आईएएस साक्षात्कार अभ्यास प्रश्नोत्तरी

‘संघ लोक सेवा आयोग’ (UPSC) द्वारा आईएएस की परीक्षा 3 चरणों में संपन्न कराई जाती है। इनमें से पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा, दूसरा चरण मुख्य परीक्षा और तीसरा चरण साक्षात्कार होता है। 

अंतिम परिणाम में प्रारंभिक परीक्षा को छोड़कर अन्य दोनों चरणों के अंक शामिल किए जाते हैं। अर्थात् मुख्य परीक्षा व साक्षात्कार में प्राप्त हुए सकल अंकों के आधार पर अभ्यर्थी का अंतिम परिणाम घोषित किया जाता है। इस परीक्षा प्रणाली में मुख्य परीक्षा में कुल 1750 अंक तथा साक्षात्कार में कुल 275 अंक निर्धारित किए गए हैं। इनके सकल योग अर्थात् 2025 अंकों में से प्राप्त हुए अंकों के आधार पर अभ्यर्थी की रैंक निर्धारित की जाती है। इसका अर्थ है कि साक्षात्कार में प्राप्त हुए अंक अभ्यर्थी के अंतिम परिणाम में अच्छी-खासी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में, परीक्षा की तैयारी के दौरान ही साक्षात्कार के प्रश्नों का अभ्यास करना भी बेहद महत्त्वपूर्ण हो जाता है। 

अमूमन देखा जाता है कि अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा की तैयारी पर तो अत्यधिक ज़ोर देते हैं, लेकिन साक्षात्कार की तैयारी को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जो कि कारगर रणनीति नहीं है। अतः यहाँ हम साक्षात्कार की तैयारी को मुकम्मल करने के लिए कुछ संभावित प्रश्नों की उत्तर सहित चर्चा करेंगे।

वैसे तो इस बात का सटीक निर्धारण करना संभव नहीं है कि अभ्यर्थी से साक्षात्कार के दौरान कौन-कौन से प्रश्न पूछे जाएँगे क्योंकि वहाँ पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति साक्षात्कार बोर्ड के सदस्यों पर निर्भर करती है, लेकिन फिर भी, अब तक के अनुभव और सामान्य समझ के आधार पर हम कुछ ऐसे प्रश्नों का समुच्चय तैयार कर सकते हैं जो साक्षात्कार के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में आपकी मदद कर सकते हैं। 

तो आइए, अब क्रमवार ढंग से कुछ ऐसे प्रश्नों की चर्चा करते हैं जो आईएएस परीक्षा के साक्षात्कार की दृष्टि से बेहद महत्त्वपूर्ण हैं।

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आईएएस साक्षात्कार प्रश्न और उत्तर हिंदी में

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : अपना परिचय दीजिए या अपने बारे में कुछ बताइए?

उत्तर : यह एक ऐसा प्रश्न है जो लगभग सभी साक्षात्कारों में पूछा जाता है। इस प्रश्न का उत्तर आप अपनी व्यक्तिगत जानकारी देते हुए आरंभ कर सकते हैं। इन सूचनाओं में आपकी शैक्षिक योग्यता, आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, आपके माता पिता का व्यवसाय, आपके भाई बहन के विषय में सूचना, आप का निवास स्थान इत्यादि शामिल हो सकते हैं। इनके अलावा, अन्य कोई सूचना जो आप साक्षात्कार बोर्ड के सामने रखना उचित समझें, रख सकते हैं, जैसे – यदि आप पहले से किसी अन्य सेवा में चयनित हैं तो उसके विषय में जानकारी, यदि आप कहीं निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं तो उसके विषय में जानकारी आदि।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : क्या आपके अंदर कोई कमी और कोई खूबी है? यदि हाँ, तो अपनी चार कमियों और चार खूबियों के बारे में बताइए?

