22 मई 2023 : समाचार विश्लेषण

A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

शासन

  1. ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ क्या है?

C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

E. संपादकीय:

अंतरराष्ट्रीय संबंध:

  1. भारत: क्वाड-नेतृत्व वाले जैव-विनिर्माण हब के रूप में

सामाजिक मुद्दे:

  1. सात में से एक भारतीय प्राथमिक विद्यालय का संचालन केवल एक शिक्षक द्वारा किया जाता है

F. प्रीलिम्स तथ्य:

  1. मानव पैन-जीनोम मानचित्र
  2. भारत और अमेरिका प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाएंगे

G. महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. कृष्णा जल बंटवारे पर गतिरोध जारी है
  2. G-7 चीन से जोखिम कम करना चाहता है, न कि उससे अलग होना: बाइडेन
  3. 2,000 रुपए के नोटों को बदलने के लिए पर्ची, पहचान प्रमाण की आवश्यकता पर SBI का यू-टर्न

H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित

शासन

‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ क्या है?

विषय: ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ

प्रारंभिक परीक्षा: ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के बारे में।

मुख्य परीक्षा: ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और इसके महत्व के बारे में प्रमुख विवरण।

प्रसंग:

  • सरकार डिजिटल कॉमर्स के लिए एक नया प्रतिमान बनाने की सोच रही है जो ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) की मदद से विभिन्न बाधाओं को समाप्त कर दे।

ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के बारे में:

  • ONDC की स्थापना दिसंबर 2021 में धारा 8 के तहत पंजीकृत कंपनी के रूप में की गई थी, जिसके संस्थापक सदस्य भारतीय गुणवत्ता परिषद और प्रोटीअन ईगोव टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Protean eGov Technologies Limited) थे।
    • कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत कंपनियां “गैर-लाभकारी संगठनों (NPOs) या गैर-सरकारी संगठनों (NGOs)” का एक कानूनी रूप हैं।
  • ONDC का उद्देश्य डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान के सभी पहलुओं के लिए खुले नेटवर्क को बढ़ावा देना है।
  • ONDC एक ओपन-सोर्स पद्धति पर आधारित होगा, जिसमें ओपन स्पेसिफिकेशंस और ओपन नेटवर्क प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया जाएगा, जो किसी भी विशिष्ट प्लेटफॉर्म से स्वतंत्र होगा।
  • ONDC उपभोक्ताओं के लिए ई-कॉमर्स को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने में मदद करेगा।
  • यह “डिजिटल एकाधिकार” के निर्माण पर अंकुश लगाने में भी मदद करेगा।

यह भी पढ़ें – UPSC Exam Comprehensive News Analysis dated 24 June 2022

संपादकीय-द हिन्दू

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतरराष्ट्रीय संबंध:

भारत: क्वाड-नेतृत्व वाले जैव-विनिर्माण हब के रूप में

विषय: क्षेत्रीय और वैश्विक समूह

मुख्य परीक्षा: क्वाड-नेतृत्व वाला जैव-विनिर्माण हब

प्रारंभिक परीक्षा: जैव-विनिर्माण

विवरण:

  • क्वाड द्वारा मार्च 2021 में महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर एक कार्य समूह की स्थापना की गई थी।
  • इसका गठन जैव प्रौद्योगिकी सहित उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग सुनिश्चित करने, प्रवृत्ति की निगरानी करने और अवसरों की तलाश करने के लिए किया गया था।
  • इसके पीछे यह तर्क दिया जाता है कि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग अपर्याप्त है।

जैव-विनिर्माण और इसका महत्व:

  • जैव-विनिर्माण व्यावसायिक पैमाने पर सामग्री का उत्पादन करने के लिए क्रियाशील प्रणालियों, विशेष रूप से सूक्ष्मजीवों और सेल कल्चर के उपयोग को संदर्भित करती है।
  • जैव-विनिर्माण औद्योगिक प्रणालियों को रूपांतरित कर सकती है क्योंकि इस प्रौद्योगिकी का उपयोग करके वैश्विक अर्थव्यवस्था में 60% भौतिक आदानों का उत्पादन किया जा सकता है।
  • यह सुझाव दिया गया है कि भारत में क्वाड-नेतृत्व वाले जैव-विनिर्माण हब की स्थापना सहयोग को बढ़ा सकती है।
  • अमेरिका और चीन जैसे देशों ने जैव-अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए विशिष्ट नीतियां तैयार की हैं।

भारत में जैव-विनिर्माण हबकी स्थापना:

  • क्वाड को भारत में जैव-विनिर्माण हब विकसित करना चाहिए क्योंकि भारत की राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति में 2025 तक देश को ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।
    • इसने हब के लिए 100 बिलियन डॉलर का लक्ष्य निर्धारित किया है।
    • हालांकि, प्रारंभिक विकास के लिए इसे क्वाड सदस्यों के बाहरी समर्थन की भी आवश्यकता होगी।
  • इसके विकास से देश की आर्थिक क्षमता को लाभ होगा और आपूर्ति श्रृंखला की कमियों को दूर किया जा सकेगा।
  • जैव-विनिर्माण हब की स्थापना में क्वाड सदस्यों की भूमिका:
    • यू.एस. इसके लिए आवश्यक वित्त प्रदान कर सकता है।
    • ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के पास उन्नत जैव प्रौद्योगिकी नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और बौद्धिक संपदा है।
    • भारत के पास एक कुशल कार्यबल है और यह बड़े पैमाने पर सस्ता श्रम प्रदान कर सकता है।
  • हब के लिए भारत सही विकल्प है क्योंकि:
    • इसके पास मौजूदा बुनियादी ढांचा, फार्मास्युटिकल निर्माण विशेषज्ञता और आवश्यक कार्यबल है।
    • ऑस्ट्रेलियन स्ट्रेटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट के अनुसार, भारत शोध आउटपुट की गुणवत्ता और शोध प्रकाशन दोनों के मामले में एक शीर्ष प्रदर्शनकर्ता है।
    • यह विशेष रूप से एंजाइमों और अभिकर्मकों आदि के उत्पादन में कम लागत वाली विनिर्माण प्रणाली प्रदान करेगा।
    • यह पाया गया है कि भारत में विनिर्माण की लागत यू.एस. की तुलना में लगभग 33% कम है।
    • चीन भी लघु-अणु सक्रिय दवा सामग्री (API) की तर्ज पर इस बाजार पर कब्जा करने की तैयारी कर रहा है।
    • इस क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व के बारे में चिंताओं ने भारत को बायोफार्मास्यूटिकल्स और संबंधित उत्पादों के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू करने के लिए मजबूर किया है।
    • भारत में हब स्थापित करने से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, निवेशकों को जोड़ने और एक कोष स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे चीन पर निर्भरता और कम होगी।
  • भारत अगले 3-5 वर्षों में अपनी किण्वन क्षमता को दस गुना बढ़ाकर 10 मिलियन लीटर करने और क्षेत्र में अग्रणी बनने का लक्ष्य बना रहा है।

भावी कदम:

  • भारत को अपने कार्यबल की गुणवत्ता में सुधार करना चाहिए। इस संदर्भ में विश्वविद्यालयों में स्थायी प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
  • अनुसंधान और विकास के व्यावसायीकरण पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
  • हब को भाषा, नियमों और डेटा-शेयरिंग के बीच तालमेल बिठाना चाहिए। यह क्वाड राष्ट्रों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करेगा और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा।

संबंधित लिंक:

UPSC Exam Comprehensive News Analysis. Feb 22nd, 2023 CNA. Download PDF

सारांश:

  • भारत में प्रस्तावित जैव-विनिर्माण हब न केवल उद्योग की आर्थिक क्षमता को भुनाएगा बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में मौजूदा कमियों को भी दूर करेगा और प्रमुख क्षेत्र में क्वाड देशों की मदद करेगा।

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

सामाजिक मुद्दे:

सात में से एक भारतीय प्राथमिक विद्यालय का संचालन केवल एक शिक्षक द्वारा किया जाता है

विषय: शिक्षा

मुख्य परीक्षा: शिक्षा से संबंधित मुद्दे

संदर्भ:

  • ‘ग्लूम इन द क्लासरूम’ (Gloom in the Classroom) रिपोर्ट में झारखंड में प्राथमिक और उच्च-प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति का अध्ययन किया गया है।

विवरण:

  • एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (UDISE) के अनुसार, झारखंड में प्राथमिक स्तर के एक-तिहाई स्कूलों का संचालन केवल एक शिक्षक द्वारा किया जाता है।
  • इसी तरह, भारत में एकल-शिक्षक स्कूलों का अनुपात 14.7% (UDISE के आंकड़ों के अनुसार) है।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक स्कूल में कम से कम दो शिक्षक होने चाहिए।
  • विभिन्न राज्यों का प्रदर्शन:
    • आंध्र प्रदेश में 34% एकल-शिक्षक स्कूल (जहाँ केवल एक शिक्षक है) हैं।
    • जबकि तेलंगाना में 30% स्कूल एकल शिक्षक द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
    • कर्नाटक में लगभग 29% स्कूल एक ही शिक्षक द्वारा प्रशासित हैं।
    • झारखंड में यह अनुपात 25% है।
  • अलग-अलग राज्यों में एकल-शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों की औसत संख्या इस प्रकार है:
    • मध्य प्रदेश – 39 छात्र
    • झारखंड – 46 छात्र
    • उत्तर प्रदेश – 70 छात्र
    • बिहार – 96 छात्र
  • हालाँकि, कुछ राज्यों में, एकल-शिक्षक स्कूल कई अन्य कारकों से जुड़े हैं जैसे कम जनसंख्या घनत्व, बस्तियों का दूर-दूर होना और कम प्रजनन दर। उदाहरण के लिए,
    • हिमाचल प्रदेश में ऐसे स्कूलों का अनुपात 27% है, लेकिन इन स्कूलों में छात्रों की औसत संख्या 20 से भी कम है।
  • केरल केवल 4% एकल-शिक्षक स्कूलों के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य है। इसके अलावा, इन स्कूलों में केवल 1% बच्चे हैं।

संबद्ध चिंताएं:

  • भारत के 21 प्रमुख राज्यों में से केवल 9 में एकल-शिक्षक स्कूलों में औसत छात्र-शिक्षक अनुपात 30 से कम है।
  • कई राज्य सरकारें वंचित क्षेत्रों में स्कूलों में कर्मचारियों की संख्या को कम करके पैसे बचाने की कोशिश करती हैं।
  • स्कूलों में शिक्षकों की काफी रिक्तियां है। उदाहरण के लिए, झारखंड में 2016 के बाद से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है।
  • शिक्षक दूरस्थ स्कूलों में तैनाती का विरोध करते हैं।
  • यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की भारी मांग है।

मिनी स्कूल (MINI SCHOOLS):

  • मिनी स्कूल ऐसे स्कूल हैं जहाँ छात्रों की संख्या बहुत कम होती है।
  • इनकी स्थापना कम आबादी वाले क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा का प्रसार करने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अधिनियमन से पहले की गई थी।
  • शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अधिनियमन के बाद इन्हें कई राज्यों के बड़े स्कूलों के साथ विलय कर दिया गया।
  • हालांकि, मिनी-स्कूल एकल-शिक्षक स्कूलों के तुल्य नहीं हैं।

संबंधित लिंक:

Indian Education System – Issues And Challenges

सारांश:

  • भारत में (विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में) कई स्कूल हैं जो एकल शिक्षकों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। यह शिक्षा की गुणवत्ता के लिए चिंता का विषय है। राज्य सरकार को वंचित क्षेत्रों में कम कर्मचारियों वाले स्कूलों में अधिक शिक्षकों की भर्ती करके इसका समाधान करना चाहिए।

प्रीलिम्स तथ्य:

  1. मानव पैन-जीनोम मानचित्र

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।

प्रारंभिक परीक्षा: पैन-जीनोम संदर्भ मानचित्र के बारे में।

प्रसंग

  • नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक नए अध्ययन में पैन-जीनोम संदर्भ मानचित्र का वर्णन किया गया है।

पैन-जीनोम संदर्भ मानचित्र

  • जीनोम एक जीव की संपूर्ण वंशानुगत जानकारी का प्रतिनिधित्व करता है, जो उस जीव के डीएनए में एन्कोड होती है।
  • जीनोम को जीवन का खाका माना जाता है क्योंकि यह सभी जीनों और गुणसूत्रों के 23 जोड़े में निहित जीनों के बीच के क्षेत्रों का एक संग्रह है।
  • इन क्षारीय युग्मों के क्रम को डिकोड करने में शामिल प्रक्रिया और एक इंसान के जेनेटिक फिंगरप्रिंट को “जीनोम अनुक्रमण” के रूप में जाना जाता है।
    • जब जीनोम अनुक्रमित होते हैं, तो आमतौर पर उनकी तुलना एक अन्य संदर्भ मानचित्र से की जाती है जिसे संदर्भ जीनोम कहा जाता है।
    • यह नए अनुक्रमित जीनोम और संदर्भ जीनोम के बीच अंतर के क्षेत्रों को समझने में मदद करता है।
  • अन्य संदर्भ जीनोम जो रैखिक अनुक्रम के रूप में होते हैं, के विपरीत, पैन-जीनोम संदर्भ मानचित्र एक ग्राफ के रूप में होता है।
  • पैन-जीनोम संदर्भ मानचित्र को इंटरनेशनल ह्यूमन पैन-जीनोम रेफरेंस कंसोर्टियम द्वारा विकसित किया गया था, जो राष्ट्रीय मानव जीनोम अनुसंधान संस्थान (NHGRI) द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के एक भाग के रूप में वित्त पोषित एक समूह है।
  • इस नए संदर्भ मानचित्र में 47 लोगों के जीनोम अनुक्रम शामिल हैं।
  • पैन-जीनोम संदर्भ मानचित्र में, प्रत्येक गुणसूत्र का ग्राफ एक बांस के तने के समान होता है, जिसमें सभी 47 व्यक्तियों के अनुक्रमों के अभिसरण के स्थान पर गाँठे (नोड्स) होती हैं।
    • अलग-अलग लंबाई के ये इंटरनोड्स विभिन्न वंशों के व्यक्तियों के बीच आनुवंशिक भिन्नता प्रदर्शित करते हैं।
  • पूर्ण और सन्निहित गुणसूत्र मानचित्र विकसित करने के लिए, वैज्ञानिकों ने लॉन्ग-रीड डीएनए अनुक्रमण तकनीकों (long-read DNA sequencing technologies) का उपयोग किया है।
    • यह त्रुटियों को कम करता है और मानचित्र को सरल भी बनाता है।
  • किन्ही भी दो व्यक्तियों के बीच के अंतर को समझने और मानव विविधता को बेहतर ढंग से समझाने में एक पूर्ण और त्रुटि मुक्त मानव पैन-जीनोम मानचित्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
  • इसके अलावा, यह कुछ आबादी में अनुवांशिक रूपों को समझने में मदद करेगा, जो कुछ प्रतिकूल स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बनती है।

भारत और अमेरिका प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाएंगे

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित

विषय: अंतर्राष्ट्रीय संबंध – भारत से जुड़े द्विपक्षीय समूह और समझौते।

प्रारंभिक परीक्षा: महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर पहल (iCET), इंडस-एक्स (INDUS-X) पहल और भारत-अमेरिकी रक्षा नीति समूह (DPG)।

