UPSC परीक्षा कम्प्रेहैन्सिव न्यूज़ एनालिसिस - 19 June, 2022 UPSC CNA in Hindi

18 जून 2022 : समाचार विश्लेषण

A. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

B. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध

  1. चीन ने लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख को आतंकवादी घोषित करने का प्रयास विफल किया

C. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

  1. कोविड-19 के लिए IP अधिकारों में छूट की याचिका

D. सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 से संबंधित:

आज इससे संबंधित कुछ नहीं है।

E. संपादकीय:

भारतीय समाज:

  1. समावेशी भारत के लिए प्रयासरत एक ‘पुरुष संसद’

F. प्रीलिम्स तथ्य:

  1. मासिनराम में एक दिन में सर्वाधिक वर्षा

G. महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. चुनाव आयोग चाहता है कि लोग एक सीट से चुनाव लड़ें
  2. 5 मिलियन भारतीय आपदा से प्रभावित: संयुक्त राष्ट्र
  3. नदी को पार कर स्कूल जाना

H. UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

I. UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 से संबंधित:

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:

कोविड-19 के लिए IP अधिकारों में छूट की याचिका

विषय: बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित मुद्दे

प्रारंभिक परीक्षा: बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) और ट्रिप्स समझौता

मुख्य परीक्षा: कोविड-19 के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) में छूट और IPR की छूट में विफलता का प्रभाव।

प्रसंग

  • भारत कोविड-19 टीकों और अन्य चिकित्साविधान के निर्माण और निर्यात पर बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) में छूट हेतु विश्व व्यापार संगठन (WTO) के अन्य सदस्यों को समझाने में सफल नहीं हुआ।

पृष्ठभूमि

इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए 17 मार्च 2022 के विस्तृत समाचार विश्लेषण का अध्ययन करें।

विवरण

  • ऐसा माना जाता है कि जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC12) में केवल कोविड-19 टीकों के निर्माण और निर्यात तक पहुंच को आसान बनाने के लिए एक समझौता किया गया था।
  • अंतिम समझौते में उल्लिखित निर्देश फार्मास्युटिकल एकाधिकार के मुद्दों का समाधान नहीं किया गया है या फिर जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों तक सस्ती पहुंच सुनिश्चित नहीं करता है।
    • हालाँकि, सदस्य देशों को 6 महीने के भीतर कोविड-19 निदान और चिकित्सा विधान पर छूट के बारे में निर्णय लेने के लिए कहा गया है।

हालिया समझौते पर जताई नाराजगी

  • आलोचकों को लगता है कि नवीनतम समझौता एक प्रभावी और व्यापक समाधान जिससे महामारी के दौरान लोगों की जीवन रक्षक दवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने में मदद मिलती है, प्रदान नहीं करता है, क्योंकि यह आवश्यक कोविड-19 चिकित्सा उपकरणों पर बौद्धिक संपदा में छूट नहीं देता है और सभी देशों पर लागू नहीं होता है।
  • भारतीय वाणिज्य मंत्री ने सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि IP छूट का विरोध करने वाले कुछ देशों ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि IP अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
    • उन्होंने आगे कहा कि भारत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ है, लेकिन डायग्नोस्टिक्स और थेरेप्यूटिक्स पर लिए गए फैसलों के खिलाफ है।
  • उद्योग के विशेषज्ञ बताते हैं कि विश्व व्यापार संगठन में IP छूट पर सहमत होने में विफलता विश्व के लोगों के लिए एक विनाशकारी विफलता है।

सारांश:

  • कोविड-19 पर बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) की छूट पर एक सार्थक समाधान पर पहुंचने में विफलता से भविष्य के वैश्विक स्वास्थ्य संकटों के लिए एक नकारात्मक उदाहरण स्थापित होने की संभावना है क्योंकि इस सुविधा से उन देशों को उत्पादन और निर्यात की सुविधा मिल जाती जिनके पास पर्याप्त क्षमता की कमी है।

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2 से संबंधित:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध :

चीन ने लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख को आतंकवादी घोषित करने का प्रयास विफल किया

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

प्रारंभिक परीक्षा:UNSC की 1267 समिति और आतंकवादियों के रूप में नामित व्यक्तियों पर प्रतिबंधों के बारे में

