UPSC परीक्षा कम्प्रेहैन्सिव न्यूज़ एनालिसिस - 13 June, 2022 UPSC CNA in Hindi

13 जून 2022 : समाचार विश्लेषण

A.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

B.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:

  1. इस्लामी सहयोग संगठन को समझना:
  2. FATF और पाकिस्तान की ‘ग्रे लिस्ट’ स्थिति:

C.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

D.सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

E.सम्पादकीय:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

  1. अफगान महिलाओं के अधिकार खतरे में:

F. प्रीलिम्स तथ्य:

  1. अपाचे, चिनूक हेलिकॉप्टर:

G.महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. एक नयी शरुआत : तिहाड़ जेल में महिलाएं कैसे रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए अपना कौशल विकास कर रही हैं:
  2. टाइप-1 मधुमेह पर नई सलाह जारी :
  3. अध्ययन से पता चलता है कि बाल कलाकार दिन में 12 घंटे से अधिक काम करते हैं:
  4. भारत में डायनासोर का ‘असामान्य’ अंडा मिला:

H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

इस्लामी सहयोग संगठन को समझना:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

विषय: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियां और मंच- उनकी संरचना, और जनादेश।

प्रारंभिक परीक्षा: इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) से सम्बंधित तथ्य।

मुख्य परीक्षा: इस्लामिक सहयोग संगठन – इसकी कार्यप्रणाली, आलोचना एवं भारत के साथ इसके संबंध।

संदर्भ:

  • पैगंबर मुहम्मद पर एक भारतीय राजनीतिक दल के दो पूर्व प्रवक्ताओं द्वारा की गई टिप्पणियों की इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के महासचिव ने निंदा की हैं।

विवरण:

  • ओआईसी (Organisation of Islamic Cooperation-OIC) ने मांग की हैं कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाए और इसे “भारत में इस्लाम के प्रति बढ़ती नफरत और बदनामी” माना जाए।
  • विदेश मंत्रालय ने इसके जवाब में कहा कि भारत ने OIC सचिवालय की “अनुचित” और “संकीर्ण सोच” वाली टिप्पणियों को खारिज कर दिया हैं।
  • इसके अलावा, मंत्रालय ने यह भी माना कि एक राजनीतिक दल के दोनों प्रवक्ताओं द्वारा व्यक्त किए गए विचार भारत सरकार के विचार नहीं हैं और सरकार के अधिकारियों ने उनके खिलाफ पहले ही कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस्लामिक सहयोग संगठन (Organisation of Islamic Cooperation-OIC):

  • इस्लामी सम्मलेन संगठन (Organisation of the Islamic Conference-OIC) की स्थापना 1969 में यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद की आपराधिक आगजनी के बाद मोरक्को के रबात शिखर सम्मेलन में की गई थी।
  • OIC द्वारा “मुस्लिम दुनिया की सामूहिक आवाज” होने का दावा किया जाता है।
  • OIC संयुक्त राष्ट्र के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है।
  • वर्तमान में 57 देश OIC के सदस्य हैं और यह चार महाद्वीपों में फैला हुआ है।
  • वर्तमान में, OIC का मुख्यालय जेद्दा (सऊदी अरब) में है और संगठन की योजना अपने मुख्यालय को पूर्वी यरुशलम में स्थानांतरित करने की है।
  • इसका उद्देश्य दुनिया के विभिन्न लोगों के बीच अंतरराष्ट्रीय शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने की भावना से मुस्लिम दुनिया के हितों की रक्षा और उन्हें भय-मुक्त करना हैं।

लक्ष्य:

  • ओआईसी सदस्य देशों के बीच एकजुटता स्थापित करने और कब्जे वाले किसी भी सदस्य राज्य की पूर्ण संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की बहाली में मदद करता है।
  • इस्लाम की मानहानि की रक्षा, बचाव और उसके विरोधियो का मुकाबला करना,मुस्लिम समाज में बढ़ते असंतोष को रोकना और यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना कि सदस्य राज्य संयुक्त राष्ट्र महासभा और मानवाधिकार परिषद जैसे विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में एकजुट रुख अपनाएं।
  • इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए: Organisation of Islamic Cooperation (OIC)

संगठन में शामिल होने की पात्रता:

  • मुस्लिम बहुमत वाले संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश इस संगठन में शामिल हो सकते हैं।
  • ओआईसी (OIC) के विदेश मंत्रियों की परिषद में पूर्ण सहमति के साथ सदस्यता की पुष्टि की जानी चाहिए।
  • सदस्यता और पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त करने के लिए इसके प्रावधान समान हैं।
  • OIC को सदस्य राज्यों द्वारा उनकी राष्ट्रीय आय के आधार पर वित्तपोषित किया जाता है।
  • यदि कोई सदस्य राष्ट्र निर्धारित दायित्वों को पूरा करने में विफल रहता है, तो उसका मतदान अधिकार निलंबित कर दिए जाते हैं।

