05 अगस्त 2022 : समाचार विश्लेषण
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A.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। B.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। C.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित: पर्यावरण:
D.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। E.सम्पादकीय: अर्थव्यवस्था:
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:
F. प्रीलिम्स तथ्य: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। G.महत्वपूर्ण तथ्य:
H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न : |
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सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:
हसदेव अरण्य (Hasdeo Aranya region) क्षेत्र में कोयला खनन का विरोध:
पर्यावरण:
विषय: पर्यावरण संरक्षण
प्रारंभिक परीक्षा: हसदेव वन।
मुख्य परीक्षा: हसदेव जंगलों में खननपर विवाद।
संदर्भ:
- छत्तीसगढ़ के फेफड़े कहे जाने वाले हसदेव जंगलों में किये जा रहे कोयला खनन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
- हाल ही में, छत्तीसगढ़ विधान सभा ने सर्वसम्मति से एक निजी सदस्य विधेयक (Private Member’s Bill) पारित किया जिसमे केंद्र सरकार से इस क्षेत्र में कोयला खनन ब्लॉकों के आवंटन को रद्द करने की मांग की गई है।
हसदेव वन (Hasdeo Forest):

- हसदेव के जंगल 1,878 वर्ग किमी में विस्तृत हैं और यह जंगल छत्तीसगढ़ के कोरबा, सरगुजा और सूरजपुर जिलों में फैला हुआ हैं।
- यह एक महत्वपूर्ण प्रवासी गलियारा है और इसकी विशेषता यह है कि यहाँ हाथियों की बड़ी संख्या निवास करती है।
- हसदेव वन हसदेव नदी के जलग्रहण क्षेत्र के अंतरगर्त आता है जो महानदी नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है,यह नदी छत्तीसगढ़ से निकलती है और ओडिशा से होकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
- यह मांड नदी का एक जलग्रहण क्षेत्र भी है (महानदी की एक सहायक नदी भी)।
- इसमें हसदेव बांगो बांध भी है जो छत्तीसगढ़ में धान की छह लाख एकड़ भूमि की सिंचाई करता है।
निजी सदस्य प्रस्ताव (Private Member Resolution):
- संसद या राज्य विधानसभाओं का कोई सदस्य जो मंत्री नहीं है, एक निजी सदस्य कहलाता है।
- एक निजी सदस्य सत्तारूढ़ दल या किसी अन्य दल का भी हो सकता है।
- कोई गैर-सरकारी सदस्य का प्रस्ताव एक गैर-सरकारी सदस्य द्वारा पेश किया जाता है और यदि यह पारित हो जाता है, तो यह पूरे सदन के विचार की अभिव्यक्ति बन जाता है।
- जबकि प्राइवेट सदस्य बिल मंजूर होने पर कानून या एक्ट बन जाता हैं।
- निजी सदस्य विधेयक (Private Member’s Bill) के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए: Private Member Bill
खनन को लेकर विवाद:
- हसदेव वन में एक कोयला क्षेत्र है जिसके नीचे लगभग 22 कोयला ब्लॉक हैं।
- वर्ष 2010 में, केंद्र सरकार ने हसदेव वन को खनन के लिए “नो-गो” (No-Go) क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया था। हालाँकि, वर्ष 2011 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF) ने एक कोयला ब्लॉक के लिए यहां खनन की अनुमति दी थी और वर्तमान में खनन के लिए सात ब्लॉक आवंटित किए गए हैं।
- इनमें से परसा ईस्ट केटे बसन ( Parsa East Kete Basan (PEKB)) और चोटिया (I और II) (Chotia (I and II)) वर्तमान में सञ्चालन में/चालू हैं।
- पीईकेबी चरण I का खनन कार्य पूरा हो गया है और परसा, पीईकेबी चरण II और केटे एक्सटेंशन में खनन और वनों की कटाई का बड़े पैमाने पर स्थानीय विरोध किया जा रहा है।
- मदनपुर दक्षिण और गिदमुडी पटुरिया ब्लॉक में ग्राम सभाओं द्वारा खनन का विरोध करने पर इसकी मंजूरी रद्द की गई थी।
- हालाँकि इन सभी प्रखंडों में खनन गतिविधियों को रोक दिया गया था और केंद्र द्वारा नीलामी के लिए सूचीबद्ध अन्य ब्लॉकों को राज्य सरकार के अनुरोध के बाद सूची से वापस ले लिया गया था।
क्या कहता है संकल्प/प्रस्ताव ?
- इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से दो महत्वपूर्ण नदियों हसदेव और मांड के जलग्रहण क्षेत्रों में स्थित ब्लॉकों में कोयला खनन की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया गया है।
- कार्यकर्ताओं का कहना है कि वायु प्रदूषण अधिनियम और जल प्रदूषण अधिनियम के तहत वन विभाग से मंजूरी राज्य सरकार के पास एक वीटो शक्ति की तरह है और खनन को रोक सकती है।
- प्रस्ताव पेश करने वाले धर्मजीत सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा कंपनियों को छत्तीसगढ़ या देश के अन्य कोयला खनन समृद्ध क्षेत्रों में कहीं और कोयला ब्लॉक आवंटित किया जा सकता है।
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सारांश:
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संपादकीय-द हिन्दू
सम्पादकीय:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-3 से संबंधित:
अर्थव्यवस्था:
मुद्रा मूल्यह्रास के परिणाम:
विषय: संसाधन जुटाने, विकास और रोजगार से संबंधित मुद्दे।
मुख्य परीक्षा: मुद्रा मूल्यह्रास के परिणाम।
संदर्भ:
- हाल ही में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79.43 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।
मुद्रा मूल्यह्रास (Currency Depreciation) के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़े:
मुद्रा मूल्यह्रास के परिणाम:
- अवसर:
- मुद्रा मूल्यह्रास वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ बनाए रखने में मदद करता है।
- सैद्धांतिक रूप से मुद्रा मूल्यह्रास भारत के निर्यात को बढ़ावा देता है और साथ ही, यह आयात को नियंत्रित करने में सहायक होता है, क्योंकि आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं।
- भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के निर्यात पर इसका बहुत अधिक प्रभाव पड़ रहा है। मुद्रा मूल्यह्रास के कारण यह अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सस्ता हो गया, जिससे आईटी क्षेत्र के राजस्व में वृद्धि हो रही है।
- मार्च 2022 में इंजीनियरिंग निर्यात में 7.84% की वृद्धि हुई क्योंकि ईंधन के निर्यात शुल्क में कमी के कारण आपूर्ति व्यय में कमी आई।
- विदेशी निवेशकों और अनिवासी भारतीयों द्वारा संपत्ति खरीद की लागत कम/सस्ता होगा, जिससे इन पार्टियों द्वारा अचल संपत्ति की खरीद वृद्धि होगी।
- वैश्विक मंदी की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का रुझान भी चालू खाते के लिए सकारात्मक हो सकता है।
- हाल के दिनों में मूल्यह्रास वास्तविक विनिमय दर में नहीं हुई है, बल्कि नाममात्र विनिमय दर में हुई है।
- इसके अलावा, भारत में मूल्यह्रास का श्रीलंका या अन्य विकासशील देशों की मौजूद अस्थिरता से बिल्कुल भी संबंधित नहीं है।
- हानि:
- आयात को और अधिक महंगा बनाता है।
- CAD (चालू खाता घाटा) को बढ़ाता है।
- मुद्रास्फीति के दबाव को बढ़ाता है।
- लोगों की क्रय शक्ति को कमजोर करता है।
- वैश्विक मंदी से निर्यात में भी गिरावट आ सकती है और यह CAD के नजरिए से चिंताजनक है।
- भारतीय रिजर्व बैंक को मूल्यह्रास को नियंत्रित करने के लिए हाजिर बाजार में डॉलर बेचना पड़ता है- मुद्रा मूल्यह्रास के साथ संयुक्त विदेशी मुद्रा भंडार में कमी से 1997 के एशियाई वित्तीय संकट के समान वित्तीय बाजारों में अस्थिरता पैदा होती है।
- बाहरी कर्ज का बोझ बढ़ाता है।
भावी कदम:
- आयात को कम कर चालू खाता घाटे को कम किया जा सकता है।
- आरबीआई को विनिमय दरों में कुछ स्थिरता बनाए रखने के लिए विनिमय दर समायोजन और विदेशी मुद्रा भंडार में कमी को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
- कॉरपोरेट्स को भविष्य में बेहतर हेजिंग रणनीतियों पर ध्यान देना चाहिए।
- राजकोषीय नीति सुधारों पर फोकस मांग को बढ़ावा देना।
- जीडीपी को प्रभावित किए बिना, राजकोषीय साधन का दो तरह से उपयोग किया जा सकता है,
- अतिरिक्त सरकारी व्ययों को वित्तपोषित करने के लिए कॉर्पोरेट कर में वृद्धि, विशेष रूप से श्रमिकों की आय की क्षतिपूर्ति के साथ।
- विभिन्न कॉर्पोरेट कर रियायतों पर रोक, जो कि लगभग ₹5 लाख करोड़ की हैं।
- जीडीपी को प्रभावित किए बिना, राजकोषीय साधन का दो तरह से उपयोग किया जा सकता है,
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सारांश:
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सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-3 से संबंधित:
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:
5G स्पेक्ट्रम की नीलामी:
विषय: हाल के घटनाक्रम एवं उनके अनुप्रयोग तथा रोजमर्रा की दिनचर्या पर प्रभाव।
मुख्य परीक्षा: 5G स्पेक्ट्रम और उसके अनुप्रयोग।
संदर्भ:
- 5G दूरसंचार स्पेक्ट्रम की हालिया नीलामी में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बोली लगाई गई।
नीलामी का विवरण:
- रिलायंस जियो कुल मिलाकर ₹88,000 करोड़ और 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम का प्रीमियम हासिल करते हुए, पेशकश की गई एयरवेव्स का 48% की प्राप्त करने वाली शीर्ष बोलीदाता कंपनी बन गई।
- भारती एयरटेल ने कुल 19.8 गीगाहर्ट्ज़ स्पेक्ट्रम हासिल करने हेतु कुल 43,084 करोड़ रुपये की बोली लगाई।
- वोडाफोन आइडिया ने 12% स्पेक्ट्रम के लिए लगभग ₹19,000 करोड़ की बोली लगाई।
- अदानी समूह की सहायक कंपनी अदानी डेटा नेटवर्क्स लिमिटेड (ADNL) ने केवल 26 गीगाहर्ट्ज बैंड में 212 करोड़ रुपये में स्पेक्ट्रम हासिल किया। ADNL के अनुसार, यह केवल बंदरगाहों, हवाई अड्डों, रसद और बिजली उत्पादन जैसे व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों के लिए निजी नेटवर्क समाधान प्रदान करने के लिए है।
- 1800 मेगाहर्ट्ज एयरवेव बैंड को छोड़कर सभी बैंड बेस प्राइस पर बेचे गए।
- 1,800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम में प्रतिस्पर्धा का नेतृत्व मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश (पूर्वी) सर्कल द्वारा किया गया था, जो 100 मिलियन से अधिक मोबाइल फोन कनेक्शन वाले ग्राहकों के मामले में भारत का सबसे बड़ा मोबाइल टेलीफोनी सर्कल है।
5G के बारे में अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:
सफल बोली के पीछे का कारण:
- सरकारी बैंकिंग के द्वारा ₹4.3 लाख करोड़ आरक्षित मूल्य जो प्रस्ताव में स्पेक्ट्रम के लिए निर्धारित किया था, लेकिन कुल 72 गीगाहर्ट्ज़ में से केवल 51.2 गीगाहर्ट्ज़ स्पेक्ट्रम बेचा गया । यह दूरसंचार उद्योग में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।
- केंद्र सरकार ने 2021 में, बकाया भुगतान हेतु 04 साल की मोहलत सहित नियामक मानदंडों में ढील दी है।
- सरकार ने गैर-दूरसंचार आय को बाहर कर ‘समायोजित सकल राजस्व’ को पुनः परिभाषित किया, जिससे अब दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को निवेशकों को आकर्षित करने तथा समय पर देनदारियों को चुकाने में मदद मिलेगी।
- टैरिफ वृद्धि ने प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व बढ़ाने वाले मार्जिन को बढ़ाने में भी मदद की।
- दूरसंचार क्षेत्र के सेवा प्रदाताओं को बैंक गारंटियां लौटाने के सरकार के नीतिगत निर्णय ने ऋण हेतु उनकी पात्रता में मदद की जो पूंजीगत व्यय के लिए महत्वपूर्ण है।
भावी कदम:
- 700 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का 60% बिना बिका रह गया जो शहरी क्षेत्रों में इमारतों के अंदर सिग्नल प्रवेश और ग्रामीण कनेक्टिविटी की आदर्श आवश्यकता है। इसलिए, सरकार को इसका इष्टतम तरीके से मूल्य निर्धारण करना चाहिए तथा बचे हुए महत्वपूर्ण स्पेक्ट्रम रेंजों को अप्रयुक्त नहीं रहने देना चाहिए।
- यदि स्पेक्ट्रम को एक बहुमूल्य राष्ट्रीय संसाधन के रूप में देखा जाता है, तो प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी तीन हितधारक अर्थात स्वयं सरकार, दूरसंचार कंपनियां और जनता को अधिक अनुकूल मूल्य निर्धारण और नीतियों के साथ 5G तकनीक से लाभ उठाना चाहिए।
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सारांश:
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प्रीलिम्स तथ्य:
आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
1.नौसेना की महिला पायलटों ने एक नया अध्याय शरू किया:
- भारतीय नौसेना की पांच महिला अधिकारियों ने डोर्नियर-228 विमान में अरब सागर में पहली सर्व-महिला स्वतंत्र समुद्री टोही और निगरानी मिशन को पूरा करके इतिहास रच दिया हैं।
- अपनी तरह का यह पहला अद्वितीय मिशन है और इससे विमानन संवर्ग में महिला अधिकारियों के लिए अधिक जिम्मेदारी संभालने और अधिक चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं की आकांक्षा रखने का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।
