07 May 2022: UPSC Exam Comprehensive News Analysis

07 मई 2022 : समाचार विश्लेषण

A.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

B.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

स्वास्थ्य

  1. ‘प्रजनन दर में और गिरावट, मोटापा में वृद्धि’

C.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

D.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

E.सम्पादकीय:

पर्यावरण:

  1. बढ़ती गर्मी में बाहरी मजदूर की व्यथा:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

  1. मतभेदों को दूर करना

F. प्रीलिम्स तथ्य:

  1. शुक्र मिशन के लिए इसरो का विशिष्ट लक्ष्य:

G.महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. इटली, भारत ने यूक्रेन, ऊर्जा और जी-20 सहयोग पर चर्चा की
  2. उच्चतम न्यायालय ने आजम की जमानत देने में देरी को न्याय के मजाक की संज्ञा दी

H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

स्वास्थ्य:

‘प्रजनन दर में और गिरावट, मोटापा में वृद्धि’

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधन क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित मुद्दे।

प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के बारे में

मुख्य परीक्षा: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS -5) के निष्कर्ष

प्रसंग:

हाल ही में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के पांचवें दौर की राष्ट्रीय रिपोर्ट जारी की गई थी।

  • इस रिपोर्ट में जनसंख्या, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा संबंधित विषयों जैसे जनसंख्या की विशेषता, प्रजनन क्षमता; परिवार नियोजन; शिशु और बाल मृत्यु दर; मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य; पोषण और एनीमिया; रुग्णता और स्वास्थ्य देखभाल; महिला सशक्तिकरण आदि प्रमुख विषयों पर विस्तृत जानकारी शामिल है;

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण -5 रिपोर्ट के प्रमुख परिणाम- प्रगति:

  • कुल प्रजनन दर (TFR):
    • यह प्रति महिला बच्चों की औसत संख्या है।
    • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) 4 और 5 के बीच राष्ट्रीय स्तर पर यह 2.2 से घटकर 2.0 हो गया है।
  • समग्र गर्भनिरोधक प्रसार दर (CPR):
    • यह 54% से बढ़कर 67% हो गया है।
    • लगभग सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में गर्भ निरोधकों के आधुनिक उपायों का उपयोग में वृद्धि हुई है।
    • परिवार नियोजन की अधूरी जरूरतों में 13 प्रतिशत से 9 प्रतिशत की अहम गिरावट देखने को मिली है।
  • संस्थागत जन्म:
    • भारत में संस्थागत जन्म 79 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गया है।
    • यहां तक ​​कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 87 प्रतिशत जन्म संस्थानों में होता है और शहरी क्षेत्रों में यह 94 प्रतिशत है।
  • बौनापन:
    • पिछले चार वर्षों से भारत में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बौनापन का स्तर 38 से 36 प्रतिशत हो गया है।
    • 2019-21 में शहरी क्षेत्रों (30%) की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों (37%) के बच्चों में बौनापन अधिक है।
  • मोटापे में वृद्धि:
    • NFHS-4 की तुलना में NFHS-5 में अधिकतर राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में व्यापक रूप से अधिक वजन या मोटापे में वृद्धि हुई है।
    • राष्ट्रीय स्तर पर यह महिलाओं में 21 प्रतिशत से बढ़कर 24 प्रतिशत और पुरुषों में 19 प्रतिशत से बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया।

स्त्रोत: The Hindu

सारांश:

  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS -5) के पांचवें दौर की राष्ट्रीय रिपोर्ट भारत में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और अन्य उभरते क्षेत्रों से संबंधित विश्वसनीय और तुलनात्मक डेटा प्रदान करती है। इस सामाजिक-आर्थिक डेटा का उपयोग प्रभावी नीति निर्माण सुनिश्चित करने, मौजूदा कार्यक्रमों को मजबूत करने और नीति हस्तक्षेप के लिए नई रणनीति विकसित करने में किया जाना चाहिए।

संपादकीय-द हिन्दू

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित

पर्यावरण

बढ़ती गर्मी में बाहरी मजदूर की व्यथा

विषय: संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण

प्रारंभिक परीक्षा: हीट वेव

मुख्य परीक्षा: हीटवेव की आवृत्ति में वृद्धि, इसके प्रभाव और विभिन्न उपाय।

प्रसंग:

इस आलेख में बाहरी श्रमिकों पर हीटवेव की बढ़ती आवृत्ति के प्रभाव पर चर्चा की गई है।

हीटवेव क्या हैं?