मुख्य परीक्षा: अब्दुल रहमान मक्की को आतंकी सूची में शामिल नहीं करने की चीन की कार्रवाइयों से भारत-चीन संबंधों पर प्रभाव

प्रसंग

  • भारत ने अब्दुल रहमान मक्की को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवादी सूची में सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को अवरुद्ध करने के लिए चीन के रूख पर असंतोष व्यक्त किया। ज्ञात हो कि उक्त व्यक्ति लश्कर-ए-तैयबा / जमात-उद-दावा (LET / JUD) से जुड़ा एक पाकिस्तानी आतंकवादी है।

पृष्ठभूमि

  • अब्दुल रहमान मक्की लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का बहनोई है, जिसे मुंबई 26/11 हमलों के मास्टरमाइंड के रूप में भी दोषी ठहराया गया है।
    • मक्की भारत में आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण के कई मामलों में वांछित है, और सरकार द्वारा उसे वांछित आतंकवादी के रूप में नामित किया गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंधित सूची में मक्की को सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव UNSC की 1267 समिति के सदस्यों को 1 जून (2022) को 16 जून की समय सीमा के साथ “अनापत्ति प्रक्रिया” के तहत जारी किया गया था।
  • हालांकि चीन ने लिस्टिंग पर आपत्ति जताने के लिए आखिरी दिन तक इंतजार किया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति

  • 1999 में पारित संकल्प 1267 के आधार पर इस समिति का गठन किया गया था।
  • यह समिति ISIL(दाएश), अलकायदा और संबंधित व्यक्तियों, समूहों, उपक्रमों और संस्थाओं से संबंधित प्रस्तावों 1267, 1989 (2011) और 2253 (2015) के तहत प्रतिबंध उपायों के क्रियान्वयन की देखरेख करती है।
  • इस समिति में सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य शामिल हैं और यह सर्वसम्मति से निर्णय लेती है।
  • यह समिति उन व्यक्तियों और संस्थाओं को नामित करती है जो प्रासंगिक प्रस्तावों में निर्धारित लिस्टिंग मानदंडों को पूरा करते हैं।

UNSC द्वारा आतंकवादी के रूप में नामित व्यक्तियों पर लगाए गए प्रतिबंध

  • संपत्ति फ्रीज
    • सभी देशों को नामित व्यक्तियों और संस्थाओं के धन, वित्तीय और आर्थिक संपत्ति को फ्रीज करना अनिवार्य है।
  • यात्रा पर प्रतिबंध
    • सभी देशों को अपने क्षेत्रों में इन नामित व्यक्तियों के प्रवेश या पारगमन को रोकना अनिवार्य है।
  • शस्त्र प्रतिबंध
    • सभी देशों को नामित व्यक्तियों को सैन्य गतिविधियों से संबंधित प्रशिक्षण तथा हथियारों और अन्य सामग्रियों जैसे कि स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी सलाह की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आपूर्ति, बिक्री एवं हस्तांतरण को रोकना अनिवार्य है।

चीन की हरकतों के खिलाफ भारत की प्रतिक्रिया

  • भारत ने सूची पर “तकनीकी रोक” लगाने के चीन के फैसले को “खेदजनक” और “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” माना है जिसका अनुरोध संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
  • भारत ने चीन पर आतंकवाद का मुकाबला करने के उसके दावों में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
  • भारत ने यह भी दावा किया कि चीन द्वारा आयोजित ब्रिक्स NSA बैठक के माध्यम से किए गए प्रतिबद्धताओं से चीन का विचलन प्रदर्शित हो रहा है, जो आतंकवाद का मुकाबला करने में घनिष्ठ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

सारांश:

  • अब्दुल रहमान मक्की को UNSC द्वारा नामित आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध करने से रोकने के चीन के निर्णय से पहले से ही बिगड़ते भारत-चीन संबंधों में और तनाव आएगा।

समावेशी भारत के लिए प्रयासरत एक ‘पुरुष संसद’

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित

भारतीय समाज

विषय: महिलाओं और महिलाओं के संगठन की भूमिका और संबंधित विषय

मुख्य परीक्षा: भारत में लैंगिक समावेशिता की चुनौतियाँ और भावी कदम

प्रसंग

इस आलेख में भारतीय संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और लैंगिक समावेशन के संबंध में अन्य मुद्दों का मूल्यांकन किया गया है।

