पीआईबी विश्लेषण और सारांश हिंदी में - 23 April 2022 PIB Analysis in Hindi

23 अप्रैल 2022 : PIB विश्लेषण

विषय सूची:

  1. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री की जम्मू एवं कश्मीर की यात्रा
  2. बायोनेस्ट-बायो इनक्यूबेटर का उद्घाटन
  1. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री की जम्मू एवं कश्मीर की यात्रा

सामान्य अध्ययन: 2

राजव्यवस्था:

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा क्रियान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

प्रारंभिक परीक्षा: पंचायती राज दिवस

प्रसंग:

  • प्रधानमंत्री राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में भाग लेने के लिए जम्मू एवं कश्मीर का दौरा करेंगे।

विवरण:

  • प्रत्येक वर्ष, इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय सार्वजनिक सेवाओं और जन कल्याणकारी कार्यों को बेहतर तरीके से मुहैया कराने की दिशा में पंचायतों के उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने के लिए पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत देश भर में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों/राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों को पुरस्कृत करता है।
  • ये पुरस्कार दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार (DDUPSP), नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार (NDRGGSP), बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार (CFGPA), ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) पुरस्कार और ई-पंचायत पुरस्कार (सिर्फ राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों) जैसी विभिन्न श्रेणियों के तहत दिए जाते हैं।
  • पंचायती राज मंत्रालय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही लाने के प्रयास कर रहा है। ई-पंचायत पुरस्कार उन राज्यों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने पंचायतों के कार्यों की निगरानी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया है। निम्नलिखित राज्यों की रैंकिंग जिन्हें दोनों श्रेणियों के तहत ई-पंचायत पुरस्कार के लिए चुना गया है, इस प्रकार हैं:
  • श्रेणी-I के अंतर्गत विजेता राज्य- पहले स्थान पर कर्नाटक,दूसरे स्थान पर छत्तीसगढ़,तीसरे स्थान पर ओडिशा और उत्तर प्रदेश
  • श्रेणी-II के अंतर्गत विजेता राज्य- पहले स्थान पर त्रिपुरा,दूसरे स्थान पर असम,तीसरे स्थान पर सिक्किम

पृष्ठभूमि

  • देश में पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने का दिन 24 अप्रैल को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा हर साल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (NPRD) के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस पूरे देश के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद करने के साथ-साथ उन्हें सशक्त बनाने व प्रेरित करने के लिए उनकी उपलब्धियों को पहचान का अवसर प्रदान करता है।
  • राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाने का उद्देश्य पंचायतों और ग्राम सभाओं, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं को संविधान द्वारा अधिकार दिया गया है, के बारे में और साथ ही उनकी भूमिकाओं, जिम्मेदारियों, उपलब्धियों, चिंताओं, संकल्पों आदि के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस को उपयुक्त तरीके से मनाते हैं और पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाने के लिए ‘जन भागीदारी’ अपनाते हैं। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है।
  1. बायोनेस्ट-बायो इनक्यूबेटर का उद्घाटन

सामान्य अध्ययन: 3

अर्थव्यवस्था:

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

प्रारंभिक परीक्षा: बायोनेस्ट-बायो इनक्यूबेटर

प्रसंग:

  • केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री ने CSIR-IIIM, जम्मू के बायो-नेस्ट-बायो इनक्यूबेटर का उद्घाटन किया, जो इस क्षेत्र के हजारों युवाओं को आजीविका के वैकल्पिक स्रोत प्रदान करेगा।

विवरण:

  • बायो-नेस्ट को देश में बायोटेक इनोवेशन इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देने के लिए बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) द्वारा लॉन्च किया गया। आईटी क्षेत्र में स्टार्ट-अप के विपरीत, बायोटेक क्षेत्र में उद्यमी विचारों को अलग तरह के इनक्यूबेशन सपोर्ट की जरूरत होती है, जहां उन्हें अपने विचारों का परीक्षण करने, कार्य संचालन करने, उच्च स्तरीय उपकरणों तक पहुंच बनाने और एक ऐसी जगह का पता लगाने के लिए अवतरण स्थान की आवश्यकता होती है, जहां वे अन्य स्टार्ट-अप और परामर्शदाता से जुड़ते हैं। बायो-नेस्ट प्रोग्राम बायो-इनक्यूबेटर्स को या तो स्वचलित इकाई के रूप में या अकादमी के एक हिस्से के रूप में स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान करता है।
  • आईआईआईएम, जम्मू अरोमा मिशन और लेवेंडर की खेती से जुड़े स्टार्ट-अप को उनके उत्पाद बेचने में मदद कर रहा है। मुंबई स्थित अजमल बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, अदिति इंटरनेशनल और नवनैत्री गमिका आदि जैसी प्रमुख कंपनियां प्राथमिक खरीदार हैं। डेयरी स्टार्ट-अप में शुद्ध दूध के उत्पादन के लिए आधुनिक डेयरी फार्मों की स्थापना को बढ़ावा देने, बछिया पालन को प्रोत्साहित करने और स्वरोजगार पैदा करने की भारी संभावना है।
  • कार्बन मुक्त सोलर प्लांट यानी सौर संयंत्र की स्थापना कुल 6,408 वर्ग मीटर क्षेत्र में हुई है और इसे 18 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। इससे पंचायत में 340 घरों को स्वच्छ बिजली और रोशनी मिलेगी। इसे केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के तहत सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, सार्वजनिक उपक्रम द्वारा तैयार किया गया है।

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