09 दिसंबर 2022 : समाचार विश्लेषण
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A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित: अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:
C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित: अर्थव्यवस्था:
D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। E. संपादकीय: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। F. प्रीलिम्स तथ्य: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। G. महत्वपूर्ण तथ्य:
H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: |
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प्रेषण (रेमिटेंस) में निरंतर वृद्धि:
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:
अर्थव्यवस्था:
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था और संसाधनों की योजना, गतिशीलता, वृद्धि और विकास से संबंधित मुद्दे।
प्रारंभिक परीक्षा: प्रेषण से सम्बंधित तथ्य।
मुख्य परीक्षा: दुनिया और भारत में प्रेषण के रुझानों में वृद्धि।
संदर्भ
- विश्व बैंक के नवीनतम “रेमिटेंस ब्रेव ग्लोबल हेडविंड्स”, संक्षेप में प्रवासन और विकास, के अनुसार भारत में प्रेषण 2022 में $100 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।
- 2021 में, भारत को लगभग 89.4 बिलियन डॉलर प्राप्त हुए और इसके 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचने वाला पहला देश बनने की उम्मीद है।
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प्रेषण (रेमिटेंस)
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प्रेषण में रुझान या प्रवृत्ति:
- 2021 में 781 बिलियन डॉलर की तुलना में 2022 में दुनिया भर में भेजे गए प्रेषण के 794 बिलियन डॉलर को पार करने की उम्मीद है।
- रुझान 2021 में 10.2% की तुलना में 2022 में 4.9% का संकेत देते हैं, जो 2010 के बाद सबसे अधिक था।
- कुल 794 अरब डॉलर प्रेषण में से 626 अरब डॉलर निम्न और मध्यम आय वाले देशों को भेजा गया।
- निम्न और मध्यम आय वाले देशों में, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), आधिकारिक विकास सहायता (ODA) और पोर्टफोलियो निवेश प्रवाह की तुलना में प्रेषण बाहरी वित्त का एक बड़ा स्रोत बन गया है।

चित्र स्रोत: Times of India
प्रेषण में निरंतर वृद्धि के कारण:
- महामारी के बाद गृह देशों में विभिन्न क्षेत्रों का फिर से खुलना, पुनस्र्त्थान और रिकवरी।
- प्रवासी श्रमिकों की आय और रोजगार की स्थितियों में सुधार के कारण प्रेषण भेजने की उनकी क्षमता में सुधार हुआ है।
- रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में प्राप्त प्रेषण में 10.2% की वृद्धि उच्च आय वाले देशों जैसे कि अमेरिका और यूरोप में अपनी उतार-चढ़ाव वाली अर्थव्यवस्थाओं का समर्थन करने के लिए शुरू किए गए विभिन्न प्रोत्साहन उपायों के कारण हुई थी।
- इससे रोजगार की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिली और प्रवासी श्रमिकों की आय में वृद्धि हुई।
- इसके अलावा, महामारी के बाद के रिकवरी चरण में अपने परिवारों को घर वापस लाने में मदद करने के लिए प्रवासी श्रमिकों के बीच दृढ़ संकल्प का निर्माण हुआ है।
भारत में निरंतर आने वाले प्रेषण प्रवाह के कारण:
- रिपोर्ट में इस तथ्य पर प्रकाश डाला गया है कि GCC देशों में निम्न-कौशल, अनौपचारिक रोजगार से लेकर यू.एस. यू.के., सिंगापुर, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में उच्च-कौशल रोजगारों तक शीर्ष गंतव्यों के संबंध में एक संरचनात्मक परिवर्तन से भारत की ओर धन प्रेषण में लाभ हुआ है।
