27 जुलाई 2022 : समाचार विश्लेषण

A.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

B.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:

  1. म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं की हत्या और उसके परिणाम:

C.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

बुनियादी ढांचा:

  1. बिजली की दरों में संशोधन और विद्युत वितरण कंपनियों की स्थिति:

D.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

E.सम्पादकीय:

अर्थव्यवस्था:

  1. वैसे भी यह किसकी GDP है?:

F. प्रीलिम्स तथ्य:

  1. भारत ने 5 नए रामसर स्थलों को जोड़ा:
  2. लाइट-मैंटलेड अल्बाट्रॉस (Light-mantled Albatross):

G.महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. SC ने सरकार से पूछा कि क्या ‘विवेकहीनऔर मुफ्त’ चुनावी वादों पर अंकुश लगाया जा सकता है:
  2. कांगो में संयुक्त राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन में बीएसएफ के 2 जवान शहीद:
  3. CPEC में शामिल होने होने वाला तीसरा पक्ष स्वाभाविक रूप से गैर क़ानूनी हैं: भारत

H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

बिजली की दरों में संशोधन और विद्युत वितरण कंपनियों की स्थिति:

बुनियादी ढांचा:

विषय: बुनियादी ढांचा: ऊर्जा।

मुख्य परीक्षा : भारत में DISCOMS की स्थिति और बिजली दरों में संशोधन की आवश्यकता।

संदर्भ:

  • हाल ही में तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (Tangedco) ने बिजली की दरें बढ़ाने के लिए तमिलनाडु इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन में एक याचिका दायर की थी।

विवरण:

  • तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (Tangedco) ने खुदरा बिजली दरों में लगभग 10% से 35% की वृद्धि का आग्रह किया हैं।
  • यदि इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाता है तो करीब आठ साल में बिजली की दरों में यह पहली बढ़ोतरी होगी।
  • सरकार ने टैरिफ बढ़ाने के प्रस्तावों का समर्थन किया है और कहा है कि इन प्रस्तावित बिजली टैरिफ दरों को बढ़ाने से कुल 2.39 करोड़ में से एक करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

भारत में डिस्कॉम्स (DISCOMS) की स्थिति:

  • अगस्त 2021 की नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार कई डिस्कॉम्स (DISCOMS-विद्युत वितरण कंपनियां) कंपनियां हर साल घाटे का सामना कर रही हैं।
  • वित्तीय वर्ष 2021 में इन डिस्कॉम्स का कुल नुकसान लगभग ₹90,000 करोड़ बताया गया था।
  • डिस्कॉम्स (DISCOMS-विद्युत वितरण कंपनियां) इस नुकसान के कारण अपने उत्पादकों को भुगतान करने में भी सक्षम नहीं हैं, मार्च 2021 तक लगभग 67,917 करोड़ रुपये अतिदेय होने का अनुमान लगाया गया था।
  • इसके अलावा, डिस्कॉम्स (DISCOMS-विद्युत वितरण कंपनियां) अपने बकाया का भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि बिजली की दरें लागतों से कम हैं।

बिजली दरों में संशोधन की आवश्यकता:

  • विद्युत वितरण कंपनियों के घाटे में वृद्धि, बकाया ऋण राशि में वृद्धि के परिणामस्वरूप विद्युत वितरण कंपनियों पर ब्याज के बोझ में वृद्धि के चलते बिजली की दरों में बढ़ोतरी जरुरी है।
  • राज्य के स्वामित्व वाली डिस्कम्स जैसे टैंजेडको (Tangedco) आपूर्ति की औसत लागत (ACS) और औसत राजस्व (ARR) प्राप्ति के अंतर को कम करने में सक्षम नहीं हैं। उज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजाना (उदय) जिसका उद्देश्य राज्य के स्वामित्व वाले डिस्क की स्थिति में सुधार करना है, के तहत निर्दिष्ट किया गया था कि इसको वर्ष 2018-19 तक शून्य किया जायगा।
  • इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वाणिज्यिक बैंकों को निर्देश दिया है कि विद्युत वितरण कंपनियों सहित किसी भी राज्य के स्वामित्व वाली बिजली इकाई को ऋण देने से पहले, बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इकाई ने हर साल 30 नवंबर तक टैरिफ संशोधन याचिका दायर की है या नहीं।
  • हालांकि, खुदरा बिजली दरों में समय-समय पर संशोधन के लिए केंद्र के आग्रह के बावजूद, राज्यों ने इसे लागू नहीं किया है।
  • आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्यों ने हाल ही में क्रमशः लगभग 20 वर्षों और 3 वर्षों के बाद बिजली दरों में वृद्धि की है।
  • जबकि बिहार विद्युत नियामक आयोग ने वृद्धि के प्रस्ताव को खारिज कर दिया हैं।
  • वहीँ दूसरी ओर पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्य घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दे रहे हैं।
  • कृषि के लिए मुफ्त या रियायती बिजली आपूर्ति भी विद्युत वितरण कंपनियों की वर्तमान में ख़राब हो रही स्थिति का एक मुख्य कारण है।

