A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:

  1. इलेक्ट्रिक बैटरी कैसे काम करती है?

D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

E. संपादकीय:

भारतीय राजव्यवस्था:

  1. तलाशी और जब्ती:

F. प्रीलिम्स तथ्य:

  1. राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार:

G. महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. महत्वपूर्ण खनिजों की खनन नीलामी:
  2. एडीएमएम और एडीएमएम+:
  3. एंटी-स्मॉग गन:

H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

इलेक्ट्रिक बैटरी कैसे काम करती है?

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:

विषय: हाल के घटनाक्रम और रोजमर्रा की जिंदगी में उनके अनुप्रयोग और प्रभाव।

प्रारंभिक परीक्षा: इलेक्ट्रिक बैटरी से सम्बन्धित जानकारी।

मुख्य परीक्षा: इलेक्ट्रिक बैटरियां- ऐतिहासिक विकास, अवधारणाएं और अनुप्रयोग।

प्रसंग:

  • इस लेख में लुइगी गैलवानी (Luigi Galvani’s) के 1780 के प्रयोग से लेकर लिथियम-आयन बैटरी और हाइड्रोजन ईंधन सेल्स जैसे आधुनिक नवाचारों तक के ऐतिहासिक विकास और विद्युत बैटरी के प्रकारों की पड़ताल की गई है।

ऐतिहासिक विकास:

  • धातु की प्लेटों को छूने के कारण मेंढक के पैर के संकुचन से जुड़े लुइगी गैल्वानी के 1780 के प्रयोग ने विद्युत रासायनिक घटनाओं को समझने के लिए एक आधार तैयार किया।
  • 1800 में एलेसेंड्रो वोल्टा के वोल्टाइक पाइल ने इलेक्ट्रोलाइट से परिपूर्ण पेपर के साथ तांबे और जस्ता प्लेटों का उपयोग करके, एक स्थिर विद्युत प्रवाह के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण प्रगति को चिह्नित किया।
  • 19वीं सदी की शुरुआत में माइकल फैराडे के काम ने इलेक्ट्रोकेमिकल सेल्स की समझ में योगदान दिया, एनोड, कैथोड और इलेक्ट्रोलाइट जैसे घटकों का नामकरण किया।

विद्युत बैटरियों की मूलभूत अवधारणाएँ:

  • एक इलेक्ट्रिक बैटरी वोल्टाइक सेल्स का एक संग्रह है, जहां प्रत्येक सेल में इलेक्ट्रोलाइट्स में डूबे धातु इलेक्ट्रोड के साथ दो अर्ध-सेल होते हैं।
  • रेडॉक्स प्रतिक्रियाएं, जिसमें इलेक्ट्रॉनों की रिलीज और खपत शामिल होती है, बाहरी सर्किट के माध्यम से एनोड से कैथोड तक इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह को संचालित करती हैं।
  • मुख्य घटकों में कैथोड (धनात्मक आवेशित इलेक्ट्रोड), एनोड (नकारात्मक आवेशित इलेक्ट्रोड), और इलेक्ट्रोलाइट शामिल होते हैं।
  • स्रोत वोल्टेज और अंतिम वोल्टेज प्रमुख अवधारणाएँ हैं, जिसमें पहला इलेक्ट्रॉनों को दी जाने वाली ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है और दूसरा एनोड से कैथोड तक इलेक्ट्रॉनों को धकेलने वाले प्रेरक बल के रूप में कार्य करता है।

बैटरियों के प्रकार:

  • लिथियम आयन बैटरी:
    • वर्ष 2019 में नोबेल पुरस्कार विजेता की तकनीक जो वोल्टाइक और इलेक्ट्रोलाइटिक सेल सिद्धांतों को जोड़ता है, जिससे रिचार्जेबिलिटी सक्षम होती है।
    • ली-आयन पॉलिमर सेल्स में, लिथियम धातु ऑक्साइड कैथोड के रूप में, ग्रेफाइट एनोड के रूप में और एक सेमीसॉलिड पॉलिमर जेल इलेक्ट्रोलाइट के रूप में कार्य करता है।
    • टेस्ला का मॉडल एस कई सेल्स से बनी ली-आयन बैटरियों ((Li-ion batteries)) का उपयोग करता है, जो ईवीएस में उनके अनुप्रयोग को प्रदर्शित करता है।
  • हाइड्रोजन ईंधन सेल:
    • हाइड्रोजन को ईंधन स्रोत के रूप में उपयोग करते हुए, ईंधन सेल्स (fuel cells) हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच विद्युत रासायनिक प्रतिक्रिया के माध्यम से बिजली उत्पन्न करती हैं।
    • उभरती हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में हाइड्रोजन ईंधन सेल को महत्वपूर्ण घटक माना जाता है।

चुनौतियाँ, नवाचार और भविष्य की संभावनाएँ:

  • नमी और गैल्वेनिक संक्षारण जैसे कारकों के कारण होने वाला क्षरण, बैटरी के प्रदर्शन के लिए चुनौतियाँ पैदा करता है।
  • चल रहे अनुसंधान विशिष्ट अनुप्रयोगों और आवश्यकताओं को संबोधित करते हुए लिथियम-आयन बैटरियों की दक्षता, सुरक्षा और विविधता को बढ़ाने पर केंद्रित है।
  • हाइड्रोजन ईंधन सेल, महत्वपूर्ण अनुसंधान का एक अन्य क्षेत्र, ईवीएस (EVs) और टिकाऊ ऊर्जा में अनुप्रयोगों के साथ, हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख घटक माना जाता है।

वर्तमान विकास:

  • जनवरी 2023 में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) को भारत सरकार की मंजूरी हरित हाइड्रोजन के उपयोग और निर्यात के लिए वैश्विक केंद्र बनने की देश की प्रतिबद्धता पर जोर देती है।

सारांश:

  • गैलवानी के प्रयोगों से लेकर लिथियम-आयन और हाइड्रोजन ईंधन कोशिकाओं जैसी अत्याधुनिक तकनीकों तक विकसित होने वाली इलेक्ट्रिक बैटरियों ने सुविधा और स्थिरता को नया रूप दिया है, जिससे विभिन्न उद्योगों पर प्रभाव पड़ा है और हरित ऊर्जा के भविष्य को बढ़ावा मिला है।

संपादकीय-द हिन्दू

संपादकीय:

तलाशी और जब्ती:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

भारतीय राजव्यवस्था:

विषय: भारतीय संविधान: विशेषताएं, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

प्रारंभिक परीक्षा: एडीएम जबलपुर मामला, न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी मामला, भारतीय संविधान का अनुच्छेद 20(3), विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक।

मुख्य परीक्षा: प्रेस की स्वतंत्रता, निजता के अधिकार पर चिंता।

प्रसंग:

  • मीडिया पेशेवरों के उपकरणों की जब्ती पर उनकी सुरक्षा के लिए नियम बनाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का सरकार को निर्देश एक महत्वपूर्ण पहला कदम है।

प्रभाव:

  • पत्रकारों के लैपटॉप और फोन छीनकर उनके खिलाफ की गई हालिया कार्रवाइयों का प्रभाव भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (freedom of speech) और पत्रकारों से गुमनाम रूप से बात करने वाले मुखबिरों पर पड़ता है।
  • यदि कमजोर आरोपों के आधार पर किसी पत्रकार के उपकरण लिए जाते हैं और उनकी तलाशी ली जाती है, तो यह उनके स्रोतों को खतरे में डालता है और उन्हें अपना काम करने से रोकता है।
  • यह प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की आजीविका के अधिकार को सीमित करता है, क्योंकि डिजिटल उपकरण पेशे के लिए आवश्यक उपकरण हैं।

दिशा-निर्देश:

  • कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा मांगी जा रही जानकारी के बारे में विशिष्ट वारंट होना चाहिए।
  • पत्रकारों को पासवर्ड या बायोमेट्रिक्स प्रदान करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए जो खुद को या स्रोतों को दोषी ठहरा सकते हैं।
  • प्रोटोकॉल को उपकरणों और डेटा को छेड़छाड़, लीक या तीसरे पक्ष के साथ साझा करने से सुरक्षित रखना चाहिए। जांच के बाद अप्रासंगिक डेटा को समय पर हटा दिया जाना चाहिए।
  • उपकरण क्लोनिंग का अन्वेषण पत्रकारों को जांच के दौरान काम करना जारी रखने की अनुमति देता है।
  • साक्ष्यों से छेड़छाड़ को रोकने के लिए जब्ती के समय उपकरणों का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए।
  • दिशा-निर्देशों को सभी हितधारकों से इनपुट के साथ पारदर्शी रूप से विकसित किया जाना चाहिए।
  • इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए 10 अक्टूबर, 2023 का CNA का लेख ‘भारत की प्रेस पर राज्य द्वारा कब्ज़ा किये जाने को लेकर सन्नाटा’ देखें।

प्रीलिम्स तथ्य:

1. राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार पुरस्कारों से सम्बन्धित जानकारी।

विवरण:

  • हाल ही में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद द्वारा वर्ष 2022 के शांति स्वरूप भटनागर ( Shanti Swarup Bhatnagar (SSB) awards) पुरस्कारों की घोषणा की गई हैं।
  • यह पुरस्कार विज्ञान और चिकित्सा पुरस्कारों को पुनर्जीवित करने और ‘राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार’ (RVP) प्रणाली शुरू करने की सरकार की योजना के बीच प्रदान करने की घोषणा की गई हैं।
  • आरवीपी वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों, नवप्रवर्तकों और टीमों को मान्यता प्रदान करते हुए पुराने पुरस्कारों को प्रतिस्थापित करेगा।