- 2016-17 और 2020-21 के बीच यू.एस., यू.के. और सिंगापुर से प्रेषण की हिस्सेदारी 26% से बढ़कर 36% हो गई है, जबकि GCC देशों की हिस्सेदारी 54% से घटकर 28% हो गई है।
- अमेरिका ने (23% की हिस्सेदारी के साथ), प्रेषण के लिए भारत के शीर्ष स्रोत देश के रूप में सऊदी अरब को विस्थापित कर दिया।
- इस संरचनात्मक परिवर्तन ने महामारी के दौरान एक बड़ा प्रभाव डाला है क्योंकि उच्च आय वाले देशों में भारतीय प्रवासियों ने घर से काम किया और बड़े राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेजों से भी लाभान्वित हुए तथा महामारी के बाद के चरण में, वेतन वृद्धि और रिकॉर्ड-उच्च रोजगार स्तर के कारण प्रेषण में क्रमिक वृद्धि देखने को मिली हैं ।
- इसके अतिरिक्त, जीसीसी देशों में प्रवासी श्रमिकों को भी इन देशों में बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए अपनाए गए प्रत्यक्ष समर्थन उपायों से लाभ हुआ।
- रिपोर्ट में यह भी उम्मीद है कि भारतीय प्रवासियों को अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपये के मूल्यह्रास का लाभ हुआ होगा, जिससे उनके प्रेषण में भी वृद्धि हुई होगी।
भावी कदम:
- रिपोर्ट में उम्मीद की गई है कि 2023 में प्रेषण में वृद्धि लगभग 2% घट जाएगी क्योंकि उच्च आय वाले देशों में GDP वृद्धि में गिरावट प्रवासी श्रमिकों के वेतन लाभ को प्रभावित करेगी।
- दक्षिण एशियाई देशों में प्रेषण में वृद्धि 2022 में 3.5% से घटकर 2023 में 0.7% होने का अनुमान है।
- अमेरिका में भी, मंदी के साथ-साथ उच्च मुद्रास्फीति की दर के कारण प्रेषण प्रवाह के प्रतिबंधित होने की उम्मीद है और GCC देशों से भी प्रेषण बहिर्वाह में कमी आने की उम्मीद है।
- श्रम की मांग भी घटेगी क्योंकि फीफा विश्व कप के कारण कतर में निर्माण गतिविधियां भी समाप्त हो गई हैं।
- इस वैश्विक प्रवृत्ति के बावजूद, 2023 में भारत में प्रेषण 4% बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि भारतीय प्रवासियों का एक बड़ा प्रतिशत विकसित देशों में अपेक्षाकृत उच्च वेतन अर्जित कर रहा है और GCC देशों में कम वेतन वाले प्रवासियों की तुलना में उनका वेतन अधिक लचीला होने की उम्मीद है।
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सारांश:
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G20 की अध्यक्षता के दौरान भारत की पेशकश क्या होगी?
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
अंतर्राष्ट्रीय संबंध:
विषय: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
प्रारंभिक परीक्षा: G20 ।
मुख्य परीक्षा: भारत की G20 अध्यक्षता – महत्व, चुनौतियाँ और आगे की राह।
संदर्भ
- भारत ने 1 दिसंबर 2022 को G20 की अध्यक्षता ग्रहण की।
G20 या बीस के समूह का इतिहास:
- G20 एक बहुपक्षीय मंच है जिसकी स्थापना 1999 में सात देशों अर्थात् U.K., U.S., कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों द्वारा 1997-98 के वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि में और उसके बाद की गई थी।।
- G20 नेताओं की पहली बैठक 1999 में हुई थी, और इसे 2008 में सरकार / राज्य के प्रमुखों के स्तर तक बढ़ा दिया गया था।
- इसके अलावा, G20 को 2009 में अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए प्रमुख मंच के रूप में नामित किया गया था।
- G20 फोरम जो पहले केवल मैक्रोइकॉनॉमिक्स से संबंधित मामलों को देखता था, अब व्यापार, ऊर्जा, स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण, सतत विकास आदि जैसे मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करने के लिए अपने एजेंडे का विस्तार कर चुका है।

इस विषय से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए – G20
G20 फोरम की कार्यप्रणाली?
