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27 अक्टूबर 2023 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

  1. प्रधानमंत्री ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के 7वें संस्करण का उद्घाटन किया
  2. कोयला मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त रूप से काम करेंगे
  3. पर्यटन मंत्रालय ने 25 से 27 अक्टूबर 2023 तक अंतर्राष्ट्रीय यात्रा प्रदर्शनी एशिया, सिंगापुर में हिस्सा लिया

1. प्रधानमंत्री ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के 7वें संस्करण का उद्घाटन किया

सामान्य अध्ययन: 3

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव

प्रारंभिक परीक्षा: इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी), डिजिटल इंडिया कार्यक्रम, स्टार्टअप कार्यक्रम- ‘एस्पायर’

मुख्य परीक्षा: भारत के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) का महत्त्व

प्रसंग:

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2023 के 7वें संस्करण का उद्घाटन किया।

विवरण:

  • 27 से 29 अक्टूबर 2023 तक ‘ग्लोबल डिजिटल इनोवेशन’ थीम के साथ आयोजित किए जाने वाला इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) एशिया का सबसे बड़ा दूरसंचार, मीडिया और प्रौद्योगिकी मंच है।
  • आईएमसी 2023 का लक्ष्य प्रमुख अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के विकासकर्ता, निर्माता और निर्यातक के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत बनाना है।
  • कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर के शैक्षणिक संस्थानों को 100 ‘5जी यूज केस लैब्स’ का उपहार दिया।
  • नवीनतम प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ावा देते हुए युवा पीढ़ियों के जीवन को उन्नत बनाने की प्रतिबद्धता की सराहना की गई, जिससे भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी संरचना को बल मिला है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को समावेशी, नवोन्मेषी और स्थाई बनाया गया है।
  • 125 मिलियन उपयोगकर्ता आधार के साथ भारत शीर्ष 3 5 जी-सक्षम देशों में से एक है।
  • भारत के डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाने में दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की गई और डिजिटल समावेशन के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की गई, जो ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत में निहित है जहां सभी के लिए लाभ सुनिश्चित किया जाता है।
  • इसका भी उल्लेख किया गया कि बहुत से देश भारत की अग्रणी सार्वजनिक बुनियादी संरचना व्यवस्थाओं जैसे- पहचान, भुगतान और डेटा प्रबंधन को अपनाने के लिए उत्सुक हैं।
  • भारत 6जी जैसे क्षेत्रों में भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए मानकों के विकास में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
  • इस अवसर पर दूरसंचार, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी में भविष्य की झलक दिखाने के लिए लगाई गई प्रदर्शनी की भी सराहना की गई। 6जी, एआई, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, ड्रोन अथवा अंतरिक्ष क्षेत्र, गहरे समुद्र, हरित तकनीक जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए चर्चा की गई कि भविष्य पूरी तरह से बदलने वाला है और यह प्रसन्नता का विषय है कि हमारे युवा पीढ़ी तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर रही है।
  • रैंकिंग और संख्या से परे इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्पीड में सुधार से जीवन सुलभ बनता है। शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन और कृषि में बेहतर कनेक्टिविटी और गति के लाभों की भी जानकारी दी गई।
  • आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन गया है।
  • भारत आज देश में निर्मित लगभग दो लाख करोड़ रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात कर रहा है।
  • विभिन्न क्षेत्रों को प्रौद्योगिकी से जोड़ने की पहलों को सूचीबद्ध करते हुए लॉजिस्टिक्स में पीएम गतिशक्ति, स्वास्थ्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और कृषि क्षेत्र में एग्री स्टैक जैसे प्लेटफार्मों का उल्लेख किया गया।
  • वैज्ञानिक अनुसंधान, क्वांटम मिशन और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन और स्वदेशी डिजाइन एवं प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने में भारी निवेश का भी उल्लेख किया गया।
  • साइबर सुरक्षा और नेटवर्क बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलू का जिक्र करते हुए जी20 शिखर सम्मेलन में ‘साइबर सुरक्षा के वैश्विक खतरों’ पर चर्चा का भी उल्लेख किया गया।
  • संपूर्ण विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में आत्मनिर्भरता साइबर सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इस तथ्य को रेखांकित करते हुए कहा गया कि जब मूल्य श्रृंखला में सब कुछ राष्ट्रीय डोमेन से संबंधित होता है, तो चाहे हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर या कनेक्टिविटी की सुरक्षा हो, इसे बनाए रखना आसान हो जाता है।
  • भारत के आईटी क्षेत्र का उल्लेख किया गया जहां भारत ने पहले से विकसित प्रौद्योगिकियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