विद्युत वितरण कंपनियों की स्थिति में सुधार के लिए सरकार द्वारा की गई पहल:

  • विद्युत वितरण कंपनियों की सहायता के लिए, केंद्र ने मई 2020 में एक तरलता जलसेक योजना (Liquidity Infusion Scheme) (आत्मनिर्भर भारत अभियान) की घोषणा की, जिसके तहत ₹1,35,497 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए गए हैं।
  • केंद्र सरकार ने विद्युत वितरण कंपनियों को परिणाम से जुड़ी वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) -RDSS) को मंजूरी दी ताकि पूर्व-योग्यता मानदंडों को पूरा किया जा सकें जिससे बुनियादी न्यूनतम बेंचमार्क प्राप्त करने के आधार पर आपूर्ति पक्ष के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सकें।
  • इस योजना का 5 वर्षों में परिव्यय यानी वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 में 3,03,758 करोड़ रुपये का है।
  • भारत में बिजली संकट के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए: Power Crisis in India

सारांश:

  • विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा उपयोगकर्ताओं को मुफ्त और रियायती बिजली की पेशकश करने के वादे विद्युत वितरण कंपनियों के संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा बन गए हैं जो पहले से ही बकाया राशि के बोझ से दबी हुई हैं। इस संदर्भ में, संबंधित राज्यों द्वारा बिजली की दरों में वृद्धि समय की मांग है।

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं की हत्या और उसके परिणाम:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

विषय: विकसित एवं विकासशील देशों की नीतियां और राजनीति का प्रभाव।

मुख्य परीक्षा: म्यांमार में सैन्य जुंटा शासन पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव का प्रभाव और म्यांमार में नवीनतम घटनाक्रम।

संदर्भ:

  • म्यांमार के जुंटा शासन ने लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को फांसी दी।

म्यांमार में नवीनतम घटनाक्रम:

  • जुंटा सैन्य शासन ने वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग के नेतृत्व में एक राज्य प्रशासनिक परिषद (State Administrative Council (SAC)) का गठन किया था।
  • सैन्य शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया है जिसे ‘वसंत क्रांति’ (spring revolution) कहा गया।
  • नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट (National Unity Government (NUG) ) नामक एक समानांतर सरकार की स्थापना की गई है, जिसमें एक सशस्त्र डिवीजन भी है जिसे पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) कहा जाता है, जिसे कई सशस्त्र जातीय समूहों द्वारा समर्थित और प्रशिक्षित किया जाता है, जो जुंटा के खिलाफ लड़ रहे हैं।
  • हाल ही में, चार लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को शासन विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर जुंटा द्वारा मार डाला गया था।
  • रिपोर्टों से पता चलता है कि वर्ष 2021 में तख्तापलट के बाद से जुंटा शासन के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध करने पर 113 से अधिक लोगों को मौत की सजा सुनाई गई है।
  • इसके अलावा, जुंटा शासन ने कुल 2000 से अधिक नागरिकों को मार डाला है और लगभग 14,000 राजनीतिक कैदियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 11,000 से अधिक अभी भी जेल में बंद हैं।
  • हाल ही में तातमाडॉ (Tatmadaw) के भीतर एक वर्ग ने नेतृत्व के कार्यों और क्षमताओं पर सवाल उठाया है और कुछ सैन्य और पुलिस अधिकारियों ने लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का समर्थन किया है और इसमें शामिल हो गए हैं।
  • जुंटा शासन एक मजबूत प्रतिरोध आंदोलन, जातीय संघर्ष, आतंकवादी हमले और एक विफल अर्थव्यवस्था का सामना कर रहा है।
  • विश्व बैंक के अनुसार, म्यांमार की अर्थव्यवस्था वर्ष 2021 में 18% और वर्ष 2022 में जीडीपी 2019 की तुलना में 13% कम होने की उम्मीद है।