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) हीटवेव को ऐसे लगातार पांच या अधिक दिनों के रूप में परिभाषित करता है, जिसके दौरान दैनिक अधिकतम तापमान औसत अधिकतम तापमान से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाता है।

भारत में हीटवेव की आवृत्ति में वृद्धि

  • दक्षिण एशिया में हीटवेव की तीव्रता और आवृत्ति में वृद्धि हुई है और भविष्य में इनके और बढ़ने की उम्मीद है।
  • हीटवेव की स्थिति जो पहले उत्तरी राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और नई दिल्ली तक सीमित थी, अब दक्षिणी राज्यों में भी बढ़ गई है।
  • भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अप्रैल के पूर्वानुमान में कहा गया था कि तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तापमान 2 डिग्री से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा और वेल्लोर, करूर, तिरुचि और तिरुत्तानी में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा।
  • 40.2 डिग्री सेल्सियस के औसत तापमान के साथ, दिल्ली में 70 वर्षों में दूसरा सबसे गर्म अप्रैल दर्ज किया गया और दिल्ली के निकटवर्ती गुरुग्राम में पहली बार तापमान ने 45 डिग्री सेल्सियस के निशान को छुआ।
  • वर्ष 2022 पांचवां सबसे गर्म वर्ष रहा है, जिसमें अभी भी लगभग आठ महीने शेष हैं, क्योंकि पिछली शताब्दी में वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है और वर्तमान दर पर, यह वृद्धि 2100 तक 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकती है।

ग्लोबल वार्मिंग की भूमिका

  • दुनिया भर में चरम मौसम की स्थिति की आवृत्ति बताती है कि भारत में गर्मी का बढ़ना स्थानीय कारकों और ग्लोबल वार्मिंग दोनों के कारण होता है।
  • विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि कैसे ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन से महासागरों का तापमान बढ़ता है, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि होती है।
  • ऐसा कहा जाता है कि मानवजनित GHG उत्सर्जन, हीटवेव की बढ़ती आवृत्तियों का मुख्य कारण है क्योंकि हीटवेव और जंगल की आग मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के बिना अकल्पनीय हैं।

हीटवेव की बढ़ी हुई आवृत्ति का प्रभाव

  • स्वास्थ्य पर
    • भारत दक्षिण एशिया में सबसे बड़े गर्मी जोखिम प्रभावों का सामना कर रहा है।
    • रिपोर्टों के अनुसार, 1971 और 2019 के बीच भारत में चरम मौसम की स्थिति के कारण लगभग 1,40,000 लोगों की जान चली गई, जिनमें से 17,362 लोगों की मृत्यु भीषण गर्मी से हुई।
  • आजीविका पर
    • हीट वेव के दौरान श्रम प्रधान कृषि और निर्माण कार्य लगभग असंभव हो गया है।
    • चूंकि दक्षिण एशिया की लगभग 33% आबादी बाहरी कार्यों पर निर्भर है, इसलिए हीट वेव ने लोगों की आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है।
    • 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक के दैनिक तापमान में काम करने वाले भारत के बाहरी कर्मचारी, जलवायु आपदा के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं।
  • अर्थव्यवस्था पर
    • ग्लोबल वार्मिंग के 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर दुनिया भर में आर्थिक नुकसान सालाना 1.6 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