पृष्ठभूमि:

  • ‘100 5जी लैब पहल’, 5जी अनुप्रयोगों के विकास को प्रोत्साहित करके 5जी तकनीक से जुड़े अवसरों को साकार करने का एक प्रयास है जो भारत की उत्कृष्ट आवश्यकताओं के साथ-साथ वैश्विक मांगों को भी पूरा करता है।
  • यह अनूठी पहल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन आदि जैसे विभिन्न सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देगी और देश को 5जी तकनीक के उपयोग में अग्रणी बनाएगी।
  • यह पहल देश में 6जी-सक्षम शैक्षणिक और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के निर्माण के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • यह पहल स्वदेशी दूरसंचार प्रौद्योगिकी के विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) एशिया का सबसे बड़ा दूरसंचार, मीडिया और प्रौद्योगिकी मंच है।
  • इसका आयोजन 27 से 29 अक्टूबर, 2023 तक किया जाएगा। यह आयोजन दूरसंचार और प्रौद्योगिकी में भारत की अविश्वसनीय प्रगति और महत्वपूर्ण कारकों को सामने लाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा। यह मंच स्टार्ट-अप्स को अपने नवीन उत्पादों और समाधानों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है।
  • ‘ग्लोबल डिजिटल इनोवेशन’ थीम के साथ, आईएमसी 2023 का लक्ष्य प्रमुख अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के डेवलपर, निर्माता और निर्यातक के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करना है।
  • तीन दिवसीय सम्मेलन 5जी, 6जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी प्रौद्योगिकियों का उल्लेख करेगी और इसमें सेमीकंडक्टर उद्योग, हरित प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा आदि से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
  • इस वर्ष, आईएमसी एक स्टार्टअप कार्यक्रम- ‘एस्पायर’ का शुभारंभ कर रहा है। यह नई उद्यमशीलता पहल और सहयोग को उत्प्रेरित करने के उद्देश्य से स्टार्टअप, निवेशकों और स्थापित व्यवसायों के बीच संबंधों को बढ़ावा देगा।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

1.कोयला मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त रूप से काम करेंगे

  • कोयला मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने का निर्णय लिया है।
  • दोनों मंत्रालयों के बीच सचिव स्तर की संयुक्त बैठक के दौरान, यह निर्णय लिया गया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तकनीकी, नीति और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करेगा और कोयला मंत्रालय भूमि, पूंजी प्रदान करेगा एवं सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को लागू करेगा।
  • कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों-नैवेली लिग्नाइट कारपोरेशन लिमिटेड-एनएलसीआईएल और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड-एससीसीएल ने पहले ही पंचामृत लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए नेट जीरो योजना शुरू कर दी है।
  • 1600 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित की गई है। 500 मेगावाट की अन्य सौर परियोजनाओं पर काम विभिन्न चरणों में जारी है।
  • कोयला कंपनियों के पास डी-कोयला और अधिशेष भूमि है और ऐसी भूमि को निजी निवेशकों को हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं की स्थापना के लिए दिया जा सकता है।
  • कोयला सीपीएसई के पास पहले से ही अतिरिक्त विशाल भूमि है, जिसका उपयोग सौर परियोजनाओं की स्थापना के लिए किया जा सकता है। इसलिए, कोयला धारक क्षेत्रों में लगभग 85 आवासीय कॉलोनियां हैं जिनमें लगभग 50,000 आवास हैं।
  • पूर्ण मूल्यांकन करने और मिशन मोड में सभी सरकारी भवनों और घरों की छत पर सौर ऊर्जा से कवर करने का निर्णय लिया गया।
  • यह भी निर्णय लिया गया कि आईआईटी रूड़की, भारतीय सौर ऊर्जा निगम और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) से जुड़ी अन्य संसाधन एजेंसियों के माध्यम से उपयुक्त ज्ञान साझेदारी भी की जाएगी।
  • कोयला मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सीपीएसई, वर्ष 2030 तक लगभग 12गीगावाट की उत्पादन क्षमता तैयार करेंगे। कोयला मंत्रालय 300 एकड़ से अधिक भूमि के लगभग 10 टुकड़ों की पहचान करने की प्रक्रिया में है ताकि निजी निवेशकों को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की नीति के तहत हरित हाइड्रोजन परियोजनाएं स्थापित करने की पेशकश की जा सके।

