CameraIcon
CameraIcon
SearchIcon
MyQuestionIcon
MyQuestionIcon
Question

Read the following passage and answer the question that follows.

Environmental issues are gaining increasing attention from both policy makers and the public across countries in Asia. Visible environmental challenges ranging from air quality deterioration to global climate change undermine people’s standard of living and impose irreversible damage on the ecosystem. For countries in Asia, decades of rapid economic growth have borne mixed fruit in terms of environmental implications. On the one hand, the accumulation of national wealth through unchecked industrialization and natural resource exploitation has compromised ecosystem vitality and brought about health hazards such as air and water pollution. On the other hand, Asia’s early-starter countries in economic growth, such as Japan and the Republic of Korea, are devoting more resources to environmental governance with greater regulatory efficiency, hence boosting environmental performance. This twofold effect highlights both the wide regional variances among different states in Asia and the complex nature of drivers behind environmental performance, as growth could either deteriorate or remediate the environment.

Q. With reference to the above passage, which of the following statement(s) is/are considered incorrect?

निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।

पर्यावरण के मुद्दे एशिया के देशों में नीति निर्माताओं और जनता दोनों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। वायु गुणवत्ता में गिरावट से लेकर वैश्विक जलवायु परिवर्तन तक की दृश्यमान पर्यावरणीय चुनौतियां लोगों के जीवन स्तर को नीचे की ओर ले जा रही हैं और पारिस्थितिकी तंत्र को भी अपरिवर्तनीय क्षति पहुँचाती हैं। एशिया के देशों के लिए, दशकों के तीव्र आर्थिक विकास ने पर्यावरणीय प्रभावों के संदर्भ में मिश्रित परिणाम दिए हैं। एक ओर, अनियंत्रित औद्योगीकरण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के माध्यम से राष्ट्रीय धन के संचय की इच्छा ने पारिस्थितिकी तंत्र की जीवन शक्ति से समझौता किया है तथा वायु और जल प्रदूषण जैसे गंभीर स्वास्थ्य खतरों को जन्म दिया है। दूसरी ओर, आर्थिक विकास को गति देने वाले एशिया के शुरुआती देश, जैसे जापान और कोरिया गणराज्य, बेहतर नियामक दक्षता के साथ पर्यावरण प्रशासन की दिशा में अधिक संसाधन समर्पित कर रहे हैं, इसलिए पर्यावरण सरंक्षण में उनका प्रदर्शन भी बेहतर हो रहा है। "यहाँ दोहरा प्रभाव नज़र आता है जहाँ यह स्पष्ट दिख रहा है कि एशिया में क्षेत्रीय भिन्नता व्याप्त है और पर्यावरणीय प्रदर्शन को बेहतर करने के प्रयासों की प्रकृति जटिल है; जैसे यह धारणा कि या तो विकास की गति धीमी रहे या पर्यावरण ही सुरक्षित रखा जा सकता है।"

इन पंक्तियों से पता चलता है कि आर्थिक विकास कैसे सकारात्मक या नकारात्मक दोनों तरीकों से पर्यावरण को प्रभावित करता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नीतियों को कैसे लागू किया जाता है।

Q. उपर्युक्त परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन गलत माना जा सकता है/हैं?


A

1 only
केवल 1
Right on! Give the BNAT exam to get a 100% scholarship for BYJUS courses
B

2 only
केवल 2
No worries! We‘ve got your back. Try BYJU‘S free classes today!
C

Neither 1 nor 2
न तो 1, न ही 2
No worries! We‘ve got your back. Try BYJU‘S free classes today!
D

Both 1 and 2
1 और 2 दोनों
No worries! We‘ve got your back. Try BYJU‘S free classes today!
Open in App
Solution

The correct option is A
1 only
केवल 1

Statement 1 is incorrect.

Throughout the passage, the author is making the point that rapid economic growth has both constructive and destructive effect on the environment, the author is not suggesting to reduce economic growth, rather to adopt policies that benefit the environment, not damage it.

Statement 2 is correct.

Refer to this line from the passage, “This twofold effect highlights both the wide regional variances among different states in Asia and the complex nature of drivers behind environmental performance, as growth could either deteriorate or remediate the environment.“

These lines show that the end result of how economic growth affects the environment in both positive or negative ways, depending on how the policies are implemented.

