22 अप्रैल 2023 : समाचार विश्लेषण
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A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित: राजव्यवस्था एवं शासन:
C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित: आज इससे संबंधित कुछ नहीं है। E. संपादकीय: अंतरराष्ट्रीय संबंध:
भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था:
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी:
F. प्रीलिम्स तथ्य:
G. महत्वपूर्ण तथ्य:
H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न: |
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सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
राजव्यवस्था एवं शासन:
साक्ष्य के साथ तथ्य-जांच की प्रणाली की अनुमति देने वाले नए सूचना प्रौद्योगिकी नियम ‘सार्वजनिक हित’ में हैं: सरकार
विषय: सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
प्रारंभिक परीक्षा: सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2023
मुख्य परीक्षा: सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2023 और संबंधित चिंताएं
संदर्भ:
- राजनीतिक व्यंग्यकार कुणाल कामरा ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) संशोधन नियम, 2023 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है।
विवरण:
- सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2023 के खिलाफ बॉम्बे उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी।
- याचिका में नियमों को “मनमाना, वाक् और अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाला, और अस्पष्ट” बताया गया है।
- नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कहा है कि नियम “सार्वजनिक हित” में हैं।
- इसने आगे कहा कि नियम दंगे, मॉब लिंचिंग और अन्य जघन्य अपराध की संभावना को जन्म देने वाली फर्जी/गलत/भ्रामक सूचनाओं से निपटने के लिए एक साक्ष्य-आधारित तथ्य-जांच प्रणाली का प्रावधान करते हैं।
- सरकार का कहना है कि नियम गलत सूचनाओं को हटाने का निर्देश देने के लिए बनाए गए हैं, क्योंकि अधिकांश सूचना उपभोक्ताओं (सोशल मीडिया के माध्यम से) के पास खबर को सत्यापित करने के लिए समय, संसाधनों और क्षमताओं की कमी है।
यह भी पढ़ें: Tackling Fake News: Sansad TV Perspective Discussion of 4th Mar 2023
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सारांश:
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संपादकीय-द हिन्दू
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
अंतरराष्ट्रीय संबंध:
2007 के एलओसी (LoC) समझौते पर फिर से विचार किया जाना चाहिए
विषय: भारत और पड़ोस संबंध
मुख्य परीक्षा: भारत-पाकिस्तान संबंध
पृष्ठभूमि विवरण:
- पूर्व विशेष दूत सतिंदर लांबा के अनुसार, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ द्वारा नियंत्रण रेखा (LoC) समझौते (2007) पर हस्ताक्षर किए जाने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं।
- हालांकि, पाकिस्तान (2007) में न्यायपालिका के साथ गतिरोध और 26/11 के मुंबई हमलों (2008) के कारण इस पर हस्ताक्षर नहीं किया जा सका।
- लांबा ने सार्वजनिक रूप से 2014 के समझौते का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत कभी भी किसी भी क्षेत्र को देने के लिए सहमत नहीं होगा।
- अपनी पुस्तक में, उन्होंने इस विचार का और विस्तार किया कि “नियंत्रण रेखा का दोनों देशों के बीच एक सामान्य सीमा की तरह सम्मान किया जाना चाहिए”।
- यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि दोनों देशों के बीच बातचीत को फिर से शुरू करने की कोई भी पहल आतंकवादी हमलों से बाधित हुई है।
- इसके अलावा, संबंधों को बहाल करने का पाकिस्तान का प्रस्ताव भारत द्वारा अनुच्छेद 370 में किए गए संशोधन से प्रभावित हुआ था।
- भूमि सीमा साझा करने वाले दो पड़ोसियों के बीच संबंध गंभीर बने हुए हैं क्योंकि:
- किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक संपर्क नहीं है।
- व्यापारिक गतिविधियों का अभाव है।
- हवाई, सड़क या रेल द्वारा सीधे यात्रा लिंक का अभाव है।
- इसके अलावा, दोनों देशों के एक-दूसरे के देशों में कोई उच्चायुक्त नहीं हैं।
- हाल ही में पुंछ में हुए आतंकी हमले के बाद संबंध और कमजोर होंगे।
- अन्य संबंधित चिंताएँ:
- अन्यायपूर्ण गिरफ्तारियां तथा राजनेताओं और नागरिक समाज पर लगातार सुरक्षा कार्रवाई।
- कड़े लॉकडाउन और इंटरनेट पर प्रतिबंध।
- पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है।
- सीमा पार आतंकवाद और कश्मीरी पंडितों पर हमले।
भारत-पाकिस्तान इंगेजमेंट:
- भारत-पाकिस्तान संबंधों में दरार के बावजूद, संबंध हमेशा आगे की ओर बढ़ता है।
- सभी भारतीय प्रधानमंत्रियों ने पाकिस्तान के साथ जुड़ाव की प्रक्रिया को जारी रखा है और प्रायः बैक-चैनल प्रक्रियाओं का सहारा लेते रहे हैं।
- माना जाता है कि बैक-चैनल तंत्र भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और पाकिस्तानी खुफिया तंत्र के बीच होता है।
- ये शत्रुता को रोकने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उदाहरण के लिए, 2019 में बालाकोट स्ट्राइक के बाद, 2021 का LoC युद्धविराम समझौता, आदि।
- दोनों पक्षों ने उच्चायुक्तों की पुनर्नियुक्ति तथा वीजा और लोगों के बीच संबंधों की बहाली जैसे मामलों पर भी चर्चा की है।
- विशेष रूप से, भारतीय गृह मंत्री ने भी करतारपुर कॉरिडोर, और शारदा पीठ कॉरिडोर (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की नीलम घाटी में मंदिर के लिए एक गलियारा) जैसी पहलों को पूरा करने का संकेत दिया है।
भावी कदम:
- भारत और पाकिस्तान को LoC समझौते पर फिर से विचार करना चाहिए। हालांकि, पिछले 15 सालों में कई बदलाव हुए हैं। उदाहरण के लिए,
- भारत ने जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति और राज्य का दर्जा (अगस्त 2019) समाप्त कर दिया।
- इसने अनुच्छेद 35 (A) को भी समाप्त कर दिया।
- संपत्ति विरासत में लैंगिक समता को पहले से ही 2002 में लागू किया गया था। जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने राज्य के बाहर शादी करने वाली महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को छीनने के प्रावधान के खिलाफ निर्देश दिया था।
- जम्मू-कश्मीर के निवासियों को निरंतर युद्ध और छद्म युद्ध के बिना समृद्ध होने का उचित मौका दिया जाना चाहिए।
- गैर-क्षेत्रीय समझौते पर पुनः विचार किया जाना चाहिए और दोनों पक्षों द्वारा अपनाया जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
- LoC लगभग आधी सदी से स्थिर है। LoC पर कोई सैन्य अभियान होने की संभावना नहीं है।
- इसके अलावा, पाकिस्तान का अपना आंतरिक संकट (राजनीतिक और आर्थिक) उसे कमजोर कर रहा है।
- वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी खतरा भारत के लिए बड़ी चुनौती है।
संबंधित लिंक:
India – Pakistan Relations – BYJU’S
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सारांश:
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सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था:
मौन के जरिए वीटो
विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका और कार्यप्रणाली
प्रारंभिक परीक्षा: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया
मुख्य परीक्षा: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति
संदर्भ:
- सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के लिए एक नया नाम प्रस्तावित किया है।
विवरण:
- सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति के लिए एक नाम की सिफारिश की है।
- केंद्र सरकार ने पूर्व में की गई सिफारिश पर आठ महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजतन, कॉलेजियम ने नया नाम प्रस्तावित किया।
- यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कॉलेजियम की सिफारिशें सरकार के लिए बाध्यकारी हैं।
