11 मार्च 2023 : समाचार विश्लेषण

A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतरराष्ट्रीय संबंध:

  1. भारत-अमेरिका सेमीकंडक्टर उप-समिति

C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

E. संपादकीय:

अंतरराष्ट्रीय संबंध:

  1. चौड़ी होती दरार
  2. चुनौतीपूर्ण हठधर्मिता (Dogma)

F. प्रीलिम्स तथ्य:

  1. H3N2 इन्फ्लुएंजा
  2. धन शोधन निवारण (अभिलेखों का रखरखाव) नियम

G. महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. गौशालाओं पर नीति आयोग की रिपोर्ट
  2. महिलाओं के लिए 33% कोटा

H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

भारत-अमेरिका सेमीकंडक्टर उप-समिति

विषय: भारत के हितों पर विकसित और विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति का प्रभाव

मुख्य परीक्षा: भारत और अमेरिका के बीच व्यापक-आधारित और बहु-क्षेत्रीय सहयोग।

संदर्भ:

  • भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने 10 मार्च 2023 को नई दिल्ली में द्विपक्षीय वाणिज्यिक वार्ता की 5वीं मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की।

भूमिका:

  • भारत और अमेरिका ने 10 मार्च, 2023 को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निजी क्षेत्र के सहयोग को बढ़ाने के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत दोनों देश व्यापार के अवसरों की सुविधा प्रदान करेंगे और चीन तथा ताइवान पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करेंगे।
  • अमेरिकी वाणिज्य सचिव और केंद्रीय वाणिज्य तथा उद्योग मंत्री ने वाणिज्यिक वार्ता के दौरान भारत-अमेरिकी वाणिज्यिक संवाद के ढांचे के तहत सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला और नवाचार साझेदारी स्थापित करने से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
  • एक संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने अमेरिकी पक्ष के वाणिज्य विभाग और भारतीय पक्ष के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और केंद्रीय वाणिज्य तथा उद्योग मंत्रालय के नेतृत्व में एक सेमीकंडक्टर उप-समिति स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है।
  • दोनों ने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (iCET) पर हाल ही में शुरू की गई अमेरिका-भारत पहल का भी स्वागत किया, जो दोनों देशों की सरकारों, व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी को उन्नत और विस्तारित करती है।
  • अमेरिका ने समृद्धि के लिए हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे [IPEF] में भारत की सक्रिय भागीदारी का भी स्वागत किया।

वाणिज्यिक वार्ता:

  • वाणिज्यिक वार्ता अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, समावेशी और निष्पक्ष व्यापार तथा निवेश नीतियों को विकसित करने, और दोनों देशों में समृद्धि बढ़ाने वाले नए बाजार अवसरों की खोज करने में निजी क्षेत्र के हितों का लाभ उठाने के लिए जारी प्रयासों का हिस्सा है।
    • वर्ष 2014 के बाद से वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग दोगुना हो गया है, जो 2022 में 191 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। यह दोनों देशों को लाभ पहुंचने वाले त्वरित विकास का संकेत देता है।
    • संयुक्त राज्य अमेरिका 2022 में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया है।
  • वाणिज्यिक वार्ता की विशेषताओं में शामिल हैं,
    • विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना।
    • विविधीकरण और फ्रेंड-शोरिंग [समान सामाजिक और राजनीतिक मूल्यों वाले देशों से सामग्री की सोर्सिंग] को बढ़ावा देना।
    • जलवायु और स्वच्छ प्रौद्योगिकी सहयोग को सुगम बनाना।
    • समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा देना।
    • कौशल विकास को बढ़ावा देना।
    • महामारी के बाद आर्थिक सुधार सुनिश्चित करना।

सारांश:

  • भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित 5वीं मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान वाणिज्यिक वार्ता को फिर से शुरू करके व्यापक वैश्विक सामरिक साझेदारी को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। दोनों ने समावेशी और निष्पक्ष व्यापार और निवेश नीतियों को बढ़ावा देने वाले द्विपक्षीय वाणिज्यिक साझेदारी के भविष्य और उभरते क्षेत्रों की खोज पर जोर दिया।

भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक कीजिए: Semiconductor Industry in India

संपादकीय-द हिन्दू

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतरराष्ट्रीय संबंध:

चौड़ी होती दरार

विषय: भारत के हितों पर विकसित देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव

मुख्य परीक्षा: अमेरिका-चीन संबंध

विवरण:

  • चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका (U.S.) के बीच के संबंध सबसे निचले स्तर पर हैं। ऐसा लगता है कि संबंधों में गिरावट तेजी से एक ऐसी स्थिति तक पहुंचती दिखाई दे रही है, जहां से कोई वापसी संभव नहीं है।
  • नेशनल पीपुल्स कांग्रेस या संसद के वार्षिक सत्र के दौरान, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने संसदीय प्रतिनिधिमंडल को बताया कि चीन “देश के विकास में अभूतपूर्व गंभीर चुनौतियों” का सामना कर रहा था क्योंकि “अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों ने चीन पर चौतरफा नियंत्रण और दमन को लागू किया है”।
  • सीधे तौर पर अमेरिका का नाम लेना संबंधों के बिगड़ने को दर्शाता है।
  • इसी तरह, चीनी विदेश मंत्री किन गैंग ने भी कहा कि अमेरिका “चीन को घेरने” की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, उन्होंने संघर्षों और टकराव से बचने के अमेरिकी दावों को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका चीन को दबाना चाहता है।
  • यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इंडोनेशिया में G20 शिखर सम्मेलन (नवंबर 2022) में, दोनों देशों ने आपसी प्रतिस्पर्धा को “जिम्मेदारी से संभालने” का दावा किया। हालांकि, पिछले कुछ महीनों की कुछ घटनाएं इसे प्रतिबिंबित नहीं करती हैं। उदाहरण के लिए,
    • अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकेन की निर्धारित यात्रा अमेरिका के ऊपर चीन के “स्पाई बैलून” के देखे जाने के कारण रद्द कर दी गई थी।
    • परिणामस्वरूप, चीन ने “सिविलियन मौसम संबंधी एयरशिप” को शूट करने को लेकर वाशिंगटन की आलोचना की।

साथ ही, इसे भी पढ़िए: Chinese Spy Balloon Incident 2023 Explained for UPSC. Download pdf here.

चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बदलते संबंध:

  • चीन लगातार दुनिया को अपनी बड़े स्तर की अमेरिकी प्रतिद्वंद्विता के चश्मे से देख रहा है।
  • वह यूरोप के साथ शांति स्थापित कर रहा है और पड़ोसी देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है।
  • चीन ने 2023 में मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की भी योजना बनाई है। वह जापान के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों पर भी काम कर रहा है।
  • अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने गठजोड़ और साझेदारी बना रहा है।

भारत के लिए चिंताएं:

  • भारत ने “अपने हित” को सबसे आगे रखकर रूस-यूक्रेन संघर्ष में अपनी स्थिति को बहुत अच्छी तरह से संभाला है। हालाँकि, वास्तविक नियंत्रण रेखा संकट के कारण चीन एक प्रकार से अनूठी चुनौती पेश करता है।
  • भारत को अपनी भूमि सीमाओं पर निरंतर दबाव का सामना करना पड़ रहा है, विशेष रूप से चीन को क्वाड पर कड़ी आपत्ति है।
  • बढ़ती अनिश्चितताओं और चुनौतियों के साथ तेजी से विभाजित होती दुनिया में अवसरों का फायदा उठाने के लिए भारत को सजग रहना चाहिए।

संबंधित लिंक:

U.S. ‘ Pivot to Asia ‘ responsible for tensions in S. China Sea | UPSC Current Affairs

सारांश:

  • अमेरिका और चीन के संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं। दोनों के बीच की अनबन ने दुनिया का ध्रुवीकरण कर दिया है और भारत के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। भारत को सावधानीपूर्वक स्थिति का आकलन करना चाहिए और दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए हर संभव अवसर का फायदा उठाना चाहिए।

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतरराष्ट्रीय संबंध:

चुनौतीपूर्ण हठधर्मिता (Dogma)

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और समझौते।

प्रारंभिक परीक्षा: ऑकस (AUKUS)

मुख्य परीक्षा: ऑकस (AUKUS) और परमाणु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण

विवरण:

