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A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित: राजव्यवस्था:
C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित: आंतरिक सुरक्षा:
D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। E. संपादकीय: राजव्यवस्था:
F. प्रीलिम्स तथ्य:
G. महत्वपूर्ण तथ्य: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।
H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: |
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
परिसीमन प्रक्रिया को समझना:
राजव्यवस्था:
विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
मुख्य परीक्षा: परिसीमन सम्बन्धी मुद्दे।
विवरण:
- लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचन क्षेत्रों हेतु परिसीमन की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 82 और 170 द्वारा शासित एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
- परिसीमन प्रक्रिया में जनगणना के आंकड़ों के आधार पर सीट संख्या, सीमाएं और आरक्षित सीटों को परिभाषित करना शामिल है।
स्थगन और मुद्दे:
- कोविड-19 महामारी और उसके बाद हुई देरी के कारण वर्ष 2021 की जनगणना स्थगित होने से परिसीमन प्रक्रिया के लिए चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
- वर्ष 1971 की जनगणना के बाद से स्थिर सीटों की संख्या का उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना था, लेकिन इससे राज्यों के बीच असमानताएं पैदा हो गईं हैं।
- अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे मॉडल के तहत जनसंख्या परिवर्तन के आधार पर सीटों का पुनः आवंटन किया जाता हैं, जिससे प्रतिनिधित्व में निष्पक्षता सुनिश्चित होती है।
- हालाँकि, भारत के परिसीमन को उसके लोकतांत्रिक और संघीय ढांचे के कारण जटिलताओं का सामना करना पड़ता है।
प्रस्तावित समाधान:
- जनसंख्या की गतिशीलता को संबोधित करते हुए लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए, प्रति राज्य विधायकों की संख्या में वृद्धि करते हुए लोकसभा (Lok Sabha) सीटों को 543 तक सीमित करना वर्तमान जरूरतों के अनुरूप है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने से जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत होता है।
- परिसीमन आयोग से संबंधित जानकारी के लिए निम्न लिंक पर क्लिक कीजिए:delimitation commission
निष्कर्ष:
- भारत की परिसीमन प्रक्रिया में लोकतंत्र और संघवाद (federalism) को संतुलित करने के लिए नवीन समाधानों की आवश्यकता है।
- पूर्व आईएएस अधिकारी आर. रंगराजन समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और सभी स्तरों पर लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करने के लिए सुधारों की वकालत करते हैं।
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सारांश:
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सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:
नागा संगठन ने मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों से कहा, हमें अपने संघर्ष से दूर रखें:
आंतरिक सुरक्षा:
विषय: आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौतियाँ पैदा करने में बाहरी राज्य और गैर-राज्य अभिनेताओं की भूमिका।
मुख्य परीक्षा: आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दे।
विवरण:
- यूनाइटेड नागा काउंसिल (United Naga Council (UNC)) ने मणिपुर में मैतेई और कुकी-ज़ो से नागा समुदाय को बढ़ते जातीय संघर्षों से बचाने का आह्वान किया है।
- मैतेई और कुकी-ज़ो के बीच तनाव के बीच तटस्थ रुख बनाए रखने के बावजूद, नागा हिंसा के शिकार हो गए हैं।
अत्याचार और संयम की आवश्यकता:
- नागाओं को भारी हिंसा का सामना करना पड़ा है, जिसकी शुरुआत मई 2023 में नागा महिलाओं पर हमलों से हुई थी।
- यूएनसी ने इम्फाल घाटी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों दोनों में नागाओं को निशाना बनाने वाले हमलों, आगजनी और गोलीबारी सहित कई घटनाओं का दस्तावेजीकरण किया है।
- स्थायी उकसावे के बावजूद, नागाओं ने प्रथागत कानूनों के पालन के माध्यम से शांति स्थापना का प्रयास जारी रखा है।
- हालाँकि, बार-बार होने वाले हमले शांति समझौतों को कमजोर करते हैं और क्षेत्र में तनाव बढ़ाते हैं।
बढ़ता तनाव:
- मैतेई समुदाय के विधायकों के कट्टरपंथी समूहों के साथ जुड़ाव की वजह से तनाव बढ़ गया है,जिससे इम्फाल घाटी में नागाओं का प्रतिनिधित्व कम हो गया हैं।
