पीआईबी विश्लेषण और सारांश हिंदी में - 17 June 2022 PIB Analysis in Hindi

17 जून 2022 : PIB विश्लेषण

विषय सूची:

  1. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने पहले जमीनी स्तर के नवाचार पर आधारित मानक तैयार किए
  2. सार्वभौमिक सेवा दायित्व के क्षितिज का विस्तार
  3. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा मरुस्थलीकरण व सूखा दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन
  4. विश्व व्यापार संगठन का 12 वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन
  5. उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के सहयोग से गुवाहाटी में मेगा क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन
  1. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने पहले जमीनी स्तर के नवाचार पर आधारित मानक तैयार किए

सामान्य अध्ययन: 3

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

प्रारंभिक परीक्षा: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)

संदर्भ:

  • गुजरात में वांकानेर के मनसुख भाई प्रजापति द्वारा विकसित मिट्टी को शीतल करने वाले कैबिनेट मिट्टीकूल से जुड़े जमीनी स्तर के नवाचार हेतु पहले आधिकारिक मानक की स्थापना की गई है। इसके विस्तार और दूसरे देशों के बाजारों में प्रवेश के लिए एक विशेष चरण के बाद भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित मानक की आवश्यकता होती है।

विवरण:

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (DST), भारत सरकार की एक स्वायत्त संस्था नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF)- भारत ने राष्ट्रपति भवन में हुए इनोवेशन स्कॉलर्स इन-रेजिडेंस प्रोग्राम में इस विचार को प्रस्तुत किया था। BIS ने इस तकनीक का स्वयं संज्ञान लिया और बाद में एक नया भारतीय मानक- IS 17693 : 2022 ‘गैर बिजली चालित मिट्टी से बना कूलिंग कैबिनेट’ के विकास हेतु NIF के साथ जुड़ गया।
  • IS 17693 : 2022 ‘गैर विद्युत चालित मिट्टी से बना कूलिंग कैबिनेट’ एक जमीनी स्तर के नवाचार – ‘मिट्टीकूल रेफ्रिजरेटर’ से संबंधित पहला मानक है। मानक में मिट्टी से प्राकृतिक रेफ्रिजरेट के एक कूलिंग कैबिनेट के निर्माण और प्रदर्शन की आवश्यकताओं का उल्लेख है, जो वाष्पशील शीतलन के सिद्धांत पर संचालित होता है। इन कैबिनेट का उपयोग जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के भंडारण में किया जा सकता है, जिसके लिए विद्युत की आवश्यकता नहीं होती है। यह खाद्य पदार्थों को एक प्राकृतिक शीतलता उपलब्ध कराता है जिससे गुणवत्ता की हानि के बिना ये तरोताजा बने रहते हैं।
  • इस मानक से संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में से 6 पूरे होते हैं। ये इस प्रकार हैं- 1- गरीबी उन्मूलन, 2- भुखमरी उन्मूलन, 5-लैंगिक समानता, 7-सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा, 9- उद्योग, नवाचार और इन्फ्रास्ट्रक्चर और 12- उत्तरदायी उपभोग और उत्पादन।
  • इस मानक से संगठित क्षेत्र के नवाचारों के साथ जमीनी स्तर के नवाचार को बढ़ावा देने में सहायता मिल सकती है। इस नवाचार से व्यापार और वाणिज्य सहूलियत, प्रक्रियाओं में सुधार और उन्हें ज्यादा कुशल बनाना, निरंतर कामकाज और गुणवत्ता में मार्गदर्शन, उत्पादों और सेवाओं की सरल तुलना, प्रौद्योगिकियों के विकास को प्रोत्साहन आदि कुछ लाभ मिलने का अनुमान है।
  • यह मिट्टी के बर्तनों की संस्कृति, परंपरा और विरासत के पुनरुद्धार; लोगों को बेहतर और स्वस्थ तरीकों से जोड़ने; टिकाऊ उपभोग को प्रोत्साहन; गरीब समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने; हरित और शीतल पृथ्वी, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन; ग्रामीण महिलाओं के उत्थान में अंशदान और उन्हें वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने में पहले से एक अहम भूमिका निभा रहा है। इन उपलब्धियों को नए मानक के साथ एक प्रोत्साहन मिलेगा।
  1. सार्वभौमिक सेवा दायित्व के क्षितिज का विस्तार

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3:

अर्थव्यवस्था:

विषय: समावेशी विकास।

मुख्य परीक्षा: उच्च स्तर की ग्राहक सेवा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की पहल।