- G20 की कार्यप्रणाली को दो समानांतर ट्रैक अर्थात् वित्त ट्रैक और शेरपा ट्रैक में विभाजित किया गया है।
- वित्त ट्रैक: इसका नेतृत्व वित्त मंत्रियों और सदस्य देशों के केंद्रीय बैंक के गवर्नर करते हैं। वे साल भर नियमित रूप से मिलते हैं।
- शेरपा ट्रैक: शेरपा नेताओं के निजी दूत होते हैं जो शेरपा ट्रैक का नेतृत्व करते हैं। शेरपा साल भर बातचीत के पर्यवेक्षण में मदद करते हैं और शिखर सम्मेलन के एजेंडे पर चर्चा करने और G20 के काम के समन्वय के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।
- कार्य समूहों को विशिष्ट विषयों के आधार पर डिजाइन और स्थापित किया गया है और वे दोनों ट्रैकों के भीतर काम करते हैं। इन कार्यकारी समूहों में सदस्य देशों के विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि और अतिथि देश भी शामिल हैं।
- इसके अलावा, अन्य प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संगठन जैसे संयुक्त राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) भी G20 फोरम के कार्यकारी समूहों में भाग लेते हैं।
भारत की अध्यक्षता का क्या अर्थ है?
- G20 शिखर सम्मेलन वार्षिक रूप से एक घूर्णी अध्यक्षता के तहत आयोजित किया जाता है और भारत ने वर्ष 2023 के लिए इस भूमिका को ग्रहण किया है।
- G20 का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है, और अध्यक्ष को पिछले, वर्तमान और भविष्य के धारकों द्वारा समर्थन दिया जाता है, जिन्हें एक साथ G20 ट्रोइका (तिकड़ी) कहा जाता है।
- G20 के 2023 ट्रोइका में इंडोनेशिया (पिछला), भारत (वर्तमान) और ब्राजील (भविष्य) शामिल हैं।
- G20 अध्यक्ष के रूप में भारत दिसंबर 2023 में नई दिल्ली में 18वें G20 राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
- G20 अध्यक्षता अपने शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने और विषय निर्धारित करने का अवसर प्रदान करने के अलावा कोई अन्य औपचारिक अधिकार प्रदान नहीं करती है।
- भारत की G20 अध्यक्षता का विषय “वसुधैव कुटुम्बकम” या “एक पृथ्वी · एक परिवार · एक भविष्य” है।
- विषय LiFE (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) पहल( LiFE (Lifestyle for Environment) initiative)पर ध्यान केंद्रित करने की सुविधा भी प्रदान करती है।
- एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जबकि हम इस कठिन दौर से गुजर रहे हैं, भारत की G20 अध्यक्षता “स्थायी, समग्र, जिम्मेदार और समावेशी तरीके से दुनिया में सभी के लिए न्यायसंगत और समान विकास के लिए प्रयासरत है”।
भारत की G20 अध्यक्षता के बारे में अधिक जानकारी के लिए, निम्नलिखित लेख देखें:
Sansad Tv Perspective: India’s G20 Presidency
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सारांश:
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चित्र स्रोत: Times of India
प्रेषण में निरंतर वृद्धि के कारण:
- महामारी के बाद गृह देशों में विभिन्न क्षेत्रों का फिर से खुलना, पुनस्र्त्थान और रिकवरी।
- प्रवासी श्रमिकों की आय और रोजगार की स्थितियों में सुधार के कारण प्रेषण भेजने की उनकी क्षमता में सुधार हुआ है।
- रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में प्राप्त प्रेषण में 10.2% की वृद्धि उच्च आय वाले देशों जैसे कि अमेरिका और यूरोप में अपनी उतार-चढ़ाव वाली अर्थव्यवस्थाओं का समर्थन करने के लिए शुरू किए गए विभिन्न प्रोत्साहन उपायों के कारण हुई थी।
- इससे रोजगार की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिली और प्रवासी श्रमिकों की आय में वृद्धि हुई।
- इसके अलावा, महामारी के बाद के रिकवरी चरण में अपने परिवारों को घर वापस लाने में मदद करने के लिए प्रवासी श्रमिकों के बीच दृढ़ संकल्प का निर्माण हुआ है।
संपादकीय-द हिन्दू
संपादकीय:
आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।
प्रीलिम्स तथ्य:
आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
1. राज्यसभा ने बेहतर सुरक्षा का वादा करने वाले वन्यजीव विधेयक को मंजूरी दी:
- राज्यसभा ने अपने चल रहे शीतकालीन सत्र में वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन विधेयक (Wildlife (Protection) Amendment Bill ) पारित किया।
- लोकसभा ने अगस्त में मानसून सत्र (2022) के दौरान विधेयक पारित किया था और विधेयक की संसदीय पैनल ( Parliamentary Panel) द्वारा जांच भी की गई थी।
- विधेयक का उद्देश्य संरक्षित क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से वन्यजीवों की रक्षा और संरक्षण करना है और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (Wildlife (Protection) Act, 1972) के तहत प्रजातियों को सूचीबद्ध करने वाले कार्यक्रमों को युक्तिसंगत बनाना है।
- विधेयक का उद्देश्य संरक्षित क्षेत्रों का बेहतर प्रबंधन करना भी है और स्थानीय समुदायों द्वारा चराई या पशुओं की आवाजाही तथा पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी के वास्तविक उपयोग जैसी गतिविधियों की अनुमति देना है।
- विपक्षी दलों ने चिंता व्यक्त की है कि संशोधन ने हाथियों के परिवहन और सुरक्षा के लिए एक बड़ी छूट प्रदान की है, क्योंकि संशोधन अधिनियम की धारा 27 का उल्लंघन करता है।
- हालांकि, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया है कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार हाथियों की रक्षा और संरक्षण किया जाएगा।
2. श्रीलंका भारत के साथ रुके हुए व्यापार समझौते पर बातचीत फिर शुरू करेगा:
- उम्मीद की जा रही है कि श्रीलंका रुके हुए आर्थिक और तकनीकी सहयोग समझौते (ETCA) पर भारत के साथ बातचीत फिर से शुरू करेगा क्योंकि द्वीप देश अपनी संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए व्यापार समझौते और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रवाह की आकांक्षा रहा है।
- भारत-श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौते (ISFTA) को व्यापक और गहरा करने के उद्देश्य से 2016 और 2019 के बीच लगभग 11 दौर की द्विपक्षीय चर्चाएँ हुईं।
- हालाँकि, श्रीलंका में उत्तरगामी सरकारें ETCA वार्ताओं को पूरा करने में विफल रहीं क्योंकि इस कदम को श्रीलंका के राष्ट्रवादी समूहों और ट्रेड यूनियनों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा क्योंकि उन्हें लगा कि यह समझौता भारत को अनुचित लाभ प्रदान करेगा।
- इसके अलावा, श्रीलंका ने भारत और चीन जैसे प्रमुख बाजारों के साथ एकीकरण के अपने प्रयासों को फिर से शुरू कर दिया है। श्रीलंका भी थाईलैंड के साथ अपनी व्यापार वार्ता और सिंगापुर के साथ FTA वार्ता फिर से शुरू कर रहा है।
- भारत और चीन श्रीलंका के लिए आयात के शीर्ष दो स्रोत हैं।
इस विषय से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: India-Sri Lanka Relations
3. विज्ञान मंत्री ने कहा कि जीएम सरसों DMH-11 के फील्ड परीक्षणों में उच्च उपज प्राप्त हुई है:
- केंद्रीय विज्ञान मंत्री के अनुसार, ट्रांसजेनिक सरसों की किस्म, धारा मस्टर्ड हाइब्रिड-11 (DMH-11) के फील्ड परीक्षणों में अधिक उपज प्राप्त हुई है और DMH-11 के उपयोग से मधुमक्खियों की परागण की आदतों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
- DMH-11 को खेती के लिए जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (Genetic Engineering Appraisal Committee (GEAC) ) द्वारा अनुमोदित किया गया था।
- केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में DMH-11 की मंजूरी का बचाव किया है, जो DMH-11 के GEAC अनुमोदन को चुनौती देने वाले एक कार्यकर्ता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
