्रार्थना हॉल-prayer hall)
- नाट्य मंडप (संगीत हॉल-music hall)
- भोग मंडप (प्रसाद के लिए स्थान-place for offerings)
- यह मंदिर देउला शैली में बनाया गया है, यह एक वर्गाकार संरचना है, और यह बलुआ पत्थर और लेटराइट से निर्मित है।
- लिंगराज को ‘स्वयंभू’ (Swayambhu) कहा जाता है जिसका अर्थ है स्वयं उत्पन्न शिवलिंग।
- बिंदुसागर झील इस मंदिर परिसर में स्थित है।
- इस मंदिर को “भारत में विशुद्ध रूप से हिंदू मंदिर के बेहतरीन उदाहरणों में से एक” के रूप में वर्णित किया गया है।
- लिंगराज मंदिर के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक लिंक पर क्लिक कीजिए: Lingaraj Temple
2. लम्पी त्वचा रोग:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:
विषय: विभिन्न रोग।
प्रारंभिक परीक्षा: लम्पी त्वचा रोग।
संदर्भ:
- राजस्थान और गुजरात में हजारों गायों को लम्पी त्वचा रोग हुआ है।
लम्पी त्वचा रोग (Lumpy skin disease (LSD)):
- लम्पी त्वचा रोग मवेशियों और भैंसों जैसे गोजातीय पशुओं में लंबे समय तक रुग्णता का कारण बनता है।
लक्षण:
- लम्पी त्वचा रोग के कारण पूरे शरीर में बुखार और गांठ बन जाती है, विशेष रूप से सिर, गर्दन, अंगों, थन और जननांगों के आसपास।
- एलएसडी खून चूसने वाले कीड़ों जैसे मक्खियों, मच्छरों और टिक्कों (ticks) से फैलता है।
- लम्पी त्वचा रोग की पुष्टि पहली बार वर्ष 1929 में अफ्रीका में हुई थी और अब यह एक ट्रांसबाउंड्री पशु रोग के रूप में उभरा है क्योंकि यह एशिया और यूरोप में फैल गया है।
- विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (OIE) ने लम्पी त्वचा रोग को अधिसूचित रोग (Notified Diseases) घोषित किया हैं।
- (किसी रोग को अधिसूचित करने का मतलब है कि सरकारी अधिकारियों को उस बीमारी के हर एक मरीज का डाटा रखना होगा। हर एक डॉक्टर और अस्पताल को इस बीमारी के मरीजों की डीटेल सरकार को देनी जरूरी होती है।)
- इसने एक देश को ओआईई को बीमारी के प्रकोप के बारे में सूचित करने के लिए मजबूर किया हैं।
- लम्पी त्वचा रोग (एलएसडी) एक साध्य/इलाज योग्य रोग है और यदि इसका इलाज संक्रमण के शुरुआती चरणों हो तो यह से तेजी ठीक होता हैं।
- एलएसडी के लिए तीन लाइसेंस प्राप्त टीके हैं जिनमें गांठदार त्वचा रोग वायरस (एलएसडीवी) नीथलिंग वैक्सीन, केन्याई शीप और गॉट पॉक्स (केएसजीपी) ओ-180 स्ट्रेन टीके और गोरगन गॉट पॉक्स (जीटीपी) वैक्सीन शामिल हैं।
- मवेशियों और भैंसों की संख्या में शीर्ष भारत जैसे देशों पर इस बीमारी के गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ेंगे क्योंकि यह रोग पशुओं में दूध उत्पादन को कम करता है, गर्भपात और बांझपन की संभावना को बढ़ाता है और त्वचीय पिंड और रेशेदार ऊतक वृद्धि के कारण त्वचा को नुकसान पहुंचाता है।
3. अफ्रीकन स्वाइन फीवर:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:
विषय: विभिन्न रोग।
प्रारंभिक परीक्षा: अफ्रीकन स्वाइन फीवर से सम्बंधित तथ्य।
संदर्भ:
- केरल के कन्नूर में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की सूचना मिली है।
अफ्रीकन स्वाइन फीवर (African Swine Fever (ASF)):
- ASF एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है जो सूअरों में पाया जाता है जो अस्फारविरिदै परिवार (Asfarviridae family) के अफ्रीकी स्वाइन बुखार वायरस (ASFV) के कारण होता है।
- स्वाइन फ्लू की तुलना में एएसएफ एक अलग बीमारी है क्योंकि एएसएफ लोगों को प्रभावित नहीं करता है और मानव स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- इस वायरस के कारण घरेलू सूअरों में उच्च मृत्यु दर (कभी-कभी 100% तक) के साथ रक्तस्रावी बुखार भी होता है।
- यह जंगली सूअर, वार्थोग और बुशपिग्स को भी प्रभावित करता है।
- एएसएफ संक्रमित सूअरों, मल या शरीर के तरल पदार्थ के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।
- सॉफ्ट टिक्स एक वाहक (वेक्टर) के रूप में कार्य कर सकते हैं।