संदर्भ:

  • भारत सरकार ने ईंधन खुदरा कारोबार में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संकल्प जारी कर परिवहन ईंधन की बिक्री के लिए अधिकार प्रदान करने के मानदंडों में ढील दी थी। इसके साथ ही, इसने यह भी सुनिश्चित किया था कि ये संस्थाएं दूर-दराज के क्षेत्रों में रिटेल आउटलेट (RO) स्थापित करें।

विवरण:

  • सरकार का यह प्रयास रहा है कि इन दूरदराज के क्षेत्रों के रिटेल आउटलेट के लिए अधिकृत संस्थाएं सार्वभौमिक सेवा दायित्व (यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन-USO) के माध्यम से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध ईंधन आपूर्ति सेवा प्रदान करे।
  • इन सार्वभौमिक सेवा दायित्व में, निर्दिष्ट कार्य घंटों और निर्दिष्ट गुणवत्ता और मात्रा के दौरान MS और HSD की आपूर्ति बनाए रखना; केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराना; केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर निर्दिष्ट एमएस और एचएसडी के न्यूनतम इन्वेंट्री स्तर को बनाए रखना; किसी भी व्यक्ति को मांग पर उचित समय के भीतर और गैर-भेदभावपूर्ण ढंग से सेवाएं प्रदान करना और ग्राहकों को उचित मूल्य पर ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है।
  • सरकार ने अब रिमोट एरिया रिटेल आउटलेट सहित सभी रिटेल आउटलेट को अपने दायरे में शामिल करके सार्वभौमिक सेवा दायित्व (USO) के क्षितिज का विस्तार किया है। अब अधिकृत संस्थाओं को सभी खुदरा दुकानों पर सभी खुदरा उपभोक्ताओं के लिए USO का विस्तार करने के लिए बाध्य किया गया है। यह बाजार में उच्च स्तर की ग्राहक सेवाओं को सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने के लिए भी किया गया है कि USO का अनुपालन बाजार अनुशासन का एक हिस्सा बने।
  1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा मरुस्थलीकरण व सूखा दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 :

पर्यावरण:

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

मुख्य परीक्षा: वन प्रबंधन मानक

संदर्भ

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मरुस्थलीकरण व सूखा दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया।

उद्देश्य

  • इसका उद्देश्य भारत और विश्व के समक्ष आने वाली सभी पर्यावरण संबंधित और आर्थिक चिंताओं में भूमि की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता उत्पन्न करना है।

विवरण

  • इस दिवस का आयोजन व्यक्तियों और समूहों को ऐसी पहल करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो भूमि को स्वस्थ व उत्पादक बनाए रख सकें। इस कार्यक्रम में मरुस्थलीकरण के विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतियां दी गई। इनमें बन्नी घास के मैदान की पहले की अवस्था को प्राप्त करने के लिए की गई पहल, रेगिस्तान के भारतीय पर्यावरण-बहाली पर अनुभव, वानिकी प्रमाणन और भूमि क्षरण तटस्थता प्राप्त करना शामिल है।
  • केंद्रीय मंत्री ने भारत के लिए वन प्रबंधन परिषद (FSC) के वन प्रबंधन मानक को जारी किया। यह भारत- विशिष्ट व स्वैच्छिक वन प्रबंधन मानक है। यह विभिन्न सिद्धांतों, मानदंडों और संकेतकों के लिए वन मालिकों के तीसरे पक्ष की लेखा परीक्षा को प्रोत्साहन देगा।
  • मरुस्थलीकरण से निपटने और वन स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए वन प्रमाणन एक महत्वपूर्ण साधन है। FSC वन प्रमाणन आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों और SDG, CBD, UNCCD, UNFCCC और बॉन चैलेंज के तहत हमारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में देश के प्रयासों का समर्थन करेगा।
  • भारत पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों के केंद्र में भूमि क्षरण के मुद्दे को लाने में सबसे आगे रहा है। भारत ने सितंबर 2019 में संयुक्त राष्ट्र मरुस्‍थलीकरण रोकथाम अभिसमय (UNCCD) के पार्टियों के सम्मेलन (COP 14) के 14 वें सत्र की मेजबानी की और COP-15 में सूखे पर अंतर-सरकारी कार्य समूह की रिपोर्ट की सिफारिशें प्रस्तुत की।
  • मंत्री ने प्रधानमंत्री के उस भाषण का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत, भूमि क्षरण तटस्थता (LDN) की राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को प्राप्त करने और 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर निम्नीकृत भूमि को फिर से पहले की अवस्था में लाने की दिशा में प्रयास कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, “यह भूमि संसाधनों के सतत और सर्वश्रेष्ठ उपयोग पर ध्यान केंद्रित करेगा। भारत सरकार ने भूमि बहाली से संबंधित राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति करने के लिए सामूहिक दृष्टिकोण अपनाया है।
  • उन्होंने कृषि और भूमि सुधार में काम करने के लिए देशी ज्ञान के सर्वश्रेष्ठ उपयोग पर जोर देने, मंत्रालय से भूमि क्षरण की बहाली में शामिल 8 अन्य संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय स्थापित करने, भूमि प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका पर जोर देने को कहा।
  1. विश्व व्यापार संगठन का 12 वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 2:

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

मुख्य परीक्षा: विश्व व्यापार संगठन, 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के परिणाम

संदर्भ

  • केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले और खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री ने विश्व व्यापार संगठन के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC) के जिनेवा में समापन के अवसर पर सभा को सम्बोधित किया

विवरण

  • उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक व्यवस्था के बावजूद मुद्दों पर चर्चा के लिए सदस्यों को एक मेज पर लाने के भारत के प्रयासों ने सुनिश्चित किया है कि विश्व व्यवस्था नहीं टूटी है”। यह स्वीकार करते हुए कि भारत और विकासशील देशों ने 30 साल पहले विश्व व्यापार संगठन की स्थापना के समय और उरुग्वे दौर की वार्ता के दौरान कुछ समझौता करने वाले निर्णयों को स्वीकार किया था। भारत आज विभिन्न मुद्दों पर भयभीत होने के बजाय फ्रंट फुट पर चलता है, चाहे वह पर्यावरण हो, स्टार्टअप हो अथवा एमएसएमई या लैंगिक समानता। यह न्यू इंडिया के भरोसे का नतीजा है। उन्होंने कहा कि भारत आम सहमति बनाने और दुनिया के लिए हर तरह से फायदे का सौदा पाने में सक्षम है।
  • भारत विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। अफगानिस्तान को भारत की हालिया गेहूं आपूर्ति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने अन्य देशों में खाद्य सुरक्षा के लिए डब्ल्यूएफपी खरीद पर कोई निर्यात प्रतिबंध नहीं लगाया है; तथापि, घरेलू खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।
  • कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई पर बौद्धिक संपदा अधिकारों (ट्रिप्स) के व्यापार संबंधी पहलुओं के फैसले से वैक्सीन समानता (इक्विटी), पहुंच और सामर्थ्य को बढ़ावा मिलेगा। यह पेटेंट टीकों के उत्पादन के लिए प्राधिकरण में आसानी को सक्षम करेगा और भारत घरेलू आवश्यकताओं तथा निर्यात के लिए उत्पादन कर सकता है।