सिफारिशें

  • जलवायु परिवर्तन को उलटने के लिए तत्काल प्रयासों की आवश्यकता है और भारत सहित प्रमुख उत्सर्जकों को कार्बन उत्सर्जक जीवाश्म ईंधन की जगह पर स्वच्छ ईंधन को अपनाना चाहिए।
  • लेकिन शमन प्रयासों के बावजूद, पहले से हो चुके नुकसान के कारण तापमान में वृद्धि होना तय है और इसलिए जलवायु अनुकूलन एक प्राथमिकता बन जाती है।
    • अनुकूलन का मुख्य पहलू बेहतर पर्यावरणीय देखभाल है जो शीतलन में योगदान कर सकता है।
    • वनीकरण के उपाय ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
    • शहरी हरियाली जैसे कि सड़क के पेड़, शहरी जंगल और हरी छतें शहरी तापमान को कम करने में मदद कर सकती हैं।
  • हीट वेव संवेदनशील क्षेत्रों में जल गहन कृषि भी संभव नहीं है और इसलिए बेहतर कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
    • उदाहरण: ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देना तथा कृषि की स्लैश एंड बर्न विधि और पराली जलाने को हतोत्साहित करना।
  • बाहरी कामगारों के लिए लक्षित वित्तीय हस्तांतरणों को विस्तारित करने से उन्हें जलवायु अनुकूलन में महत्वपूर्ण रूप से मदद मिलती है।
    • स्थानों पर हीटवेव की भयावहता के आधार पर वित्तीय हस्तांतरण किया जा सकता है।
  • सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से बेहतर तैयारी के साथ प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली बाहरी श्रमिकों को लाभान्वित करती है।
  • बीमा योजनाएं औद्योगिक, निर्माण और कृषि श्रमिकों द्वारा बीमाकर्ताओं को हीटवेव के जोखिमों को स्थानांतरित करने में सहायक हो सकती हैं।
    • न केवल भारत में बल्कि एशिया में भी प्राकृतिक खतरों के खिलाफ बीमा न्यूनतम है
    • चरम मौसम की घटनाओं से होने वाले नुकसान की अधिक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सरकारों और बीमा कंपनियों को सहयोग करना चाहिए।
    • बीमा योजनाओं के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को संयुक्त रूप से जोखिम-साझाकरण तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता है जो बाहरी श्रमिकों को लाभान्वित करते हैं।
  • मौजूदा सब्सिडी हस्तांतरण की दक्षता का पुनः अवलोकन किया जाना चाहिए क्योंकि सब्सिडी मूल्य का केवल 26% लक्षित लोगों तक पहुंचने का अनुमान है और इसके बजाय, जलवायु लचीलापन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हस्तांतरण और बीमा के प्रावधानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सारांश: चूंकि हीटवेव की आवृत्ति में वृद्धि का लोगों के स्वास्थ्य, आजीविका और अर्थव्यवस्था पर बड़े पैमाने पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए देशों को बाहरी श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने और जलवायु लचीलापन बनाने हेतु छोटे पैमाने के निवेश को आकर्षित करने के लिए लक्षित स्थानांतरण और बीमा योजनाओं पर केंद्रित सुरक्षा जालों को बढ़ाने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सम्पादकीय:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

मतभेदों को दूर करना:

विषय: भारत के हितों पर विकसित और विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति का प्रभाव

मुख्य परीक्षा: भारत के लिए यूरोपीय देशों के साथ मजबूत संबंधों का महत्व।

प्रसंग

  • भारत के प्रधानमंत्री ने विभिन्न यूरोपीय देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की एक श्रृंखला में भाग लिया।

पृष्ठभूमि

विषय की विस्तृत पृष्ठभूमि के लिए 5 मई 2021 के विस्तृत समाचार विश्लेषण का अध्ययन कीजिए

भारत-यूरोप सहयोग का महत्व

  • यूक्रेन युद्ध
    • यूरोप और भारत के नेताओं के बीच की यह बैठक यूक्रेन संघर्ष की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि भारत का रुख यूरोपीय देशों की तुलना में भिन्न है।
    • मतभेदों के बावजूद, नेताओं ने युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के उपायों पर चर्चा की।
  • खाद्य सुरक्षा
    • फ्रांस ने सबसे कमजोर देशों में खाद्य सुरक्षा के लिए भारत से खाद्य और कृषि लचीलापन मिशन (FARM) पहल के माध्यम से विशेष रूप से गेहूं के निर्यात के मामले में सहयोग करने का आग्रह किया।
    • हालांकि एक भीषण हीट वेब की स्थिति ने भारत की फसलों को प्रभावित किया है और सरकार ऐसे समय में जब दुनिया खाद्यान्न की कमी और बढ़ती कीमतों का सामना कर रही है, विश्व के बाकी हिस्सों में गेहूं की आपूर्ति करने के तरीकों की तलाश कर रही है ।
  • जलवायु परिवर्तन
    • फ्रांस और भारत ने पेरिस जलवायु समझौते की सफलता पर सहयोग किया और 2015 में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISS) की सह-स्थापना की है।
    • दोनों देश अब यूरोप और एशिया के बाजारों के लिए सौर ऊर्जा उत्पादन में एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए औद्योगिक भागीदारी पर हस्ताक्षर करके ISS के तहत परियोजनाओं का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
  • अंतरिक्ष
    • भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष मुद्दों पर द्विपक्षीय रणनीतिक वार्ता भी हुई, जो अंतरिक्ष के क्षेत्र में उनकी 60 साल लंबी साझेदारी को और मजबूत करेगी।
  • परमाणु ऊर्जा और प्रौद्योगिकी
    • 1998 में, फ्रांस एकमात्र पश्चिमी देश था जिसने परमाणु परीक्षणों के लिए भारत पर प्रतिबंध नहीं लगाया था।
    • इसके अलावा 2008 में, फ्रांस भारत के साथ असैन्य परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला पहला देश बन गया, जब NSG ने भारत को परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की अनुमति देने वाली छूट दी थी।
    • फ्रांस ने महाराष्ट्र के जैतापुर में छह परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए बोली लगाने की भी योजना बनाई है।