कथन 1 गलत है।

समूचे अवतरण में, लेखक यह बात कह रहा है कि तीव्र आर्थिक विकास का पर्यावरण पर रचनात्मक और विनाशकारी दोनों ही प्रभाव पड़ता है, लेखक आर्थिक विकास की गति को करने का सुझाव नहीं दे रहा है, बल्कि उन नीतियों को अपनाने का सुझाव दे रहा है जो पर्यावरण को लाभ पहुंचाते हैं और इसे नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करते।

कथन 2 सही है।

यदि अवतरण से इस पंक्ति का संदर्भ लें, "यहाँ दोहरा प्रभाव नज़र आता है जहाँ यह स्पष्ट दिख रहा है कि एशिया में क्षेत्रीय भिन्नता व्याप्त है और पर्यावरणीय प्रदर्शन को बेहतर करने के प्रयासों की प्रकृति जटिल है; जैसे यह धारणा कि या तो विकास की गति धीमी रहे या पर्यावरण ही सुरक्षित रखा जा सकता है। इन पंक्तियों से पता चलता है कि आर्थिक विकास कैसे सकारात्मक या नकारात्मक दोनों तरीकों से पर्यावरण को प्रभावित करता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नीतियों को कैसे लागू किया जाता है।


flag
Suggest Corrections
thumbs-up
0
similar_icon
Similar questions
Q. Read the following passage and answer the question that follows.

Environmental issues are gaining increasing attention from both policy makers and the public across countries in Asia. Visible environmental challenges ranging from air quality deterioration to global climate change undermine people’s standard of living and impose irreversible damage on the ecosystem. For countries in Asia, decades of rapid economic growth have borne mixed fruit in terms of environmental implications. On the one hand, the accumulation of national wealth through unchecked industrialization and natural resource exploitation has compromised ecosystem vitality and brought about health hazards such as air and water pollution. On the other hand, Asia’s early-starter countries in economic growth, such as Japan and the Republic of Korea, are devoting more resources to environmental governance with greater regulatory efficiency, hence boosting environmental performance. This twofold effect highlights both the wide regional variances among different states in Asia and the complex nature of drivers behind environmental performance, as growth could either deteriorate or remediate the environment.

Q. With reference to the above passage, which of the following statement(s) is/are considered incorrect?

1. To reduce the effects on the environment significantly, rapid economic growth should be controlled.
2. The result of whether their economic growth will deteriorate or remediate the environment is dependent on the policies of the countries.

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दें:

एशियाई देशों में पर्यावरण से संबंधित मुद्दे नीति निर्माताओं और जनता, दोनों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।वायु गुणवत्ता में गिरावट से लेकर वैश्विक जलवायु परिवर्तन तक दृष्टिगोचर पर्यावरणीय चुनौतियाँ लोगों के जीवन स्तर को क्षीण करती हैं और पारिस्थितिकी तंत्र को अपरिवर्तनीय रूप से क्षति पहुँचाती हैं।एशिया के देशों के लिए, दशकों के तीव्र आर्थिक विकास के पर्यावरणीय दृष्टिकोण से मिश्रित परिणाम हुए हैं।एक ओर,जहाँ अनियंत्रित औद्योगीकरण और प्राकृतिक संसाधन के दोहन से राष्ट्रीय धन के संचय में पारिस्थितिकी तंत्र जीवन को नुकसान पहुँचाया गया है और वायु तथा जल प्रदूषण जैसे स्वास्थ्य खतरों को उत्पन्न किया है।दूसरी ओर, आर्थिक विकास में जापान और कोरिया गणराज्य जैसे एशिया के अग्रणी देश बेहतर विनियामक दक्षता के साथ पर्यावरण व्यवस्था के लिए अधिक संसाधनों को प्रयोग कर रहे हैं,जिससे पर्यावरण में सुधार हो रहा है।यह दोहरा प्रभाव एशिया में विभिन्न देशों के बीच व्यापक क्षेत्रीय अंतर और पर्यावरण संबंधित मुद्दों के पीछे वाहक बलों की जटिल प्रकृति दोनों को उजागर करता है कि विकास या तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है या इसमें सुधार कर सकता है।

Q. उपरोक्त गद्यांश के संदर्भ में, निम्नलिखित में कौन सा/से कथन गलत है/हैं?

1. पर्यावरण पर होने वाले दुष्प्रभाव को कम करने के लिए तीव्र आर्थिक विकास को नियंत्रित किया जाना चाहिए।
2. आर्थिक विकास पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा या इसमें सुधार करेगा,यह विभिन्न देशों की नीतियों पर निर्भर करता है।
Q. Q. Read the following passage and answer the question that follows.