- यह तर्क दिया गया है कि कॉलेजियम ने अपनी सिफारिश वापस लेकर केंद्र सरकार को अपनी मर्जी चलाने दी है।
- ऐसा प्रतीत होता है कि इस तरह के कदम का कारण यह है कि कॉलेजियम मद्रास HC (जहाँ 8 महीने से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं) के लिए एक स्थायी मुख्य न्यायाधीश चाहता है।
- ऐसे कई उदाहरण देखने को मिलते हैं जब भावी नियुक्तियों के राजनीतिक विचार उनकी प्रोन्नति में बाधा बने हैं।
- नियुक्ति को रोकने का सबसे आम तरीका निष्क्रियता है।
साथ ही, इसे भी पढ़िए: Indian Judiciary – Supreme Court, High Court, District & Subordinate Courts – Indian Polity Notes
संबद्ध चिंताएं:
- ऐसा लगता है कि SC कॉलेजियम का हालिया कदम भविष्य में कॉलेजियम द्वारा प्रस्तावित किसी भी नियुक्ति या स्थानांतरण पर वीटो के अधिकार का प्रयोग करने के लिए केंद्र को प्रोत्साहित करेगा।
- यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करेगा।
संबंधित लिंक:
SC Bench strikes down NJAC Act as ‘ unconstitutional and void ‘
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सारांश:
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सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी:
वनस्पति उद्यान और पृथ्वी पर जीवन
विषय: जैव विविधता संरक्षण
प्रारंभिक परीक्षा: पृथ्वी दिवस
मुख्य परीक्षा: वनस्पति उद्यान और इसका महत्व
संदर्भ:
- 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।
विवरण:
- पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है।
- तमिलनाडु सरकार ने चेंगलपट्टू वनस्पति उद्यान नामक एक वनस्पति उद्यान स्थापित करने का निर्णय लिया है।
- यह ₹300 करोड़ के निवेश से 138 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जाएगा, इस प्रकार यह भारत का सबसे बड़ा वनस्पति उद्यान बन जाएगा।
- केव (लंदन) स्थित रॉयल बोटेनिक गार्डन तकनीकी विशेषज्ञता के लिए प्रमुख भागीदार होगा।
- प्राचीन ग्रंथों में गृह उद्यानों का उल्लेख मिलता है। इसके अलावा, गुफा चित्रों में भी बागवानी को दर्शाया गया है।
- एक उद्यान किसी क्षेत्र की समृद्धि और उदार प्रशासन का एक महत्वपूर्ण पैमाना है। यह आनंद और आधुनिक शोध के लिए भी महत्वपूर्ण है।
साथ ही, इसे भी पढ़िए: Earth Day Celebrations: Notes for IAS Exam
भारत में मौजूद उद्यान:
- भारत में वनस्पति उद्यानों की 10 से 35 के बीच है (सटीक संख्या ज्ञात नहीं है)।
- भारत का सबसे पुराना शैक्षणिक उद्यान आचार्य जगदीश चंद्र (AJC) बोस भारतीय वनस्पति उद्यान है।
- इसकी स्थापना 1787 में (एक अलग नाम के तहत) की गई थी।
- यह 109 हेक्टेयर में फैला हुआ है।
- भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण का मुख्यालय कोलकाता में स्थित है।
संबद्ध चिंताएं:
- भारत में लगभग 18,000 से 20,000 पादप प्रजातियों के साथ पौधों और जानवरों की उच्च विविधता है।
- हालाँकि, भारत में बहुत कम संख्या में वनस्पति उद्यान हैं। इसके अलावा, इन उद्यानों में पौधों का अन्वेषण, खोज, अनुसंधान और जैव विविधता आउटरीच के व्यापक परिप्रेक्ष्य का अभाव है।
- भारत के शैक्षिक और वैज्ञानिक अनुसंधानों में पादप जीव विज्ञान के विभिन्न पहलुओं जैसे वर्गीकरण, विकास, पादप माइकोरिज़ल अंतःक्रियाओं, जनसंख्या पारिस्थितिकी और स्ट्रेस जीव विज्ञान की उपेक्षा की गई है।
भावी कदम:
- थाईलैंड, सिंगापुर और इंडोनेशिया के वनस्पति उद्यानों के साथ सहयोग अत्यधिक लाभकारी हो सकता है क्योंकि उन्होंने अनुसंधान में नए मानक स्थापित किए हैं तथा मनोरंजक और पारिस्थितिक पर्यटन सुविधाएँ भी प्रदान की हैं।
- घटती जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भूमि के प्रत्येक इंच का उपयोग स्थानीय पौधों और संबंधित सजीवों के पोषण के लिए किया जाना चाहिए।
संबंधित लिंक:
Biodiversity conservation during a global crisis: RSTV – Big Picture Analysis for UPSC IAS exam.