सारांश: भू-राजनीति में नवीनतम विकास के संदर्भ में, भारत और यूरोप के देशों के बीच घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंध दोनों के लिए महत्वपूर्ण और लाभदायक है तथा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लिए बहुत जरूरी हैं।

प्रीलिम्स तथ्य:

  1. शुक्र मिशन के लिए इसरो का विशिष्ट लक्ष्य:

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी।

प्रारंभिक परीक्षा: शुक्र मिशन; शुक्र के बारे में।

प्रसंग: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष ने उपकरण के स्तर के आधार पर शुक्र मिशन का व्यय निर्धारित किया है।

शुक्र मिशन:

  • भारत 2024 में शुक्र के लिए एक नया ऑर्बिटर लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
  • इसे आमतौर पर शुक्रयान कहा जाता है। यह भारत अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा शुक्र के लिए पहला मिशन है और चार साल तक ग्रह का अध्ययन करेगा।
  • शुक्रयान का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण इसका डुअल फ्रीक्वेंसी सिंथेटिक अपर्चर रडार है जिसे इसरो ने चंद्रयान-2 मिशन के लिए तैयार किया है।
  • मिशन का उद्देश्य:
    • सौर मंडल में सबसे गर्म ग्रह शुक्र भाग का अध्ययन करना और इसको चारो ओर से घेरे हुए सल्फ्यूरिक एसिड के बादलों के रहस्यों को उजागर करना।

शुक्र के लिए मिशन:

  • सोवियत संघ द्वारा लॉन्च किया गया स्पुतनिक 7, दुनिया का पहला शुक्र मिशन था, लेकिन यह असफल रहा।
  • मेरिनर -1 का उपयोग पहले फ्लाईबाई शुक्र मिशन को लांच करने के लिए भी किया गया था, जो 1962 में विफल हो गया था।
  • पहला सफल इंटरप्लेनेटरी ट्रैवलर, मेरिनर 2, 1962 में शुक्र पर पहुंचा।
  • 1967 में रूस ने वेनेरा-4 के साथ शुक्र मिशन में सफलता प्राप्त की।
  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का वीनस एक्सप्रेस मिशन भी 2005 में सफल रहा था।
  • जापान 2010 में मिशन अकात्सुकी की सफलता के बाद शुक्र मिशन वाले देशों के चुनिंदा समूह में शामिल हो गया।

शुक्र के लिए सक्रिय मिशन:

  • अकात्सुकी: 2015 में, जापानी अकात्सुकी अंतरिक्ष यान इस ग्रह के वायुमंडल के बारे में जानकारी प्राप्त करने हेतु शुक्र के चारों ओर की कक्षा में प्रवेश किया।
  • बेपिकोलम्बो (BepiColombo): यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का बेपिकोलम्बो अंतरिक्ष यान बुध के रास्ते में है, लेकिन रास्ते में दो बार शुक्र के लिए रुकेगा।

भविष्य के मिशन:

  1. वेरिटास (VERITAS): 2028 में, NASA शुक्र और उसके इतिहास की जांच के लिए वेरिटास अंतरिक्ष यान लॉन्च करेगा।
  2. डाविंसी (DAVINCI): NASA के डाविंसी का उद्देश्य शुक्र की संरचना और बनावट का विस्तृत माप करना है।
  3. एनविज़न (EnVision): शुक्र और उसके अतीत का अध्ययन करने के लिए यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) द्वारा एनविज़न (EnVision) अंतरिक्ष यान लॉन्च किया जा रहा है।

शुक्र के बारे में:

  • सौरमंडल में शुक्र, सूर्य की दूरी के लिहाज से दूसरा ग्रह है और सौरमंडल का सबसे चमकीला ग्रह है।
  • समान द्रव्यमान और आकार के कारण इसे पृथ्वी का जुड़वाँ ग्रह कहा जाता है।
  • 1962 में नासा का मेरिनर 2 शुक्र की यात्रा करने वाला पहला विमान था।
  • शुक्र का व्यास लगभग पृथ्वी के समान ही है और इसकी सतह चट्टानी और कोर आयरन का है।
  • हालाँकि, यह ग्रह इतनी तेज़ी से नहीं घूमता है कि यह पृथ्वी जैसा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न कर सके।

महत्वपूर्ण तथ्य:

1. इटली, भारत ने यूक्रेन, ऊर्जा और जी-20 सहयोग पर चर्चा की

  • भारत और इटली ने यूक्रेन में चल रहे मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त की और युद्ध को तुरंत समाप्त करने की मांग की।
  • दोनों देशों के मंत्रियों ने इस पर चर्चा की कि “ऊर्जा संक्रमण पर भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी” का क्रियान्वयन किस प्रकार किया जाए।
  • इटली के विदेश मंत्री की यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगी।
  • यह विशेष रूप से व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा, तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग को मजबूत करेगा।

2. उच्चतम न्यायालय ने आजम की जमानत देने में देरी को न्याय के मजाक की संज्ञा दी

  • उच्चतम न्यायालय ने जमीन हड़पने के एक मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह न्याय का मजाक है।
  • न्याय का मजाक एक अन्यायपूर्ण कानूनी कृत्य या निर्णय है जो न्याय प्रणाली को कैसे काम करना चाहिए का एक डरावना उपहास या नकल प्रतीत होता है।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. ‘ऑपरेशन आहट’ (Operation AAHT) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह मानव तस्करी से निपटने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है।
  2. यह दाह संस्कार के लिए उपयोग की जाने वाली लकड़ी को प्रतिस्थापित कर जैव-ईंधन के प्रयोग को अपनाकर निर्वनीकरण को कम करने के लिए शुरू किया गया एक अभियान है।
  3. यह यूक्रेन पर 2022 के रूसी आक्रमण के बीच भारतीय नागरिकों को वहाँ से निकालने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक बचाव अभियान (evacuation) है।
  4. यह कोविड-19 महामारी के दौरान विदेशों से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए शुरू किया गया एक अभियान है।

उत्तर: a

व्याख्या:

  • ऑपरेशन आहट मानव तस्करी से निपटने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान है।
  • रेलवे सुरक्षा बल के बुनियादी ढांचे और खुफिया नेटवर्क का उपयोग “ऑपरेशन आहट” में पीड़ितों, मूल जगह, पथ, गंतव्य, अपराधियों द्वारा उपयोग की जाने वाली प्रमुख ट्रेनों, कैरियर्स/एजेंट की पहचान और क्राइम लॉर्ड्स का सुराग एकत्र करने, मिलान और मूल्यांकन करने के लिए किया जाएगा। और फिर इसे अन्य कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा।
  • अत: विकल्प a सही है।

प्रश्न 2. सिनगैस (Syngas) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. सिनगैस (Syngas) मुख्य रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), हाइड्रोजन (H2) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का मिश्रण है।
  2. इसका उपयोग तरल ईंधन जैसे मेथनॉल, इथेनॉल, सिंथेटिक डीजल का उत्पादन करने के लिए किया जा सकता है।
  3. इसका उपयोग अमोनिया जैसे नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों के उत्पादन के लिए किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से गलत है/हैं?

  1. केवल 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 2
  4. उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: d

व्याख्या:

  • सिनगैस कार्बन मोनोऑक्साइड और डाइहाइड्रोजन का एक मिश्रण है। चूंकि इन दो गैसों के मिश्रण का उपयोग मेथनॉल के संश्लेषण हेतु किया जाता है इसलिए इसे सिनगैस या जल गैस कहा जाता है। अतः कथन 1 सही है।
  • कोयले से उत्पादित सिनगैस का उपयोग निम्नलिखित का उत्पादन करने के लिए किया जा सकता है:
    • हाइड्रोजन (CCUS के साथ नीला), स्थानापन्न प्राकृतिक गैस (SNG या मीथेन), डाई-मिथाइल ईथर (DME), तरल ईंधन जैसे मेथनॉल, इथेनॉल, सिंथेटिक डीजल जैसे गैसीय ईंधन; अतः कथन 2 सही है।
    • मेथनॉल डेरिवेटिव, ओलेफिन्स, प्रोपलीन, मोनो-एथिलीन ग्लाइकॉल (MEG) जैसे रसायन,
    • अमोनिया सहित नाइट्रोजन युक्त उर्वरक। अतः कथन 3 सही है।

प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा (पीएम मित्र – PM MITRA) पार्क योजना का सर्वश्रेष्ठ वर्णन है?