- अफ्रीकन स्वाइन फीवर वायरस (एएसएफवी) के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए : African swine fever virus (ASFV)
महत्वपूर्ण तथ्य:
1. भारतीय वायुसेना ऑस्ट्रेलिया में ‘पिच ब्लैक’ में भाग लेगी:
- भारतीय वायु सेना (IAF) क्वाड समूह के भागिदार देशों सहित 16 अन्य देशों के साथ अभ्यास पिच ब्लैक में भाग लेगी।
- अभ्यास पिच ब्लैक ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना द्वारा आयोजित एक द्विवार्षिक अभ्यास है।
- इस अभ्यास का उद्देश्य आक्रामक काउंटर एयर (ओसीए) और रक्षात्मक काउंटर एयर (डीसीए) युद्ध का अभ्यास करना,अन्तरसंक्रियता (interoperability ) को बढ़ाना और प्रतिभागियों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
- अभ्यास पिच ब्लैक 2022 ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र में 17 देशों के 100 विमानों और 2,500 सैन्य कर्मियों की भागीदारी का प्रत्यक्षदर्शी बनेगा।
- गौरतलब हैं कि वर्ष 2020 का यह अभ्यास संस्करण COVID-19 महामारी के कारण आयोजित नहीं किया गया था।
2. चीनी जहाज पर भारत ने चिंता साझा की:
- भारत ने एक चीनी उपग्रह पोत की श्रीलंका के बंदरगाह की यात्रा पर चिंता व्यक्त की है,भारत ने इसे श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ साझा किया है।
- युआन वांग 5 जो अंतरिक्ष और उपग्रह ट्रैकिंग का एक चीनी पोत है, के दक्षिणी श्रीलंका में चीनी निर्मित हंबनटोटा बंदरगाह में प्रवेश करने की सम्भावना हैं।
- ऐसा कहा जा रहा है कि भारत इस घटनाक्रम की सावधानीपूर्वक निगरानी कर रहा है,क्योंकि इससे उसकी सुरक्षा और आर्थिक हितों पर असर पड़ सकता है।
- श्रीलंका में विपक्षी दलों ने सरकार से आग्रह किया है कि वह भारत की सामरिक चिंताओं को न बढ़ाए, क्योंकि गंभीर आर्थिक संकट के समय श्रीलंका को भारत से तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
3. मालदीव में भारत विरोधी हलचल के बीच सोलिह भारत पहुंचे:
- भारत के साथ संबंधों को लेकर अपनी सरकार के भीतर विवादों के बीच मालदीव के राष्ट्रपति भारत के दौरे पर है।
- दौरे पर आए मालदीव के राष्ट्रपति द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारतीय प्रधान मंत्री से मिलेंगे, रणनीतिक संबंधों और उनके बीच बुनियादी ढांचे के समझौतों की स्थिति पर चर्चा करेंगे और कई अन्य समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करेंगे।
- बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में राजधानी शहर को पड़ोसी द्वीपों से जोड़ने वाले पुलों की ग्रेटर माले सम्पर्कता परियोजना शामिल है, जिसे भारतीय कंपनी एफकॉन द्वारा 400 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट और भारत से 100 मिलियन डॉलर के अनुदान की मदद से बनाया जाना है।
- दिसंबर 2018 में राष्ट्रपति की अंतिम भारत यात्रा के दौरान भारत की $1.4 बिलियन की सहायता के तहत अन्य परियोजनाओं की घोषणा की गई थी।
- भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और मालदीव की भारत प्रथम नीति एक-दूसरे की पूरक हैं।
- दोनों देशों से मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा करने और मजबूत भारत-मालदीव साझेदारी के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने की उम्मीद है।
- भारत-मालदीव संबंध के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए : India-Maldives Relations
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. लंपी त्वचा रोग (Lumpy skin disease) के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। (स्तर – कठिन)
- लंपी त्वचा रोग एक वायरल रोग है जो मवेशियों को प्रभावित करता है।
- वर्तमान में इस बीमारी से बचाव हेतु कोई टीका उपलब्ध नहीं है।
- इस बीमारी से संक्रमित पशुओं में मृत्यु दर 90% से अधिक है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: a
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: लंपी त्वचा रोग एक वायरल रोग है जो मवेशियों जैसे भैंसों और गायों में लंबे समय तक रुग्णता का कारण बनता है।