पृष्ठभूमि

  • 1952 में, जब भारतीय गणराज्य ने अपना पहला संसदीय सत्र आयोजित किया, उस सत्र में लगभग 39 महिला नेता उपस्थित थीं, जिन्होंने राजनीति में पुरुषों के पारंपरिक प्रभुत्व को चुनौती दी थी।
    • भारतीय संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व उस समय लगभग 5.5% था जब महिलाओं का प्रतिनिधित्व अमेरिकी कांग्रेस में कुल सदस्यों का केवल 1.7% और यू.के. की संसद में 1.1% था।
  • संसद में महिलाओं का अत्यधिक प्रगतिशील प्रतिनिधित्व भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में पेशे, वर्ग, जाति और कई धर्मों से हजारों महिलाओं के योगदान का प्रमाण है।
  • हालाँकि, शिखर के युग के बाद महिलाओं के प्रतिनिधित्व और समावेशिता पर एक चर्चा होती है।

भारतीय विधानों में लैंगिक तटस्थता के साथ चुनौतियां

  • महिला प्रतिनिधियों की संख्या अभी भी बहुत कम मानी जाती है और एक कार्यक्षेत्र के रूप में संसद प्रणालीगत मुद्दों के कारण विशेष रूप से पुरुषों के लिए संचालित होती है।
  • भारत में संसदीय संचार और अन्य चर्चाओं में लिंग-तटस्थ भाषा का अभाव है क्योंकि यह नेतृत्व की स्थिति में महिलाओं को अध्यक्ष और पार्टी मैन के रूप में संदर्भित करता है।
  • राज्यसभा के प्रक्रिया नियम भारत के उपराष्ट्रपति को पदेन सभापति के रूप में संदर्भित करते हैं।
    • इसके अलावा, संविधान में पुरुष सर्वनामों का व्यापक रूप से उपयोग है जो पुरुषों के प्रति झुका हुआ पक्षपाती एक शक्ति संरचना का प्रतीक है।
  • 17वीं लोकसभा में अब तक 75 महिला सांसदों के सवालों के मंत्रिस्तरीय उत्तरों के संकलन में यह बताया गया है कि सर/मैडम जैसे अभिवादन का इस्तेमाल करने वाले 84 फीसदी जवाबों में महिला सांसदों को ‘सर’ कहा गया है।
    • वहीं 15वीं लोकसभा में, जब एक महिला अध्यक्ष थीं, केवल 27% उत्तरों में यही त्रुटियां देखी गई, जिससे महिलाओं के प्रतिनिधित्व के महत्व का पता चलता है।
  • इस विषय का कानून-निर्माण पर भी प्रभाव पड़ता है क्योंकि पिछले दस वर्षों में, बहुत कम लिंग-तटस्थ अधिनियम प्रस्तुत किए गए हैं।

लिंग समावेशन सुनिश्चित करने के लिए अतीत में हुए विभिन्न पहल

  • पिछले कुछ वर्षों में लैंगिक समावेशिता के आंदोलन तीव्र हुए है।
    • उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण बनाम भारत संघ, 2014 मामले में सभी व्यक्तियों के लैंगिक पहचान के अधिकारों को बरकरार रखा।
    • न्यायालय ने स्पष्ट किया कि लैंगिक पहचान जैविक विशेषताओं को संदर्भित नहीं करती है, बल्कि इसे “किसी के लिंग की एक सहज धारणा” के रूप में संदर्भित करती है।
    • तदनुसार, लोगों ने अपने व्यक्तिगत सर्वनाम (she/her, he/his, they/them,आदि) को निर्दिष्ट करके अपनी लैंगिक पहचान घोषित करना शुरू कर दिया है।
  • 2014 में, लोकसभा के तत्कालीन अध्यक्ष के नेतृत्व में, लोकसभा के प्रक्रिया के नियमों को पूरी तरह से लैंगिक रूप से तटस्थ बना दिया गया था।
    • तब से सभी दस्तावेजों में सभी लोकसभा समिति के प्रमुखों को अध्यक्ष के रूप में संदर्भित किया जाता है।