- यह मिशन “नारी शक्ति” की दृष्टि के अनुरूप है।
- नारी शक्ति के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए: Gist of Yojana, September 2021
2. यूरोपीय संघ की मध्यस्थता के साथ वियना में ईरान परमाणु वार्ता फिर से शुरू:
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वियना में नए दौर की बातचीत शुरू हो गई है।
- अमेरिका को परमाणु समझौते में फिर से शामिल करने के लिए वर्ष 2021 से ईरान और अन्य देशों के बीच ऑस्ट्रिया के वियना में बातचीत चल रही है।
- वार्ता से पहले ईरानी और रूसी अधिकारियों ने एक अलग बैठक की, क्योंकि ईरान और रूस पारंपरिक रूप से वार्ता के दौरान करीब रहे हैं।
- संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) पर वर्ष 2015 में ईरान और P5+1 सदस्यों के बीच हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें यूके, चीन, फ्रांस, रूस और यू.एस. प्लस जर्मनी शामिल हैं।
- जेसीपीओए का उद्देश्य प्रतिबंधों को धीरे-धीरे उठाने के बदले ईरान के परमाणु कार्यक्रम की असैनिक प्रकृति की गारंटी देना है।
- जेसीपीओए से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए: JCPOA
3. ताइवान संकट पर नई दिल्ली ने ‘चुप्पी साधी’:
- ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव अमेरिका और चीन के बीच संघर्ष बढ़ते संघर्ष के चलते, भारत ने स्थिति पर “चुप्पी” बनाए रखी है।
- भारत अमेरिका और चीन के बीच उपजे एक संवेदनशील मुद्दे पर स्वयं को विवाद से बचाना चाहता है।
- हालांकि भारत ने 1949 से “वन चाइना पॉलिसी” का पालन किया है, जो इंगित करता है कि भारत बीजिंग में पीआरसी के अलावा किसी भी सरकार को मान्यता नहीं देगा और केवल ताइवान के साथ व्यापार और सांस्कृतिक संबंध रखता है।लेकिन भारत ने वर्ष 2008 के बाद से अपने आधिकारिक बयानों और संयुक्त घोषणाओं में नीति का उल्लेख करना बंद कर दिया है।
- अमेरिकी हाउस स्पीकर की ताइवान यात्रा के बाद चीन की आक्रामक प्रतिक्रिया, सैन्य अभ्यास और मिसाइल परीक्षणों से इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है? (स्तर – मध्यम)
(a) CAG केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के खातों का संकलन और रखरखाव करता है।
(b) CAG आकस्मिकता निधि से संबंधित सभी लेन-देन का लेखा परीक्षण (Audit) कर सकता है।
(c) CAG राष्ट्रपति को केंद्र सरकार के खातों से संबंधित लेखा परीक्षण (Audit) रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।
(d) CAG को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है तथा इसे केवल सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया और उसी के समान आधारों पर पद से हटाया जा सकता है।
उत्तर: a
व्याख्या:
- सीएजी (CAG) राज्य सरकारों के खातों का संकलन और रखरखाव करता है।
- वर्ष 1976 में,लेखाओं के विभागीयकरण के माध्यम से लेखाओं को लेखा परीक्षण से अलग करने के कारण भारत सरकार के लेखों के संकलन और रखरखाव के संबंध में सीएजी को जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था।
प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (स्तर – मध्यम)
- सभी केंद्र शासित प्रदेशों में केवल दिल्ली का अपना उच्च न्यायालय है।
- राज्य की पूर्व सहमति से संसद किसी भी संघ राज्य क्षेत्र के उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का विस्तार कर सकती है और उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में कमी कर सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न हीं 2
उत्तर: d
व्याख्या:
- कथन 1 सही नहीं है: केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली तथा जम्मू और कश्मीर के अपने उच्च न्यायालय हैं।
- कथन 2 सही नहीं है: संविधान के अनुच्छेद 230 के अनुसार, संसद कानून द्वारा किसी उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार को किसी भी केंद्र शासित प्रदेश तक विस्तारित कर सकती है या उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार को बाहर कर सकती है।
- इसके सम्बन्ध में संसद को राज्य की सहमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित जोड़े पर विचार कीजिए: (स्तर – कठिन)
स्वतंत्रता सेनानी जनजाति
- तिलका मांझी – पहाड़िया जनजाति
- थलक्कल चंथु/चंदू – कुरिचियार जनजाति