उत्तर : ऐसे प्रश्नों का बड़ा संतुलित उत्तर देना चाहिए। ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय यह कभी नहीं कहना चाहिए कि मेरे अंदर कोई कमी नहीं है क्योंकि प्रत्येक इंसान में कमियाँ और खूबियाँ दोनों ही निहित होती हैं। अतः ऐसे प्रश्नों का सामना करने का एक सामान्य तरीका होता है कि साक्षात्कार में जाने से पूर्व ही अपनी कुछ कमियों और खूबियों के बारे में सोच कर जाएँ। आपको अपनी कमियों का जिक्र करते समय ऐसी किसी गंभीर कमी का उल्लेख नहीं करना चाहिए जो आप के साक्षात्कार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हो और इस दौरान ऐसी खूबियाँ बताने का प्रयास करना चाहिए जो आपके साक्षात्कार को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हों।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : हम आईएएस के रूप में आप का चयन क्यों करें?

उत्तर : यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर देते समय आपको अपनी उन खूबियों को उदाहरण सहित सिद्ध करना है जो एक सफल सिविल सेवक में होती हैं। आप अपनी सत्यनिष्ठा, कर्मठता, ईमानदारी जैसी खूबियों को इस आधार पर पुष्ट कर सकते हैं कि चूँकि आपने इस जटिल परीक्षा की तैयारी पूरी सत्यनिष्ठा, कर्मठता व ईमानदारी से की, इसीलिए आप साक्षात्कार के चरण तक पहुँचे हैं। और ये तीनों खूबियाँ एक सफल सिविल सेवक के लिए अत्यंत आवश्यक होती हैं, इसीलिए मुझे आईएएस के रूप में चयनित किया जाना चाहिए। या ऐसे ही कुछ अन्य खूबियाँ बताते हुए और उन्हें अपने जीवन के साथ जोड़ते हुए आप उत्तर दे सकते हैं और बड़े विनम्र स्वर में स्वयं को आईएएस के रूप में चयनित करने की बात कह सकते हैं।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : आप आईएएस क्यों बनना चाहते हैं? या आपका आईएएस बनने का उद्देश्य क्या है?

उत्तर : सामान्यतः यह प्रश्न भी साक्षात्कार के दौरान अक्सर पूछा जाता है। इस प्रश्न का उद्देश्य अभ्यर्थी के जीवन के लक्ष्य, लक्ष्य के प्रति अभ्यर्थी के समर्पण, उसे प्राप्त करने का जज्बा, वैचारिक शुद्धता, अभ्यर्थी के नैतिक स्तर इत्यादि की जाँच करना होता है। इस दौरान अभ्यर्थी को बेहद सहजता पूर्वक और बड़ी ईमानदारी से अपने लक्ष्य के प्रति अपने विचार साक्षात्कार बोर्ड के समक्ष रखने चाहिएँ। यदि संभव हो तो इस संदर्भ में अपनी कुछ भविष्य की रणनीतियों का उल्लेख भी किया जाना चाहिए।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : आपकी अभिरुचि (Hobby) क्या है? उसके बारे में बताइए?

उत्तर : इस प्रश्न का उद्देश्य यह जानना होता है कि आप बोरियत के समय किस प्रकार से स्वयं को व्यस्त रखते हैं। यह प्रश्न भी सामान्यतः प्रत्येक साक्षात्कार में पूछा जाता है। इसका सामना करने का भी अच्छा तरीका यही होता है कि आप साक्षात्कार से पूर्व ही इसकी तैयारी करके जाएँ। आपको अपनी आदतों में से किसी एक ऐसी अच्छी आदत को अपने अभिरुचि के रूप में बताना चाहिए जो आपको बोरियत के समय पुनः ऊर्जावान बनने में सहयोग करती है। आपकी अभिरुचि में कोई खेल खेलना, कोई संगीत यंत्र बजाना, पुस्तकें पढ़ना, खाना बनाना, घूमना-फिरना, फिल्में देखना, गाना गाना, कविता लिखना इत्यादि शामिल हो सकती हैं। इन्हीं में से किसी एक का चयन करके आपको उसके विषय में आधिकारिक जानकारी एकत्र करनी चाहिए, ताकि साक्षात्कार के दौरान साक्षात्कार बोर्ड के सदस्यों द्वारा इसके संबंध में पूछे गए अधिकांश प्रश्नों का उत्तर आप सहजता पूर्वक दे सकें।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : आपके स्नातक विषयों का हिस्सा न होने के बावजूद आपने अमुक विषय को ही अपने वैकल्पिक विषय के रूप में क्यों चुना? (यदि आपका वैकल्पिक विषय आपके स्नातक के विषयों से मेल नहीं खाता है तो एक ऐसा प्रश्न भी पूछा जा सकता है।)