शेष विश्व में लैंगिक समावेशन

  • यहां तक कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों ने भी, जिन्होंने भारत के बाद सार्वभौमिक मताधिकार को वैध कर दिया, लैंगिक-समावेशी कानून और संचार सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं।
  • कनाडा के न्याय विभाग ने कानून के सभी दस्तावेजों में लैंगिक रूप से तटस्थ भाषा का उपयोग करने के लिए दिशा निर्देश प्रदान किए हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अपने प्रारूपण शैली नियमावली में लैंगिक-तटस्थता को शामिल किया है।
  • 2007 में यूके के हाउस ऑफ कॉमन्स ने घोषणा की कि सभी कानूनों को लैंगिक रूप से तटस्थ बनाया जाएगा।

भारत के लिए सिफारिशें

  • जैसा कि पूर्व में देखा गया है, संशोधनों ने दस्तावेजों को लैंगिक-तटस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए भारतीय संसद को उन संशोधनों को पेश करना चाहिए जिसमें पिछली त्रुटियों की पहचान और सुधार की जाए।
  • भारत को संसद में महिला कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी है, और यह सुनिश्चित करना है कि उनका पेशेवर विकास उत्पीड़न और घरेलू जिम्मेदारियों जैसे किसी भी मुद्दे से प्रभावित न हो।
  • भाषा में सुधार लाने के बाद, महिला कार्यबल की आकांक्षाओं और विकास जैसे प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
  • कार्यक्षेत्र में संस्कृति, पर्यावरण और नीतियों को समझने के लिए भारत में एक जेंडर ऑडिट किया जा सकता है।

सारांश: अतीत में कुछ परिपक्व लोकतंत्रों की तुलना में एक महिला प्रधानमंत्री, एक राष्ट्रपति और महिला सांसदों का उच्च प्रतिशत होने के बावजूद, भारत में लैंगिक समावेशन को लेकर अभी भी कई चुनौतियाँ व्याप्त हैं और लैंगिक आधार पर विचार से परे लोगों के साथ समान व्यवहार और अभिमूल्यन सुनिश्चित करने के लिए इन पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रीलिम्स तथ्य:

  1. मासिनराम में एक दिन में सर्वाधिक वर्षा

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 से संबंधित:

भूगोल:

विषय: महत्वपूर्ण भू भौतिकीय घटनाएं

प्रारंभिक परीक्षा: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वर्षा श्रेणियों के बारे में

प्रसंग

  • मेघालय में मासिनराम में जून में अब तक की सबसे अधिक एकदिवसीय वर्षा दर्ज की गई है।

विवरण

  • मेघालय का मासिनराम, जो कि दुनिया का सबसे आर्द्र स्थान है, में 1,03.6 मिमी की 24 घंटे की बारिश दर्ज की गई, जो 1966 में 945.4 मिमी के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गई थी।
  • चेरापूंजी जो मासिनराम के पास स्थित है, में जून में 24 घंटे की अवधि में तीसरी सबसे अधिक वर्षा हुई थी।
  • दोनों स्थान एक साथ पृथ्वी पर सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा निर्धारित वर्षा की श्रेणियां