ओआईसी (OIC) का कामकाज:

  • इस्लामिक शिखर सम्मेलन जिसमें देशों के प्रमुख शामिल होते हैं, इस संगठन का सर्वोच्च प्राधिकरण होता है।
  • यह शिखर सम्मेलन द्विवार्षिक रूप से (दो साल में एक बार) आयोजित किया जाता है एवं इसे नीतिगत निर्णय लेने और संगठन से जुड़े मुद्दों पर मार्गदर्शन प्रदान करने का काम सौंपा गया है।
  • विदेश मंत्रियों की परिषद महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्था है और यह ओआईसी (OIC) की सामान्य नीतियों के कार्यान्वयन पर निर्णय लेने के लिए हर साल बैठक करती है।
  • परिषद पांच साल की अवधि के लिए महासचिव की नियुक्ति करती है, जिसे निर्णयों के कार्यान्वयन पर अनुवर्ती कार्रवाई करने, ओआईसी के चिंता के विशिष्ट मुद्दों पर सीधे ध्यान देने, विभिन्न अंगों के बीच समन्वय के लिए एक मंच बनाने और किए गए कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
  • ओआईसी अपने चार्टर का पालन करता है जिसमें इसके उद्देश्यों, सिद्धांतों और संचालन तंत्र का उल्लेख है एवं इसके सदस्य देशों से सुशासन, लोकतंत्र, मानवाधिकार, मौलिक स्वतंत्रता और कानून के शासन को बनाए रखने और बढ़ावा देने की अपेक्षा की जाती है।
  • इसके अलावा, ओआईसी एक 10 वर्षीय कार्य योजना (PoA) जारी करता है और इसमें वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के सभी पहलुओं का मुकाबला करने के लिए कार्रवाई करने का आह्वान किया जाता है।
  • OIC के पास सांस्कृतिक मामलों, आर्थिक और वाणिज्यिक मामलों, वैज्ञानिक और तकनीकी पहल जैसे पहलुओं पर सहयोग के लिए स्थायी समितियाँ मौजूद हैं।
  • न्यायाधिकरण में सभी प्रकार के निर्णय लेने के लिए दो-तिहाई सदस्य देशों की उपस्थिति और पूर्ण सहमति से परिभाषित कोरम की आवश्यकता होती है।
  • यदि आम सहमति नहीं बन पाती है, तो निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से किया जाता हैं।

OIC समूह की आलोचनाएँ:

  • विशेषज्ञों ने इस बात पर ओआईसी (OIC) की आलोचना की है कि वह अपने सदस्य देशों में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन की तुलना में फिलिस्तीन या म्यांमार जैसे क्षेत्रों में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है।
  • आलोचकों का मानना है कि ओआईसी (OIC) के पास मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच करने या संधियों और घोषणाओं के माध्यम से अपनी नीतियों को लागू करने की समुचित शक्ति और संसाधनों का अभाव है।
  • आलोचक इस बात पर भी टिप्पणी करते हैं कि ओआईसी मुख्य रूप से उन संघर्षों की मध्यस्थता पर केंद्रित है जहां दोनों पक्ष मुस्लिम होते हैं।

भारत और ओआईसी (OIC):

  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध होने के बावजूद ओआईसी (OIC) के साथ भारत के संबंधों की राह भी आसान नहीं रही है।
  • भारत ने ओआईसी का सदस्य बनने की इच्छा व्यक्त की है लेकिन इसकी सदस्यता को पाकिस्तान ने चुनौती दी है।
  • हाल के दिनों में, भारतीय विदेश मंत्री ने अबू धाबी में विदेश मंत्रियों के ओआईसी समूह (OIC Plenary) को “सम्मानित अतिथि” (guest of honor) के रूप में संबोधित किया था।
  • भारत की बड़ी मुस्लिम आबादी को स्वीकार करते हुए,बांग्लादेश ने 2018 में प्रस्तावित किया कि भारत को ओआईसी में पर्यवेक्षक का दर्जा दिया जाए, इस कदम का तुर्की द्वारा समर्थन किया गया,लेकिन पाकिस्तान ने इसका विरोध किया था।

सारांश:

  • हाल के वर्षों में भारत को ओआईसी (OIC) में अपनी भागीदारी बढ़ाने और ओआईसी पर अपनी पकड़ मजबूत की है ,लेकिन हाल ही में भारत के एक राजनीतिक दल के पूर्व प्रवक्ताओं द्वारा की गई टिप्पणियों ने OIC के सदस्य देशों को नाराज कर दिया है जिसके चलते अब OIC के साथ भारत के संबंधों में तनाव पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