उत्तर : यह प्रश्न पूछने का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि कहीं आपने अपने वैकल्पिक विषय का चयन किसी अन्य अभ्यर्थी की नकल करके अथवा किसी के दबाव में आकर तो नहीं किया है! इसके अलावा, वे यह परखना चाहते हैं कि आप अपने किसी निर्णय के पक्ष में अपना उत्तर कितनी तार्किकता के साथ रखते हैं। इस प्रश्न का उत्तर देते समय आप आसानी से कह सकते हैं कि चूँकि यह विषय मेरी रुचि के अनुरूप था तथा आईएएस परीक्षा के पाठ्यक्रम के अमुक-अमुक खंडों में यह मुझे लाभ पहुँचाने वाला था, इसलिए इन तमाम दृष्टिकोण के आधार पर मैंने इस विषय का चयन अपने वैकल्पिक विषय के रूप में किया।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : आपका चेहरा एक आईएएस अधिकारी जैसा नहीं लगता। इस पर आप क्या कहेंगे?

उत्तर : ऐसे प्रश्न अक्सर अभ्यर्थी के धैर्य की जाँच करने के लिए किए जाते हैं। ऐसे प्रश्नों का उद्देश्य यह परखना होता है कि अभ्यर्थी नकारात्मक परिस्थितियों में तथा दबाव में कैसे व्यवहार करता है। ऐसी परिस्थिति में भी चेहरे पर एक हल्की मुस्कान रखते हुए आपको सहज रहना है और बड़ी विनम्रता पूर्वक कहना है कि सर, चेहरे की अपेक्षा गुणों का होना जरूरी होता है। सुंदर दिखने वाली प्रत्येक वस्तु गुणवान नहीं होती है। अंतिम रूप से एक सिविल सेवक को अपने चेहरे के दम पर नहीं, बल्कि अपनी बुद्धि के दम पर प्रशासन चलाना होता है। इसीलिए एक बेहतर सिविल सेवक बनने के लिए अच्छा चेहरा नहीं बल्कि अच्छा दिमाग चाहिए होता है। इसके अलावा, अपनी बात रखने के लिए आप किसी अन्य तर्क का सहारा भी ले सकते हैं।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : आप अपने हाव-भाव से घोर भ्रष्टाचारी नजर आते हैं। क्या गारंटी है कि आप प्रशासन में जाने के पश्चात् भ्रष्टाचार नहीं करेंगे?

उत्तर : यह प्रश्न भी ठीक ऊपर वाले प्रश्न की तरह ही है। इस प्रश्न का उद्देश्य भी आपके धैर्य की परीक्षा करना है और यह जाँचना है कि आप आपके विरुद्ध कही गई नकारात्मक बातों पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं! इस प्रश्न का उत्तर देते समय आपको अपनी कुछ खूबियों का ज़िक्र करना है तथा उन्हें कुछ उदाहरणों सहित पुष्ट करना है। इसके अलावा, अपने जीवन के कुछ ऐसे उदाहरण बताने हैं, जिस समय अगर आप चाहते तो भ्रष्टाचार कर सकते थे, लेकिन आपने ईमानदारी से कार्य किया। इसके इतर, अन्य कुछ सटीक तर्कों के साथ आप अपनी बात विनम्रता पूर्वक रख सकते हैं।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : चूँकि आईएएस एक अखिल भारतीय सेवा है, फिर भी आपने अपने गृह संवर्ग (Home Cadre) को ही पहली प्राथमिकता क्यों दी है? (यदि आपने अपने गृह संवर्ग को पहली प्राथमिकता दी है, तो उस स्थिति में यह प्रश्न पूछा जा सकता है।)