  • ऑकस (AUKUS) के लिए एक “इष्टतम मार्ग” ऑस्ट्रेलिया के निहितार्थों के साथ होने की संभावना है जब ऑस्ट्रेलिया अगले दशक में परमाणु-संचालित पनडुब्बियों को संचालित करेगा।
  • ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री, एंथनी अल्बनीस ने इसे “देश के इतिहास में रक्षा क्षमता में सबसे बड़ी छलांग” कहा है।
  • हालाँकि, कुछ चिंताएँ भी हैं क्योंकि ऑकस के सबसे सकारात्मक परिणाम में भी कुछ कमियाँ हैं।
  • प्रमुख चिंताओं में से एक यह है कि इंडोनेशिया जैसे कई क्षेत्रीय देश रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना द्वारा परमाणु हमला करने वाली पनडुब्बियों का संचालन करने का विरोध करते हैं।
  • AUKUS का समर्थक होने के बावजूद, भारत भी क्षेत्रीय समुद्र तटों में सक्रिय पनडुब्बियों को लेकर आशंकित दिखाई देता है।
  • ऑस्ट्रेलिया ने यह समझाते हुए चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है कि AUKUS परमाणु हथियार क्षमता प्रदान नहीं करता है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के लिए परमाणु युक्त समुद्री संचालक शक्ति प्राप्त करने के लिए है।
  • ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने AUKUS और Quad के बीच अंतर भी स्पष्ट किया है।
    • ऑकस (AUKUS) संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम के बीच की सुरक्षा साझेदारी है। यह एक तकनीकी व्यवस्था है।
    • जबकि क्वाड एक मानक समूह है जिसमें इस क्षेत्र के लिए एक दृष्टि है।

साथ ही, इसे भी पढ़िए: Quadrilateral Security Dialogue |QUAD Group| India, Japan, USA, Australia.

ऑस्ट्रेलिया के लिए संबद्ध चिंताएं और विकल्प:

  • प्रदान किए गए स्पष्टीकरण के बावजूद, AUKUS एक सैन्य समझौता है जिसमें समुद्री एशिया की सामरिक रूपरेखा को आकार देने की क्षमता है।
  • AUKUS के सदस्यों के बीच विचार-विमर्श के बाद तीन मुख्य विकल्प सामने आए हैं:
    • अमेरिका ऑस्ट्रेलिया के लिए परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बियों (SSN) का निर्माण कर सकता है। ऑस्ट्रेलिया इस विकल्प के बारे में सकारात्मक है लेकिन अमेरिकी अधिकारियों को संदेह है क्योंकि यह जहाजों की कमी के कारण अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालेगा।
    • एक अन्य विकल्प यू. के. के लिए है कि वह अपने एस्ट्यूट-क्लास प्रोग्राम का विस्तार ऑस्ट्रेलिया तक करेगा। हालाँकि, इसकी कुछ चुनौतियाँ भी हैं:
      • यदि ऑस्ट्रेलिया एस्ट्यूट-क्लास की एक पनडुब्बी प्राप्त करता है, तो मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई और अमेरिकी बेड़े के बीच अंतर के कारण ऑनबोर्ड युद्ध प्रणाली को एकीकृत करना मुश्किल होगा।
    • एक नई पनडुब्बी डिजाइन विकसित करने के लिए एक त्रिपक्षीय विकल्प का सहारा लिया जा सकता है। इस विकल्प से जुड़ी चिंताएं इस प्रकार हैं:
      • अमेरिका के पास एक कड़ी निर्यात नियंत्रण व्यवस्था है जो विशेष रूप से समुद्र तल क्षमताओं और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते को खतरे में डाल सकती है।
      • इस विकल्प को क्रियान्वित करने के लिए अमेरिकी निर्यात नियंत्रण व्यवस्था में सुधार करना महत्वपूर्ण है जो वास्तव में बहुत कठिन है।

भारत के लिए सबक:

  • यह देखा गया है कि अपने निकटतम सहयोगियों (उदाहरण के लिए ऑस्ट्रेलिया) के साथ भी अमेरिका को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
  • ऐसा कठोर और पुरातन निर्यात नियंत्रण प्रणाली के कारण है।
  • इस प्रकार भारत के लिए (जो ऑस्ट्रेलिया के समान साझेदारों के समूह में नहीं है), अमेरिका से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी प्राप्त करना कठिन चुनौती बनी रहेगी।

परमाणु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण:

  • अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के तहत परमाणु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण मुश्किल है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया को उस कैवियट जो गैर-परमाणु हथियार वाले देशों को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी वाले भंडार से पनडुब्बी रिएक्टरों के लिए आवश्यक विखंडनीय सामग्री को वापस लेने की अनुमति देती है, का उपयोग करने की आवश्यकता होगी।
  • यह सुझाव दिया गया है कि यह एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा और संभावित लाभार्थी को परमाणु हथियार विकसित करने के लिए एक आवरण के रूप में नौसेना रिएक्टरों का उपयोग करने की अनुमति देगा।
  • यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि परमाणु प्रणोदन प्रौद्योगिकी प्राप्त करना भारत के लिए भी बहुत कठिन है क्योंकि यह अप्रसार संधि (NPT) का पक्षकार नहीं है।
  • इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया को अमेरिका और ब्रिटेन से उच्च समृद्ध यूरेनियम (HEU) ईंधन वाले रिएक्टरों के लिए प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण से भारत के पास
  • एकमात्र विकल्प फ्रांस से एक उच्च-शक्ति रिएक्टर प्राप्त करना बचेगा।
  • भारत में SSN के लिए लघु-समृद्ध यूरेनियम (LEU) रिएक्टर कोर की ईंधन निर्भरता सहित अपनी सीमाएं हैं।

संबंधित लिंक:

Nuclear Arms Control – Non-Proliferation Treaty & India and US Nuclear Deal

सारांश:

  • AUKUS के दायरे में ऑस्ट्रेलिया को परमाणु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के निहितार्थ हैं जो ऑस्ट्रेलिया और उसके पड़ोस से परे हैं। यहां तक कि भारत पर भी कुछ प्रभाव पड़ेगा और इस प्रकार त्रिपक्षीय समूह में होने वाले घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

प्रीलिम्स तथ्य:

  1. H3N2 इन्फ्लुएंजा

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

विषय: स्वास्थ्य

प्रारंभिक परीक्षा: इन्फ्लुएंजा; संक्रामक रोग

संदर्भ:

  • H3N2 फ्लू के कारण दो लोगों की मृत्यु हो गई।

मुख्य विवरण:

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मौसमी इन्फ्लूएंजा के H3N2 उप-प्रकार के कारण दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है।
  • राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं में मौजूद इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के मामलों की वास्तविक समय के आधार पर निगरानी की जा रही है।
  • भारत में जनवरी 2023 में फ्लू के 3.97 लाख से अधिक मामले देखे गए हैं। फरवरी में 4.36 लाख मामले और 09 मार्च 2023 तक 1.33 लाख से अधिक मामले देखे गए हैं।
  • मंत्रालय की ओर से 2023 की शुरुआत से H3N2 वायरस के कम से कम 451 मामलों की पुष्टि की गई है।
  • मंत्रालय ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी (social distancing) और मास्क पहनने की सलाह दी है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने H1N1 के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा ओसेल्टामिविर की सिफारिश H3N2 के मामलों के उपचार के लिए भी की है।
    • यह दवा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के माध्यम से नि: शुल्क उपलब्ध कराई जाती है।

भारत में फ्लू का मौसम:

  • भारत में हर साल मौसमी इन्फ्लूएंजा की दो चरम स्थितियाँ देखी जाती हैं। पहली जनवरी से मार्च तक और दूसरी मानसून के बाद के मौसम में।
  • मार्च के अंत से मौसमी इन्फ्लूएंजा से संबंधित मामलों में कमी आने का अनुमान होता है।
  • H3N2 के अलावा H1N1 वायरस (स्वाइन फ्लू) के भी कुल 955 मामले सामने आए हैं।

H3N2 इन्फ्लुएंजा के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक कीजिए: H3N2 Influenza

  1. धन शोधन निवारण (अभिलेखों का रखरखाव) नियम

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

विषय: शासन

प्रारंभिक परीक्षा: धन शोधन अधिनियम; गैर-लाभकारी संगठन (NPO)

संदर्भ:

  • धन शोधन निवारण (अभिलेखों का रखरखाव) नियमों में संशोधन।

मुख्य विवरण:

  • केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अपने ग्राहक को जानिए (KYC) मानदंडों के दायरे को विस्तारित करने के लिए धन शोधन निवारण (अभिलेखों का रखरखाव) नियमों में संशोधन किया है।
  • संशोधित नियमों में अब राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति (PEP), गैर-लाभकारी संगठन (NPO) और आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (VDA) में लेन-देन करने वाले लोगों को रिपोर्टिंग संस्थाओं के रूप में शामिल किया गया है।
  • आभासी डिजिटल परिसंपत्ति में लेन-देन करने वाले एक्सचेंजों और मध्यस्थों, जैसे कि क्रिप्टोकरंसी को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत रिपोर्टिंग संस्था बनाया गया है, इस प्रकार उनके लिए ग्राहक/उपयोगकर्ता KYC मानदंडों का अनुपालन करना अनिवार्य हो गया है।
    • अधिनियम के तहत, रिपोर्टिंग संस्थाओं को अपने लाभकारी मालिकों और लेन-देन के सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड पांच साल तक रखने की आवश्यकता होती है।
  • संशोधन के तहत स्वामित्व सीमा को 25% से घटाकर 10% कर दिया गया, जिससे किसी रिपोर्टिंग संस्था में 10% स्वामित्व रखने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह को PMLA नियमों के उद्देश्य के लिए “लाभकारी मालिक” माना गया है।
  • यह निर्णय 2023 के अंत तक वित्तीय कार्रवाई कार्य बल द्वारा भारत का संभावित आकलन किए जाने से पहले लिया गया है।