Environmental issues are gaining increasing attention from both policy makers and the public across countries in Asia. Visible environmental challenges ranging from air quality deterioration to global climate change undermine people’s standard of living and impose irreversible damage on the ecosystem. For countries in Asia, decades of rapid economic growth have borne mixed fruit in terms of environmental implications. On the one hand, the accumulation of national wealth through unchecked industrialization and natural resource exploitation has compromised ecosystem vitality and brought about health hazards such as air and water pollution. On the other hand, Asia’s early-starter countries in economic growth, such as Japan and the Republic of Korea, are devoting more resources to environmental governance with greater regulatory efficiency, hence boosting environmental performance. This twofold effect highlights both the wide regional variances among different states in Asia and the complex nature of drivers behind environmental performance, as growth could either deteriorate or remediate the environment.

Q. With reference to the above passage, which of the following statement(s) is/are considered incorrect?निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए।

एशिया के देशों में पर्यावरण से संबंधित मुद्दे नीति निर्माताओं और जनता दोनों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। वायु गुणवत्ता में गिरावट से लेकर वैश्विक जलवायु परिवर्तन तक की दृश्यमान पर्यावरणीय चुनौतियां लोगों के जीवन स्तर को कमजोर करती हैं और पारिस्थितिकी तंत्र को अपरिवर्तनीय क्षति पहुंचाती हैं। एशिया के देशों के लिए, दशकों के तीव्र आर्थिक विकास ने पर्यावरणीय प्रभावों के संदर्भ में मिश्रित परिणाम पैदा किए हैं। एक ओर, अनियंत्रित औद्योगीकरण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के माध्यम से राष्ट्रीय धन के संचय ने पारिस्थितिकी तंत्र की जीवन शक्ति से समझौता किया है तथा वायु और जल प्रदूषण जैसे स्वास्थ्य खतरों को जन्म दिया है। दूसरी ओर, आर्थिक विकास में एशिया के शुरुआती देश, जैसे कि जापान और कोरिया गणराज्य, अधिक नियामक दक्षता के साथ पर्यावरण शासन के लिए अधिक संसाधन समर्पित कर रहे हैं, इसलिए पर्यावरणीय कार्य-निष्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं। यह दोहरा प्रभाव एशिया के विभिन्न देशों के बीच व्यापक क्षेत्रीय भिन्नताओं और पर्यावरणीय प्रदर्शन के पीछे प्रचालकों की जटिल प्रकृति दोनों को उजागर करता है, क्योंकि विकास से पर्यावरण या तो बिगड़ या सुधर सकता है।

Q. उपर्युक्त परिच्छेद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से गलत है/हैं?
  1. पर्यावरण पर प्रभाव को उल्लेखनीय रूप से कम करने के लिए, तीव्र आर्थिक विकास को नियंत्रित किया जाना चाहिए।
  2. आर्थिक विकास पर्यावरण को बिगाड़ेगा या इसमें सुधार करेगा,यह देशों की नीतियों पर निर्भर करता है।


  1. 1 only
    केवल 1

  2. 2 only
    केवल 2

  3. Both 1 and 2
    1 और 2 दोनों

  4. Neither 1 nor 2
    न तो 1, न ही 2
Q.

Read the following passage and answer the 4 (four) items that follow:

Can poor countries afford to be green? That is a question which politicians in the developing world have often asked pointedly. To them, it seems that the obsession of some rich with preserving forests and saving cuddly animals like pandas or lemurs, while paying less attention to the human beings living nearby, is both cynical and hypocritical. There is of course plenty of evidence that greenery and growth are not polar opposite. After decades of expansion in China and other fast-emerging economies, some of the negative side-effects and their impact on human welfare, above all the death toll caused by foul air and water, are horribly clear. Yet the relationship between growth and the state of environment is far from simple. Some experts feel that poor countries have been quite right to challenge the sort of green orthodoxy which rejects the very idea of economic growth. Indeed, the single biggest variable in determining a country's ranking is income per head. But that doesn't imply that economic growth automatically leads to an improvement in the environment.