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (Rashtriya Vigyan Puraskar (RVP)) की संरचना:

  • आरवीपी में विज्ञान श्री, विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर, विज्ञान टीम और विज्ञान रत्न जैसे पुरस्कार शामिल हैं।
  • यह विभिन्न समूहों के लिए खुला हुआ है, जिनमें सरकारी, निजी क्षेत्र के संगठन और किसी भी संगठन के बाहर काम करने वाले व्यक्ति शामिल हैं।
  • लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के साथ 13 वैज्ञानिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

नए एवं पुराने पुरस्कारों में मुख्य अंतर:

1. समावेशिता: नवोन्वेषकों, प्रौद्योगिकीविदों और उद्योग जगत से विविध संबद्धताओं वाले लोगों के लिए खुला है।

2. विस्तारित पात्रता: इसमें खोज-आधारित अनुसंधान के साथ-साथ प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार या उत्पाद शामिल हैं।

3. टीम पुरस्कार: वैज्ञानिक अनुसंधान की सहयोगात्मक और अंतःविषय प्रकृति को स्वीकार करता है।

4. कोई आयु सीमा नहीं: विज्ञान युवा-एसएसबी पुरस्कार को छोड़कर, आयु बाधाओं को दूर करना और लिंग प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।

5. वैश्विक मान्यता: आधुनिक विज्ञान के वैश्विक पदचिह्न को पहचानते हुए, विदेशों में भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए खुला है।

6. नकद पुरस्कारों का उन्मूलन: पुरस्कार प्रमाणपत्रों और पदकों पर केंद्रित होते हैं।

आशय और प्रक्रियाएँ:

1.उल्लेखनीय योगदान: इस बात पर जोर दें कि मान्यता प्राप्त योगदान मानक नौकरी विवरण से परे हैं।

2. व्यापक उद्धरण: शिक्षण, सलाह, विज्ञान संचार, सार्वजनिक सहभागिता, नेतृत्व और प्रशासन के लिए समर्पित उद्धरण शामिल करना।

3. आयु सीमा पर विचार: लैंगिक समानता सुनिश्चित करने और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर विचार करने के लिए विज्ञान युवा-एसएसबी पुरस्कार के लिए आयु सीमा पर पुनर्विचार करना।

4. पारदर्शी चयन प्रक्रिया: पूर्व निर्धारित समयसीमा का पालन करना, शॉर्टलिस्ट किए गए आवेदकों को प्रचारित करना और विविध चयन समितियों की भागीदारी सुनिश्चित करना।

5. विविधता और समावेशिता: पुरस्कार विजेताओं के बीच सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा।

6. सतत मूल्यांकन: वैज्ञानिक कार्य, विविधता और समावेशिता पर नई पुरस्कार प्रणाली के प्रभाव का नियमित रूप से आकलन करना।

महत्वपूर्ण तथ्य:

1. महत्वपूर्ण खनिजों की खनन नीलामी:

  • सरकार अगले दो सप्ताह में लिथियम और ग्रेफाइट की खदानों सहित 20 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों के लिए बोलियां आमंत्रित करेगी।
  • इन ब्लॉक में लिथियम और ग्रेफाइट जैसे खनिज शामिल हैं, वर्तमान में देश में 10-12 खिलाड़ियों के पास उत्पादन और प्रसंस्करण की तकनीक है।
  • नीलामी नोटिस के बाद, हितधारक महत्वपूर्ण खनिजों के खनन और प्रसंस्करण के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की रणनीति विकसित करने के लिए सहयोग करेंगे।
  • अक्टूबर 2023 में, केंद्र सरकार ने लिथियम और नाइओबियम के लिए 3% और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements (REEs)) के लिए 1% की रॉयल्टी दरों को मंजूरी प्रदान की थी।
  • महत्वपूर्ण खनिज, विशेष रूप से लिथियम और आरईई, भारत के ऊर्जा परिवर्तन और 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने की प्रतिबद्धता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

2. एडीएमएम और एडीएमएम+:

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जकार्ता में 10वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (एडीएमएमप्लस) में भाग लेने के लिए तैयार हैं, जहां चर्चा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से संबंधित मामलों पर केंद्रित होगी।
  • एडीएमएम आसियान (ASEAN) में सर्वोच्च रक्षा सलाहकार और सहकारी तंत्र है।
  • एडीएमएम-प्लस में भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, जापान और न्यूजीलैंड सहित आसियान सदस्य राष्ट्र और संवाद भागीदार शामिल हैं।
  • भारत 1992 में आसियान संवाद भागीदार बना और एडीएमएमप्लस का उद्घाटन वर्ष 2010 में हुआ।
  • वार्षिक बैठकों का उद्देश्य सुरक्षा और रक्षा में आसियान और प्लस देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है।