उत्तर : यह प्रश्न पुनः आप की तार्किक सोच को परखने के लिए किया गया है। आपको बिना विचलित हुए सरलता पूर्वक उत्तर देना है कि सर, चूँकि मेरा गृह संवर्ग भी भारत का ही हिस्सा है और यहाँ मुझे स्वच्छंदता दी गई है कि मैं अपनी इच्छानुरूप किसी भी एक संवर्ग का चयन कर सकता हूँ। इसके अलावा संविधान का अनुच्छेद 19 भी मुझे अपनी इच्छानुरूप अपने विचार अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता देता है। और फिर अगर मुझे मेरा गृह संवर्ग मिलता है तो मैं बिना कोई समय गँवाए यथाशीघ्र कार्य शुरू कर सकता हूँ क्योंकि मैं यहाँ की संस्कृति, भाषा, भूगोल इत्यादि से अपेक्षाकृत अधिक परिचित रहूँगा, जबकि अन्य किसी संवर्ग में जाने के पश्चात् मुझे वहाँ की भाषा, संस्कृति व भूगोल को समझने में समय खर्च करना पड़ेगा। इसीलिए मेरा मानना है कि प्रशासनिक दक्षता की दृष्टि से गृह संवर्ग को प्राथमिकता देना उचित है। या इसके अलावा, कोई अन्य तर्क देते हुए भी आप अपनी बात को पुष्ट कर सकते हैं।

साक्षात्कार बोर्ड (प्रश्न) : क्या आपको नहीं लगता कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए गृह संवर्ग (Home Cadre) की व्यवस्था समाप्त कर देनी चाहिए?

उत्तर : सामान्यतः ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय वर्तमान प्रचलित व्यवस्था का ही तर्कों के आधार पर समर्थन करना चाहिए क्योंकि यदि यह व्यवस्था राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए ज़रा भी खतरा उत्पन्न करने वाली होती, तो आज़ादी के 75 वर्षों से भी अधिक समय तक बनाए नहीं रखा जाता। उत्तर देते समय कह सकते हैं कि सर, बहुत कम ऐसे अभ्यर्थी होते हैं जिन्हें अपना गृह संवर्ग मिलता है, जबकि अधिकांश अभ्यर्थियों को अपने गृह संवर्ग से अलग संवर्ग में सेवा देनी होती है। अतः यह व्यवस्था होते हुए भी ना के बराबर ही लागू है। इसके अलावा, देश को आज़ाद हुए 75 वर्षों से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक इस व्यवस्था के चलते ऐसी कोई भी घटना देखने को नहीं मिली है, जिसने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के सामने चुनौती पेश की हो। ऐसे में इस व्यवस्था को समाप्त करने की मुझे कोई उपयोगिता दिखाई नहीं देती है। अर्थात् इस व्यवस्था को बनाए रखा जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, किसी अन्य तर्क के माध्यम से भी आप उत्तर दे सकते हैं।

निष्कर्ष

इन प्रश्नों के अलावा, आपसे कुछ प्रश्न आपके स्नातक विषयों के संबंध में भी पूछे जा सकते हैं, तो उन्हें भी बेहतर तरीके से तैयार करके जाना उचित होगा। आज के दौर में समसामयिक मुद्दों (Current Affairs) का महत्त्व आईएएस परीक्षा में निरंतर बढ़ रहा है, जिसकी झलक हमें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में देखने को मिलती है। ऐसे में, समसामयिक मुद्दों को साक्षात्कार की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जाना चाहिए। इसलिए अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे समसामयिक मुद्दों को भी बेहतर ढंग से तैयार करके जाएँ क्योंकि इस खंड से भी साक्षात्कार के दौरान विभिन्न प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इस दृष्टि से मुख्यतः देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक सौहार्द, अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम इत्यादि महत्त्वपूर्ण विषय हो सकते हैं।

वैसे तो, आईएएस के साक्षात्कार में पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची का कोई अंत नहीं है, लेकिन फिर भी हमने ऊपर कुछ ऐसे प्रश्नों और विषयों की चर्चा की है, जिनसे मिलते-जुलते प्रश्न आपसे आईएएस के साक्षात्कार के दौरान साक्षात्कार बोर्ड के सदस्यों द्वारा पूछे जा सकते हैं। आप कोशिश करें आप अपनी प्रारंभिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा की तैयारी के दौरान ही साक्षात्कार संबंधी कुछ प्रश्नों पर सोचते रहें, जिससे आपको धीरे-धीरे इन प्रश्नों पर सोचने की आदत पड़ जाए और अंततः साक्षात्कार के दौरान आपको किसी विकट समस्या का सामना ना करना पड़े।

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