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02 जनवरी 2024 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

  1. वर्षांत समीक्षा-2023- पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय:
  2. भारत-यूएई के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डेजर्ट साइक्लोन’ की राजस्थान में शुरुआत:
  3. कोच्चि-लक्षद्वीप द्वीप समूह सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन (केएलआई-एसओएफसी) परियोजना:
  4. सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 में संशोधन:

1. वर्षांत समीक्षा-2023- पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय:

सामान्य अध्ययन: 2,3

शासन,आर्थिक विकास:

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाने, संवृद्धि और विकास से संबंधित विषय।

प्रारंभिक परीक्षा: लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स (एलपीआई) रिपोर्ट – 2023 ,’समुद्री अमृत काल विजन 2047′

मुख्य परीक्षा: देश के आर्थिक विकास में भारत की ‘ब्लू इकोनॉमी’ के महत्व पर चर्चा कीजिए।

प्रसंग:

  • पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की वर्ष 2023 की वर्षांत समीक्षा।

इस वर्ष किए गए परिवर्तन:

  • प्रधानमंत्री ने भारत की ‘ब्लू इकोनॉमी’ के समर्थन में लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचा और पोत परिवहन में आकांक्षाओं को शामिल करते हुए ‘समुद्री अमृत काल विजन 2047’ लॉन्च किया।
  • भारत 2014 में 44वें रैंक के मुकाबले अंतर्राष्ट्रीय शिपमेंट श्रेणी में 22वें स्थान पर पहुंच गया।
  • नेशनल लॉजिस्टिक्स पोर्टल (समुद्री) का आईटी के माध्यम से लॉजिस्टिक्स समुदाय के सभी हितधारकों को जोड़ने वाले एक वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में उद्घाटन किया गया, जिसका उद्देश्य लागत और समय की देरी को कम करते हुए दक्षता और पारदर्शिता को बेहतर बनाना है।
  • ‘सागर मंथन’ नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है जिसमें मंत्रालय और उसके सभी संगठनों से संबंधित व्यापक डेटा शामिल है।
  • सागर-सेतु मोबाइल ऐप को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने के लिए लॉन्च किया गया।
  • भारत में पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ लाइनर कोस्टा सेरेना मुंबई से लॉन्च किया गया।
  • दुनिया का सबसे लंबा 51 दिवसीय रिवर क्रूज़ एमवी गंगा विलास ने वाराणसी से डिब्रूगढ़ तक पांच भारतीय राज्यों और बांग्लादेश में 50 पर्यटक स्‍थलों का भ्रमण करते हुए 3,200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।

विवरण:

सामान्य विवरण:

  • विश्व बैंक की लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स (एलपीआई) रिपोर्ट – 2023 अप्रैल 2023 में जारी की गई।
  • भारत अंतर्राष्ट्रीय शिपमेंट श्रेणी में 22 वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि 2014 में यह 44 वें स्थान पर था।
  • कंटेनर ड्वेल का औसत समय केवल 3 दिन के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के लिए यह 4 दिन, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए 7 दिन और जर्मनी के लिए 10 दिन है।
  • भारतीय बंदरगाहों का “टर्न अराउंड टाइम” 0.9 दिन तक पहुंच गया है जो संयुक्त राज्य अमेरिका (1.5 दिन), ऑस्ट्रेलिया (1.7 दिन), सिंगापुर (1.0 दिन) आदि से बेहतर है।

समुद्री अमृत काल विज़न 2047:

  • ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट के दौरान लॉन्च किए गए एक व्यापक रोडमैप के साथ भारत का समुद्री क्षेत्र बदलने के लिए तैयार है, जिसमें 80,000 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
  • पत्‍तन,पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा तैयार अमृत काल विजन 2047, मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 पर आधारित है और इसका उद्देश्य विश्व स्तरीय बंदरगाहों को विकसित करना और अंतर्देशीय जल परिवहन, तटीय शिपिंग और एक सतत समुद्री क्षेत्र को प्रोत्‍साहन देना है।
  • इसमें भारत की ‘ब्लू इकोनॉमी’ के समर्थन में लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचा और पोत परिवहन में आकांक्षाएं शामिल हैं।
  • यह विजन विभिन्न हितधारकों के साथ 150 से अधिक परामर्शों और 50 अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के विश्लेषण के माध्यम से तैयार किया गया है।
  • इसमें वर्ष 2047 तक पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्गों को बढ़ाने के लिए 300 से अधिक कार्रवाई योग्य पहलों की रूपरेखा तैयार की गई है।

ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट (जीएमआईएस), 2023:

  • पत्‍तन,पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित जीएमआईएस 2023, मुंबई में आयोजित अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन था, जिसका प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया और ‘समुद्री अमृत काल विजन 2047’ लॉन्च किया था।
    • इस कार्यक्रम में 8.35 लाख करोड़ रुपए के 360 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए और 1.68 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त निवेश योग्य परियोजनाओं की घोषणा की गई।
    • इस शिखर सम्मेलन में प्रधान मंत्री ने कुल 14,440 करोड़ रुपए लागत की 11 परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी और 8,924 करोड़ रुपए की 11 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की।

नेशनल रसद पोर्टल (समुद्री) का उद्घाटन:

  • नेशनल लॉजिस्टिक्स पोर्टल (समुद्री) का उद्घाटन 27 जनवरी, 2023 को पत्‍तन,पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री द्वारा किया गया था।
    • नेशनल लॉजिस्टिक्स पोर्टल (समुद्री) का आईटी के माध्यम से लॉजिस्टिक्स समुदाय के सभी हितधारकों को जोड़ने वाले एक वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में उद्घाटन किया गया, जिसका उद्देश्य लागत और समय की देरी को कम करते हुए दक्षता और पारदर्शिता को बेहतर बनाना है।
    • एनएलपी जलमार्ग, सड़क मार्ग और वायुमार्ग सहित परिवहन के सभी तरीकों को कवर करता है, और एक बाधारहित एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स सेवा कवरेज प्रदान करता है।

सागरमंथन – व्यापक निगरानी डैशबोर्ड:

  • 23 मार्च, 2023 को केंद्रीय पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री ने ‘सागर मंथन’ लॉन्च किया, जो एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसमें मंत्रालय और उसके सभी संगठनों से संबंधित व्यापक डेटा शामिल है।
    • यह वास्तविक समय प्रदर्शन निगरानी डैशबोर्ड परियोजनाओं, केपीआई, मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और वित्तीय और परिचालन मापदंडों की निगरानी की सुविधा प्रदान करता है।

‘सागर-सेतु’ मोबाइल ऐप – नेशनल लॉजिस्टिक्स पोर्टल (समुद्री):

  • 31 मार्च, 2023 को नेशनल लॉजिस्टिक्स पोर्टल (समुद्री) द्वारा सागर-सेतु एक मोबइल ऐप लॉन्च किया गया जिसका उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाना है।
    • यह वास्तविक समय पत्‍तन संचालन और निगरानी की सुविधा प्रदान करता है और जहाज, कार्गो, कंटेनर, वित्त और नियामक प्राधिकरण डेटा और सेवाओं तक पहुंचने के लिए बंदरगाह बिरादरी को नियंत्रित सेवाएं प्रदान करता है, जिससे ग्राहकों के अनुभव में सुधार होता है।

19वीं समुद्री राज्य विकास परिषद:

  • श्री सोनोवाल ने 2047 तक 10,000 एमटीपीए बंदरगाह क्षमता हासिल करने, बंदरगाह सुरक्षा ब्यूरो की स्थापना, हाइड्रोजन हब स्थापित करने के लिए प्रमुख बंदरगाहों और सभी समुद्री राज्यों के लिए ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया शिखर सम्मेलन 2023 में भाग लेने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा की।
  • इस बैठक में जिन विषयों पर चर्चा की गई उनमें सागरमाला कार्यक्रम, शहरी जल परिवहन, अंतर्देशीय जलमार्ग, राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर और बंदरगाह कनेक्टिविटी शामिल हैं।

बंदरगाह:

बंदरगाहों का प्रदर्शन:

  • चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रमुख बंदरगाहों ने प्रमुख परिचालन प्रदर्शन मापदंडों में उल्लेखनीय सुधार किया है।

‘हरित सागर’ – ग्रीन पोर्ट दिशानिर्देश-2023 का शुभारंभ:

  • जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने के बड़े विज़न को पूरा करने के लिए, 10.05.2023 को ग्रीन पोर्ट दिशानिर्देश ‘हरित सागर’ लॉन्च किया गया।
    • चार प्रमुख बंदरगाह – दीनदयाल बंदरगाह, विशाखापत्तनम बंदरगाह, न्यू मैंगलोर बंदरगाह और वीओसी बंदरगाह पहले से ही अपनी मांग से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा का सृजन कर रहे हैं।

कोलकाता में ग्रीन हाइड्रोजन हब:

  • ग्रीन हाइड्रोजन एनजीईएल ने कोलकाता में 27 सितंबर, 2023 कोग्रीन हाइड्रोजन हब विकसित करने के लिए एसएमपी, कोलकाता के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
    • एसएमपी, कोलकाता और सैफ पॉवरटेक लिमिटेड, बांग्लादेश ने भारत और बांग्लादेश के बीच कंटेनर आवाजाही के लिए एक नया मल्टीमॉडल परिवहन मार्ग स्थापित करने के लिए 25 सितंबर, 2023 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
    • इससे मोंगला और चट्टोग्राम समुद्री बंदरगाहों के साथ-साथ पैंगोअन नदी बंदरगाह के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापार और शिपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
  • आईआईटीएम, चेन्नई, तमिलनाडु में बंदरगाहों, जलमार्गों और तटों के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र (एनटीसीपीडब्ल्यूसी) के डिस्कवरी कैंपस का 24.04.2023 को उद्घाटन किया।
  • इस परियोजना की लागत 77 करोड़ हैं, जिसे सागरमाला कार्यक्रम के दायरे के तहत स्‍थापित किया गया है।

विशाखापत्तनम बंदरगाह का क्षमता विस्तार:

  • केंद्रीय पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री ने 216.53 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसमें विशाखापत्तनम में अत्याधुनिक विजाग इंटरनेशनल क्रूज़ टर्मिनल भी शामिल है।
  • अन्य परियोजनाओं में एक कवर्ड स्टोरेज शेड, एक ट्रक पार्किंग टर्मिनल और एक तेल रिफाइनरी बर्थ शामिल है, जिसका उद्देश्य विशाखापत्तनम बंदरगाह की क्षमता को बढ़ाना है।

हरित श्रेय योजना:

  • मोरमुगाओ पोर्ट ने अच्छे ईएसआई स्कोर वाले जहाजों को प्रोत्साहन की पेशकश करते हुए “हरित श्रेय” योजना शुरू की है।
  • इसका उद्देश्य हरित पहलों को बढ़ावा देना और बंदरगाह संचालन की स्थिरता में सुधार करना है। एमवी अगस्त ओल्डनडॉर्फ हरित प्रोत्साहन प्राप्त करने वाला पहला जहाज था।

पोत परिवहन:

  • ग्रीन पोर्ट और शिपिंग में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र:
    • 22 मार्च, 2023 को, देश ने अपने पहले राष्ट्रीय ग्रीन पोर्ट और शिपिंग के उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओईजीपीएस) का उद्घाटन किया, जो पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय और द एनर्जी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट(टीईआरआई) के बीच एक सहयोग है।
    • गुरुग्राम में अनुसंधान संस्थान का फील्ड स्टेशन शिपिंग उद्योग और बंदरगाहों को कार्बन तटस्थता और सर्कुलर अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएगा।
  • भारत में पहला अंतर्राष्ट्रीय क्रूज़ लाइनर:
    • 3 नवंबर, 2023 को, भारत में पहला अंतर्राष्ट्रीय क्रूज़ लाइनर, कोस्टा सेरेना को केन्‍द्रीय पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री द्वारा मुंबई में लॉन्च किया गया था।
    • यह भारत में क्रूजिंग और पर्यटन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो “देखो अपना देश” अभियान द्वारा संभव हुई है।

स्वदेशी विभेदक वैश्विक नेविगेशन उपग्रह प्रणाली (डीजीएनएसएस) ‘सागर संपर्क’:

  • केन्‍द्रीय पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री ने 12 जुलाई, 2023 को स्वदेशी डीजीएनएसएस ‘सागर संपर्क’ का उद्घाटन किया।
  • डीजीएनएसएस पोत की सटीक स्थिति के लिए जीएनएसएस त्रुटियों को ठीक करता है, जिससे बंदरगाहों पर दुर्घटनाओं में कमी आती हैं।

सागर मे सम्मान:

  • यह पहल जीएमआई-2023 में 19 अक्टूबर 2023 को नाविकों पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान शुरू हुई है।
  • यह भारत के समुद्री क्षेत्र में महिला नाविकों की भूमिका को बढ़ावा देने वाला एक अभियान है।
  • जहाज ‘एडवांटेज स्वीट’ पर सवार भारतीय नाविकों को ईरान से सुरक्षित वापस लाया गया
  • ओमान की खाड़ी में जब्त किए गए एडवांटेज स्वीट जहाज पर सवार 23 भारतीय नाविक ईरान से सुरक्षित भारत वापस लाया गया हैं।
    • विदेश मंत्रालय, ईरान में भारतीय दूतावास और पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने ईरानी सरकार के सहयोग से इस बचाव को संभव बनाने के लिए लगातार काम किया है।
    • केन्‍द्रीय पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रीने नाविकों के कल्याण की रक्षा के प्रति सरकारी एजेंसियों की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

