Download the BYJU'S Exam Prep App for free IAS preparation videos & tests - Download the BYJU'S Exam Prep App for free IAS preparation videos & tests -

12 अक्टूबर 2023 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

  1. अत्याधुनिक नवीनतम राष्ट्रीय सर्वेक्षण नेटवर्क लॉन्च:
  2. वैश्विक भूख सूचकांक में उपयोग किए गए बच्चों की संख्या का लगभग एक-तिहाई बेकार है:
  3. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत ‘आईएनएस सागरध्वनि’ सागर मैत्री मिशन-4 पर रवाना:
  4. प्रधानमंत्री 9वें जी20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (P20) का उद्घाटन करेंगे:
  5. प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के 141वें सत्र का उद्घाटन करेंगे:
  6. एनटीपीसी फोर्ब्स की ‘विश्व के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता 2023’ सूची में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय लोक उपक्रम (PSU):

1. अत्याधुनिक नवीनतम राष्ट्रीय सर्वेक्षण नेटवर्क लॉन्च:

सामान्य अध्ययन: 2

शासन:

विषय: विभिन्न क्षेत्रों में विकास हेतु सरकारी नीतियां और उनमे हस्तक्षेप एवं डिजाइन और कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे।

प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय सर्वेक्षण नेटवर्क,सतत संचालन संदर्भ स्टेशन (CORS),भारतीय सर्वेक्षण विभाग,स्‍वामित्‍व परियोजना,पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान,स्मार्ट सिटी और अमृत परियोजना, भारतमाला और सागरमाला परियोजना,राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति।

मुख्य परीक्षा: राष्ट्रव्यापी सीओआरएस आधारित सेवाओं से नवाचार और अनुसंधान के नए क्षेत्र खुलेंगे और इन क्षेत्रों में भू-स्थानिक आधारित इकोसिस्‍टम निर्मित होगा। समीक्षा कीजिए।

प्रसंग:

  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अत्याधुनिक नवीनतम राष्ट्रीय सर्वेक्षण नेटवर्क लॉन्च किया;राष्ट्रव्यापी “सतत संचालन संदर्भ स्टेशन” (CORS) नेटवर्क का संचालन भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जाएगा।

उद्देश्य:

  • भारत में अब एक विश्वस्तरीय सटीक स्थान आधारित सेवा उपलब्‍ध है, जो वास्तविक समय में सेंटीमीटर स्तर की पोजिशनिंग सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है।
  • भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने भारत में 1,000 से अधिक सीओआरएस स्टेशन स्थापित किए हैं।

विवरण:

  • सरकार ने ग्रामीण आबादी क्षेत्रों के मानचित्रण के लिए स्‍वामित्‍व परियोजना, मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, शहरी विकास के लिए स्मार्ट सिटी और अमृत परियोजना, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सुधार के लिए भारतमाला और सागरमाला परियोजनाओं, राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजनाएं जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए और कई अन्य बुनियादी ढांचागत एवं विकासात्मक परियोजनाएं जैसी कई विकास-केन्द्रित पहल शुरू की हैं।
  • इन सभी परियोजनाओं के लिए उच्च-सटीकता मैपिंग और पोजिशनिंग डेटा की आवश्यकता है, भू-स्थानिक क्षेत्र का विनियमन और भू-स्थानिक डेटा के लोकतंत्रीकरण के परिणामस्वरूप विभिन्न उपयोगकर्ता समूहों की इन डेटासेट तक पहुंच आसान हो गई है।
  • भू-स्थानिक क्षेत्र के अलावा, सतत संचालन संदर्भ स्टेशन आधारित सटीक सेवाएं कृषि, खनन, निर्माण, परिवहन और नागर विमानन क्षेत्र में ऑटो नेविगेशन एवं मशीन नियंत्रित समाधान को भी बढ़ावा देंगी।
  • इससे नवाचार और अनुसंधान के नए क्षेत्र खुलेंगे और इन क्षेत्रों में भू-स्थानिक आधारित इकोसिस्‍टम निर्मित होगा।
  • सीओआरएस डेटा विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों जैसे ऊपरी वायुमंडल और अंतरिक्ष मौसम अध्ययन, मौसम विज्ञान एवं मौसम संबंधी पूर्वानुमान, प्लेट मोशन और टेक्टोनिक अध्ययन, भूकंप विज्ञान और जल विज्ञान आदि में भी सहायता करेगा।
  • राष्ट्रव्यापी सीओआरएस आधारित सेवाएं व्यवसाय और जनता के लिए उपलब्ध होंगी, जो न केवल विभिन्न हितधारकों द्वारा उत्‍पन्‍न भू-स्थानिक डेटा में उन्‍हें सामान्‍य संदर्भ प्रदान करके सुसंगतता सुनि‍श्चित करेगी, बल्कि उनकी उत्पादकता में भी वृद्धि करेगी।
  • “2021 के भू-स्थानिक दिशानिर्देश और राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 (NGP 2022) ने भारत में भू-स्थानिक क्षेत्र के परिवर्तन के लिए एक व्यापक योजना बनाई है।
  • यह क्षेत्र बड़ी और युवा आबादी, निरंतर आर्थिक सुधारों और बढ़ते प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कारण भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने के सपने को साकार करने में देश की मदद करने में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
  • राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति के दो मुख्य लक्ष्य एक सुसंगत राष्ट्रीय ढांचा विकसित करना और व्यवसायों व आम लोगों के लिए सार्वजनिक धन का उपयोग करके एकत्र किए गए कीमती भू-स्थानिक डेटा की आसान उपलब्धता को सक्षम बनाना था।

2. वैश्विक भूख सूचकांक में उपयोग किए गए बच्चों की संख्या का लगभग एक-तिहाई बेकार है:

सामान्य अध्ययन: 2

शासन,सामाजिक न्याय:

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय,केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं एवं इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन।।

प्रारंभिक परीक्षा: वैश्विक भूख सूचकांक,मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 (मिशन पोषण 2.0),पोषण ट्रैकर,यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विश्व बैंक,खाद्य और कृषि संगठन (FAO)।

मुख्य परीक्षा:

प्रसंग:

  • 7 करोड़ से अधिक बच्चों के मापन से पता चला है कि वैश्विक भूख सूचकांक में उपयोग किए गए बच्चों की संख्या का लगभग एक-तिहाई बेकार है।

विवरण:

  • भारत सरकार ने मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 (मिशन पोषण 2.0) के अंतर्गत कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए कई प्रमुख गतिविधियों को प्राथमिकता दी है।
    • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण शासन उपकरण के रूप में ‘पोषण ट्रैकर’ आईसीटी एप्लिकेशन को विकसित और तैनात किया है।
      • आज तक, 13.96 लाख (1.396 मिलियन) से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र एप्लिकेशन पर पंजीकृत हैं, जिससे 10.3 करोड़ (103 मिलियन) से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं।
    • इनमें गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और किशोर बालिकाएं सम्मिलित हैं।
    • पोषण ट्रैकर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की विस्तारित तालिकाओं को शामिल किया गया है, जो बच्चे की ऊंचाई, वजन, लिंग और उम्र के आधार पर स्टंटिंग, वेस्टिंग, कम वजन और मोटापे की स्थिति को गतिशील रूप से निर्धारित करने के लिए दिन-आधारित जेड-स्कोर प्रदान करते हैं।
    • आंगनवाड़ी केंद्रों में विकास मापदंडों को मापने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जिला स्तर पर और विश्व बैंक, बिल मिलिंडा और गेट्स फाउंडेशन आदि के माध्यम से चिकित्सा पेशेवरों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है, जिसके लिए देश के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में विकास मापने के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
  • यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विश्व बैंक जैसे कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पोषण ट्रैकर को पोषण के क्षेत्र में गेम-चेंजर के रूप में स्वीकार किया है।
    • विश्व बैंक और यूनिसेफ ने पोषण ट्रैकर के संचालन में सहायता के लिए मंत्रालय के साथ मिलकर सहयोग किया है।
    • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पोषण ट्रैकर को पोषण पर नियमित प्रशासनिक डेटा को त्रुटिहीन रूप से एकत्र करने के लिए एक अनुकरणीय मंच के रूप में मान्यता प्रदान की है।
    • भारत की जी-20 अध्यक्षता के अंतर्गत, सदस्य राज्यों ने भारत के पोषण ट्रैकर पर ध्यान दिया, जो अद्वितीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
    • यह प्लेटफॉर्म वास्तविक समय की निगरानी और लक्षित हस्तक्षेप के लिए नीतियों को सक्षम करने के लिए डेटा को डिजिटल बनाने का प्रयास करता है।
  • अप्रैल 2023 से, पोषण ट्रैकर पर अपलोड किए गए 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का माप डेटा लगातार बढ़ा है।
    • यह डेटा अप्रैल 2023 में 6.34 करोड़ (63.4 मिलियन) से सितंबर 2023 में 7.24 करोड़ (72.4 मिलियन) हो गया।
    • वैश्विक भूख सूचकांक 2023 में चाइल्ड वेस्टिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले 18.7 प्रतिशत के मूल्य की तुलना में पोषण ट्रैकर, महीने-दर-महीने लगातार 7.2 प्रतिशत से नीचे रहा है।
  • वैश्विक भूख सूचकांक ‘भूख’ का एक त्रुटिपूर्ण मापक बना हुआ है और यह भारत की वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करता है।
    • आयरलैंड और जर्मनी के गैर-सरकारी संगठनों, कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्ट हंगर हिल्फे द्वारा जारी वैश्विक भूख रिपोर्ट 2023 में 125 देशों में भारत को 111वां स्थान दिया गया है।
    • सूचकांक भूख का एक गलत माप है और गंभीर प्रणाली संबंधी मुद्दों से ग्रस्त है।
    • सूचकांक की गणना के लिए उपयोग किए जाने वाले चार संकेतकों में से तीन बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित हैं और पूरी आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते हैं।
    • चौथा और सबसे महत्वपूर्ण संकेतक ‘कुपोषित (POU) जनसंख्या का अनुपात’ 3000 के बहुत छोटे नमूना आकार पर किए गए एक जनमत सर्वेक्षण पर आधारित है।
  • खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा जारी “विश्व में खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति 2023 (SOFI 2023)” रिपोर्ट में भारत के लिए पीओयू 16.6 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया है।
    • खाद्य और कृषि संगठन (FAO) का अनुमान गैलप वर्ल्ड पोल के माध्यम से किए गए “खाद्य असुरक्षा अनुभव स्केल (FIES)” सर्वेक्षण पर आधारित है, जो “3000 उत्तरदाताओं” के नमूना आकार के साथ “8 प्रश्नों” पर आधारित एक “जनमत सर्वेक्षण” है।
    • खाद्य असुरक्षा अनुभव स्केल (FIES) के माध्यम से भारत के आकार के एक देश के लिए एक छोटे से नमूने से एकत्र किए गए डेटा का उपयोग भारत के लिए पीओयू मूल्य की गणना करने के लिए किया गया है जो न केवल गलत और अनैतिक है, बल्कि इसमें स्पष्ट पूर्वाग्रह का भी इशारा करती है।
  • इन कमियों के कारण, खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) को खाद्य असुरक्षा अनुभव स्केल (FIES) सर्वेक्षण डेटा के आधार पर ऐसे अनुमानों का उपयोग नहीं करने के लिए कहा गया था।
    • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के परामर्श से खाद्य असुरक्षा अनुभव स्केल (FIES) पर एक प्रायोगिक सर्वेक्षण की योजना बनाई है।
    • इस उद्देश्य के लिए गठित तकनीकी समूह ने प्रश्नावली, नमूना डिजाइन और नमूना आकार सहित मौजूदा खाद्य असुरक्षा अनुभव स्केल (एफआईईएस) मॉड्यूल में बदलाव का सुझाव दिया है।
  • दो अन्य संकेतक, अर्थात् स्टंटिंग और वेस्टिंग, भूख के अलावा स्वच्छता, आनुवंशिकी, पर्यावरण और भोजन सेवन के उपयोग जैसे विभिन्न अन्य कारकों की जटिल बातचीत के परिणाम हैं, जिन्हें जीएचआई में स्टंटिंग और वेस्टिंग के लिए प्रेरक/परिणाम कारक के रूप में लिया जाता है।
  • इसके अलावा, इस बात का शायद ही कोई सबूत है कि चौथा संकेतक, अर्थात् बाल मृत्यु दर भूख का परिणाम है।
  • केंद्र सरकार ने देश में कोविड-19 के प्रकोप के कारण उत्पन्न आर्थिक बाधाओं के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के विशिष्ट उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) शुरू की।
    • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के अंतर्गत मुफ्त खाद्यान्न का आवंटन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के अंतर्गत किए गए सामान्य आवंटन के अतिरिक्त था।
    • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के अंतर्गत लगभग 1118 लाख मीट्रिक टन (111.8 मिलियन मीट्रिक टन) खाद्यान्न की कुल मात्रा आवंटित की गई थी।
    • वित्त वर्ष 2020-21 से 2022-23 के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के (चरण I-VII) लगभग 3.91 लाख करोड़ (3910 अरब रुपये) के नियोजित वित्तीय परिव्यय के साथ 28 महीने की अवधि के लिए निर्धारित किया गया था, जिससे लगभग 80 करोड़ (800 मिलियन) व्यक्तियों को लाभ हुआ।
    • 1 जनवरी 2023 से शुरू होकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) परिवारों और पीएचएच (प्राथमिकता वाले परिवार) लाभार्थियों को लगभग रु. 2 लाख करोड़ (2000 अरब रुपये) आवंटित किए गए। यह दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम है।

3. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत ‘आईएनएस सागरध्वनि’ सागर मैत्री मिशन-4 पर रवाना:

सामान्य अध्ययन: 3

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:

विषय: विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां;देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

प्रारंभिक परीक्षा: समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत ‘आईएनएस सागरध्वनि’,सागर मैत्री।

मुख्य परीक्षा: सागर मैत्री रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की एक अनूठी पहल है, जो सामाजिक-आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ अधिक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक बातचीत में घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देती हैं। टिप्पणी कीजिए।

प्रसंग:

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत ‘आईएनएस सागरध्वनि’ ‘महासागर अनुसंधान एवं विकास’ में हिंद महासागर रिम देशों के साथ दीर्घकालिक वैज्ञानिक साझेदारी स्थापित करने के लिए सागर मैत्री मिशन-4 पर रवाना हुआ।

उद्देश्य:

  • सागर मैत्री रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की एक अनूठी पहल है, जो सामाजिक-आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ अधिक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक बातचीत में घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से हिंद महासागर रिम (आईओआर) देशों के बीच समुद्री अनुसंधान में ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (SAGAR)’ के व्यापक उद्देश्य का समर्थन करती है।
  • इस नीति के तत्वावधान में, डीआरडीओ ने ‘मैत्री (समुद्री और संबद्ध अंतःविषय प्रशिक्षण और अनुसंधान पहल)’ नामक एक वैज्ञानिक घटक शुरू किया है, जो ‘महासागर अनुसंधान और विकास’ के क्षेत्र में आईओआर देशों के साथ दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करता है।

विवरण:

  • सागर मैत्री कार्यक्रम में, आईएनएस सागरध्वनि आईएनएस किस्तना के ट्रैक का अनुसरण करेगा, जिसने 1962-65 के दौरान अंतर्राष्ट्रीय हिंद महासागर अभियान में भाग लिया था।
  • इस मिशन का उद्देश्य आठ आईओआर देशों- ओमान, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और म्यांमार के साथ दीर्घकालिक वैज्ञानिक साझेदारी और सहयोग स्थापित करना है।
  • पहले सागर मैत्री मिशन में, प्रतिनिधिमंडल ने अप्रैल 2019 में यांगून (म्यांमार) का दौरा किया, उसके बाद दूसरे मिशन (SM-2) में अगस्त 2019 में क्लैंग (मलेशिया) और सितंबर 2019 में सिंगापुर का दौरा किया और इन तीनों देशों में एक दिवसीय वैज्ञानिक सेमिनार का आयोजन भी किया गया था।
  • फरवरी 2020 में एनपीओएल ने तीसरे मिशन (SM-3) के हिस्से के रूप में, भूमध्यरेखीय पारगमन सहित दक्षिणी हिंद महासागर में समुद्र संबंधी अध्ययन भी किये थे।
  • मौजूदा मिशन (SM-4) योजना में उत्तरी अरब सागर में आईएनएस सागरध्वनि पर वैज्ञानिक तैनाती और ओमान के सुल्तान कबूस विश्वविद्यालय में समुद्री विज्ञान और मत्स्य पालन विभाग के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रम की शुरुआत को भी शामिल किया गया है।
  • ये मिशन वैज्ञानिकों को महासागरों का अध्ययन करने वाले अपने आईओआर समकक्षों के साथ सहयोग करने और कामकाजी संबंधों को मजबूत बनाने का भी अवसर प्रदान करते हैं।

पृष्ठ्भूमि:

  • आईएनएस सागरध्वनि एक समुद्री ध्वनिक अनुसंधान जहाज है, जिसे एनपीओएल, कोच्चि द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। इसका निर्माण स्वदेशी रूप से जीआरएसई लिमिटेड द्वारा किया गया है।
  • इसे जुलाई 1994 में लॉन्च किया गया था। एनपीओएल समुद्री पर्यावरण और अन्य संबंधित क्षेत्रों का अध्ययन करने में शामिल है।
  • यह जहाज पिछले 25 वर्षों से व्यापक समुद्री पर्यवेक्षण मिशनों और अनुसंधान कार्यों में लगा है।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

1. प्रधानमंत्री 9वें जी20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (P20) का उद्घाटन करेंगे:

  • प्रधानमंत्री 13 अक्टूबर 2023 को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में 9वें जी20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (P20) का उद्घाटन करेंगे।
    • इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी जी20 की भारत की अध्यक्षता के विस्तृत फ्रेमवर्क के तहत भारत की संसद द्वारा की जा रही है।
  • जी20 की भारत की अध्यक्षता के विषय के अनुरूप, 9वें पी20 शिखर सम्मेलन का विषय “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के लिए संसद” है।
    • इस कार्यक्रम में जी20 के सदस्य देशों एवं आमंत्रित देशों की संसदों के अध्यक्ष भाग लेंगे।
    • 9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में आयोजित जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ के जी20 का सदस्य बनने के बाद अफ्रीका के सभी देशों की संसद पहली बार पी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेगी।
  • इस पी20 शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाले विषयगत सत्र निम्नलिखित चार विषयों पर केन्द्रित होंगे – सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव; महिलाओं के नेतृत्व में विकास; एसडीजी में तेजी; और सतत ऊर्जा बदलाव।
  • प्रकृति के साथ सामंजस्य में हरित एवं टिकाऊ भविष्य की दिशा में पहल के बारे में विचार-विमर्श करने हेतु 12 अक्टूबर 2023 को लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पर शिखर सम्मेलन-पूर्व संसदीय फोरम का भी आयोजन किया जाएगा।

2. प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के 141वें सत्र का उद्घाटन करेंगे:

  • प्रधानमंत्री 14 अक्टूबर 2023 को मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के 141वें सत्र का उद्घाटन करेंगे।
  • आईओसी का सत्र, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक होती है।
    • आईओसी के सत्र में ओलंपिक खेलों के भविष्य से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं।
  • भारत दूसरी बार और लगभग 40 वर्षों के अंतराल के बाद आईओसी के सत्र की मेजबानी कर रहा है। आखिरी बार आईओसी का 86वां सत्र 1983 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
  • भारत में आयोजित होने वाला आईओसी का 141वां सत्र वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने, खेलों में उत्कृष्टता का उत्सव मनाने और मैत्री, सम्मान एवं उत्कृष्टता के ओलंपिक के आदर्शों को आगे बढ़ाने के प्रति देश के समर्पण का प्रतीक है।
  • यह सत्र खेलों से संबंधित विभिन्न हितधारकों के बीच बातचीत और ज्ञान साझा करने का अवसर प्रदान करेगा।
  • इस सत्र में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष श्री थॉमस बाख तथा आईओसी के अन्य सदस्यों के साथ-साथ भारतीय खेल जगत की प्रमुख हस्तियां और भारतीय ओलंपिक संघ सहित विभिन्न खेल महासंघों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।

3. एनटीपीसी फोर्ब्स की ‘विश्व के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता 2023’ सूची में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय लोक उपक्रम (PSU):

  • भारत के सबसे बड़े एकीकृत ऊर्जा समूह, एनटीपीसी लिमिटेड को विगत 10 अक्टूबर 2023 को जारी फोर्ब्स वर्ल्ड की सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता सूची 2023 में “विश्व के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता 2023” में से एक के रूप में मान्यता दी गई है।
    • यह विश्व रैंकिंग में शीर्ष 700 कंपनियों में से 261वें स्थान पर है और इस सूची में शामिल होने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का एकमात्र भारतीय लोक उपक्रम (PSU) है।
  • फोर्ब्स हर वर्ष शीर्ष 700 कंपनियों की पहचान करने के लिए स्वतंत्र बाजार अनुसंधान के माध्यम से विश्व के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ताओं की सूची प्रकाशित करता है जो रोमांचक कामकाजी और सकारात्मक माहौल, प्रशिक्षण और करियर उन्नति के अवसर, कर्मचारी लाभ, कर्मचारी केंद्रित और कार्यस्थल पर विविधता प्रदान करते हैं।
    • फोर्ब्स ने इस वर्ष विश्व के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ताओं की सातवीं वार्षिक सूची बनाने के लिए मार्केट रिसर्च फर्म स्टेटिस्टा के साथ साझेदारी की।
  • यह एनटीपीसी के प्रगतिशील और “संयंत्र प्रभार कारक (प्लांट लोड फैक्टर-पीएलएफ) से पहले लोग” दृष्टिकोण, निरंतर प्रक्रिया में सुधार के माध्यम से अपने मानव संसाधनों के विकास और प्रबंधन में उत्कृष्टता, एक देखभाल, सीखने और आकर्षक कार्यस्थल, कर्मचारियों की ज़रूरतों को पहले रखना और रणनीतिक रूप से व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप लोगों की प्रथाओं को अपनाना एवं कर्मचारी कल्याण और देखभाल और एक सार्थक, सहयोगी कर्मचारी अनुभव बनाने को मान्यता देता है।
  • प्रगतिशील लोगों की नीतियों और हस्तक्षेपों ने इसके कार्यबल को चुस्त और भविष्य के लिए तैयार रहने में सहायता की है।
    • निरंतर मूल्यांकन, केंद्रित शिक्षण और विकास पहल, पारदर्शी कैरियर विकास एवं उत्तराधिकार योजना प्रणाली के साथ समकालीन प्रदर्शन प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत, प्रगतिशील तथा सहयोगी लोगों की नीतियों के अतिरिक्त एनटीपीसी के लिए अद्वितीय सक्षम और आकर्षक संस्कृति का निर्माण करने वाले कुछ ऐसे ही कारक हैं।

Comments

Leave a Comment

Your Mobile number and Email id will not be published.

*

*