- बुधु भगत – उरांव जनजाति
- राघोजी भांगरे – महादेव कोली जनजाति
- लक्ष्मण नायक – भुइयां जनजाति
उपर्युक्त में से कौन सा युग्म सुमेलित है ?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2, 4 और 5
(c) केवल 3 और 5
(d) 1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर: d
व्याख्या:
- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अत्याचारों के खिलाफ तिलका मांझी ने विद्रोह किया। उसने पहाड़िया जनजाति को लामबंद किया जिससे वह संबंधित था और कंपनी के खजाने को लूटा ।
- कुरिचियार जनजाति के थलक्कल चंथु ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ राजा पजहस्सी के युद्ध का एक अमूल्य हिस्सा थे।
- उरांव जनजाति के बुधु भगत को उनके भाई, सात बेटों और उनके कबीले के 150 लोगों को अंग्रेजों ने कई मुठभेड़ों में से एक में मार गिराया गया था।
- राघोजी भांगरे महादेव कोली जनजाति के थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया और अपनी मां के कैद होने के बावजूद अपना संघर्ष जारी रखा।
- भुइयां जनजाति के लक्ष्मण नाइक भी गांधी से प्रेरित थे और उन्होंने जनजातियों को स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया।
प्रश्न 4. नाविक (NavIC) के संबंध में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से गलत है/हैं? (स्तर – कठिन)
- यह भूमि, वायु, समुद्र और आपदा प्रबंधन में भी नेविगेशन में मदद कर सकता है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका के GPS की तुलना में NavIC उपग्रहों को उच्च कक्षा में स्थापित किया गया है।
- इसे भारत के साथ-साथ इसकी सीमा से 2500 किमी तक की सटीक स्थिति की सूचना देगा।
विकल्प:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 3
(d) उपर्युक्त कोई भी नहीं
उत्तर: c
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: NavIC निम्न कार्यों में मदद करता है:
- नौपरिवहन (Navigation ) (हवाई, समुद्री और स्थलीय)
- मानचित्रण (अभिलेख तैयार करना, आलेखन और भू गणित विषयक आंकड़े एकत्र करना)
- आपदा प्रबंधन
- बेड़े प्रबंधन और वाहन ट्रैकिंग (खनन और परिवहन संचालन के दौरान महत्वपूर्ण)
- मोबाइल फोन समाकलन
- सटीक समय (पावर ग्रिड और एटीएम के लिए उपयोगी)
- कथन 2 सही है: नाविक उपग्रहों को अमेरिका के जीपीएस से ऊंची कक्षा में स्थापित किया गया है।
- NavIC उपग्रहों को लगभग 36,000 किमी की ऊंचाई पर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट (GEO) और जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट (GSO) में स्थापित किया गया है।
- जबकि जीपीएस उपग्रहों को लगभग 20,000 किमी की ऊंचाई के साथ पृथ्वी की मध्यम कक्षा (एमईओ) में स्थापित किया जाता है।
- कथन 3 सही नहीं है: यह इसे भारत में स्थित उपयोगकर्ताओं और भारत की सीमा से 1500 किमी तक के उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थिति डेटा सेवा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्रश्न 5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: PYQ (2022) (स्तर – मध्यम)
- भारत के संविधान में मंत्रियों को चार श्रेणियों, अर्थात कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री में वर्गीकृत किया गया है ।
- केंद्र सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या प्रधान मंत्री को मिलाकर, लोकसभा में सदस्यों की कुल संख्या के 15 % से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 , न ही 2
उत्तर: b
व्याख्या:
- कथन 1 सही नहीं है: भारतीय संविधान में मंत्रियों को श्रेणी में वर्गीकृत नहीं किया गया है, हालांकि, भारत में व्यवहार में मंत्री चार प्रकार के होते हैं।
- कथन 2 सही है: 91वें संविधान संशोधन के अनुसार, मंत्रिपरिषद में प्रधान मंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी।
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :
प्रश्न 1. पिछले दशक में हुई कुछ प्रगति के बावजूद, भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी अपेक्षित स्तर से नीचे है। विस्तार से चर्चा कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (जीएस III – सुरक्षा)
प्रश्न 2. भारतीय अर्थव्यवस्था पर भारतीय रुपये के अवमूल्यन के प्रभावों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (जीएस III – अर्थव्यवस्था)