- चर्च के विनाश और अपवित्रता जैसे कट्टरपंथी कार्यों ने धार्मिक कलह को गहरा किया है और समुदायों के बीच सामाजिक विभाजन को बढ़ा दिया है।
- नागाओं को राजमार्गों पर सशस्त्र समूहों और निगरानीकर्ताओं द्वारा जबरन वसूली और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी भेद्यता और असुरक्षा बढ़ जाती है।
भावी कदम:
- यूनाइटेड नागा काउंसिल ने मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों से अपील की है कि वे नागाओं और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाना बंद कर दें, इसके साथ ही चेतावनी भी दी हैं कि यदि उनकी याचिका की अवहेलना की जाती है तो उन्हें इसके संभावित परिणाम भुगतने होंगे।
- आपसी सम्मान और सह-अस्तित्व पर जोर देते हुए, यूनाइटेड नागा काउंसिल मणिपुर में शांति बनाए रखने के लिए बातचीत और सहिष्णुता की अनिवार्यता को रेखांकित करता है।
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सारांश:
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संपादकीय-द हिन्दू
संपादकीय:
एक उपहासात्मक रचना:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
राजव्यवस्था:
विषय: भारतीय संविधान – ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
मुख्य परीक्षा: चुनावी मुद्दे।
विवरण:
- हाल ही में चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में मतपत्रों से छेड़छाड़ और चुनावी हेराफेरी के आरोपों के बाद विवाद पैदा हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया:
- भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने चुनावी प्रक्रिया के फुटेज की समीक्षा करने के बाद इस विवाद में हस्तक्षेप किया, और पीठासीन अधिकारी के कार्यों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए इसे “लोकतंत्र का मजाक” माना।
आरोप और परिणाम:
- विपक्षी दलों ने चुनाव की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है।
- क्रॉस-वोटिंग के आरोपों और मतपत्रों की गिनती में अनियमितताओं ने पूरी चुनावी प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा कर दिया है।
लोकतंत्र के लिए निहितार्थ:
- चंडीगढ़ मेयर चुनाव से जुड़ा विवाद लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पवित्रता पर महत्वपूर्ण सवाल उठाता है।
- चुनाव में हेरफेर की संभावना चुनावी प्रणाली में जनता के विश्वास को कम करती है और लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों को चुनौती देती है।
- चुनाव की अखंडता पर सवाल उठने के साथ, न्याय और जवाबदेही की मांग बढ़ रही है।
- कई लोग चुनाव परिणामों को अमान्य करने और हेरफेर के खिलाफ मजबूत सुरक्षा उपायों के साथ नए सिरे से पारदर्शी चुनाव कराने की वकालत करते हैं।
- सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप देश भर में चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
निष्कर्ष:
- जैसे-जैसे चंडीगढ़ मेयर चुनाव की जांच सामने आ रही है, यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों की सुरक्षा में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है।
- इस विवाद के नतीजे निस्संदेह भारत में चुनावी अखंडता के भविष्य पर दूरगामी प्रभाव डालेंगे।
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सारांश:
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राजकोषीय संघवाद का गंभीर क्षरण:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
राजव्यवस्था:
विषय: संघ और राज्यों के कार्य और जिम्मेदारियाँ, संघीय ढांचे से संबंधित मुद्दे और चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर तक शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसमें चुनौतियाँ।
मुख्य परीक्षा: राजकोषीय संघवाद से संबंधित मुद्दे।
विवरण:
- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन केंद्र की वित्तीय बाधाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने की तैयारी कर रहे हैं।
- केरल ने केंद्र पर केआईआईएफबी जैसे राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों से ऋण सहित एक शुद्ध उधार सीमा (एनबीसी) लागू करके अपनी वित्तीय स्वतंत्रता को दबाने का आरोप लगाया है।
आधार:
- केरल का तर्क है कि केंद्र की कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 293 का उल्लंघन करती है, जो एकतरफा उधार सीमा को लागू करने को चुनौती देती है।
- केरल के राजकोषीय उत्तरदायित्व अधिनियम, 2003 का उद्देश्य राजकोषीय घाटे (fiscal deficit) को कम करना है, जिससे बाहरी उधार की निगरानी निरर्थक हो जाती है।