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सारांश:
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प्रीलिम्स तथ्य:
- राजनीतिक दलों को दोषपूर्ण VVPAT के बारे में सूचित क्यों नहीं किया गया: कांग्रेस
सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:
विषय: राजव्यवस्था एवं शासन
प्रारंभिक परीक्षा: VVPAT
संदर्भ:
- चुनाव आयोग ने 6.5 लाख वीवीपैट मशीनों को दोषपूर्ण माना है।
विवरण:
- विपक्ष ने दोषपूर्ण वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) मशीनों के बारे में जानकारी नहीं देने पर चुनाव आयोग (EC) की आलोचना की है।
- चुनाव आयोग ने 6.5 लाख दोषपूर्ण VVPAT मशीनों की पहचान की है।
- विपक्षी दल द्वारा इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि दोषपूर्ण मशीनों की संख्या 2019 के लोकसभा चुनाव में उपयोग की गई मशीनों की संख्या के एक तिहाई से अधिक है।
- कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि “इतने बड़े पैमाने पर त्रुटि के मद्देनजर चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए पूरी पारदर्शिता की आवश्यकता है।”
- चुनाव आयोग पर मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है।
- प्रक्रिया के अनुसार, क्षेत्र अधिकारी दोषपूर्ण मशीनों की पहचान करने के लिए जिम्मेदार होता है।
- नई VVPAT मशीन के मामले में, जिला निर्वाचन अधिकारी “प्रथम स्तर की जांच” करता है।
- यदि कोई दोष पाया जाता है, तो मुख्य चुनाव अधिकारी के समन्वय से मशीन को 7 दिनों के भीतर निर्माता को वापस कर दिया जाता है।
यह भी पढ़ें: EVM – Electronic Voting Machines & VVPAT. UPSC Indian Polity & Governance
महत्वपूर्ण तथ्य:
- सुदूर पूर्वी जिले को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया गया:
- भारत के सुदूर पूर्वी जिले, अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग को अपने अभिनव न्यू एज लर्निंग सेंटर (NALC) के लिए लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किया गया।
- यह पुरस्कार ‘अभिनव/नवाचार’ की श्रेणी में दिया गया।
न्यू एज लर्निंग सेंटर (NALC):
- यह एक लचीला, अत्याधुनिक, लर्निंग स्पेस-कम-लाइब्रेरी है।
- इसे मियाओ अनुमंडल कार्यालय के एक हिस्से में स्थापित किया गया है।
- यह सभी आयु वर्ग के लोगों को सीखने और अपने जीवन में सुधार करने में सक्षम बनाता है।
- ओडिशा समुद्र तट पर रिकॉर्ड संख्या में घोंसले बनाने के बाद लाखों ओलिव रिडले कछुए समुद्र में पहुंचे:
- गंजम जिले (ओडिशा) के रुशिकुल्या समुद्र तट पर 23 फरवरी से 3 मार्च, 2023 तक ऑलिव रिडले कछुओं का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा देखा गया।
- समुद्र तट पर लगभग 6.37 लाख कछुओं को देखा गया।
- एक ओलिव रिडले कछुआ आमतौर पर समुद्र तट पर अपने द्वारा बनाए गए कैविटी में 100-150 अंडे देता है।
- ये घंटों तक रेत बाहर निकालने के लिए अपने आगे के पैरों का उपयोग करते हैं और एक कैविटी बनाते हैं। ये एक ही बार में अपने अंडे देते हैं और उन्हें रेत से ढक देते हैं।
- कछुए सूर्योदय से पहले समुद्र में लौट जाते हैं। अंडों से 40 से 60 दिनों के बाद बच्चे निकलते हैं।
- नवजात कछुए अपने अंडों से निकलकर बंगाल की खाड़ी में चले जाते हैं।

स्रोत: Down To Earth
विवरण के लिए, यहां पढ़ें: Olive Ridley Turtles – Smallest Sea Turtles [UPSC Notes]
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. लघु बचत योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (स्तर: कठिन)
- आयु से परे नागरिकों को नियमित रूप से बचत करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लघु बचत साधनों का प्रबंधन किया जाता है।
- ये रिटर्न देती हैं जो आमतौर पर बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से अधिक होती हैं।
- इन योजनाओं के लिए सरकार द्वारा सालाना ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: a
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: नागरिकों को उनकी आयु के निरपेक्ष नियमित रूप से बचत करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा लघु बचत साधनों का प्रबंधन किया जाता है।
- कथन 2 सही है: ये न केवल बैंक सावधि जमा से अधिक रिटर्न देती हैं बल्कि एक संप्रभु गारंटी और कर लाभ भी प्रदान करती हैं।
- कथन 3 सही नहीं है: सरकार द्वारा इन योजनाओं के लिए हर तिमाही में ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है।
