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Question

Q21. With reference to Clouds, consider the following statements:

1. Cirrus clouds are formed at low altitudes.

2. Stratus clouds are layered clouds.

3. Nimbus Clouds are extremely dense and opaque to rays of sun.

4. Cumulus clouds exist in patches and can be seen scattered.

Which of the above statement(s) is/are correct?

 

Q21. बादलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें

1. पक्षाभ मेघ कम ऊँचाई पर बनते हैं

2. स्तरी मेघ विभिन्न संस्तरों में बने होते हैं।

3. वर्षी मेघ (निम्बस) अत्यधिक घने एवं सूर्यप्रकाश के लिए अपारदर्शी होते हैं।

4. कपासी मेघ टुकड़ों में बने होते हैं और बिखरे हुए प्रतीत होते हैं।

दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन करें:



A

(a) Only 1 and 2

(a) केवल 1 और 2

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B

(b) Only 1 and 4

(b) केवल 1 और 4

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C

(c) Only 2, 3 and 4

(c) केवल 2, 3 और 4

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D

(d) Only 2 and 3

(d) केवल 2 और 3

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Solution

The correct option is C

(c) Only 2, 3 and 4

(c) केवल 2, 3 और 4


According to their height, expanse, density and transparency or opaqueness clouds are grouped under four types :

(i) cirrus; (ii) cumulus; (iii) stratus; (iv) nimbus Cirrus: Cirrus clouds are formed at high altitudes (8,000 - 12,000m). They are thin and detached clouds having a feathery appearance. They are always white in colour.

Cumulus: Cumulus clouds look like cotton wool. They are generally formed at a height of 4,000 -7,000 m.

They exist in patches and can be seen scattered here and there. They have a flat base

Stratus: As their name implies, these are layered clouds covering large portions of the sky.

These clouds are generally formed either due to loss of heat or the mixing of air masses with different temperatures.

Nimbus: Nimbus clouds are black or dark gray. They form at middle levels or very near to the surface of the earth.

These are extremely dense and opaque to the rays of the sun. Nimbus clouds are shapeless masses of thick vapour.

ऊँचाई, फैलाव, घनत्व, पारदर्शिता अथवा अपारदर्शिता के आधार पर मेघों को चार भाग में बाँटा जाता है

(i) पक्षाभ मेघः- यह ऊँचाई पर निर्मित हेते हैं (8000-12000m) ये बिखरे एवं विरल होते है जो पंखनुमा दिखते है।

(ii) कपासी मेघः- यह रूई के समान दिखते हैं यह लगभग 4000m से 7000m की ऊँचाई पर निर्मित होते हैं। यह टुकड़ो में बिखरे होते हैं।

(iii) स्तरी मेघः- नाम के अनुरूप ये विभिन्न स्तरों में होते हैं तथा आसमान के बड़े भाग को अच्छादित करते हैं। इनका निर्माण सामान्यतः तापमान में ह्रास अथवा विभिन्न तापमान के वायुराशियों के मिश्रण से होता है।

(iv) वर्षों मेघः- यह काले अथवा गहरे भूरे रंग के होते हैं यह मध्यम ऊँचाई अथवा पृथ्वी के उत्यन्त निकट निर्मित होते हैं। ये अत्यधिक घने एवं सूर्यकिरणों हेतु अपारदर्शी होते हैं। वास्तव में ये आकृतिहीन एवं घने जलवाष्प के संहति होते है।


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