FATF और पाकिस्तान की ‘ग्रे लिस्ट’ स्थिति:

विषय: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियां और मंच- उनकी संरचना एवं जनादेश।

प्रारंभिक परीक्षा: फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF)

मुख्य परीक्षा: FATF के कार्य तथा ग्रे और ब्लैक लिस्ट।

सन्दर्भ:

  • फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का पूर्ण सत्र 14 से 17 जून (2022) के बीच बर्लिन में होने वाला है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF):

  • FATF ग्लोबल मनी लॉन्ड्रिंग और टेररिस्ट फाइनेंसिंग वॉचडॉग है।
  • FATF की स्थापना 1989 पेरिस में हुए G7 शिखर सम्मेलन में मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के कारण वैश्विक वित्तीय प्रणाली में पैदा हुई खामियों को दूर करने के उद्देश्य से की गई थी।
  • FATF अंतरराष्ट्रीय मानकों को निर्धारित करता है जिनका उद्देश्य अवैध गतिविधियों और समाज को होने वाले नुकसान को रोकना है।
  • FATF ने अमेरिका पर हुए 9/11 के हमलों के बाद आतंक के वित्तपोषण पर मुख्य फोकस किया, जिसके तहत सामूहिक विनाश के हथियारों के वित्तपोषण को प्रतिबंधित किया गया है।
  • सदस्य: वर्तमान में, FATF के 39 सदस्य हैं और भारत 2010 से इसका सदस्य है।
    • इंडोनेशिया को पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया है।
  • मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस

FATF का पूर्ण सत्र:

  • FATF निर्णय लेने वाली पूर्ण संस्था है।
  • आमतौर पर इसकी बैठक साल में तीन बार होती है।
  • पूर्ण बैठकों में दुनिया भर के 206 देश भाग लेते हैं जिसमें सदस्य, पर्यवेक्षक संगठन जैसे विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र के कुछ संगठन और अन्य क्षेत्रीय विकास बैंक शामिल हैं।

FATF के कार्य:

  • FATF उन देशों के लिए मानक निर्धारित करता है जिसका उद्देश्य देशों की वित्तीय प्रणालियों में खामियों को दूर करना है तथा उन्हें अवैध वित्तीय गतिविधियों के प्रति संवेदनशील बनाना है।
  • FATF निर्धारित मानकों के आधार पर देशों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए आपसी मूल्यांकन (ME) नामक नियमित सहकर्मी-समीक्षा मूल्यांकन (peer-reviewed evaluations) आयोजित करता है।
    • FATF और FATF-शैली क्षेत्रीय निकायों (Style Regional Bodies (FSRBs)) द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है तथा पारस्परिक मूल्यांकन रिपोर्ट (MERs) जारी की जाती हैं।
  • FATF उन देशों के लिए समयबद्ध उपायों की सिफारिश करता है जो कुछ मानकों पर अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहते हैं।
    • इन सिफारिशों में अपराधों के जोखिमों की पहचान करना एवं उनका आकलन करना तथा मनी लॉन्ड्रिंग एवं टेरर फंडिंग की जांच, विधायी और न्यायिक निकायों की स्थापना करना शामिल है।

FATF की ग्रे और ब्लैक लिस्ट:

  • प्रत्येक पूर्ण बैठक के अंत में FATF देशों की सूचियां तैयार करता है।
  • ग्रे सूची उन देशों का प्रतिनिधित्व करती है जिन्हें FATF और उसके निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
    • आपराधिक वित्तीय गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए FATF के साथ काम करने वाले ग्रे देशों को “बढ़ी हुई निगरानी” के रूप में नामित किया गया है।
    • FATF अन्य सदस्यों को सूचीबद्ध देशों में सम्यक उद्यम लगाने की सिफारिश नहीं करता है, लेकिन सुझाव देता है कि ऐसे देश जोखिमपूर्ण हैं।
    • फिलहाल 23 देश ग्रे लिस्ट में हैं जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है।
  • काली सूची “गैर-अनुपालन या गैर-सहकारी देश या क्षेत्र (NCCTs)” का प्रतिनिधित्व करती है।
    • इन देशों को ‘उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकार’ के रूप में नामित किया गया है।
    • इन देशों में धन शोधन रोधी और आतंकवाद विरोधी वित्तपोषण व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण कमियां होती हैं और FATF अपने सदस्यों और गैर-सदस्यों से उचित सहयोग करने का आग्रह तथा सदस्यों को इन सूचीबद्ध देशों पर प्रतिबंधों जैसी जवाबी कार्रवाई करने के लिए भी कहता है।
    • फिलहाल उत्तर कोरिया और ईरान ब्लैक लिस्ट में हैं।
    • ब्लैक लिस्ट वाले देशों को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), एशियाई विकास बैंक (ADB) और यूरोपीय संघ जैसे संगठनों से सहायता नहीं मिलती है, जिससे उनका पूंजी प्रवाह, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और पोर्टफोलियो प्रवाह प्रभावित होता हैं।
  • FATF की आधिकारिक शब्दावली में ‘ग्रे’ और ‘ब्लैक’ सूची का उल्लेख नहीं है।

पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में होने के कारण:

  • आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के कारण पाकिस्तान को 2008 से “ग्रे लिस्ट” के तहत सूचीबद्ध किया गया है।
  • इसे 2015 में सूची से बाहर कर दिया गया था लेकिन 2018 में इसे पुनः इस सूची में रख दिया गया था।
  • पाकिस्तान ने आतंकी वित्तपोषण गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के लिए 27-सूत्रीय कार्य योजना तैयार की है।
    • पहली कार्ययोजना में पाकिस्तान को चेतावनियों तथा 2021 में मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग का मुकाबला करने पर केंद्रित सात-सूत्रीय कार्य योजनाओं का एक सेट दिया गया था।
  • FATF ने मार्च 2022 में आयोजित अपनी पूर्ण बैठक में पाकिस्तान को इसी सूची में बरकरार रखा क्योंकि इसने अभी तक संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी समूहों के वरिष्ठ नेताओं और कमांडरों को लक्षित करने तथा आतंकी वित्तपोषण जांच एवं अभियोजन के संबंध में प्रभावी प्रयास नहीं किया है।
    • पाकिस्तान ने FATF को सूचित किया कि उसने दो योजनाओं की कुल 34 कार्य मदों में से 32 को पूरा कर लिया बावजूद इसके उसे इसी सूची में रखा गया है।
    • FATF ने 2021 की योजना को पूरा करने के लिए समय सीमा को जनवरी 2023 तक बढ़ा दिया।
  • पाकिस्तान ने इस संबंध में आतंकी संगठन प्रमुख हाफिज सईद को सजा, मसूद अजहर पर मुकदमा चलाने, 300 से अधिक अन्य नामित आतंकवादियों की गिरफ्तारी तथा आतंकी समूहों के स्वामित्व वाली 1,100 से अधिक संपत्तियों को जब्त किया।
  • पाकिस्तान वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ वार्ता में सुधार करने तथा राहत राशि प्राप्त करने के लिए हेतु ग्रे सूची से अपने संभावित सुधार का भरोसा जाता रहा है।

सारांश:

  • FATF के पूर्ण सत्र के नवीनतम संस्करण का बेसब्री से इंतजार है क्योंकि आर्थिक संकट का सामना कर रहा पाकिस्तान FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ से खुद को हटाने की उम्मीद कर रहा है। इस बीच, भारत को मनी लॉन्ड्रिंग रोधी और आतंकवाद विरोधी फंडिंग के संबंध में पाकिस्तान की कार्रवाइयों की प्रभावशीलता और स्थायित्व पर संदेह है।

सम्पादकीय:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

अफगान महिलाओं के अधिकार खतरे में:

विषय: विकसित और विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति का प्रभाव।

मुख्य परीक्षा: तालिबान के तहत अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन।

संदर्भ:

  • अधिग्रहण की प्रारंभिक अवधि में, तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता, वित्त पोषण और मान्यता प्राप्त करने हेतु महिला अधिकारों की सुरक्षा का वादा किया था।
  • समय के साथ, तालिबान शासन ने महिलाओं और उनकी शिक्षा के संबंध मेंअपनी नीति को बदल कर लड़कियों के स्कूलों में जाने और महिलाओं के काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

विवरण:

  • तालिबान एक सुन्नी कट्टरपंथी संगठन है जो अफगान राजनीति में है। पश्तो में ‘तालिबान’ शब्द का अर्थ है ‘छात्र’।
  • 16 अगस्त 2021 को तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया।
  • अतीत में, तालिबान का 1996 से 2001 तक देश के लगभग तीन-चौथाई हिस्से पर नियंत्रित था और वहां तालिबान ने शरिया या इस्लामी कानून को सख्ती से लागू किया था।
  • तालिबान आधिकारिक तौर पर खुद को ‘अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात’ के रूप में संदर्भित करता है।

अतीत में तालिबान:

  • तालिबान ने शरिया कानून को अपनी तरह से परिभाषित किया है जिसका अर्थ है कि लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के कई अधिकारों में कटौती करना।
  • उन्होंने पश्तून आदिवासी संहिता के साथ मिश्रित शरिया को लागू किया था।
  • महिलाओं को बुर्का पहनना तथा पुरुषों को दाढ़ी रखना आवश्यक थी।
  • महिलाएं, परिवार के किसी पुरुष सदस्य के बिना घर से बाहर नहीं निकल सकती है न हीं घर से बाहर काम कर सकती है।
  • तालिबान ने आठ साल से अधिक उम्र की लड़कियों के स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
  • हत्या और व्यभिचार के आरोपियों को सार्वजनिक फांसी दी तथा चोरी के आरोपियों के अंग भंग कर दिए गए।
  • तालिबान ने टेलीविजन, संगीत, पतंगबाजी, सिनेमा, फोटोग्राफी, पेंटिंग तथा महिलाओं के खेलने आदि पर प्रतिबंध लगा दिया है।
  • लोगों पर विशेषकर महिलाओं पर किसी भी कथित गलती के लिए सार्वजनिक रूप से कोड़े बरसाने का नियम बनाया गया है।

वर्तमान परिदृश्य

  • तालिबान ने सिर्फ लड़कियों और महिलाओं के लिए ड्रेस कोड तय नहीं किया हैं बल्कि पुरुषों को भी विशेष प्रकार के कपड़े पहनने और दाढ़ी रखना अनिवार्य बना दिया गया है।
  • तालिबानी शासन ने यह भी नियम भी बनाया है कि महिलाए पुरुष के बिना बाहर नहीं निकल सकती है।
  • जनवरी 2022 में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की एक रिपोर्ट में पाया गया कि 2021 की तीसरी तिमाही में पुरुषों के रोजगार में 6% की तुलना में अफगान महिलाओं के रोजगार के स्तर में अनुमानित 16% की गिरावट आई है।
  • 2022 के मध्य तक, तालिबान के अधिग्रहण से पहले की तुलना में महिलाओं के रोजगार के 21% कम होने की उम्मीद है।
  • अटकलों के अनुसार, तालिबान लड़कियों के लिए स्कूलों ड्रेस कोड को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।
  • वर्तमान तालिबान सरकार में मंत्री हक्कानी ने कहा कि शिक्षा अफगान “संस्कृति” और “इस्लामी नियमों और सिद्धांतों” पर आधारित होनी चाहिए।
  • विश्व बैंक के अनुसार, 2019 में, देश में 36% शिक्षक महिलाएं थीं, जो 20 वर्षों में सबसे अधिक संख्या है। लेकिन मार्च 2022 में लड़कियों की शिक्षा पर तालिबान के प्रतिबंध के कारण अधिकांश महिला शिक्षकों हटा दिया गया है।
  • रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के आंकड़ों के अनुसार, 2021 के अंत तक, काबुल की 700 महिला पत्रकारों में से अब केवल 100 से कम ही काम कर रही है।

सारांश:

  • अंतर्राष्ट्रीय ध्यान जैसे-जैसे यूक्रेन-संघर्ष की ओर केंद्रित हुआ, वैसे ही अफगानिस्तान में जारी संकट और अधिक जटिल होता गया है। इसलिए, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अफगान महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक ठोस और समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि अफगानिस्तान के वास्तविक शासकों को उनके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके।

प्रीलिम्स तथ्य:

1. अपाचे, चिनूक हेलिकॉप्टर:

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

सुरक्षा:

विषय: विभिन्न सुरक्षा बल,उनकी एजेंसियां और जनादेश।

प्रारंभिक परीक्षा: अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टर।

संदर्भ:

  • भारत अधिक संख्या में अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टरों को खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है।

अपाचे हेलिकॉप्टर:

  • अपाचे एक अटैक हेलीकॉप्टर है जिसे दुनिया का सबसे घातक हेलीकॉप्टर माना जाता है।
  • इस हेलीकॉप्टर को पहली बार वर्ष 1986 में अमेरिकी सेना में शामिल किया गया था।
  • इस हेलीकॉप्टर को बोइंग द्वारा निर्मित किया गया है।
  • AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर का उन्नत संस्करण है।
  • ये हेलीकॉप्टर एक ही स्थान पर मंडरा सकते हैं और मानव-आकार जैसे लक्ष्यों को भी मिलीमीटर रडार और नाइट विजन जैसी चीजों की सहायता से निशाना बना सकते हैं या मार सकते हैं।
  • अपाचे हेलिकॉप्टर एफआईएम 92 स्टिंगर और एजीएम-114 हेलफायर मिसाइल से सुसज्जित/लैस हैं।

चिनूक हेलिकॉप्टर:

  • CH-47 F(I) “चिनूक” एक उन्नत बहु-मिशन हेलीकॉप्टर है जिसे बोइंग द्वारा निर्मित किया गया हैं।
  • इसे 1962 में लाया गया था और इसने वियतनाम, अफगानिस्तान और ईरान में कई अभियानों में शामिल किया गया है। इसे दुनिया के सबसे उन्नत भारी-भरकम हेलीकॉप्टरों में से एक कहा जाता है।
  • यह एक उन्नत बहु-मिशन हेलीकॉप्टर है और इसमें एक पूर्ण एकीकृत, डिजिटल कॉकपिट प्रबंधन प्रणाली, कॉमन एवियोनिक्स आर्किटेक्चर सिस्टम (सीएएएस) कॉकपिट और उन्नत कार्गो-हैंडलिंग क्षमताएं शामिल हैं जो विमान के मिशन प्रदर्शन और हैंडलिंग विशेषताओं के पूरक हैं।
  • यह हेलिकॉप्टर 9.6 टन का पेलोड ले जा सकता है जिसमें भारी मशीनरी जैसे आर्टिलरी गन, हॉवित्जर और यहां तक कि हल्के बख्तरबंद वाहन भी शामिल हैं।
  • इसकी इस क्षमता का उपयोग बचाव कार्यों, आपदा राहत, विमान की रिकवरी और पैराशूट का उपयोग कर विमान से छलांग लगाने के लिए किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण तथ्य:

1. एक नयी शरुआत : तिहाड़ जेल में महिलाएं कैसे रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए अपना कौशल विकास कर रही हैं:

  • तिहाड़ की जेल नंबर 6 में लगभग 400 महिला कैदी हैं जो एक पूर्णकालिक रसोई और एक इन-हाउस ब्यूटी पार्लर के संचालन में संलग्न हैं और सिलाई और कढ़ाई कक्षाओं में भी भाग ले रही हैं।
  • इस कदम ने उन्हें अपनी चिंताओं को दूर करने में मदद की है और उन्हें भविष्य के लिए आशा प्रदान की है जिसके माध्यम से वे कमा और अपनी पहचान बना सकती हैं।
  • जेल अधीक्षक और कर्मचारी इन कैदियों को जेलों में इस तरह के कौशल को पेशेवर रूप से अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं,ताकि जमानत मिलने या बरी होने के बाद वे अपना भविष्य संवार सकें।
  • जेल कर्मी उन कैदियों को भी परामर्श देते है जो चिंता और अन्य मानसिक आघात से पीड़ित होते हैं।

2. टाइप-1 मधुमेह पर नई सलाह जारी :

  • टाइप- I मधुमेह एक पुरानी स्थिति है जिसमें अग्न्याशय बहुत कम या बिल्कुल भी इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है।
  • यह आमतौर पर किशोरावस्था के दौरान होता है इसके लक्षणों में प्यास का बढ़ना, बार-बार पेशाब आना, भूख लगना, थकान और धुंधली दृष्टि शामिल हैं।
  • इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के हालिया अनुमानों के मुताबिक,इस समय दुनिया में टाइप-1 डायबिटीज के सबसे ज्यादा मामले भारत में हैं।
  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने अब एक समग्र दस्तावेज जारी किया है जो टाइप -1 मधुमेह वाले बच्चों, किशोरों और वयस्कों को मधुमेह पर सलाह देता है।
  • इस परामर्श/एडवाइजरी में यात्रा के लिए एकदम नए जूते न पहनना, भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए फ्लैश कार्ड के साथ यात्रा करना, समय क्षेत्र (Time Zone) पार करते समय भोजन का प्रबंधन, इंसुलिन का भंडारण और ग्लूकोज के उतार-चढ़ाव को कम करने जैसे दिशानिर्देश शामिल हैं।
  • यात्रा के दौरान टाइप-1 रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे क्या करें और क्या न करें, के समबन्ध में भारत की पहली सूची है।
  • काउंसिल ने रोगियों को यात्रा से चार से छह सप्ताह पहले अपने चिकित्सक को यात्रा के बारे में अग्रिम रूप से सूचित करने की सिफारिश की है और पूरी यात्रा के लिए दवाएं और रक्त परीक्षण सामग्री ले जानेकी सलाह भी दी है ।

3. अध्ययन से पता चलता है कि बाल कलाकार दिन में 12 घंटे से अधिक काम करते हैं:

  • चाइल्ड राइट्स एंड यू (एक गैर सरकारी संगठन) द्वारा “भारत में बाल कलाकार” नामक एक अध्ययन से पता चलता है कि वर्ष 2017 में मीडिया और मनोरंजन कौशल परिषद के अनुमानों और वर्ष 2011 की भारत की जनगणना के आधार पर बाल कलाकारों की कुल संख्या 6,059 से 12,334 के बीच होने का अनुमान है।
  • अध्ययन यह भी बताता है कि भारत में मनोरंजन क्षेत्र में काम करने वाले 15 वर्ष से कम उम्र का बच्चा दिन में 12 घंटे से अधिक काम करता है।
  • कास्टिंग एजेंसियां बाल और किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम (CALPRA), 1986 (Child and Adolescent Labour (Prohibition and Regulation) Act (CALPRA), 1986 ) का उल्लंघन कर रही हैं। जो सभी व्यवसायों में बच्चों की संलग्नता को प्रतिबंधित करता है।
  • CALPRA ने इस सम्बन्ध में नियम निर्धारित किये हुए हैं कि किसी भी बच्चे को एक दिन में पाँच घंटे से अधिक और बिना आराम के तीन घंटे से अधिक समय तक काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • CALPRA इस बात को भी अनिवार्य करता है कि बच्चे द्वारा अर्जित आय का कम से कम 20% बच्चे के नाम पर एक राष्ट्रीयकृत बैंक में एक सावधि जमा खाते में सीधे जमा किया जाना चाहिए।
  • हालांकि, अध्ययन से पता चलता है कि इन बच्चों के पैसे का उपयोग परिवारों द्वारा पूरी तरह से किया जाता है।
  • वर्ष 2019 में, भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र का मूल्य ₹1.67 ट्रिलियन था, जिसमें से बच्चों (15 वर्ष की आयु तक) के “इंप्रेशन” का हिस्सा लगभग 30% है।

4. भारत में ‘असामान्य’ डायनासोर का अंडा मिला:

  • दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के एक समूह ने जीवाश्म डायनासोर के अंडों के एक अलग सेट की खोज की है, जिसमें एक अंडे के भीतर एक और अंडा है।
  • संभवत: जीवाश्म इतिहास में पहली बार ऐसी खोज हुई है।अंडे के भीतर के अंडे को एक दुर्लभ घटना कहा जाता है और यह केवल पक्षियों में पाया जाता है और सरीसृपों में नहीं पाया जाता है।
  • अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक यह खोज ‘‘ दुर्लभ और अहम है’’ क्योंकि अबतक सरीसृपों के ‘अंडे में अंडा’ नहीं मिला था।
  • यह खोज सरीसृप और पक्षियों के विकास के बीच नए संबंध स्थापित करती है।
  • यह असामान्य टाइटानोसॉरिड डायनासोर का अंडा मध्य प्रदेश के धार जिले के बाग इलाके से प्राप्त हुआ हैं जो कि यह समझने में सहायक हो सकता है कि क्या डायनासोर का प्रजनन जो उनके करीबी जैव विज्ञान कछुओं, छिपकलियों या मगरमच्छ और पक्षियों जैसा था।
  • सौरोपोड परिवार के डायनासोर अब तक के सबसे बड़े भूमि जानवरों में से एक थे।
  • इन जानवरों के जीवाश्म गुजरात, मध्य प्रदेश और मेघालय में पाए गए हैं।
  • मध्य भारत का अपर क्रेटेशियस लैमेटा फॉर्मेशन अपने डायनासोर के जीवाश्मों (कंकाल और अंडे के अवशेष दोनों) के लिए प्रसिद्ध है।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही हैं? (स्तर – मध्यम)

  1. सौरोपोड परिवार के डायनासोर लाखों साल पहले उस क्षेत्र में विस्तृत रूप से फैले हुए थे जो वर्तमान में भारत में है।
  2. इन जानवरों के जीवाश्म गुजरात, मध्य प्रदेश और मेघालय में पाए गए हैं।

विकल्प:

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1, न ही 2

उत्तर: c

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है: सौरोपोड परिवार के डायनासोर अब तक के सबसे बड़े भूमि जानवरों में से एक थे और लाखों साल पहले उस क्षेत्र में फैले हुए थे जो वर्तमान में भारत है।
  • कथन 2 सही है: इन जानवरों के जीवाश्म गुजरात, मध्य प्रदेश और मेघालय में पाए गए हैं।
  • मध्य भारत का अपर क्रेटेशियस लैमेटा फॉर्मेशन डायनासोर के जीवाश्मों (कंकाल और अंडे के अवशेष दोनों) के लिए प्रसिद्ध है।

प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन गलत हैं? (स्तर – सरल)

  1. भूजल प्रदूषण का एकमात्र कारण केवल औद्योगिक प्रदूषक हैं।
  2. भूजल में पाए जाने वाले संदूषक भौतिक, अकार्बनिक ,कार्बनिक रसायन, बैक्टीरियोलॉजिकल और रेडियोधर्मी मापदंडों की एक विस्तृत श्रृंखला को आच्छादित (cover) करते हैं ।

विकल्प:

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: a

व्याख्या:

  • कथन 1 सही नहीं है: नाइट्रेट, फ्लोराइड, लोहा, कुल कोलीफॉर्म और मल कोलीफॉर्म, गैसोलीन, तेल, रोड सॉल्ट और अन्य रसायनों जैसे प्रदूषकों की एक विस्तृत श्रृंखला के कारण भूजल संदूषण होता है।
  • कथन 2 सही है: भूजल में पाए जाने वाले संदूषक भौतिक, अकार्बनिक रसायन, कार्बनिक रसायन, बैक्टीरियोलॉजिकल और रेडियोधर्मी मापदंडों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करते हैं।

प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन सा कथन G-33 को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है? (स्तर – सरल)

(a) यह संयुक्त राष्ट्र का एक अनौपचारिक समूह है जो संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर जोर देता है।

(b) यह जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में सामूहिक रूप से अपने हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले छोटे द्वीप देशों का समूह है।

(c) यह विश्व व्यापार संगठन वार्ता के दौरान विशेष रूप से कृषि के संबंध में समन्वय के लिए विकासशील देशों का गठबंधन है।

(d) यह उन देशों की सूची है जिन्होंने लगातार जैविक प्रदूषकों या POP का बहिष्कार किया है।

उत्तर: c

व्याख्या:

  • G33 विकासशील देशों का एक गठबंधन है, जिसे 2003 के कैनकन मंत्रिस्तरीय सम्मेलन से पहले स्थापित किया गया था जिसे विश्व व्यापार संगठन वार्ता के दोहा दौर में समन्वित किया गया था।
  • G33 समूह का उद्देश्य विकासशील देशों के लिए आवश्यक बाजार खोलने की सीमा को सीमित करना है।

प्रश्न 4. हाल के वर्षों में पूर्वोत्तार कल्याण के तहत निम्नलिखित में से किस पहल ने उत्तर-पूर्वी भारत के राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को बदलने में मदद की है? (स्तर – मध्यम)

  1. अधिकांश क्षेत्रों से AFSPA को हटाना और विद्रोही समूहों के साथ शांति समझौते करना ।
  2. उड़ान के तहत कनेक्टिविटी में सुधार हेतु नए हवाई मार्ग।
  3. बोगीबील पुल का निर्माण।
  4. उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना।
  5. बांस प्रौद्योगिकी पार्कों की स्थापना।

विकल्प:

(a) केवल 1, 3 और 4

(b) केवल 2, 4 और 5

(c) केवल 2 और 5

(d) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर: d

व्याख्या:

  • उपरोक्त सभी पहलों ने पूर्वोत्तर भारत के राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  • अत: विकल्प d सही है।

प्रश्न 5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः PYQ (2020) (स्तर – कठिन)

  1. आनुवंशिक परिवर्तन उन कोशिकाओं होते हैं जो संभावित माता-पिता के अंडे या शुक्राणु का उत्पादन के लिए जिम्मेदार होती हैं।
  2. प्रारंभिक भ्रूण अवस्था में जन्म से पहले किसी व्यक्ति के जीनोम को संपादित किया जा सकता है।
  3. मानव प्रेरित प्लुरिपोटेंट स्टेम सेल को सुअर के भ्रूण के भीतर प्रविष्ट करवाया जा सकता हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 2

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: d

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है: जर्मलाइन जीन थेरेपी में रोगाणु कोशिकाओं (गैमेट्स) का संशोधन शामिल है जो परिवर्तन को अगली पीढ़ी तक पहुंचता हैं।
  • जर्मलाइन थेरेपी से, अंडे या गर्भ धारण करने के लिए उपयोग किए जा रहे शुक्राणु में जीन को संशोधित किया जा सकता है।
  • इसलिए, संभावित माता-पिता के अंडे या शुक्राणु पैदा करने वाली कोशिकाओं में आनुवंशिक परिवर्तन होते हैं।
  • कथन 2 सही है: प्रारंभिक भ्रूण अवस्था में किसी व्यक्ति के जीनोम को जन्म से पहले संपादित किया जा सकता है।
  • कथन 3 सही है: मानव प्रेरित प्लुरिपोटेंट (आईपीएस) स्टेम कोशिकाओं को सुअर के भ्रूण के भीतर प्रविष्ट करवाया जा सकता हैं,और इन कोशिकाओं में परिणामी भ्रूण में किसी भी ऊतक में विकसित होने की क्षमता होती है।

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

प्रश्न 1. पाकिस्तान के FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ में शामिल होने का उसकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। टिप्पणी कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द) (जीएस II – अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

प्रश्न 2. इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की स्थापना क्यों की गई? अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में इसकी क्या भूमिका रही है? (10 अंक, 150 शब्द) (जीएस II – अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

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