विश्व व्यापार संगठन की 12वीं मंत्री स्तरीय बैठक के परिणाम

  • मत्स्य दोहन पर हमारे जल क्षेत्र और अन्य जगहों पर अवैध रूप से गैर-सूचित और अनियमित मछली पकड़ने पर रोक लगेगी। मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों पर बहुत सख्त नियंत्रण होगा ताकि मछली के स्टॉक को बहाल किया जा सके। इसके अतिरिक्त, विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों (EEZ) या क्षेत्रीय मत्स्य प्रबन्धन संस्थानों (RFMOS ) के बाहर के क्षेत्रों में मछली पकड़ने के लिए कोई अनुदान सहायता (सब्सिडी) प्रदान नहीं की जाएगी।
  • बौद्धिक संपदा अधिकारों (ट्रिप्स) के फैसले से निर्यात, वैक्सीन इक्विटी, पहुंच और सामर्थ्य को बढ़ावा मिलेगा। कोई भी देश कहीं और पेटेंट किए गए टीकों के उत्पादन को अधिकृत कर सकता है तथा इसके लिए किसी सहमति की आवश्यकता नहीं होगी और साथ ही निर्यात पर कोई सीमा नहीं होगी। नैदानिकी (डायग्नोस्टिक्स) / चिकित्सकी (थेरप्यूटिक्स) पर निर्णय 6 महीने में लिया जाएगा। भविष्य में महामारी पर तेजी से प्रतिक्रिया होगी और महामारियों में व्यापार अवरोध कम होंगे I
  • विश्व व्यापार संगठन के सुधारों पर तय किया गया एजेंडा विश्व व्यापार संगठन को अधिक कुशल एवं चुस्त निकाय बनाएगा। विवाद निपटान निकाय को पुनर्जीवित किया जाएगा जो व्यापार विवादों को निपटाने में अपनी अपेक्षित भूमिका निभाएगा। सुधार विकासशील देशों के लिए बेहतर व्यापार परिणाम देगा। डब्ल्यूटीओ सुधार एजेंडा में लैंगिक मुद्दों, पर्यावरण और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का संदर्भ दिया गया है।
  • ई-कॉमर्स पर फिलहाल अस्थायी रोक पर सहमति व्यक्त करते हुए भारत ने उसी पर एक अधिसूचित निर्णय लेने के लिए इसके दायरे, परिभाषा और प्रभाव सहित स्थगन पर गहन चर्चा करने के लिए कहा है।
  • खाद्य सुरक्षा घोषणा, उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करते हुए विकासशील देशों में भोजन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है I
  • जहां तकविश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) का संबंध है तो अन्य देशों में खाद्य सुरक्षा के लिए WFP खरीद पर कोई निर्यात प्रतिबंध नहीं होगा; हालांकि, घरेलू खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के सहयोग से गुवाहाटी में मेगा क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन
  • स्थायी व्यापार को बढ़ावा देने और बाजार संपर्क बनाने के लिए एक मेगा क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के सहयोग से उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) की एक जिला एक उत्पाद पहल के अंतर्गत, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDONER) एवं इसके सार्वजनिक उपक्रमों, उत्तर-पूर्वी हस्तशिल्प और हथकरघा विकास निगम (NEHHDC) व उत्तर-पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम लिमिटेड (NERAMAC) के सहयोग से गुवाहाटी में किया गया था। यह बैठक उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के आठ राज्यों के कृषि उत्पादों पर केंद्रित थी और इसमें कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों की उपस्थिति देखी गई।
  • उत्तर-पूर्वी राज्यों- असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम में से प्रत्येक के विभिन्न जिलों के 70 से अधिक विक्रेताओं, व्यापारियों, किसानों, एग्रीगेटर्स ने गुवाहाटी में बैठक में खरीदारों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।
  • उत्पादों में 7 प्रतिशत से अधिक करक्यूमिन सामग्री के साथ मेघालय की विश्व प्रसिद्ध लाकडोंग हल्दी, सिक्किम से जीआई टैग की गई बड़ी इलायची और त्रिपुरा की रानी अनानास, ऑर्थोडॉक्स असम चाय, मणिपुर का काला चाखाओ चावल और अन्य शामिल हैं। इन उत्पादों को रिलायंस और आईटीसी जैसे बड़े ब्रांड के साथ-साथ भारत के आगामी स्टार्ट-अप्स का प्रतिनिधित्व करने वाले 30 से अधिक बड़े खरीदारों को दिखाया गया है।
  • उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के किसानों/उत्पादकों को समर्थन देने के लिए स्थापित NERAMAC किसानों और बड़े बाजार के बीच की खाई को पाटने के लिए काम कर रहा है। इस प्रकार, ओडीओपी यानी एक ज़िला एक उत्पाद पहल के सहयोग से वर्तमान क्रेता-विक्रेता बैठक में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। संयुक्त प्रयासों के माध्यम से, किसानों की कमाई की क्षमता में सुधार के लिए क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ उत्पादों का बड़े ब्रांडों के साथ मिलान किया जा रहा है।
  • सभी 8 उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के राज्यों के खरीदारों, विक्रेताओं और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच केंद्रित व्यापार चर्चा को भी सुगम बनाया गया। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम के दौरान 6 करोड़ रुपये के आशय पत्र (LOI) पर हस्ताक्षर किए गए।
  • DPIIT, एक ज़िला एक उत्पाद की पहल के अंतर्गत, किसानों की आय बढ़ाने पर प्रमुख रूप से ध्यान देने के साथ इस तरह के संपर्क के निर्माण और निर्वाह को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है। कृषि, कपड़ा, हस्तशिल्प और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में 700 से अधिक उत्पादों के साथ, एक ज़िला एक उत्पाद पहल देश के हर जिले से एक उत्पाद का चयन, ब्रांड और प्रचार पर केंद्रित है। यह व्यापार को बढ़ावा देने और सुविधा के बड़े उद्देश्य के लिए समन्वय, सहयोगी नेटवर्क बनाने और खरीदारों व विक्रेताओं के हैंडहोल्डिंग को सक्षम करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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