  • IMD वर्षा की दीर्घ अवधि के औसत (LPA) के आधार पर देश में वर्षा को निर्धारित करता है।
    • LPA 1961 और 2010 के बीच भारत में दर्ज की गई औसत वर्षा है और इसे सामान्य वर्षा माना जाता है। इसका मान 88 सेमी वर्षा है।
  • सामान्य वर्षा: आईएमडी मानसून के मौसम को सामान्य मानता है जब जून और सितंबर के बीच देश में वर्षा की कुल मात्रा LPA के 10% (प्लस या माइनस) के भीतर होती है, अर्थात LPA के 96-104% के बीच।
  • सामान्य से कम: जब कुल वर्षा LPA के 10% से कम हो, अर्थात LPA का 90-96%।
  • सामान्य से ऊपर: जब कुल वर्षा LPA के 10% से अधिक हो, अर्थात LPA का 104-110%।
  • न्यून : जब कुल वर्षा LPA के 90% से कम हो।
  • आधिक्य: जब कुल वर्षा LPA के 110 प्रतिशत से अधिक हो।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. चुनाव आयोग चाहता है कि लोग एक सीट से चुनाव लड़ें
  • चुनाव आयोग (EC) ने लोगों को एक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने से रोकने के लिए कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया है।
  • वर्तमान कानून के अनुसार, एक उम्मीदवार को चुनाव में दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की अनुमति है।
  • इसके अलावा, चुनाव आयोग ने कहा है कि यदि एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लागू नहीं किया जा सकता है, तो एक निर्वाचन क्षेत्र को खाली करने और उप-चुनाव के लिए मजबूर करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
  • यह सुधार पहली बार 2004 में प्रस्तावित किया गया था।
  1. 5 मिलियन भारतीय आपदा से प्रभावित: संयुक्त राष्ट्र
  • संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में जलवायु परिवर्तन और आपदाओं के कारण भारत में लगभग 50 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए थे।
  • UNHCR की वार्षिक ग्लोबल ट्रेंड्स रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंसा, मानवाधिकारों के हनन, खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध और अफ्रीका से अफगानिस्तान तक अन्य आपात स्थितियों के कारण विश्व स्तर पर 2021 में 100 मिलियन से अधिक लोगों को अपने घरों से जबरन विस्थापित किया गया था।
  • 2021 में आपदाओं के संदर्भ में, चीन (6 मिलियन) में सबसे बड़ा विस्थापन हुआ, उसके बाद फिलीपींस (5.7 मिलियन) और भारत (4.9 मिलियन) का स्थान है।
  1. नदी को पार कर स्कूल जाना
  • केरल में नीलांबुर के पास जंगलों में चार आदिवासी बस्तियों के कई बच्चे हर दिन स्कूलों तक पहुंचने के लिए मुंडेरी में चालियार नदी को पार कर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
    • बाढ़ में दो पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बच्चे नदी पार करने के लिए बांस के राफ्ट का उपयोग करने को मजबूर हैं।
  • 2018 से, वनियामपुझा, थारिप्पापोटी, इरुट्टुकुथी और कुंबलप्पारा बस्तियों में रहने वाले आदिवासी परिवार मुख्य भूमि तक पहुंचने के लिए भौतिक अवसंरचना के निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
    • मलप्पुरम कलेक्टर और उनके सहयोगियों द्वारा वित्त जुटाने के बाद बनाया गया एक हैंगिंग पुल 2019 से आगे नहीं चला।
  • चालियार, जो केरल की शक्तिशाली नदियों में से एक है, मानसून के दौरान अपने अपस्ट्रीम क्षेत्र में बहती है और बच्चों द्वारा इसे राफ्ट पर पार करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. अखिल भारतीय पैमाने पर भारतीय मौसम विभाग द्वारा निर्धारित निम्नलिखित वर्षा वितरण श्रेणियों पर विचार कीजिए:

  1. सामान्य या लगभग सामान्य, जब वास्तविक वर्षा का प्रतिशत विचलन ‘दीर्घावधि औसत’ (Long Period Average- LPA) का +/- 10% है, यानी LPA का 96-104% (दीर्घकालिक औसत) के बीच
  2. सामान्य से कम, जब वास्तविक वर्षा का विचलन LPA के 10% से कम होता है, जो कि LPA का 90-96% होता है
  3. सामान्य से अधिक, जब वास्तविक वर्षा LPA का 104-110% हो
  4. न्यून, जब वास्तविक वर्षा का विचलन LPA के 90% से कम हो;
  5. आधिक्य, जब वास्तविक वर्षा का विचलन LPA के 110 प्रतिशत से अधिक हो।

निम्नलिखित कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. केवल 1, 2 और 4
  2. केवल 3, 4 और 5
  3. केवल 1 और 5
  4. उपर्युक्त सभी

उत्तर

विकल्प d

व्याख्या

  • सामान्य वर्षा: भारतीय मौसम विभाग मानसून के मौसम को उस स्थिति में सामान्य मानता है जब जून और सितंबर के बीच देश में वर्षा की कुल मात्रा LPA के 10% (प्लस या माइनस) के भीतर होती है, अर्थात LPA के 96-104% के बीच।
  • सामान्य से कम: जब कुल वर्षा LPA के 10% से कम हो, अर्थात LPA का 90-96%।
  • सामान्य से ऊपर: जब कुल वर्षा LPA के 10% से अधिक हो, अर्थात LPA का 104-110%।
  • न्यून : जब कुल वर्षा LPA के 90% से कम हो।
  • आधिक्य: जब कुल वर्षा LPA के 110 प्रतिशत से अधिक हो।