- केरल का राजकोषीय घाटा 2.44% तक कम हो गया है, जो केंद्र के 5.8% के विपरीत है, जो वित्त के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए राज्य की प्रतिबद्धता पर जोर देता है।
- उधार लेने की सीमा को एकतरफा रूप से लागू करना महत्वपूर्ण संवैधानिक सवाल उठाता है, क्योंकि यह सार्वजनिक ऋण पर राज्य विधायिका के अधिकार का अतिक्रमण करता है (राज्य सूची की प्रविष्टि 43)।
पृष्ठभूमि:
- केंद्र द्वारा एनबीसी लागू करना, जिसमें केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) जैसे राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों का ऋण शामिल है, केरल की उधार लेने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रतिबंधित करता है।
- एनबीसी ढांचे के भीतर केआईआईएफबी ऋण का यह समावेश पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं सहित आवश्यक व्यय को निधि देने की केरल की क्षमता को कमजोर करता है।
- संघवाद की गतिशीलता (डायनेमिक्स): यह कलह सहकारी संघवाद (cooperative federalism) और केंद्रीकृत नियंत्रण के बीच तनाव का प्रतीक है, जिससे केआईआईएफबी जैसी केरल की नवीन पहलों को खतरा है।
- लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बनाए रखने और समान विकास सुनिश्चित करने के लिए संघीय और राज्य शक्तियों के बीच संतुलन हासिल करना महत्वपूर्ण है।
- यह गतिरोध राजकोषीय संघवाद के क्षरण के बारे में व्यापक चिंताओं को उजागर करता है, जिससे केंद्र और राज्यों के बीच शक्ति की गतिशीलता का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक हो जाता है।
भावी कदम:
- केरल के उधार प्रतिबंधों पर कलह सहकारी संघवाद और केंद्रीकृत नियंत्रण के बीच तनाव का प्रतीक है।
- केरल की नवोन्मेषी पहल, जिसका उदाहरण KIIFB है, के ऊपर से नीचे तक वित्तीय बाधाओं के कारण दब जाने का जोखिम है।
- लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बनाए रखने और भारत के विविध क्षेत्रों में समान विकास सुनिश्चित करने के लिए संघीय और राज्य शक्तियों के बीच एक नाजुक संतुलन हासिल करना अनिवार्य है।
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सारांश:
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प्रीलिम्स तथ्य:
1. राज्यसभा ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को एसटी सूची में शामिल करने के लिए विधेयक पारित किया:
प्रसंग:
- राज्यसभा ने दो महत्वपूर्ण विधेयकों, संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन विधेयक, 2024 और संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन विधेयक, 2024 को मंजूरी दे दी।
संबंधित जानकारी:
- ये संशोधन ओडिशा की अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में नए समुदायों को जोड़ने और आंध्र प्रदेश और ओडिशा में मौजूदा जनजातियों के पर्यायवाची और ध्वन्यात्मक विविधताओं को शामिल करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
- सात विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (Particularly Vulnerable Tribal Groups (PVTGs) ) को मान्यता प्राप्त हुई, जिससे आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ गया हैं।
महत्व:
- इन विधेयकों के लिए द्विदलीय समर्थन आदिवासी समुदायों के अधिकारों और पहचान को बनाए रखने में उनके महत्व को रेखांकित करता है।
- ये संशोधन भारत की विविध जनजातीय आबादी के लिए समान प्रतिनिधित्व और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सक्रिय कदम का संकेत देते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य:
आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1826 में हस्ताक्षरित यांडाबो की संधि ने प्रथम आंग्ल-बर्मी युद्ध का अंत चिह्नित किया।
2. इसके फलस्वरूप असम, मणिपुर, अराकान और तेनासेरिम पर ब्रिटिशों का कब्ज़ा हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) उपरोक्त दोनों
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: c
व्याख्या:
- सं 1826 में यांडाबो की संधि पर हस्ताक्षर किए गए, और इसने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और बर्मी साम्राज्य के बीच प्रथम आंग्ल-बर्मी युद्ध का समापन किया।
- यंदाबो की संधि की शर्तों के अनुसार, बर्मा ने असम, मणिपुर, अराकान और तेनासेरिम के क्षेत्रों को अंग्रेजों को सौंप दिया, जिससे इस क्षेत्र में ब्रिटिश प्रभाव का विस्तार हुआ।