प्रसंग:

  • भारत और अमेरिका जेट इंजन, लंबी दूरी की तोपों और पैदल सेना के वाहनों के सह-उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।

विवरण

  • महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर पहल (iCET) के तहत, भारत और अमेरिका जेट इंजन, लंबी दूरी की तोपों और इन्फेंट्री के सह-उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
  • भारत के प्रधानमंत्री की अमेरिकी यात्रा से पहले, इंडस-एक्स (INDUS-X) पहल की शुरुआत दोनों देशों के रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी प्रणालियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जाएगी।
  • रक्षा औद्योगिक सहयोग में सुधार के साधनों पर महत्वपूर्ण ध्यान दिया गया है जिसमें प्रौद्योगिकी साझेदारी, दीर्घकालिक अनुसंधान और विकास तथा आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा में सुधार शामिल है।
  • जिन विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है, उनमें भारत के भविष्य के स्वदेशी जेट के लिए संयुक्त रूप से एक जेट इंजन का निर्माण करने पर भी चर्चा शामिल है, जिसके लिए जनरल इलेक्ट्रिक फ्रांस के सैफ़रान और यूके के रोल्स-रॉयस के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
  • यात्रा से पहले, भारत-अमेरिकी रक्षा नीति समूह (DPG) की 17वीं बैठक में इस तरह की चर्चा हुई थी।
    • DPG भारत के रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच शीर्ष अधिकारी स्तर का तंत्र है।
    • DPG द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा और मार्गदर्शन करता है।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. कृष्णा जल बंटवारे पर गतिरोध जारी है:
  • तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच कृष्णा जल बंटवारे को लेकर गतिरोध जारी है क्योंकि इसका कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है।
  • कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (KRMB) की हालिया बैठक के दौरान, तेलंगाना ने दृढ़ता से कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में 34:66 (तेलंगाना: आंध्र प्रदेश) अनुपात से सहमत नहीं होगा।
    • तेलंगाना ने यह भी कहा है कि नदी के पानी का विवेकपूर्ण बँटवारा अलग राज्य के आंदोलन के मुख्य मुद्दों में से एक था।
  • तेलंगाना के विशेष मुख्य सचिव (सिंचाई) ने कहा कि “कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण (KWDT-I) अधिनिर्णय द्वारा संयुक्त आंध्र प्रदेश को आवंटित 811 tmc फीट में तेलंगाना 70% हिस्से का हकदार है, लेकिन तत्कालीन आंध्र प्रदेश सरकार ने इसे 512:299 tmc फीट (आंध्रप्रदेश : तेलंगाना) अनुपात में विभाजित कर दिया था।
  • ऐसे दावे किए गए हैं कि आंध्र प्रदेश 512 tmc फीट में से लगभग 300 tmc फीट पानी कृष्णा बेसिन के बाहर के क्षेत्रों में मोड़ रहा है, जो KWDT-I अधिनिर्णय का घोर उल्लंघन है।

इस मुद्दे पर अधिक जानकारी के लिए, निम्न आलेख देखें:

UPSC Exam Comprehensive News Analysis dated 19 Feb 2022

यह भी पढ़ें – Inter-State Water Disputes in India

  1. G-7 चीन से जोखिम कम करना चाहता है, न कि उससे अलग होना: बाइडेन
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने माना है कि ग्रुप ऑफ सेवन (G-7) देशों ने चीन के लिए एकजुट दृष्टिकोण पर सहमति व्यक्त की है जो एक देश पर निर्भरता कम करने के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाना चाहते हैं।
  • उन्होंने आगे कहा कि “हम चीन से अलग नहीं होना चाह रहे हैं, बल्कि इसके बजाय हम चीन के साथ अपने संबंधों को जोखिम मुक्त और विविधतापूर्ण बनाना चाहते हैं।
  • G-7 के नेताओं ने चीन के साथ आर्थिक जुड़ाव में “जोख़िम को कम करने, ना कि अलग होने” के एक साझा दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला है। इसने जापान स्थित चीन के दूतावास को G-7 से टकराव और विभाजन पैदा करने जैसे कदम न उठाने का आग्रह करने के लिए प्रेरित किया।
  1. ₹2,000 के नोटों को बदलने के लिए पर्ची, पहचान प्रमाण की आवश्यकता पर SBI का यू-टर्न:

चित्र स्रोत: The Hindu

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), जो कि भारत का सबसे बड़ा बैंक है, ने भारी जन आक्रोश के बाद ₹2,000 के बैंक नोटों को बदलने के लिए अपनी शाखाओं में पर्ची जमा करने की अनिवार्यता पर अपना निर्णय वापस ले लिया है।
  • SBI ने घोषणा की है कि प्रत्येक सदस्य को एक समय में ₹20,000 की सीमा तक के ₹2,000 मूल्यवर्ग के बैंक नोटों को बदलने की सुविधा बिना किसी मांग पर्ची के दी जाएगी।
  • इसके अतिरिक्त, विनिमय के समय किसी पहचान प्रमाण की भी आवश्यकता नहीं होगी।
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 19 मई 2023 को ₹2,000 के मुद्रा नोटों को वापस लेने की घोषणा की थी।
    • RBI ने लोगों को 30 सितंबर तक का समय दिया है कि वे 2,000 रुपये के नोट को या तो खातों में जमा कर दें या उन्हें बैंकों में बदल लें, लेकिन RBI ने ₹2,000 के बैंक नोटों को बदलने वाले निविदाकर्ताओं के पहचान प्रमाण एकत्र करने के लिए बैंकों को कोई निर्देश जारी नहीं किया है।

“2000 रुपये के नोट की निकासी” के बारे में अधिक जानने के लिए निम्न वीडियो देखें:

https://www.youtube.com/watch?v=wRONehUPTTI

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (स्तर – सरल)

  1. हिरोशिमा दुनिया का पहला शहर था जहाँ परमाणु हथियार से आक्रमण किया गया था।
  2. पॉट्सडैम घोषणा संयुक्त राज्य अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और चीन द्वारा 1945 में जारी की गई थी, जिसमें जापान के बिना शर्त आत्मसमर्पण का आह्वान किया गया था।

विकल्प:

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. दोनों
  4. कोई नहीं

उत्तर: c

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है: 6 अगस्त, 1945 को, हिरोशिमा परमाणु हथियार का हमला झेलने वाला दुनिया का पहला शहर बन गया।
  • कथन 2 सही है: पॉट्सडैम घोषणा जुलाई 1945 में अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और चीन द्वारा जारी एक अंतिम चेतावनी थी, जिसमें जापान के बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की गई थी।
    • यह घोषणा द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में पॉट्सडैम सम्मेलन में की गई थी।

प्रश्न 2. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2018 के संबंध में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? (स्तर – कठिन)

  1. प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की जानी चाहिए।
  2. 1989 के अधिनियम के तहत अपराध करने के आरोपी व्यक्ति अग्रिम जमानत के पात्र नहीं होंगे।

विकल्प:

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. दोनों
  4. कोई नहीं

उत्तर: b

व्याख्या:

  • कथन 1 सही नहीं है: अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2018, के तहत धारा 18A जोड़ी गई जिसके तहत आरोपित किसी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के लिए शुरुआती जांच की जरूरत नहीं होगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जांच अधिकारी को किसी प्राधिकारी की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।
  • कथन 2 सही है: इसके अलावा, SC, ST लोगों के खिलाफ अत्याचार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत के प्रावधान से बाहर रखा जाएगा।