  1. यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जो फार्म गेट अर्थात खेत से खुदरा दुकानों तक कुशल आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए शुरू की गई है।
  2. यह एक स्थान पर कताई, बुनाई, प्रसंस्करण / रंगाई और छपाई से लेकर परिधान निर्माण आदि तक एक एकीकृत कपड़ा मूल्य श्रृंखला बनाने के लिए शुरू की गई एक योजना है।
  3. यह आधुनिक कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे (post-harvest infrastructure) और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन की स्थापना करके मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत विकास को लाने के लिए शुरू की गई एक योजना है।
  4. यह सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला के साथ पार्क में उपलब्ध कराए गए औद्योगिक भूखंडों में आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु एक स्पष्ट कृषि / बागवानी क्षेत्र में अत्याधुनिक समर्थन बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए शुरू की गई एक योजना है।

उत्तर: b

व्याख्या:

  • सरकार ने एकीकृत कपड़ा मूल्य श्रृंखला बनाने के लिए सात पीएम मित्र पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी है।
  • सात मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRAPM MITRA) पार्क विभिन्न राज्यों में स्थित ग्रीनफील्ड या ब्राउनफील्ड साइटों पर स्थापित किए जाएंगे।
  • पीएम मित्र, प्रधानमंत्री के फार्म टू फाइबर; फाइबर टू फैक्ट्री;फैक्ट्री टू फैशन; और फैशन टू फॉरेन के 5F दृष्टिकोण से प्रेरित है ।
  • यह एकीकृत दृष्टिकोण अर्थव्यवस्था में वस्त्र क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
  • यह योजना कपड़ा मंत्रालय के अधीन है।
  • अत: विकल्प b सही है।

प्रश्न 4. हाल ही में चर्चा रहे ‘क्यूबा ‘ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. ग्वांतानामो बे क्यूबा में स्थित है।
  2. फ्लोरिडा जलडमरूमध्य क्यूबा और संयुक्त राज्य अमेरिका को अलग करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1, न ही 2

उत्तर: c

व्याख्या:

  • ग्वांतानामो बे क्यूबा के दक्षिण पूर्वी प्रांत ग्वांतानामो में स्थित एक खाड़ी है।
  • फ्लोरिडा जलडमरूमध्य, जो उत्तर अमेरिकी मुख्य भूमि के दक्षिण-दक्षिण पूर्व में है, संयुक्त राज्य अमेरिका को क्यूबा से अलग करता है।

PYQ (2014)

प्रश्न 5. भारत के संविधान में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि का कहाँ उल्लेख है?

  1. संविधान की उद्देशिका में
  2. राज्य की नीति के निदेशक तत्वों में
  3. मूल कर्तव्यों में
  4. नौवीं अनुसूची में

उत्तर: b

व्याख्या:

  • राज्य की नीति के निर्देशक सिद्धांतों के अनुच्छेद 51 में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना, साथ ही राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण और सम्मानजनक संबंध को बनाए रखने का प्रावधान है। इसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय कानून और संधि दायित्वों को बढ़ावा देना है, साथ ही मध्यस्थता के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय विवादों को हल करना है। भारतीय संविधान के भाग IV (अनुच्छेद 36-51) में ये प्रावधान हैं। हालांकि, ये किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं।
  • अतः b सही उत्तर है।

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

  1. भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर में होने वाली देरी के लिए उत्तरदायी बाधाओं को समझाइए। दोनों पक्ष इन बाधाओं को दूर करने के लिए किस प्रकार कार्य कर सकते हैं? (250 शब्द; 15 अंक) सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र III (आर्थिक विकास)
  2. भारत द्वारा पिछले कुछ दशकों में कुल प्रजनन दर में गिरावट के संदर्भ में की गई प्रगति का विस्तृत विवरण दीजिए। यह आने वाले वर्षों में भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को किस प्रकार प्रभावित करेगा ? (250 शब्द; 15 अंक) सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र I (भारतीय समाज)

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