- मंत्री ने कहा है कि DMH-11 का तीन साल तक राष्ट्रीय चेक वरुण और जोनल चेक RL1359 के विरुद्ध परीक्षण किया गया था, जिसके दौरान DMH-11 ने राष्ट्रीय चेक की तुलना में लगभग 28% और जोनल चेक से 37% अधिक उपज प्रदान की।
- मंत्री ने आगे कहा कि DMH-11 की विषाक्तता, एलर्जेनिकता, संरचनागत विश्लेषण, क्षेत्र परीक्षण और पर्यावरण सुरक्षा पर किए गए अध्ययनों से साबित हुआ है कि DMH-11 खेती, भोजन और पशु फ़ीड के उपयोग के लिए सुरक्षित है और यह भी पाया गया कि DMH-11 के लिए मधुमक्खियों की उपस्थिति गैर-ट्रांसजेनिक फसलों के समान थी।
- वर्तमान में, भारत में व्यावसायिक खेती के लिए अनुमत एकमात्र ट्रांसजेनिक बीज बीटी कपास है।
इस विषय से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – Dhara Mustard Hybrid-11 (DMH-11)
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- जब उच्चतम न्यायालय में न्यायालय के किसी भी सत्र को प्रारंभ करने या जारी रखने के लिए उपलब्ध न्यायाधीशों की गणपूर्ति की कमी हो तो भारत के राष्ट्रपति एक निर्दिष्ट समय के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय के तदर्थ न्यायाधीश के रूप में नामित कर सकते हैं।
- एक तदर्थ न्यायाधीश के कर्तव्य का पालन करते हुए, नवनियुक्त न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सभी शक्तियों, प्राधिकारों, लाभों और दायित्वों का वहन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) दोनों
(d) कोई भी नहीं
उत्तर: b
व्याख्या:
- कथन 1 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 127 के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रपति की पूर्व सहमति और संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से एक निर्दिष्ट समय के लिए एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को सर्वोच्च न्यायालय के एक तदर्थ न्यायाधीश के रूप में नामित कर सकते हैं।
- कथन 2 सही है: एक तदर्थ न्यायाधीश के कर्तव्य का पालन करते हुए, नव नियुक्त न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सभी शक्तियों, प्राधिकारियों, लाभों और दायित्वों का वहन करता है।
प्रश्न 2. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
- यह अधिनियम पर्यावरण और पारिस्थितिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश के जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों की प्रजातियों के संरक्षण का प्रावधान करता है।
- राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक संगठनों के रूप में गठित किया गया था।
- अधिनियम की अनुसूची 6 में ऐसे जानवर शामिल हैं जिन्हें वर्मिन (हिंसक) माना जाता है जिनका स्वतंत्र रूप से शिकार किया जा सकता है।
विकल्प
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: a
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 पर्यावरण और पारिस्थितिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश के जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों की प्रजातियों की सुरक्षा प्रदान करता है।
- कथन 2 सही है: राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक संगठनों के रूप में गठित किया गया था।
- कथन 3 गलत है: अधिनियम की अनुसूची 5 में ऐसे जानवर शामिल हैं जिन्हें वर्मिन (हिंसक) माना जाता है जिनका स्वतंत्र रूप से शिकार किया जा सकता है।
- अधिनियम की अनुसूची 6 में ऐसे पौधों को शामिल हैं जिन्हें खेती से प्रतिबंधित किया गया है। यह एक निर्दिष्ट पौधे की खेती को नियंत्रित और इस पर कब्जे, बिक्री और परिवहन को प्रतिबंधित करता है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन सा मध्य एशियाई देश अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का हिस्सा नहीं है?