Growth does offer solutions to the sorts of environmental woes (local air pollution for example) that directly kill humans. This matters, because about a quarter of all deaths in the world have some link to environmental factors. Most of the victims are poor people who are already vulnerable because of bad living conditions, lack of access to medicine, and malnutrition. Among the killers, especially of children in which the environment plays the role, are diarrhoea, respiratory infections and malaria. These diseases reinforce a vicious circle of poverty and hopelessness by depressing production. According to the World Bank, the economic burden on society caused by bad environmental health amounts to between 2% and 3% of GDP. As poor countries get richer, they usually invest heavily in environmental improvements, such as cleaning up water supplies and improving sanitation, that boost human health. But the link between growth and environmentally benign outcomes is much less clear when it comes to the sort of pollution that fouls up nature (such as acid rain which poisons lakes and forests) as opposed to directly killing human beings. The key to addressing that sort of pollution is not just money but good governance. Hence, the poor Dominican Republic is much healthier than nearby Haiti, Costa Rica is far ahead of Nicaragua, in spite of broadly similar natural resources, and wealthy Belgium is the sick man of Western Europe, with an environmental record worse than that of many developing countries.

Q3. The MOST APPROPRIATE title for the passage would be:


Q. Passage

Much of the national discourse in India poses environmental sustainability as desirable but inimical to our objective of achieving a high rate of GDP growth, without which poverty eradication and economic and social development of our people would not be possible. There is a trade-off, it is argued, between pursuing development and safeguarding the environment. Still others point to the history of modern industrial development: first there was widespread pollution and degradation of the environment, and then a clean-up and setting of high international standards once prosperity was achieved. China appears to be following the same logic even though there appears to be some rethinking on the subject. We reject these arguments. At the very outset we wish to reiterate that safeguarding the environment is not at all inimical to rapid economic development.

In fact, in our resource constrained world today, maintaining high environmental standards may have become a prerequisite for achieving steady, long-term growth of our economy. This is particularly so given our high population density and the dependence of large numbers on ecosystem services. Nor do we accept the argument that higher standards of living are incompatible with an insistence on environmental sustainability. In fact, maintaining and improving the quality of life for all our citizens may only be possible if the environmental degradation that we witness all around us is reversed and the fragile ecology of our country is preserved. These two propositions lie at the heart of the concept of Green Growth.

According to the Organisation for Economic Cooperation and Development, “Green growth is about fostering economic growth and development while ensuring that the natural assets continue to provide the resources and environmental services on which our well-being relies.” The 13th Finance Commission clearly underscored this in stating, “Green growth involves rethinking growth strategies with regard to the impacts on environmental sustainability and the environmental resources available to poor and vulnerable groups.”

Q. According to the passage which of the following comes under green growth?
1. Reversing environmental degradation
2. Preserving our fragile ecology
3. Maintaining harmonious balance between economic development and environment protection.
4. Environmental resources made available to poor and vulnerable groups
Select the correct answer from the codes given below:

भारत में राष्ट्रीय चर्चा के अधिकाँश भाग में पर्यावरण संधारणीयता को बांछनीय किन्तु सकल घरेलू उत्पाद में उच्च वृद्धि दर प्राप्त करने के हमारे लक्ष्य का विरोधी माना जाता है, जिसके बिना निर्धनता उन्मूलन एवं हमारे लोगों का आर्थिक व सामाजिक विकास संभव नहीं होगा। जैसा कि तर्क दिया जाता है, विकास अनुशीलन के साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखना एक समझौता है। कुछ अन्य आधुनिक औद्योगिक विकास के इतिहास की ओर संकेत करते हैं: पहले व्यापक प्रदूषण था तथा पर्यावरणीय निम्नीकरण हो रहा था। उसके बाद सफाई पर बल दिया गया और समृद्धि प्राप्त करने के बाद उच्च अंतर्राष्ट्रीय मानक तय कर दिए गए। चीन भी इसी तर्क का अनुसरण करता दिख रहा है, हालांकि वहाँ इस विषय पर पुनर्चिन्तन भी होता दिख रहा है। हम इन तर्कों को निरस्त करते हैं। आरम्भ में ही हम इस बात को दोहराना चाहते हैं कि पर्यावरण का संरक्षण तीव्र आर्थिक विकास का बिल्कुल विरोधी नहीं है।