प्रश्न 3. भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची में निम्नलिखित में से किस संवैधानिक पद के लिए शपथ या प्रतिज्ञान के प्रारूप शामिल हैं? (स्तर – सरल)

  1. भारत के राष्ट्रपति
  2. भारत के केंद्रीय मंत्री
  3. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
  4. नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
  5. उप-राज्यपाल
  6. राज्य मंत्री

विकल्प:

  1. केवल 1, 2, 3 और 6
  2. केवल 3, 4, 5 और 6
  3. केवल 2, 3, 4 और 6
  4. केवल 1, 3, 4 और 5

उत्तर: c

व्याख्या:

  • भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची में निम्नलिखित के लिए शपथ और प्रतिज्ञान प्रारूप शामिल हैं:
  • भारत के केंद्रीय मंत्री
    • संसद चुनाव के उम्मीदवार
    • संसद सदस्य (सांसद)
    • सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
    • नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
    • राज्य मंत्री
    • राज्य विधानमंडल चुनाव के उम्मीदवार
    • राज्य विधानमंडल के सदस्य
    • उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
  • भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची में भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों के लिए शपथ और प्रतिज्ञान शामिल नहीं है।

प्रश्न 4. उप-मुख्यमंत्री के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (स्तर – मध्यम)

  1. उप-मुख्यमंत्री एक संवैधानिक पद नहीं है और एक कैबिनेट मंत्री के पद के समतुल्य है।
  2. आधिकारिक फाइलें उप-मुख्यमंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजी जाती हैं।
  3. उप-मुख्यमंत्री की नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: a

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है: उप-मुख्यमंत्री का पद संवैधानिक पद नहीं है। हालाँकि, यह एक कैबिनेट मंत्री के पद के समान है और वह एक कैबिनेट मंत्री के समान भत्तों का हकदार होता है।
  • कथन 2 सही नहीं है: उप-मुख्यमंत्री का पद राज्य में एक कैबिनेट मंत्री की तुलना में अधिक महत्व नहीं रखता है।
    • उप-मुख्यमंत्री का वास्तविक महत्व और कार्य आवंटित किए गए विभाग पर निर्भर करता है।
    • आधिकारिक फाइलें उप-मुख्यमंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री को नहीं भेजी जाती हैं, बल्कि उप-मुख्यमंत्री को आवंटित किए गए विभागों से संबंधित फाइलों को उनके माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाता है।
  • कथन 3 सही नहीं है: भारतीय संविधान के अनुसार “मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाएगी और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाएगी”।
    • इस प्रकार उप-मुख्यमंत्री की नियुक्ति भी राज्यपाल द्वारा की जाती है।

प्रश्न 5. भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित केंद्रीय अधिनियमों पर विचार कीजिए: (स्तर – मध्यम)

  1. आयात एवं निर्यात (नियंत्रण) अधिनियम, 1947
  2. खनन एवं खनिज विकास (विनियमन) अधिनियम, 1957
  3. सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
  4. भारतीय वन अधिनियम, 1927

उपर्युक्त में से कौन-से अधिनियम देश में जीव-विविधता संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं अथवा उस पर असर डालते हैंः

  1. केवल 1 और 3
  2. केवल 2, 3 और 4
  3. 1, 2, 3 और 4
  4. उपर्युक्त अधिनियमों में से कोई भी नहीं

उत्तर: c

व्याख्या:

  • उल्लिखित सभी अधिनियम देश में जैव-विविधता संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं अथवा उस पर असर डालते हैं।

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. जैव-विनिर्माण क्या है और भारत अपनी क्षमताओं का उपयोग कैसे कर सकता है?

(150 शब्द, 10 अंक) (GS-3; अर्थव्यवस्था)

प्रश्न 2. ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) क्या है? यह ई-कॉमर्स क्षेत्र में अगली क्रांति कैसे है?

(150 शब्द, 10 अंक) (GS-2; शासन)