प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फोटोवोल्टिक (पीवी) सेल एक गैर यांत्रिक उपकरण है जो सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में परिवर्तित करता है।
2. सिलिकॉन, अब तक, सौर सेल्स में उपयोग किया जाने वाला सबसे आम अर्धचालक पदार्थ है।
3. “चिप 4” या “फैब 4” गठबंधन में सेमीकंडक्टर्स के दुनिया के शीर्ष उत्पादकों में से चार शामिल हैंः संयुक्त राज्य अमेरिका, स्पेन, ताइवान और कोरिया।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(d) केवल 1 और 3
उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: a
व्याख्या:
- फोटोवोल्टिक (पीवी) सेल, जिसे सौर सेल भी कहा जाता है, एक उपकरण है जो फोटोवोल्टिक प्रभाव के माध्यम से सूर्य के प्रकाश को बिजली में परिवर्तित करता है।
- इसमें प्रकाश के संपर्क में आने पर किसी सामग्री में वोल्टेज और विद्युत प्रवाह उत्पन्न करना शामिल है।
- कथन 2 भी सही है। सिलिकॉन सौर कोशिकाओं के निर्माण में उपयोग की जाने वाली प्रमुख सामग्री है।
- इसमें वांछनीय अर्धचालक गुण होते हैं और सौर पैनलों के लिए फोटोवोल्टिक कोशिकाओं के उत्पादन में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
- कथन 3 गलत है: “चिप 4” या “फैब 4” गठबंधन में दुनिया के चार शीर्ष अर्धचालक उत्पादक शामिल हैं: संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ताइवान और कोरिया।
प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कच्छ की खाड़ी में समुद्री राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे बड़ा समुद्री राष्ट्रीय उद्यान है।
2. पश्चिम बंगाल में गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य ओलिव रिडले समुद्री कछुओं के अंडे देने वाले समुद्र तट के लिए प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: a
व्याख्या:
- कच्छ की खाड़ी में समुद्री राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे बड़ा समुद्री राष्ट्रीय उद्यान है।
- भारत का पहला समुद्री वन्यजीव अभयारण्य और पहला समुद्री राष्ट्रीय उद्यान क्रमशः 1980 और 1982 में कच्छ की खाड़ी में बनाया गया था।
- अभयारण्य 458 वर्ग किमी में फैला है, जिसमें से पार्क 163 वर्ग किमी में फैला है।
- कथन 2 ग़लत है: गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य पश्चिम बंगाल में स्थित नहीं है। यह ओडिशा में स्थित है और वास्तव में ओलिव रिडले समुद्री कछुओं द्वारा अंडे देने के लिए प्रसिद्ध है।
प्रश्न 4. IAEA से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना चाहता है, और परमाणु हथियारों सहित किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए इसके उपयोग को रोकना चाहता है।
2. यह संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद दोनों को रिपोर्ट करता है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: c
व्याख्या:
- अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसका उद्देश्य परमाणु हथियारों के विकास सहित सैन्य उद्देश्यों के लिए इसके उपयोग को रोकते हुए परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है।
- IAEA आवश्यकता होने पर संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद को रिपोर्ट करता है।
प्रश्न 5. भारत के संदर्भ में ‘हल्बी, हो और कुई’ शब्द किससे संबंधित हैं? PYQ (2021)
(a) पश्चिमोत्तर भारत का नृत्यरूप
(b) संगीत वाद्ययंत्र
(c) प्रागैतिहासिक गुफा चित्रकला
(d) जनजातीय भाषा
उत्तर: d
व्याख्या:
- ‘हल्बी, हो और कुई’ शब्द भारत में, विशेषकर स्वदेशी समुदायों के बीच बोली जाने वाली जनजातीय भाषाओं से संबंधित हैं। ये भाषाएँ मुख्य रूप से देश के विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी समूहों द्वारा बोली जाती हैं और उनकी सांस्कृतिक विरासत और पहचान का अभिन्न अंग हैं।
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. भारत का संघीय ढांचा सहयोगी और टकराववादी है। टिप्पणी कीजिये। (15 अंक, 250 शब्द) [जीएस-2, राजव्यवस्था] (The federal structure of India is cooperative and confrontationist. Comment. (15 marks, 250 words) [GS-2, Polity])
प्रश्न 2. भारतीय शिक्षा प्रणाली को विभिन्न क्षेत्रों से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द) [जीएस-2, शासन] (The Indian education system is facing many challenges from different quarters. Critically analyse. (10 marks, 150 words) [GS-2, Governance])
(नोट: मुख्य परीक्षा के अंग्रेजी भाषा के प्रश्नों पर क्लिक कर के आप अपने उत्तर BYJU’S की वेव साइट पर अपलोड कर सकते हैं।)