वस्तुतः, विरुद्ध संसाधनों वाले हमारे वर्तमान विश्व में पर्यावरण के उच्च मानक को बनाए रखना हमारी अर्थव्यवस्था के स्थिर तथा दीर्घकालीन वृद्धि के लिये हो सकता है कि पूर्वशर्त बन गयी हो। जनसंख्या के हमारे उच्च घनत्व तथा पारिस्थितकीय सेवाओं पर जनसंख्या के बड़े भाग की निर्भरता को देखते हुए यह बात विशिष्ट रूप से और भी लागू होती है। हम इस तर्क को भी स्वीकार नहीं करते कि पर्यावरण संधारणीयता पर बल जीवन शैली के उच्च स्तर का परस्पर विरोधी है। वस्तुतः, हमारे सभी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना तथा उसे उन्नत करना तभी संभव हो सकता है जब हमारे आस-पास दिख रहे पर्यावरणीय निम्नीकरण की दिशा बदल दी जाए तथा हमारे देश की नाजुक पारिस्थितिकी को संरक्षित किया जाए। ये दोनों ही प्रस्ताव हरित विकास की अवधारणा के केंद्र में अवस्थित हैं।

आर्थिक सहयोग तथा विकास संगठन के अनुसार, “हरित विकास से आशय प्राकृतिक सम्पदाओं द्वारा हमारे कल्याण के लिए आवश्यक संसाधन तथा पर्यावरण संबंधी सेवायें प्रदान करते रहने की सुनिश्चितता के साथ आर्थिक वृद्धि तथा विकास को बढ़ावा देना है”। 13वें वित्त आयोग ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है, “हरित विकास में पर्यावरण संधारणीयता तथा निर्धनों व कमजोर समूहों को उपलब्ध पर्यावरणीय संसाधनों पर प्रभाव के सम्बन्ध में विकासपरक रणनीतियों पर पुनर्विचार करना सम्मिलित हैं।”

Q. परिच्छेद के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा हरित विकास के अंतर्गत आता है?
1. पर्यावरणीय निम्नीकरण की दिशा बदलना।
2. हमारी भंगुर पारिस्थितिकी को संरक्षित करना।
3. आर्थिक विकास तथा पर्यावरण की सुरक्षा के बीच समरसतापूर्ण संतुलन बनाये रखना।
4. निर्धन तथा सुभेद्य समूहों को पर्यावरणीय संसाधन उपलब्ध कराया जाना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Q. Passage

Much of the national discourse in India poses environmental sustainability as desirable but inimical to our objective of achieving a high rate of GDP growth, without which poverty eradication and economic and social development of our people would not be possible. There is a trade-off, it is argued, between pursuing development and safeguarding the environment. Still others point to the history of modern industrial development: first there was widespread pollution and degradation of the environment, and then a clean-up and setting of high international standards once prosperity was achieved. China appears to be following the same logic even though there appears to be some rethinking on the subject. We reject these arguments. At the very outset we wish to reiterate that safeguarding the environment is not at all inimical to rapid economic development.

In fact, in our resource constrained world today, maintaining high environmental standards may have become a prerequisite for achieving steady, long-term growth of our economy. This is particularly so given our high population density and the dependence of large numbers on ecosystem services. Nor do we accept the argument that higher standards of living are incompatible with an insistence on environmental sustainability. In fact, maintaining and improving the quality of life for all our citizens may only be possible if the environmental degradation that we witness all around us is reversed and the fragile ecology of our country is preserved. These two propositions lie at the heart of the concept of Green Growth.

According to the Organisation for Economic Cooperation and Development, “Green growth is about fostering economic growth and development while ensuring that the natural assets continue to provide the resources and environmental services on which our well-being relies.” The 13th Finance Commission clearly underscored this in stating, “Green growth involves rethinking growth strategies with regard to the impacts on environmental sustainability and the environmental resources available to poor and vulnerable groups.”