हालिया फांसी के निहितार्थ:

  • पीडीएफ (PDF) के नेतृत्व में विपक्ष ने शासन के खिलाफ अपना प्रतिरोध बढ़ा दिया है और फांसी को अक्षम्य/क्षमा न करने योग्य बताया है।
  • पीडीएफ (PDF) के नेताओं ने कहा है कि “जुंटा को इस फांसी कि कीमत चुकानी होगी”।
  • लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के नेताओं को दी गई इस फांसी ने शासन विरोधी आंदोलन को एक बड़ी गति/दिशा प्रदान की है।
  • जुंटा शासन के इस कदम की विभिन्न देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा आलोचना की गई है, जिसमें कंबोडिया, दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) (म्यांमार भी आसियान का सदस्य है) का अध्यक्ष शामिल है।

जुंटा शासन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव का प्रभाव:

  • यू.एस., कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके और यूरोपीय संघ जैसे देशों द्वारा की गई आलोचना और इनके द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध जुंटा शासन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने में विफल रहे हैं।
  • जुंटा सैन्य शासन ने अपने देश के भीतर और दुनिया के बाकी हिस्सों के दबाव का विरोध किया है।
  • जुंटा सैन्य शासन के नेतृत्व ने म्यांमार की शांति और स्थिरता के लिए आसियान की पांच सूत्रीय सहमति का भी सम्मान नहीं किया, जिसे लागू करने पर वे सहमत हुए थे।
  • इसके अलावा, रूस, चीन और थाईलैंड की जुंटा सैन्य शासन से दोस्ती और उनके समर्थन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जुंटा की मदद की है और इनके द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ बने रहने में भी मदद की है।

भावी कदम:

  • विशेषज्ञों का मानना है कि म्यांमार के लिए लोकतंत्र अभी दूर का सपना बना है,क्योंकि वर्ष 2023 तक (वादा किए गए) चुनाव फिलहाल होने की संभावना नहीं है।
  • यहां तक कि अगर चुनाव आयोजित किए जाते हैं, तो यह कहा जा रहा है कि चुनाव में धांधली से जुंटा अपने प्रॉक्सी दल जैसे यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (Union Solidarity and Development Party (USDP)) के माध्यम से सत्ता में वापस आ जाएगी।

सारांश:

  • म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के प्रमुख नेताओं को जुंटा द्वारा फांसी की सजा ने शासन विरोधी और लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के लिए एक उत्प्रेरक का काम किया है जिसका उद्देश्य जुंटा शासन को गिरा कर लोकतंत्र की बहाली करना है।

संपादकीय-द हिन्दू

सम्पादकीय:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

अर्थव्यवस्था:

वैसे भी यह किसकी GDP है?:

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना से संबंधित मुद्दे, संसाधन जुटाना, विकास और रोजगार।

प्रारंभिक परीक्षा: सकल घरेलू उत्पाद माप तथा रोजगार सापेक्षता/लोच की परिभाषा।

मुख्य परीक्षा: आर्थिक प्रगति की GDP माप पर अत्यधिक निर्भरता से संबंधित चिंताएं।

संदर्भ:

  • केंद्र सरकार जल्द ही चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर जारी करेगी। इस संदर्भ में, यह लेख एक व्यवहार्य आर्थिक पैरामीटर के रूप में सकल घरेलू उत्पाद के प्रभाव का विश्लेषण करता है।

एकमात्र आर्थिक पैरामीटर के रूप में सकल घरेलू उत्पाद के उपयोग से संबंधित चिंताएं:

  • हालांकि सकल घरेलू उत्पाद एक राष्ट्र की आर्थिक प्रगति को मापने और राष्ट्रों से इसकी तुलना का माप है, लेकिन GDP पर ही एकमात्र निर्भरता गंभीर चिंता का विषय हैं।

आम नागरिकों के हितों को नहीं दर्शाता:

  • 1980 के दशक से भारत की रोजगार सापेक्षता/लोच (Employment Elasticity) कम हो रही है।
    • रोजगार सापेक्षता/लोच, आर्थिक विकास में 1 प्रतिशत परिवर्तन होने के कारण रोजगार में होने वाले प्रतिशत परिवर्तन की माप है। रोजगार की सापेक्षता/लोच एक अर्थव्यवस्था की उस क्षमता को इंगित करता है जिसमे उसकी वृद्धि दर के (विकास) अनुरूप ही आबादी के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो।
  • सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि का एक प्रतिशत आज 1980 के दशक में अच्छी गुणवत्ता वाली नौकरियों की संख्या के एक-चौथाई से भी कम रोजगार सृजन को संदर्भित करता है। नतीजतन, नई नौकरियों के सृजन में काफी गिरावट आई है। इसलिए विगत कुछ वर्षों औपचारिक क्षेत्र की नौकरियां GDP वृद्धि के अनुरूप नहीं रही (वृद्धि होने के बावजूद घटी है) है।
  • सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि एक आम व्यक्ति, जिसकी प्राथमिक चिंता अच्छे रोजगार के अवसरों तक पहुंच है, के लिए बहुत कम महत्व रखती है। विशेष रूप से, एक उच्च गुणवत्ता वाली औपचारिक क्षेत्र की नौकरी जो काम की गरिमा, अच्छी आय और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, जो लोगों को पर्याप्त आय सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है।

व्यापक उपाय नहीं:

  • जबकि सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर देश की औसत विकास दर का संकेत है, ना कि समावेशी विकास का। इसके अलावा तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं अभी भी अपने लोगों के लिए समृद्धि और सामाजिक गतिशीलता प्रदान करने में असमर्थ हैं।
  • साथ ही GDP गरीबी के स्तर जैसे मापदंडों की अनदेखी करता है और इसलिए GDP सामाजिक कल्याण का पैमाना नहीं हो सकता है।

सामाजिक मुद्दों की उपेक्षा:

  • हर कीमत पर सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के पीछे बाध्यकारी प्रति-उत्पाद हो सकता है। इससे सामाजिक मुद्दों से ध्यान भटक सकता है। यह दीर्घ काल में सरकारों के खिलाफ आम जनता की प्रतिक्रिया का कारण बन सकता है। इससे सामाजिक असामंजस्य तथा आर्थिक व्यवधान पैदा हो सकता है जो देश की आर्थिक संभावनाओं पर और प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
  • इसे श्रीलंका के मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक संकट के सन्दर्भ में समझा जा सकता है।

सुझाव:

  • प्रशासन को आमूल चूल परिवर्तन द्वारा सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के आंकड़ों पर अत्यधिक निर्भरता से हटकर आर्थिक और सामाजिक प्रदर्शन आधारित व्यापक माप ढांचे को अपनाना चाहिए। क्योकि इसमें केवल एक माप के बजाय कई संकेतकों को शामिल किया जा सकता हैं।

सारांश:

  • आर्थिक वृद्धि और विकास को मापने हेतु एक मात्र GDP दर पर निर्भरता की सिफारिश नहीं की जाती है, क्योंकि GDP सामाजिक कल्याण को मापने का एक मात्र साधन नहीं हो सकता है, इसलिए इसमे सामाजिक मुद्दों तथा समावेशी विकास को शामिल नहीं किया जा सकता है।

प्रीलिम्स तथ्य:

1. भारत ने 5 नए रामसर स्थलों को जोड़ा:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

पर्यावरण:

विषय: पर्यावरण संरक्षण

प्रारंभिक परीक्षा: रामसर सम्मेलन और भारत के रामसर स्थल।

संदर्भ:

  • भारत ने पांच और रामसर स्थलों को जोड़ा है।

विवरण:

  • भारत ने अंतरराष्ट्रीय महत्व के पांच नए आर्द्रभूमि स्थल शामिल किये हैं:
  1. तमिलनाडु में करिकिली पक्षी अभयारण्य, पल्लीकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट और पिचवरम मैंग्रोव
  2. मध्य प्रदेश में साख्य सागर
  3. मिजोरम में पाला आर्द्रभूमि
  • इसके साथ ही भारत में रामसर स्थलों की संख्या 49 से बढ़ाकर 54 स्थल हो गई है।
  • MOEFCC के अनुसार, वेटलैंड्स, ” दलदल,पंकभूमि ,पीटलैंड या पानी का क्षेत्र है; चाहे वो प्राकृतिक हो या कृत्रिम, स्थायी हो या अस्थायी या जहां पानी स्थिर हो या बहता हो, ताजा, खारा या नमकीन हो, साथ ही इसमें समुद्री पानी का वह क्षेत्र भी शामिल हैं जिसमें कम गहराई और ज्वार छह मीटर से अधिक ऊपर नहीं उठते हो लेकिन इसमें नदी चैनल, धान के खेत, मानव निर्मित जल निकाय/ टैंक जो विशेष रूप से पीने के पानी के लिए विशेष रूप से एक्वाकल्चर, नमक उत्पादन, मनोरंजन और सिंचाई उद्देश्यों के लिए निर्मित हैं,वे शामिल नहीं हैं।
  • रामसर साइट के रूप में नामित होने के लिए, आर्द्रभूमि को रामसर कन्वेंशन (Ramsar Convention) द्वारा परिभाषित नौ मानदंडों में से कम से कम एक मानदंड को पूरा करना चाहिए।
  • भारत की रामसर आर्द्रभूमि 11,000 वर्ग किमी में फैली हुई है, जो 18 राज्यों में देश के कुल आर्द्रभूमि क्षेत्र का लगभग 10% है।
  • 54 साइटों के साथ, भारत में सभी दक्षिण एशियाई देशों में सबसे अधिक स्थल हैं।
  • यू.के. (175) और मेक्सिको (142) में रामसर स्थलों की संख्या सबसे अधिक है।
  • भारत में रामसर स्थलों के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए: Ramsar sites in India

2. लाइट-मैंटलेड अल्बाट्रॉस (Light-mantled Albatross):

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

पर्यावरण:

विषय: पर्यावरण संरक्षण

प्रारंभिक परीक्षा: लाइट-मैंटलेड अल्बाट्रोस (Light-mantled Albatross)।

संदर्भ:

  • एशिया में पहली बार तमिलनाडु के रामेश्वरम तट पर लाइट-मैंटलेड अल्बाट्रॉस को देखा गया था।

लाइट-मैंटलेड अल्बाट्रॉस (Light-mantled Albatross):

Image Source: ebird.org

Image Source: ebird.org

  • लाइट-मैंटलेड अल्बाट्रॉस अंटार्कटिक समुद्र के पक्षी की मूल प्रजाति है।
  • इस प्रजाति में व्यापक समुद्री आदतें होती हैं,और यह दक्षिणी महासागर के परिध्रुवीय क्षेत्र के आस पास रहती है।
  • लाइट-मैंटलेड अल्बाट्रोस की ऊपरी चोंच पर नाक की नलियां होती हैं जिन्हें नारिकोर्न कहा जाता है, हालांकि अल्बाट्रोस में ये शीर्ष के बजाय ऊपरी जबड़े (mandible) के किनारों पर होती हैं।
  • उनके पास नासिका मार्ग के ऊपर एक लवणीय ग्रंथि भी होती है,जो समुद्र के पानी को सोखने के लिए परासरणी संतुलन बनाए रखने के लिए एक संकेन्द्रित खारा घोल उत्सर्जित करती है।
  • यह विभिन्न उप-अंटार्कटिक द्वीपों पर प्रजनन के लिए जाना जाता है, जैसे कि:
  1. मैक्वेरी आइलैंड्स, हर्ड आइलैंड और ऑस्ट्रेलिया के मैकडॉनल्ड आइलैंड्स।
  2. दक्षिण जॉर्जिया द्वीप जो एक ब्रिटिश प्रवासी क्षेत्र है।
  3. दक्षिण अफ्रीका के प्रिंस एडवर्ड आइलैंड्स।
  4. फ्रांस के इल्स केर्गुएलन और इल्स क्रोज़ेट।
  5. न्यूजीलैंड के ऑकलैंड, कैंपबेल और एंटिपोड्स द्वीप समूह।
  • IUCN स्थिति: निकट संकटग्रस्त (संकट-निकट (Near Threatened या NT) – जाति की निटक भविष्य में संकटग्रस्त हो जाने की संभावना है)

महत्वपूर्ण तथ्य:

1. SC ने सरकार से पूछा कि क्या ‘विवेकहीन और मुफ्त’ चुनावी वादों पर अंकुश लगाया जा सकता है:

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने इसको “गंभीर” मुद्दे के रूप में चिह्नित किया और मतदाताओं को लुभाने के लिए “मुफ्त उपहार” के वादों पर प्रतिबन्ध लगाने के उपाय करने के लिए कहा हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को वित्त आयोग के साथ इस बात पर चर्चा करने के लिए कहा कि क्या राजनीतिक दलों को चुनाव अभियानों के दौरान “विवेकहीन मुफ्त उपहार” का वादा रोकने का कोई तरीका है।
  • विशेषज्ञों को लगता है कि वित्त आयोग जो एक स्वतंत्र निकाय है,को प्रत्येक राज्य को वित्त आवंटन करते समय उनके ऋणों पर विचार करते हुए यह ध्यान में रखना चाहिए कि क्या राज्यों द्वारा किय गए मुफ्त के वादे उनके लिए व्यवहार्य होंगे
  • इस मुद्दे के बारे में अधिक जानकारी के लिए 29 अप्रैल 2022 का यूपीएससी परीक्षा व्यापक समाचार विश्लेषण देखें।

2. कांगो में संयुक्त राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन में बीएसएफ के 2 जवान शहीद:

  • सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो जवान जो संयुक्त राष्ट्र शांति सेना दल (United Nations Peacekeeping) का हिस्सा हैं, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में हिंसक विरोध में शहीद हो गए।
  • BSF के ये दो जवान कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (United Nations Organization Stabilization Mission in the Democratic Republic of the Congo.-MONUSCO) के बेनी और बुटेम्बो में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन के तहत तैनात थे।
  • MONUSCO के अनुसार, इसके कर्मियों, सुविधाओं और संचालन के खिलाफ किये जाने वाले हमले युद्ध अपराध हैं,और अंतरराष्ट्रीय अदालतों के समक्ष कार्यवाही के अधीन हैं।

3. CPEC में शामिल होने होने वाला तीसरा पक्ष स्वाभाविक रूप से गैर क़ानूनी हैं: भारत

  • भारत ने माना है कि चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे ( China Pakistan Economic Corridor-CPEC) के दायरे को विस्तृत करने के प्रयास “स्वाभाविक रूप से अवैध” हैं क्योंकि अभी हाल ही में चीन और पाकिस्तान ने अन्य देशों को सीपीईसी में लाने के लिए एक बैठक आयोजित की थी।
  • CPEC को विस्तारित करने की कोई भी कार्रवाई भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी क्योंकि भारत CPEC के विरोध के माध्यम से भारतीय क्षेत्र के उन हिस्सों में परियोजनाओं का विरोध करता रहा है जिन पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
  • CPEC में बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं,जिनका उद्देश्य गिलगित बाल्टिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हिमालय की सीमा से गुजरते हुए चीन की मुख्य भूमि को खाड़ी देशों से जोड़ना है।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन आठ विकासशील देशों (Developing eight countries) (D-8) के समूह का सदस्य नहीं है? (स्तर-कठिन )

(a) श्रीलंका

(b) पाकिस्तान

(c) टर्की/तुर्की

(d) नाइजीरिया

उत्तर: a

व्याख्या:

  • D-8, जिसे डेवलपिंग -8 (Developing-8) के रूप में भी जाना जाता है,में बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, ईरान, मलेशिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान और तुर्की शामिल है।
  • 15 जून, 1997 को राष्ट्राध्यक्षों/सरकार के प्रमुखों के शिखर सम्मेलन में इस्तांबुल घोषणा के माध्यम से डी-8 की स्थापना की घोषणा की गई थी।
  • श्रीलंका डी-8 ग्रुपिंग का सदस्य नहीं है। अतः विकल्प a सही उत्तर है।

प्रश्न 2. विश्व आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (स्तर – मध्यम)

  1. यह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा प्रकाशित की जाती है।
  2. इसमें निकट और मध्यम अवधि में वैश्विक आर्थिक विकास का विश्लेषण और भविष्यवाणी की जाती है।
  3. यह आमतौर पर वर्ष में चार बार प्रकाशित की जाती है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: a