प्रश्न 2. यूरिया की विशेषता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह अम्लीय प्रकृति का होता है।
  2. इसमें केवल नाइट्रोजन और ऑक्सीजन होते हैं।
  3. इसका उपयोग मवेशियों के चारे के पूरक के लिए किया जा सकता है।

निम्नलिखित कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 3
  3. केवल 1
  4. उपर्युक्त सभी

उत्तर:

विकल्प b

व्याख्या:

  • कथन 1 सही नहीं है, यूरिया प्रकृति में क्षारीय होता है।
  • कथन 2 सही नहीं है, यूरिया (CH4N2O) नाइट्रोजन, कार्बन और हाइड्रोजन से बना एक कार्बनिक रसायन है।
  • कथन 3 सही है, यूरिया का उपयोग मवेशियों और अन्य जुगाली करने वालों जानवरों के चारे के पूरक हेतु किया जा सकता है।

प्रश्न 3. वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. ग्रे लिस्ट में ऐसे देश होते हैं जिन्हें आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है।
  2. असहयोगी देशों या क्षेत्रों (Non-Cooperative Countries or Territories-NCCT) के रूप में जाने जाने वाले देशों को काली सूची (ब्लैक लिस्ट) में डाल दिया जाता है। ये देश आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों को प्रश्रय देते हैं।
  3. इस कार्य बल (FAFT) की स्थापना 1989 में पेरिस में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

निम्नलिखित कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. उपर्युक्त सभी

उत्तर:

विकल्प a

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है, FATF ग्रे लिस्ट में ऐसे देश होते हैं जिन्हें आतंकवादी वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है।
  • कथन 2 सही है, FATF ब्लैकलिस्ट “असहयोगी देशों या क्षेत्रों (NCCTs)” का प्रतिनिधित्व करती है।
  • कथन 3 सही नहीं है, FATF की स्थापना 1989 के G7 शिखर सम्मेलन पेरिस में वैश्विक वित्तीय प्रणाली में खामियों को दूर करने के उद्देश्य से की गई थी, जब सदस्य देशों ने मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के बढ़ने के बारे में चिंता जताई थी।

प्रश्न 4. हाल ही में चर्चा में रही ‘अमाल’ कठपुतली निम्नलिखित में से किस मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के मिशन पर है?

  1. सीरियाई शरणार्थी संकट पर
  2. कोविड के टीकों से IP बाधाओं को दूर करने पर
  3. पश्चिमी अफ्रीका में बाल श्रम पर
  4. मंकीपॉक्स के बढ़ते मामले पर

उत्तर:

विकल्प a

व्याख्या:

  • अमाल कठपुतली सीरियाई शरणार्थी संकट के बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक मिशन है।
  • अमाल कठपुतली में सीरिया की एक 10 वर्षीया प्रवासी लड़की को दर्शाया गया है, जो 2021 में अपनी मां की तलाश में 8,000 किमी चली थी।

प्रश्न 5. निम्नलिखित में से कौन-सा अपने प्रभाव में सर्वाधिक मुद्रास्फीतिकारक हो सकता है?

  1. सार्वजनिक ऋण की चुकौती
  2. बजट घाटे के वित्तीयन के लिए जनता से उधार लेना
  3. बजट घाटे के वित्तीयन के लिए बैंकों से उधार लेना
  4. बजट घाटे के वित्तीयन के लिए नई मुद्रा का सृजन करना

उत्तर:

विकल्प d

व्याख्या:

  • मुद्रास्फीति की अत्यधिक उच्च दर आम तौर पर धन की वृद्धि की उच्च दर से जुड़ी होती है और यह प्रायः नोट को प्रिंट करके हुए बड़े घाटे के वित्तपोषण का परिणाम होता है।

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न:

  1. भारत में कानूनों की भाषा लैंगिक रूप से तटस्थ होनी चाहिए। परीक्षण कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द) [सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र -2, राजव्यवस्था]
  2. उम्मीदवारों को एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। क्या आप सहमत हैं? औचित्य सिद्ध कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द) [सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र -2, राजव्यवस्था]

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