PMLA नियमों में नए संशोधन के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक कीजिए: New PMLA Rules Amendment

महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. गौशालाओं पर नीति आयोग की रिपोर्ट
  • 10 मार्च 2023 को, नीति आयोग ने ‘गौशालाओं की आर्थिक लाभप्रदता में सुधार पर विशेष ध्यान देने के साथ जैविक और जैव उर्वरकों का उत्पादन और संवर्धन’ शीर्षक वाली कार्यबल की रिपोर्ट जारी की।
  • यह रिपोर्ट नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद की अध्यक्षता वाली एक कार्यबल द्वारा तैयार की गई थी।
  • नीति आयोग द्वारा कार्यबल का गठन गौशालाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने, आवारा और परित्यक्त मवेशियों की समस्या का समाधान करने और कृषि तथा ऊर्जा क्षेत्रों में गाय के गोबर और गोमूत्र के प्रभावी उपयोग के उपाय सुझाने के लिए किया गया था।

रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं:

  • रिपोर्ट में पशुधन को फसलों के साथ एकीकृत करने और अकार्बनिक उर्वरक तथा पशुधन खाद के उपयोग में पाए गए गंभीर असंतुलन पर प्रकाश डाला गया है।
    • रिपोर्ट में यह बताया गया है कि कैसे यह असंतुलन मृदा स्वास्थ्य, खाद्य गुणवत्ता, दक्षता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
  • यह रिपोर्ट गौशालाओं के संचालन की लागत तथा अन्य मुद्दों के साथ-साथ गौशालाओं में जैव-सीएनजी संयंत्र और PROM (फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद) संयंत्र स्थापित करने में शामिल लागत और निवेश के संबंध में तथ्यात्मक अनुमान भी प्रदान करती है।
  • रिपोर्ट में मवेशियों के अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग को अपशिष्ट से धन की अवधारणा पर आधारित चक्रीय अर्थव्यवस्था के एक आदर्श उदाहरण के रूप में मान्यता दी गई है।

चित्र स्रोत: Niti Aayog

  1. महिलाओं के लिए 33% कोटा:
  • नागालैंड के राज्य चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि वह लगभग दो दशकों के बाद 16 मई को 39 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों के आरक्षण के साथ चुनाव कराएगा।
  • “अनसुलझे” नगा शांति वार्ता और महिलाओं के लिए आरक्षण को लेकर कई आदिवासी निकायों द्वारा विरोध जैसे मुद्दे के कारण 2004 से शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव आयोजित नहीं किए गए हैं। कई आदिवासी निकायों द्वारा महिलाओं के आरक्षण का यह कहते हुए विरोध किया जाता है कि यह संविधान के अनुच्छेद 371(A) के तहत नागालैंड के लिए गारंटीकृत विशेष अधिकारों का उल्लंघन करता है।
  • 2017 में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के साथ शहरी स्थानीय निकायों का चुनाव कराने का प्रयास किया गया था, जिसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों में आग लगा दी थी और परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग को इस्तीफा देना पड़ा था।
  • 9 मार्च, 2022 को नागा समाज के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों पर सहमति व्यक्त की थी।
  • यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा विधायकों की उपस्थिति में बुलाई गई नागरिक समाज संगठनों, चर्चों, आदिवासी निकायों, राजनीतिक दलों और गैर-सरकारी संगठनों सहित सभी हितधारकों की एक परामर्श बैठक के दौरान लिया गया।
  • नागा मदर्स एसोसिएशन (NMA) जैसे संगठनों ने शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए अधिसूचना की सराहना की है।

संविधान के भाग XXI-अनुच्छेद 371 के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक कीजिए: Part XXI of the Constitution– Article 371

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. विशिष्ट भू-खंड पहचान संख्या (ULPIN) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (स्तर-कठिन)