Q. Why has the importance of maintaining high environmental standards become even more important in a resource constrained world/country, according to the passage?
1. High population density
2. To avoid repetition of mistakes committed by developed countries.
3. Fragile state of our ecology.
Select the correct answer from the codes given below:

भारत में राष्ट्रीय चर्चा के अधिकाँश भाग में पर्यावरण संधारणीयता को बांछनीय किन्तु सकल घरेलू उत्पाद में उच्च वृद्धि दर प्राप्त करने के हमारे लक्ष्य का विरोधी माना जाता है, जिसके बिना निर्धनता उन्मूलन एवं हमारे लोगों का आर्थिक व सामाजिक विकास संभव नहीं होगा। जैसा कि तर्क दिया जाता है, विकास अनुशीलन के साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखना एक समझौता है। कुछ अन्य आधुनिक औद्योगिक विकास के इतिहास की ओर संकेत करते हैं: पहले व्यापक प्रदूषण था तथा पर्यावरणीय निम्नीकरण हो रहा था। उसके बाद सफाई पर बल दिया गया और समृद्धि प्राप्त करने के बाद उच्च अंतर्राष्ट्रीय मानक तय कर दिए गए। चीन भी इसी तर्क का अनुसरण करता दिख रहा है, हालांकि वहाँ इस विषय पर पुनर्चिन्तन भी होता दिख रहा है। हम इन तर्कों को निरस्त करते हैं। आरम्भ में ही हम इस बात को दोहराना चाहते हैं कि पर्यावरण का संरक्षण तीव्र आर्थिक विकास का बिल्कुल विरोधी नहीं है।

वस्तुतः, विरुद्ध संसाधनों वाले हमारे वर्तमान विश्व में पर्यावरण के उच्च मानक को बनाए रखना हमारी अर्थव्यवस्था के स्थिर तथा दीर्घकालीन वृद्धि के लिये हो सकता है कि पूर्वशर्त बन गयी हो। जनसंख्या के हमारे उच्च घनत्व तथा पारिस्थितकीय सेवाओं पर जनसंख्या के बड़े भाग की निर्भरता को देखते हुए यह बात विशिष्ट रूप से और भी लागू होती है। हम इस तर्क को भी स्वीकार नहीं करते कि पर्यावरण संधारणीयता पर बल जीवन शैली के उच्च स्तर का परस्पर विरोधी है। वस्तुतः, हमारे सभी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना तथा उसे उन्नत करना तभी संभव हो सकता है जब हमारे आस-पास दिख रहे पर्यावरणीय निम्नीकरण की दिशा बदल दी जाए तथा हमारे देश की नाजुक पारिस्थितिकी को संरक्षित किया जाए। ये दोनों ही प्रस्ताव हरित विकास की अवधारणा के केंद्र में अवस्थित हैं।

आर्थिक सहयोग तथा विकास संगठन के अनुसार, “हरित विकास से आशय प्राकृतिक सम्पदाओं द्वारा हमारे कल्याण के लिए आवश्यक संसाधन तथा पर्यावरण संबंधी सेवायें प्रदान करते रहने की सुनिश्चितता के साथ आर्थिक वृद्धि तथा विकास को बढ़ावा देना है”। 13वें वित्त आयोग ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है, “हरित विकास में पर्यावरण संधारणीयता तथा निर्धनों व कमजोर समूहों को उपलब्ध पर्यावरणीय संसाधनों पर प्रभाव के सम्बन्ध में विकासपरक रणनीतियों पर पुनर्विचार करना सम्मिलित हैं।”

Q. परिच्छेद के अनुसार, एक संसाधन निरुद्ध विश्व/देश में उच्च पर्यावरण संबंधी स्तर को बनाए रखने की महत्ता और अधिक क्यों बढ़ गयी है?
1. उच्च जनसंख्या घनत्व।
2. विकसित देशों द्वारा की गयी भूलों को दोहराने से बचना।
3. हमारे पारिस्थितिकी की भंगुरता।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
View More
Join BYJU'S Learning Program
similar_icon
Related Videos
thumbnail
lock
The History of Us
ECONOMICS
Watch in App
Join BYJU'S Learning Program
CrossIcon