CameraIcon
CameraIcon
SearchIcon
MyQuestionIcon
MyQuestionIcon
1
You visited us 1 times! Enjoying our articles? Unlock Full Access!
Question

Passage

Although large investments have been made in major and medium irrigation, including through Accelerated Irrigation Benefit Programme (AIBP), irrigated area served by canals has not increased significantly in the past decade. A large number of major as well as medium projects have been going on for 30–40 years without completion whereas the normal gestation period is 15 to 20 years for major projects and 5-10 years for medium projects. Several have run into inter state disputes. This reflects the chaotic state of affairs in the development of irrigation schemes across the country.

What is heartening to note, is that where as in Gujarat and Andhra Pradesh for example, Water User Associations have been adequately empowered and provided autonomy, they have demonstrated a great sense of ownership and the results have been positive. Space-based observation over command area management can be used to provide the information inputs needed to better manage water utilisation in the command area.

Q. According to the passage, why has the irrigated area served by canals not increased significantly in the past decade?

यद्यपि बड़ी और मध्यम स्तर की सिंचाई में भारी निवेश किया गया है, जिसमें त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) भी सम्मलित है, फिर भी पिछले दशक में नहरों द्वारा सिंचित क्षेत्र में कुछ उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। पिछले 30-40 वर्षों से बहुत अधिक संख्या में बड़ी और मध्यम परियोजनाएं बिना किसी समापन के जारी हैं, जबकि किसी भी बड़ी परियोजना की सामान्य निर्माण अवधि 15 से 20 वर्ष और मध्यम स्तर की परियोजना की 5 से 10 वर्ष होती है। इनमे से कई तो अन्तर्राज्यीय विवादों का शिकार हुई हैं। यह देश भर में सिंचाई स्कीम के विकास के मामलों में अव्यवस्थित स्थितियों को प्रतिबिंबित करता है।

यहाँ एक प्रशंसा का विषय भी है। उदहारण के लिए गुजरात और आंध्रप्रदेश में जल प्रयोक्ता संघों को स्वायत्ता प्रदान कर पर्याप्त रूप से सशक्त बनाया गया है। उन्होंने अपनी बहत स्वामित्व की भावना का प्रदर्शन किया है और इसके बहुत सकारात्मक परिणाम आये हैं। कमान क्षेत्र प्रबन्धन के अंतरिक्ष-आधारित पर्यवेक्षण को उन्नत जल उपयोग हेतु आवश्यक इनपुट जुटाने हेतु प्रयोग किया जा सकता है।

Q. इस परिच्छेद के अनुसार, पिछले दशक में नहरों द्वारा सिंचित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि क्यों नही हुई?

A
Large investments were made in major and minor irrigation but canal irrigation was overlooked.

वृहत और लघु सिंचाई परियोजनाओं में तो भारी निवेश किया गया, लेकिन नहर सिंचाई को उपेक्षित रखा गया।
No worries! We‘ve got your back. Try BYJU‘S free classes today!
B
The gestation period is usually long for such projects.

इस प्रकार की परियोजनाओं के लिए निर्माण अवधि प्रायः लम्बी होती है।
No worries! We‘ve got your back. Try BYJU‘S free classes today!
C
Chaotic state of affairs.

अव्यवस्थित स्थितियां।
No worries! We‘ve got your back. Try BYJU‘S free classes today!
D
The projects have not been completed on time.

परियोजनाओं का समय पर समापन नहीं हुआ।
Right on! Give the BNAT exam to get a 100% scholarship for BYJUS courses
Open in App
Solution

The correct option is D The projects have not been completed on time.

परियोजनाओं का समय पर समापन नहीं हुआ।
Statement (a) is incorrect because such an assertion cannot be made about canal irrigation from the 1st paragraph of the given passage. Statement (b) is also incorrect because such projects have normally high gestation periods of about 15-20 years and this cannot be attributed as a reason for slow increase in irrigated area ‘specifically’ in the past decade. Statement (c) is also incorrect because the passage talks about chaotic state of affairs in the development of irrigation projects particularly and such a sweeping generalization as in statement (c) cannot be proposed. Statement (d) is correct as seen from the 2nd sentence of the 1st paragraph. Passage says, a large number of major as well as medium projects have been going on for 30-40 years without completion.

कथन (a) गलत है क्योंकि दिए गये परिच्छेद के पहले अनुच्छेद से नहर सिंचाई के संबंध में इस प्रकार का दावा नहीं किया जा सकता है।

कथन (b) भी गलत है, क्योंकि इस प्रकार की परियोजनाओं की निर्माण अवधि 15-20 वर्ष की होती है और इसको ‘विशेष रूप से’ पिछले दशक में सिंचित क्षेत्र में धीमी गति से वृद्धि के लिए एक कारण नहीं माना जा सकता है।

कथन (c) भी गलत है क्योकि परिच्छेद में सिंचाई परियोजनाओं के विकास में विशेष रूप से अव्यवस्था की बात की गयी है और इस प्रकार के अति साधारणीकरण, जैसा कथन (c) में किया गया है, प्रस्तावित नहीं किया जा सकता है।

कथन (d) सही है जैसा कि प्रथम अनुच्छेद के दूसरे वाक्य से देखा जा सकता है। परिच्छेद में कहा गया है कि बहुत सी वृहत और मध्यम परियोजनायें बिना समापन के 30-40 वर्षों से जारी हैं।

flag
Suggest Corrections
thumbs-up
0
similar_icon
Similar questions
Q. Passage

Although large investments have been made in major and medium irrigation, including through Accelerated Irrigation Benefit Programme (AIBP), irrigated area served by canals has not increased significantly in the past decade. A large number of major as well as medium projects have been going on for 30–40 years without completion whereas the normal gestation period is 15 to 20 years for major projects and 5-10 years for medium projects. Several have run into inter state disputes. This reflects the chaotic state of affairs in the development of irrigation schemes across the country.