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है: विश्व आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा प्रकाशित की जाती है।
  • कथन 2 सही है: विश्व आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट आईएमएफ अर्थशास्त्रियों के अल्प और मध्यम अवधि के वैश्विक आर्थिक विकास का विश्लेषण करती है।
  • कथन 3 सही नहीं है: यह आमतौर पर साल में दो बार प्रकाशित की जाती है।

प्रश्न 3. जैविक खेती के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (स्तर – कठिन)

  1. भारत वर्तमान में विश्व स्तर पर जैविक कृषि क्षेत्र के मामले में पहले स्थान पर है।
  2. विश्व में प्रमाणित जैविक किसानों की संख्या भारत में सबसे अधिक है।
  3. परम्परागत कृषि विकास योजना जिसका उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करना है न कि किसी प्रकार की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2

(c) केवल 1 और 3

(d) केवल 3

उत्तर: b

व्याख्या:

  • कथन 1 सही नहीं है: जैविक कृषि अनुसंधान संस्थान (FiBL) और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर मूवमेंट्स (IFOAM) सांख्यिकी 2022 के अनुसार, भारत वर्तमान में विश्व स्तर पर जैविक कृषि के प्रमाणित क्षेत्र के मामले में चौथे स्थान पर है।
  • कथन 2 सही है: विश्व में प्रमाणित जैविक किसानों की संख्या में भारत का पहला स्थान है।
  • कथन 3 सही नहीं है: वर्ष 2015 में शुरू की गई परम्परागत कृषि विकास योजना (Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY)) का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना और तकनीकी सहायता के साथ-साथ 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर / 3 वर्ष तक वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

प्रश्न 4. अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (स्तर – सरल)

  1. यह संयुक्त रूप से अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान, चीन और कनाडा की अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा संचालित किया जाता है।
  2. इसे पृथ्वी की उच्च कक्षा में स्थापित किया गया हैं।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1, न ही 2

उत्तर: d

व्याख्या:

  • कथन 1 सही नहीं है: अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ( International Space Station (ISS)) एक मानव निर्मित अंतरिक्ष स्टेशन या कृत्रिम उपग्रह है,जिस में अंतरिक्ष यात्री रह सकते हैं ।
  • आईएसएस को संयुक्त रूप से नासा (USA), रोस्कोस्मोस (रूस-Roscosmos (Russia)), यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA-Europe), जेएक्सए (JAXA (Japan)) और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (Canada) द्वारा संचालित किया जाता है।
  • कथन 2 सही नहीं है: ISS को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया है।

प्रश्न 5. निम्नलिखित में से किस मुगल सम्राट ने सचित्र पांडुलिपियों से ध्यान हटाकर चित्राधार (एल्बम) और व्यक्तिगत रूपचित्रण पर अधिक जोर दिया ? PYQ (2019) (स्तर – मध्यम)

(a) हुमायूं

(b) अकबर

(c) जहांगीर

(d) शाहजहाँ

उत्तर: c

व्याख्या:

  • जहाँगीर कला और स्थापत्य का बहुत बड़ा शौकीन था।
  • उन्होंने कई कलाकृतियों को अधिकृत, सूचीबद्ध और संरक्षित किया।
  • उन्होंने एक चिड़ियाघर भी बनाया,जहाँ जानवरों की प्रत्येक प्रजाति का दस्तावेजीकरण किया जाता था ।
  • जहाँगीर को जेसुइट्स ने यूरोपीय कलाकृतियों से अवगत कराया गया, जिन्होंने उनके दरबार का दौरा किया और जहाँगीर ने अपने दरबारी चित्रकारों को भी यूरोपीय शैलियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

प्रश्न 1. चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए विवेकहीन तरीके से मुफ्त देने का वादा एक गंभीर चिंता का विषय है। इस मुद्दे का उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई हाल की टिप्पणियों के आलोक में परीक्षण कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (जीएस II – राजनीति)

प्रश्न 2. आर्थिक वृद्धि और विकास को मापने के लिए एक मीट्रिक के रूप में केवल जीडीपी के आंकड़ों पर निर्भरता की अनुशंसा नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि जीडीपी सामाजिक कल्याण का एक माप नहीं हो सकता है। आलोचनात्मक चर्चा कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (जीएस III – अर्थव्यवस्था)