- कथन 2 सही नहीं है: एलएसडी के लिए तीन लाइसेंस प्राप्त टीके हैं जिनमें गांठदार त्वचा रोग वायरस (एलएसडीवी) नीथलिंग वैक्सीन, केन्याई शीप और गॉट पॉक्स (केएसजीपी) ओ-180 स्ट्रेन टीके और गोरगन गॉट पॉक्स (जीटीपी) वैक्सीन शामिल हैं।
- कथन 3 सही नहीं है: एलएसडी की मृत्यु दर 10% है।
प्रश्न 2. पिच ब्लैक ( Pitch Black) अभ्यास के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (स्तर – मध्यम)
- यह रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना द्वारा आयोजित एक वार्षिक बहुपक्षीय वायु युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास है।
- भारत शुरू से ही इस अभ्यास में भागीदार देश रहा है।
विकल्प:
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: d
व्याख्या:
- कथन 1 सही नहीं है: अभ्यास पिच ब्लैक ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना द्वारा आयोजित एक द्विवार्षिक अभ्यास है।
- कथन 2 सही नहीं है: भारतीय वायु सेना (IAF) ने 2018 में पहली बार पिच ब्लैक अभ्यास में भाग लिया था।
प्रश्न 3. भारत ने निम्नलिखित में से किस पर हस्ताक्षर और इसकी पुष्टि की है? (स्तर – कठिन)
- अंटार्कटिक संधि।
- अंटार्कटिक संधि के लिए पर्यावरण संरक्षण प्रोटोकॉल।
- अंटार्कटिक समुद्री जीवित संसाधनों के संरक्षण पर सम्मलेन।
विकल्प:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: d
व्याख्या:
भारत ने निम्न सम्मलेनों पर हस्ताक्षर और उनकी पुष्टि की है:
- 1983 में अंटार्कटिक संधि।
- 1998 में अंटार्कटिक संधि के लिए पर्यावरण संरक्षण पर प्रोटोकॉल।
- 1985 में अंटार्कटिक समुद्री जीवित संसाधनों के संरक्षण पर कन्वेंशन।
- अत: विकल्प d सही है।
प्रश्न 4. न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के निम्नलिखित प्रावधानों पर विचार कीजिए। (स्तर – मध्यम)
- इसमें अनुसूचित रोजगार में कार्यरत प्रवासी मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तय करने, समीक्षा करने और संशोधित करने का भी प्रावधान किया गया हैं।
- संबंधित प्रशासन को पांच वर्ष से अधिक के अंतराल पर मजदूरी की न्यूनतम दरों को संशोधित करने के लिए बाध्य किया गया है।
उपर्युक्त में से कौन से प्रावधान सही हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: c
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 में अनुसूचित रोजगार में नियोजित प्रवासी मजदूरों के न्यूनतम वेतन को तय करने, समीक्षा करने और संशोधित करने का प्रावधान किया गया है।
- कथन 2 सही है: संबंधित प्रशासन को वेतन की न्यूनतम दरों को पांच साल से अधिक के अंतराल पर संशोधित करना अनिवार्य है।
प्रश्न 5. पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा उन विदेशी निवेशकों को, जो स्वयं को पंजीकृत किए बिना भारतीय शेयर बाजार का हिस्सा बनना चाहते हैं, निम्नलिखित में से क्या जारी किया जाता है? PYQ (2019) (स्तर – सरल)
(a) जमा प्रमाण-पत्र
(b) वाणिज्यिक पत्र
(c) वचन-पत्र (प्रामिसरी नोट)
(d) सहभागीता पत्र (पार्टिसिपेटरी नोट)
उत्तर: d
व्याख्या:
- पार्टिसिपेटरी नोट्स को पी-नोट्स या पीएन के रूप में भी संदर्भित किया जाता है, जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ पंजीकरण किए बिना निवेशकों या हेज फंड द्वारा भारतीय प्रतिभूतियों में निवेश करने के लिए आवश्यक वित्तीय साधन हैं।
- अत: विकल्प d सही है।
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :
प्रश्न 1. भारतीय वायु सेना के बेड़े की उम्र बढ़ने की स्थिति भारत में स्वदेशी लड़ाकू जेट परियोजनाओं में तेजी लाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। टिप्पणी कीजिए । (250 शब्द; 15 अंक) (जीएस III – सुरक्षा)
प्रश्न 2.यह भारत में संविदा कर्मियों के सकारात्मक पक्ष को स्वीकार करने और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए उनका उपयोग करने का समय है। क्या आप इससे सहमत हैं? विस्तार से चर्चा कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (जीएस III – अर्थव्यवस्था)