3. एंटी-स्मॉग गन:

  • दिल्ली सरकार ने शहर की गंभीर वायु गुणवत्ता से निपटने के लिए 50 मोबाइल ‘एंटी-स्मॉग गन’ लॉन्च कीं हैं।
  • एंटी-स्मॉग गन एक उपकरण है जिसे वायुमंडल में बहुत महीन बूंदों के रूप में पानी का छिड़काव करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हवा से धूल और दूषित पदार्थों को प्रभावी ढंग से अवशोषित करता है।
  • वाहन पर स्थापित और पानी की टंकी से जुड़े इस उपकरण को पानी का छिड़काव करने और धूल और अन्य निलंबित कणों का निपटान करने के लिए पूरे शहर में ले जाया जा सकता है।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. निम्नलिखित देशों पर विचार कीजिए:

1. आर्मेनिया

2. जॉर्जिया

3. ईरान

4. किर्गिस्तान

5. रूस

6. उज़्बेकिस्तान

उपर्युक्त में से कितने देश सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हिस्सा हैं?

(a) केवल दो

(b) केवल तीन

(c) केवल चार

(d) केवल पाँच

उत्तर: b

व्याख्या:

  • सीएसटीओ यूरेशिया में एक अंतरसरकारी सैन्य गठबंधन है जिसमें वर्ष 2002 में गठित छह सोवियत संघ के विघटन के बाद बने देश शामिल हैं: यह आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस और ताजिकिस्तान हैं।

प्रश्न 2. कैटेलोनिया, एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र, निम्नलिखित में से किस प्रायद्वीप में स्थित है?

(a) स्कैंडिनेवियाई प्रायद्वीप

(b) इबेरियन प्रायद्वीप

(c) बाल्कन प्रायद्वीप

(d) क्रीमिया प्रायद्वीप

उत्तर: b

व्याख्या:

  • इबेरियन प्रायद्वीप में स्थित हैं। कैटेलोनिया स्पेन में इबेरियन प्रायद्वीप के उत्तरपूर्वी भाग में स्थित है।

प्रश्न 3. एंटी-स्मॉग गन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह सबसे छोटी धूल और प्रदूषित कणों को अवशोषित करने के लिए वायुमंडल में नेबुलाइज्ड पानी की बूंदों को तेजी से बाहर फेंकता है।

2. यह धूल, PM2.5 और PM10 को पानी के साथ नीचे ले जाकर वायु प्रदूषण को कम करता है।

3. गन से जुड़ी पानी की टंकी को एक वाहन पर लगाया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कितने सही है/हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीनों

(d) कोई नहीं

उत्तर: c

व्याख्या:

  • तीनों कथन सही हैं।

प्रश्न 4. एडीएमएम-प्लस के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

1. एडीएमएम-प्लस में आसियान सदस्य-देश और उनके संवाद भागीदार शामिल हैं, जो सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

2. भारत वर्ष 2010 में एडीएमएम-प्लस की उद्घाटन बैठक के दौरान आसियान का संवाद भागीदार बना।

निम्नलिखित कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए:

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: a

व्याख्या:

  • भारत वर्ष 1992 में आसियान संवाद भागीदार बना।

प्रश्न 5. लिथियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. बैटरी, परमाणु और फोटोवोल्टिक उद्योगों जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक अनुप्रयोग किया जाता है।

2. भारत का पहला लिथियम भंडार कर्नाटक में पाया गया था।

3. ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडार का घर है।

उपर्युक्त कथनों में से कितने गलत है/हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीनों

(d) कोई नहीं

उत्तर: a

व्याख्या:

  • बोलीविया दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडार का घर है, इसके बाद अर्जेंटीना और चिली का स्थान आता हैं।

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करने की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निरंकुश शक्तियां भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता को खतरे में डालती हैं। आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक) (सामान्य अध्ययन – II, राजव्यवस्था)​ (Unfettered powers of law enforcement agencies to seize electronic devices threaten freedom of speech and press. Critically evaluate. (250 words, 15 marks) (General Studies – II, Polity)​)

प्रश्न 2. इलेक्ट्रिक बैटरियां कैसे काम करती हैं? विभिन्न प्रकार की आधुनिक विद्युत बैटरियों और उनके अनुप्रयोगों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक) (सामान्य अध्ययन – III, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) (How do electric batteries work? Discuss the various types of modern electrical batteries and their applications. (250 words, 15 marks) (General Studies – III, Science & Technology))

(नोट: मुख्य परीक्षा के अंग्रेजी भाषा के प्रश्नों पर क्लिक कर के आप अपने उत्तर BYJU’S की वेव साइट पर अपलोड कर सकते हैं।)