(a) ताजिकिस्तान
(b) कजाखस्तान
(c) किर्गिज़स्तान
(d) तुर्कमेनिस्तान
उत्तर: d
व्याख्या:

चित्र स्रोत: rusiancouncil.ru
प्रश्न 4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत के संविधान ने किसी दल को राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता देने के लिए तकनीकी मानदंड निर्धारित किए हैं।
- किसी राजनीतिक दल को एक राष्ट्रीय दल माना जाएगा यदि: इसे चार या अधिक राज्यों में ‘मान्यता प्राप्त’ है; या यदि उसके उम्मीदवारों को पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनावों में किन्हीं चार या अधिक राज्यों में कुल वैध मतों का कम से कम 6% मत मिले हों और पिछले लोकसभा चुनावों में उसके कम से कम चार सांसद हों; या यदि उसने कम से कम तीन राज्यों से लोकसभा की कुल सीटों में से कम से कम 2% सीटें जीती हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) दोनों
(d) कोई भी नहीं
उत्तर: b
व्याख्या:
- कथन 1 गलत है: भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा किसी दल/पार्टी को एक राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता देने के लिए तकनीकी मानदंड निर्धारित किये गए हैं।
- कथन 2 सही है: ईसीआई ( Election Commission of India (ECI)) के राजनीतिक दलों और चुनाव चिह्नों, 2019 पुस्तिका के अनुसार, किसी राजनीतिक दल को एक राष्ट्रीय दल माना जाएगा यदि:
- यह चार या अधिक राज्यों में ‘मान्यता प्राप्त’ है; या
- यदि उसके उम्मीदवारों को पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनावों में किन्हीं चार या अधिक राज्यों में कुल वैध मतों का कम से कम 6% मत मिले हों और पिछले लोकसभा चुनावों में उसके कम से कम चार सांसद हों; या
- यदि उसने कम से कम तीन राज्यों से लोकसभा की कुल सीटों में से कम से कम 2% सीटें जीती हों।
प्रश्न 5. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिएः PYQ(2022)
देश हाल ही में समाचारों में होने का महत्वपूर्ण कारण
- चाड – चीन द्वारा स्थायी सैन्य बेस की स्थापना
- गिनी – सेना द्वारा संविधान और सरकार का निलंबन
- लेबनान – गंभीर और लंबे समय की आर्थिक मंदी
- ट्यूनीशिया – राष्ट्रपति द्वारा संसद का निलंबन
उपर्युक्त युग्मों में कितने सही सुमेलित हैं?
(a) केवल एक युग्म
(b) केवल दो युग्म
(c) केवल तीन युग्म
(d) सभी चारों युग्म
उत्तर: c
व्याख्या:
- युग्म 1 गलत है: चाड में चीन का कोई स्थायी सैन्य अड्डा नहीं है।
- युग्म 2 सही है: गिनी में, सैन्य नेताओं द्वारा राष्ट्रपति को हिरासत में लिया गया तथा इसके साथ ही सरकार को भंग करने की घोषणा की गई और संविधान को निलंबित कर दिया गया।
- युग्म 3 सही है: लेबनान एक गंभीर,दीर्घकालीन एवं आर्थिक और वित्तीय मंदी का सामना कर रहा है।
- युग्म 4 सही है: ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ने ट्यूनीशिया के संविधान से एक आपातकालीन अधिनियम लागू किया और वहां के प्रधान मंत्री को हटा दिया और संसद को निलंबित कर दिया।
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. वर्ष 2023 भारत के लिए ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ पर बात करने का अवसर प्रस्तुत करता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) (जीएस II – अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
प्रश्न 2. प्रेषण में वृद्धि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के लिए एक अच्छा संकेत है, लेकिन यह भारत से प्रतिभा पलायन की समस्या की ओर भी इशारा करता है। क्या आप इससे सहमत हैं? विस्तार से व्याख्या कीजिए।(250 शब्द; 15 अंक) (जीएस III – अर्थशास्त्र)