2. पर्यटन मंत्रालय ने 25 से 27 अक्टूबर 2023 तक अंतर्राष्ट्रीय यात्रा प्रदर्शनी एशिया, सिंगापुर में हिस्सा लिया

  • भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने टूर ऑपरेटरों और राज्य पर्यटन विभागों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ सिंगापुर में आयोजित महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रदर्शनियों में से एक में भाग लिया।
  • इसका उद्देश्य एशिया प्रशांत क्षेत्र सहित विश्व स्तर पर भारत आने वाले पर्यटन को बढ़ावा देना है। प्रदर्शनी – आईटीबी एशिया 25 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई और 27 अक्टूबर को समाप्त होगी।
  • पर्यटन मंत्रालय प्रदर्शनी में भारतीय उद्योग की भागीदारी का नेतृत्व कर रहा है, जो ‘अतुल्य भारत! भारत भ्रमण वर्ष 2023’ विषय वस्तु के अंतर्गत भारत के यात्रियों के लिए विभिन्न पर्यटन उत्पादों और परिवर्तनकारी अनुभवों की श्रृंखला को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया भर से और विशेष रूप से एशिया प्रशांत क्षेत्र से यात्रा व्यापार व्यवसाय और हितधारकों को आकर्षित करता है। अतुल्य भारत मंडप का उद्घाटन सिंगापुर में किया गया।
  • विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ मिलकर अपने प्रचार प्रयासों के एक हिस्से के रूप में, प्रदर्शनी में पर्यटन मंत्रालय की भागीदारी का उद्देश्य, विभिन्न विषयगत उत्पादों साहसिक, सम्पूर्ण स्वास्थ्य, हिमालय, पर्यावरण पर्यटन, स्थायी पर्यटन और मोहक वन्य जीवों के साथ एक आकर्षक गंतव्य के रूप में भारत की ओर मीडिया और उद्योग दोनों का ध्यान आकर्षित करना है।
  • आईटीबी एशिया में अतुल्य भारत मंडप के भीतर भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) और हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर सहित गंतव्य प्रबंधन कंपनियां (डीएमसी) थीं जिन्होंने अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया और संभावित ग्राहकों और भागीदारों के साथ उपयोगी बातचीत की।
  • गोवा सरकार के साथ-साथ केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख, जम्मू और कश्मीर तथा पुडुचेरी प्रशासन ने भी अपने संबंधित पर्यटन उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए भाग लिया।
  • लक्षित संभावित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पसंदीदा गंतव्य के रूप में भारत की ओर ध्यान केंद्रित करने के लिए यह वर्ष विजिट इंडिया वर्ष 2023 घोषित किया गया है।
  • दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के साथ सिंगापुर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, विशेष रूप से बौद्ध पर्यटन के लिए।
  • इस क्षेत्र के साथ भारत का उत्कृष्ट सम्पर्क है, हर हफ्ते दोनों देशों के बीच लगभग 150 उड़ानें, एक अतिरिक्त लाभ है।

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