What is heartening to note, is that where as in Gujarat and Andhra Pradesh for example, Water User Associations have been adequately empowered and provided autonomy, they have demonstrated a great sense of ownership and the results have been positive. Space-based observation over command area management can be used to provide the information inputs needed to better manage water utilisation in the command area.

Q. Which of the following statements can be correctly inferred about AIBP from the given passage?
1. It is related to canal irrigation.
2. Large investments have been made through this programme.
3. Most of irrigation programmes have run into inter-state disputes.
Select the correct answer from the codes given below:

यद्यपि बड़ी और मध्यम स्तर की सिंचाई में भारी निवेश किया गया है, जिसमें त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) भी सम्मलित है, फिर भी पिछले दशक में नहरों द्वारा सिंचित क्षेत्र में कुछ उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। पिछले 30-40 वर्षों से बहुत अधिक संख्या में बड़ी और मध्यम परियोजनाएं बिना किसी समापन के जारी हैं, जबकि किसी भी बड़ी परियोजना की सामान्य निर्माण अवधि 15 से 20 वर्ष और मध्यम स्तर की परियोजना की 5 से 10 वर्ष होती है। इनमे से कई तो अन्तर्राज्यीय विवादों का शिकार हुई हैं। यह देश भर में सिंचाई स्कीम के विकास के मामलों में अव्यवस्थित स्थितियों को प्रतिबिंबित करता है।

यहाँ एक प्रशंसा का विषय भी है। उदहारण के लिए गुजरात और आंध्रप्रदेश में जल प्रयोक्ता संघों को स्वायत्ता प्रदान कर पर्याप्त रूप से सशक्त बनाया गया है। उन्होंने अपनी बहत स्वामित्व की भावना का प्रदर्शन किया है और इसके बहुत सकारात्मक परिणाम आये हैं। कमान क्षेत्र प्रबन्धन के अंतरिक्ष-आधारित पर्यवेक्षण को उन्नत जल उपयोग हेतु आवश्यक इनपुट जुटाने हेतु प्रयोग किया जा सकता है।

Q. दिए गये परिच्छेद में, निम्नलिखित कथनों में से किस कथन से AIBP के संबंध में उचित निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
1. इसका सम्बन्ध नहर सिंचाई से है।
2. इस कार्यक्रम के माध्यम से भारी निवेश किये गये हैं।
3. इनमे से अधिकांश अन्तर्राज्यीय विवादों का शिकार हो गई हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Q. passage.

The world is facing an epidemic of diabetes mellitus. Currently, more than 250 million people in the world have diabetes and it is predicted that this number will double in a little over 20 years. The epidemic is not evenly distributed around the world. While the world-wide prevalence of diabetes is 3–4%, several countries and regions experience a prevalence rate of diabetes of well over 10%. This includes some countries in the Middle East, where in some cases, the prevalence of diabetes among middle aged adults exceed 16%.

Q.
Which among the following is the most logical corollary to the above passage?

विश्व मधुमेह की महामारी का सामना कर रहा है। वर्तमान में, विश्व के 250 मिलियन से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और यह पूर्वानुमान लगाया गया है कि अगले 20 वर्षों से कुछ ही अधिक अवधि में यह संख्या दुगुनी हो जाएगी। यह महामारी विश्व में समान रूप से वितरित नहीं है। यद्यपि मधुमेह की वैश्विक व्यापकता 3-4% है, तथापि कई देशों और क्षेत्रों में मधुमेह की 10% से भी काफी अधिक व्यापकता पायी जाती है। इन देशों में मध्य-पूर्व के कुछ देश सम्मिलित हैं, जहाँ कुछ प्रकरणों में मध्यम आयुवर्ग के वयस्कों के बीच मधुमेह की व्यापकता 16% से अधिक है।

Q. निम्नलिखित में से उपर्युक्त परिच्छेद से निकाला जा सकने वाला सर्वाधिक तर्कसंगत और तार्किक निष्कर्ष क्या है?


Q.

परिच्छेद 4

विश्व मधुमेह की महामारी का सामना कर रहा है। वर्तमान में, विश्व के 250 मिलियन से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और यह पूर्वानुमान लगाया गया है कि अगले 20 वर्षों से कुछ ही अधिक अवधि में यह संख्या दुगुनी हो जाएगी। यह महामारी विश्व में समान रूप से वितरित नहीं है। यद्यपि मधुमेह की वैश्विक व्यापकता 34% है, तथापि कई देशों और क्षेत्रों में मधुमेह की 10% से भी काफी अधिक व्यापकता पायी जाती है। इन देशों में मध्य-पूर्व के कुछ देश सम्मिलित हैं, जहाँ कुछ प्रकरणों में मध्यम आयुवर्ग के वयस्कों के बीच मधुमेह की व्यापकता 16% से अधिक है।

Q. निम्नलिखित में से उपर्युक्त परिच्छेद से निकाला जा सकने वाला सर्वाधिक तर्कसंगत और तार्किक निष्कर्ष क्या है?


View More
Join BYJU'S Learning Program
similar_icon
Related Videos
thumbnail
lock
What Are Choes?
GEOGRAPHY
Watch in App
Join BYJU'S Learning Program
CrossIcon