प्रश्न 2. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (स्तर: मध्यम)
- इस एजेंसी को राज्यों से विशेष अनुमति के बिना राज्यों में आतंकवाद संबंधी अपराधों की जांच का अधिकार है।
- आतंकवाद के मामलों के अलावा, अब इसके पास मानव तस्करी, नकली मुद्रा, प्रतिबंधित हथियारों की बिक्री संबंधित अपराधों की जांच करने का अधिकार है।
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के तहत गठित एक विशेष न्यायालय की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश पर केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक न्यायाधीश के पास होगी।
विकल्प:
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: a
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: NIA राज्यों से अनुमति लिए बिना देश भर में आतंकी मामलों की जांच कर सकती है।
- कथन 2 सही है: संशोधन (2019) एजेंसी को निम्नलिखित नए अपराधों जैसे मानव तस्करी, जाली मुद्रा या बैंक नोट, प्रतिबंधित हथियारों की बिक्री या निर्माण, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के तहत अपराध और साइबर आतंकवाद की जांच करने की अनुमति देता है।
- कथन 3 सही नहीं है: संशोधन अधिनियम राज्य सरकारों को विशेष न्यायालय नामित करने के लिए अधिकृत करता है। विशेष न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा क्षेत्र के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से की जाती है।
प्रश्न 3. विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (स्तर: कठिन)
- यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है।
- WMO द्वारा ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन, स्टेट ऑफ क्लाइमेट सर्विसेज रिपोर्ट और ग्लोबल एनवायरनमेंट आउटलुक (GEO) रिपोर्ट जारी की जाती है।
- टिड्डियों के झुंड और विभिन्न प्रदूषकों के परिवहन संबंधित पूर्व-सूचना प्रदान करने का उत्तरदायित्व WMO के पास है।
विकल्प:
- केवल 1
- केवल 2
- केवल 1 और 3
- इनमें से कोई नहीं
उत्तर: c
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है।
- कथन 2 सही नहीं है: विश्व मौसम विज्ञान संगठन द्वारा ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन और स्टेट ऑफ क्लाइमेट सर्विसेज रिपोर्ट जारी की जाती है। जबकि ग्लोबल एनवायरनमेंट आउटलुक (GEO) रिपोर्ट UNEP द्वारा जारी की जाती है।
- कथन 3 सही है: टिड्डियों के झुंड और विभिन्न प्रदूषकों के परिवहन संबंधित पूर्व-सूचना प्रदान करना WMO की एक और जिम्मेदारी है।
प्रश्न 4. आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (स्तर: मध्यम)
- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने 2017 में PLFS की शुरुआत की थी।
- PLFS का उद्देश्य सालाना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ‘सामान्य स्थिति’ (ps+ss) और CWS दोनों में रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों का अनुमान लगाना है।
विकल्प;
- केवल 1
- केवल 2
- दोनों
- इनमें से कोई नहीं
उत्तर: c
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने अप्रैल 2017 में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) की शुरुआत की थी।
- कथन 2 सही है: PLFS का उद्देश्य सालाना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ‘सामान्य स्थिति’ (ps+ss) और CWS दोनों में रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों का अनुमान लगाना है।
प्रश्न 5. लेजर प्रिंटर में निम्नलिखित में से किस प्रकार के लेजर का उपयोग किया जाता है? (स्तर: सरल)
- डाई लेजर
- गैस लेजर
- सेमीकंडक्टर लेजर
- एक्साइमर लेजर
उत्तर: c
व्याख्या:
सेमीकंडक्टर लेजर (LD) एक ऐसा उपकरण है जो सेमीकंडक्टर में विद्युत प्रवाह प्रवाहित करके लेजर दोलन का कारण बनता है। इसका उपयोग लेजर प्रिंटर में किया जाता है।
UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न 1. नया दृष्टिकोण अपनाना भारत-पाकिस्तान सीमा मुद्दों का समाधान हो सकता है। क्या आप सहमत हैं? विस्तारपूर्वक चर्चा कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) [GS-2, अंतर्राष्ट्रीय संबंध]
प्रश्न 2. कॉलेजियम की सिफारिशों पर सरकार द्वारा पुष्टि करने की समय सीमा निर्धारित न होने से, सरकार न्यायिक नियुक्तियों में आभासी वीटो शक्ति रखती है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द; 15 अंक) [GS-2, भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था]