  1. यह 12 अंकों की अल्फा-न्यूमेरिक संख्या है।
  2. पहचान संख्या विशिष्ट भू-खंड के अक्षांश और देशांतर पर आधारित है तथा भू-कर (cadastral) मानचित्रों और सर्वेक्षणों के अनुरूप है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. दोनों
  4. इनमें से कोई नहीं

उत्तर: b

व्याख्या:

  • विशिष्ट भू-खंड पहचान संख्या (ULPIN) 2020-21 में परिकल्पित भू-खंड की चोटी के भू-निर्देशांक के आधार पर हर एक भू-खंड के लिए एक 14-अंकीय अल्फा-न्यूमेरिक अनूठी आईडी है।
    • पहचान संख्या भू-खंड के देशांतर और अक्षांश निर्देशांक पर आधारित होगी, और यह विस्तृत सर्वेक्षणों और भू-संदर्भित भू-संदर्भ मानचित्रों के अनुरूप है।
  • यह अंतरराष्ट्रीय मानक है और इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स कोड मैनेजमेंट एसोसिएशन (ECCMA) मानक व ओपन जियोस्पेशियल कंसोर्टियम (OGC) मानक का अनुपालन करता है।

प्रश्न 2. MSME वर्गीकरण (संयंत्र और मशीनरी में निवेश के आधार पर) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से सुमेलित है/हैं? (स्तर-कठिन)

  1. सूक्ष्म उद्यम – 25 लाख से अधिक निवेश नहीं।
  2. लघु उद्यम – 25 लाख रुपये से अधिक लेकिन 5 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश नहीं।
  3. मध्यम उद्यम- 5 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 10 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश नहीं।

विकल्प:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2
  3. केवल 2 और 3
  4. इनमें से कोई नहीं

उत्तर: d

व्याख्या:

प्रश्न 3. भारत के भूस्खलन एटलस (Landslide Atlas) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (स्तर-कठिन)

  1. भूस्खलन एटलस के अनुसार, उत्तर पश्चिमी हिमालय का भारत में भूस्खलन की घटनाओं में 66.5% का योगदान है।
  2. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में देश में सबसे अधिक भूस्खलन घनत्व और भूस्खलन आशंका जोखिम है।

विकल्प:

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. दोनों
  4. इनमें से कोई नहीं

उत्तर: c

व्याख्या:

  • भारत का भूस्खलन एटलस हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा हैदराबाद में आयोजित “नेशनल मीट ऑन डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट – ट्रेंड्स एंड टेक्नोलॉजीज” में जारी किया गया था।
  • एटलस के अनुसार, उत्तर पश्चिमी हिमालय का भारत में भूस्खलन घटनाओं में 66.5% का योगदान है इसके बाद यह आँकड़ा पूर्वोत्तर हिमालय के संदर्भ में 18.8% और पश्चिमी घाट के संदर्भ में 14.7% है।
  • 1998-2022 के दौरान उत्तराखंड, केरल, जम्मू और कश्मीर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गई थीं।
  • भूस्खलन के जोखिम के आधार पर शीर्ष 5 जिले रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड), त्रिशूर (केरल), राजौरी (जम्मू और कश्मीर), और पलक्कड़ (केरल) हैं।

प्रश्न 4. क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (RATS) जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करना है, निम्नलिखित में से किसका अंग है? (स्तर-मध्यम)

  1. यूरोपीय संघ
  2. खाड़ी सहयोग परिषद (GCC)
  3. उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO)
  4. शंघाई सहयोग संगठन (SCO)

उत्तर: d

व्याख्या:

  • क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (RATS), जिसका मुख्यालय ताशकंद, उज्बेकिस्तान में है, शंघाई सहयोग संगठन का एक स्थायी अंग है जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद, इन तीन बुराइयों के खिलाफ सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का काम करता है।

प्रश्न 5. निम्नलिखित में से किस सुधार के लिए भारत सरकार द्वारा वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया गया था? (PYQ-CSE-2008) (स्तर-मध्यम)

  1. पुलिस सुधार
  2. कर सुधार
  3. तकनीकी शिक्षा में सुधार
  4. प्रशासनिक सुधार

उत्तर: d

व्याख्या:

  • द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) का गठन 31 अगस्त 2005 को वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता में एक जांच आयोग के रूप में किया गया था, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए एक विस्तृत खाका तैयार करना था।

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. ऑकस के सदस्यों के बीच जारी वार्ता में भारत के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश निहित है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (GSII-अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

प्रश्न 2. क्या आपको लगता है कि भारतीय संसद में महिला आरक्षण का भारत में लैंगिक समानता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (GSII-सामाजिक न्याय)