अंतर्देशीय जलमार्ग:

  • अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आईडब्ल्यूडीसी):
    • पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने भारत में अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्‍ल्‍यूटी) विकसित करने के लिए 12 अक्‍टूबर, 2023 को एक नई पहल आईडब्‍ल्‍यूडीसी लॉन्च की है।
    • केंद्रीय मंत्री इस पहल की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें सदस्य के रूप में राज्य सरकारों/केंद्रशासित प्रदेशों और अन्य केंद्रीय मंत्रालयों की भागीदारी होगी। इससे कार्गो, यात्री आवाजाही और नदी क्रूज पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
  • एमवी गंगा विलास:
    • 13 जनवरी 2023 को माननीय प्रधानमंत्री ने दुनिया की सबसे लंबी नदी क्रूज एमवी गंगा विलास को हरी झंडी दिखाई थी।
    • वाराणसी से डिब्रूगढ़ तक 51-दिवसीय क्रूज यात्रा पांच भारतीय राज्यों और बांग्लादेश में 3,200 किमी से अधिक की दूरी तय करेगी, जिसमें 50 पर्यटन स्थलों का दौरा होगा।
    • यह पोत 62 मीटर लंबा, 12 मीटर चौड़ा है, जिसमें तीन डेक और 18 सुइट्स हैं जिनमें 36 पर्यटक रह सकते हैं।
    • यह पोत प्रदूषण मुक्त तंत्र और शोर नियंत्रण प्रौद्योगिकियों के साथ टिकाऊ सिद्धांतों का पालन करता है।
    • इस पोत की पहली यात्रा का स्विट्जरलैंड के 32 पर्यटक आनंद लेंगे। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में चार सामुदायिक घाटों का भी उद्घाटन किया और बिहार में पांच सामुदायिक घाटों की आधारशिला रखी, हल्दिया मल्टी-मोडल टर्मिनल और असम में तीन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
  • रो-रो सर्विस:
    • सऊदी अरब के एक शिपिंग वाहक बहरी लाइन ने 22 जनवरी, 2023 को कामराजार पोर्ट लिमिटेड (केपीएल) से एफई सेवा (सुदूर पूर्वी यूरोप) नामक एक नई रो-रो सर्विस शुरू की है।
    • यह नई रो-रो सर्विस सीधे चीन, भारत,सऊदी अरब और यूरोप (जर्मनी, फ्रांस और बेल्जियम)के निर्यातकों और आयातकों को एक साथ जोड़ने का सीधा अवसर प्रदान करती हैं।
  • ऑनलाइन ड्रेजिंग मॉनिटरिंग सिस्टम का शुभारंभ:
    • पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन ड्रेजिंग मॉनिटरिंग सिस्टम (सागर समृद्धि) का उद्देश्य प्रमुख बंदरगाहों/आईडब्ल्यूएआई पर ड्रेजिंग गतिविधियों की निगरानी को सुव्यवस्थित करना, ड्रेजर की उत्पादकता में वृद्धि करना और ड्रेजिंग परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए दैनिक लक्ष्य प्राप्त करना है।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

1. भारत-यूएई के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डेजर्ट साइक्लोन’ की राजस्थान में शुरुआत:

  • भारत-यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डेजर्ट साइक्लोन’ के पहले संस्करण में भाग लेने के लिए 45 कर्मियों वाली यूनाइटेड अरब अमीरात लैंड फोर्सेज की टुकड़ी भारत पहुंची है।
    • यह अभ्यास 2 से 15 जनवरी 2024 तक महाजन, राजस्थान में आयोजित होने वाला है।
    • यूएई दल का प्रतिनिधित्व जायद फर्स्ट ब्रिगेड के सैनिकों द्वारा किया जा रहा है।
    • 45 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन द्वारा किया जा रहा है।
  • अभ्यास ‘डेजर्ट साइक्लोन’ भारत और यूएई के बीच दोस्ती और विश्वास को और मजबूत करने का प्रतीक है।
  • इस अभ्यास का उद्देश्य साझा सुरक्षा उद्देश्यों को प्राप्त करना और दो मित्र देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देना है।
  • अभ्यास का उद्देश्य यूनाइटेड नेशन्स चार्टर ऑन पीस कीपिंग ऑपरेशंस के चैप्टर VII के तहत रेगिस्तानी/अर्ध रेगिस्तानी इलाके में निर्मित क्षेत्र (एफआईबीयूए) में लड़ाई सहित उप-पारंपरिक संचालन में अंतर-संचालनीयता को बढ़ाना है।
  • यह अभ्यास शांति स्थापना अभियानों के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहयोग और अंतरसंचालनीयता को बढ़ाएगा।
  • अभ्यास ‘डेजर्ट साइक्लोन’ के दौरान अभ्यास किए जाने की योजना में एक संयुक्त निगरानी केंद्र की स्थापना, घेरा और खोज अभियान, निर्मित क्षेत्र का प्रभुत्व और हेलिबोर्न संचालन शामिल हैं।
  • यह अभ्यास सहयोगात्मक साझेदारी को भी बढ़ावा देगा और दोनों पक्षों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में मदद करेगा।

2. कोच्चि-लक्षद्वीप द्वीप समूह सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन (केएलआई-एसओएफसी) परियोजना:

  • लक्षद्वीप की अपनी यात्रा में प्रधानमंत्री 1150 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे।
  • प्रधानमंत्री ने कोच्चि-लक्षद्वीप द्वीप समूह सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन: (केएलआई-एसओएफसी) परियोजना की शुरुआत करके लक्षद्वीप द्वीप में इंटरनेट की धीमी गति की चुनौती से निपटने का संकल्प लिया था और अगस्त 2020 में स्वतंत्रता दिवस के भाषण में लाल किले से इसकी घोषणा की थी।
    • यह परियोजना अब पूरी हो चुकी है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। इससे इंटरनेट स्पीड में 100 गुना से ज्यादा (1.7 जीबीपीएस से 200 जीबीपीएस तक) की बढ़ोतरी होगी।
    • आजादी के बाद पहली बार लक्षद्वीप को सबमरीन ऑप्टिक फाइबर केबल से जोड़ा जाएगा।
    • समर्पित सबमरीन ओएफसी लक्षद्वीप द्वीपों में संचार बुनियादी ढांचे में एक आदर्श बदलाव सुनिश्चित करेगी, जिससे तेज और अधिक विश्वसनीय इंटरनेट सेवाएं, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस, शैक्षिक पहल, डिजिटल बैंकिंग, डिजिटल मुद्रा उपयोग, डिजिटल साक्षरता आदि सक्षम होंगी।
  • प्रधानमंत्री कदमत में निम्न तापमान थर्मल डिसेलिनेशन (एलटीटीडी) संयंत्र राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इससे प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर स्वच्छ पेयजल का उत्पादन होगा।
    • प्रधानमंत्री अगत्ती और मिनिकॉय द्वीपों के सभी परिवारों के लिए चालू घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
    • लक्षद्वीप के द्वीपों में पीने योग्य पानी की उपलब्धता हमेशा एक चुनौती रही है क्योंकि मूंगा द्वीप होने के कारण यहां भूजल की उपलब्धता बहुत सीमित है।
    • ये पेयजल परियोजनाएं द्वीपों की पर्यटन क्षमता को मजबूत करने में भी मदद करेंगी, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • राष्ट्र को समर्पित अन्य परियोजनाओं में कावारत्ती में सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल है, जो लक्षद्वीप की पहली बैटरी-समर्थित सौर ऊर्जा परियोजना है।
    • इससे डीजल आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र और कावारत्ती में इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबीएन) कॉम्प्लेक्स में नए प्रशासनिक ब्लॉक और 80 पुरुष बैरक पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
  • प्रधानमंत्री कल्पेनी में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधा के नवीनीकरण और पांच द्वीपों-एंड्रोथ, चेटलाट, कदमत, अगत्ती और मिनिकॉय में पांच मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों (नंद घर) के निर्माण की आधारशिला रखेंगे।

3. सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 में संशोधन:

  • महिला सशक्तिकरण नीति का पालन करते हुए पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 में संशोधन किया हैं, जिससे सरकारी महिला कर्मचारी को अपने पति की वरीयता में पारिवारिक पेंशन के लिए अपने बच्चे/बच्चों को नामित करने में मदद मिलेगी।
  • सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 50 के उप-नियम (8) और उप-नियम (9) के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी मृत सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी के पति या पत्नी परिवार में है, तो पहले पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन दी जाती है।
    • इसके बाद ही बच्चे एवं परिवार के अन्य सदस्य पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र होते हैं, जब मृतक सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी के पति या पत्नी पारिवारिक पेंशन के लिए अपात्र होते हैं या उनकी मृत्यु हो जाती है।
  • पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग को मंत्रालयों/विभागों से बड़ी संख्या में ऐसे संदर्भ प्राप्त हुए, जिनमें सलाह मांगी गई थी कि क्या वैवाहिक कलह की वजह से न्यायालय में तलाक की कार्यवाही दायर किए जाने की स्थिति में या घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम या भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज करने की स्थिति में किसी सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी को उसके पति या पति के स्थान पर अपने पात्र बच्चे/बच्चों को पारिवारिक पेंशन के लिए नामित करने की अनुमति दी जा सकती है।
  • तदनुसार, अंतर-मंत्रालयी परामर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि यदि किसी सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी के संबंध में तलाक की कार्यवाही न्यायालय में लंबित है, या सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी ने अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम या दहेज प्रतिषेध अधिनियम या भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया है।
  • ऐसी सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी अपनी मृत्यु के बाद अपने पात्र बच्चे/बच्चों को पारिवारिक पेंशन दिए जाने के लिए अपने पति को वरीयता देते हुए अनुरोध कर सकती है और ऐसे अनुरोध पर निम्नलिखित तरीके से विचार किया जा सकता है:
    • जहां सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी के संबंध में तलाक की कार्यवाही सक्षम न्यायालय में लंबित है या सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी ने अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम या दहेज प्रतिषेध अधिनियम या भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज कराया है, उक्त सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी, संबंधित कार्यालय प्रमुख को इस आशय का लिखित अनुरोध कर सकती है कि, उपर्युक्त किसी भी कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान उसकी मृत्यु होने की स्थिति में, उसके पति या पत्नी की वरीयता में उसके पात्र बच्चे/बच्चों को पारिवारिक पेंशन प्रदान की जाए;
  • उपर्युक्त किसी कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान खंड (ए) के अधीन अनुरोध करने वाली सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी की मृत्यु होने की स्थिति में पारिवारिक पेंशन निम्नलिखित तरीके से संवितरित की जाएगी, अर्थात्:
  • जहां मृत सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी के परिवार में विधुर है और सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी की मृत्यु की तारीख को कोई भी बच्चा/बच्चे पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र नहीं है, वहां विधुर को पारिवारिक पेंशन देय होगी।
  • जहां मृत सरकारी महिला कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी के परिवार में अवयस्क बच्चे/बच्चों के साथ विधुर या मानसिक विकार या दिव्‍यांगता से पीड़ित बच्चा/बच्चे हैं, मृतक के संबंध में पारिवारिक पेंशन विधुर को देय होगी, बशर्ते कि वह ऐसे बच्चे/बच्चों का अभिभावक हो और यदि विधुर ऐसे बच्चे/बच्चों का अभिभावक नहीं रह जाता है, ऐसी स्थिति में पारिवारिक पेंशन उस व्यक्ति के माध्यम से बच्चे को देय होगी जो ऐसे बच्चे/बच्चों का वास्तविक अभिभावक है। जहां नाबालिग बच्चा, वयस्क होने के बाद, पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र होगा, ऐसे बच्चे को पारिवारिक पेंशन उस तारीख से देय होगी जिस दिन वह वयस्क हो जाएगा।
  • जहां मृत महिला सरकारी कर्मचारी/महिला पेंशनभोगी के परिवार में विधुर है, जिसके बच्चा/बच्चे वयस्क हो चुके हैं/हैं, लेकिन पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र हैं या हैं, ऐसे बच्‍चे/बच्चों को पारिवारिक पेंशन देय होगी।
  • सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 50 के तहत उपरोक्त खंड (ii) और (iii) में निर्दिष्ट बच्चा/बच्चे पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र नहीं होने की स्थिति में, पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र अन्य बच्चा/बच्चे, यदि कोई हों, को पारिवारिक पेंशन देय होगी।
  • सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 50 के तहत सभी बच्चों के पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र होने के बाद, विधुर को उसकी मृत्यु या पुनर्विवाह तक, जो भी पहले हो, पारिवारिक पेंशन देय होगी।
  • यह संशोधन प्रगतिशील प्रकृति का है और इससे महिला कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को सशक्त बनाया जा सकेगा।

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