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28 मार्च 2024 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

  1. रक्षा उत्पादन विभाग ने गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय के पुनर्गठन के लिए अधिसूचना जारी की:
  2. फरवरी 2023 के सूचकांक की तुलना में फरवरी 2024 में आठ प्रमुख उद्योगों के संयुक्त सूचकांक में 6.7 प्रतिशत (अनंतिम) की वृद्धि हुई:
  3. आईएफटी आईएफएससी को ‘ग्लोबल फाइनेंस एंड अकाउंटिंग हब’ के रूप में विकसित करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने आईएफएससीए को रिपोर्ट सौंपी:
  4. वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए फरवरी, 2024 तक भारत सरकार के खातों की मासिक समीक्षा:

28 March 2024 Hindi PIB
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1. रक्षा उत्पादन विभाग ने गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय के पुनर्गठन के लिए अधिसूचना जारी की:

सामान्य अध्ययन: 2

शासन:

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

प्रारंभिक परीक्षा: ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस,गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (डीजीक्यूए)।

प्रसंग:

  • ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में एक बड़े सुधार और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्‍त करने के लिए, रक्षा मंत्रालय के तहत रक्षा उत्पादन विभाग ने गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (डीजीक्यूए) के पुनर्गठन के लिए अधिसूचना जारी की है।

उद्देश्य:

  • इसका उद्देश्य गुणवत्‍ता आश्‍वासन प्रक्रियाओं और परीक्षणों की गति बढ़ाना तथा निर्णय लेने में विभिन्‍न स्‍तरों पर होने वाली अनावश्‍यक देरी को कम करना है।
  • यह पुनर्गठन ओएफबी के निगमीकरण के बाद गुणवत्ता आश्वासन पद्धति और गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय की संशोधित भूमिका में बदलाव लाने वाला कारक भी है।

विवरण:

  • आयुध कारखानों के नए डीपीएसयू में निगमीकरण से निजी रक्षा उद्योग की बढ़ती भागीदारी और स्वदेशीकरण की दिशा में सरकार के प्रोत्साहन से उभरते रक्षा विनिर्माण उद्योग को प्रभावी और कुशल सहायता प्रदान करने के लिए डीजीक्यूए के पुनर्गठन की आवश्यकता महसूस की गई।
  • डीजीक्यूए पहले से ही रक्षा विनिर्माण इकोसिस्‍टम में सभी हितधारकों के साथ सक्रिय विचार-विमर्श के बाद विभिन्न संगठनात्मक और कार्यात्मक सुधारों का संचालन कर रहा है।
  • कार्यान्वयन के तहत नई संरचना संपूर्ण उपकरण/हथियार प्लेटफॉर्म के लिए सभी स्‍तरों पर एकल बिंदु तकनीकी सहायता को सक्षम बनाएगी और उत्पाद-आधारित आश्‍वासन में एकरूपता भी सुनिश्चित करेगी।
  • नई संरचना प्रूफ रेंज और परीक्षण सुविधाओं के पारदर्शी आवंटन की सुविधा प्रदान करने के लिए रक्षा परीक्षण और मूल्यांकन संवर्धन के अलग निदेशालय का भी प्रावधान करती है।
  • स्वचालित और मानकीकृत आश्‍वासन प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के साथ इस व्यवस्था से डीजीक्यूए के साथ रक्षा उद्योग की भागीदारी में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।
  • पुनर्गठित संरचना और मौजूदा कार्यात्मक सुधारों से देश में निर्माताओं का मार्गदर्शन करने के लिए भारतीय मानकों/समकक्ष की उपलब्धता के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशीकरण अभियान को बढ़ावा मिलेगा।
  • इससे उच्च गुणवत्ता वाले योग्य रक्षा उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्‍साहन मिलेगा।

2. फरवरी 2023 के सूचकांक की तुलना में फरवरी 2024 में आठ प्रमुख उद्योगों के संयुक्त सूचकांक में 6.7 प्रतिशत (अनंतिम) की वृद्धि हुई:

सामान्य अध्ययन: 3

आर्थिक विकास:

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाने, संवृद्धि और विकास से संबंधित विषय।

प्रारंभिक परीक्षा: आठ प्रमुख उद्योगों (आईसीआई) के संयुक्त सूचकांक,औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) से सम्बन्धित जानकारी।

मुख्य परीक्षा: आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक का सारांश बताइये।

प्रसंग:

  • आठ प्रमुख उद्योगों (आईसीआई) के संयुक्त सूचकांक में फरवरी 2023 सूचकांक की तुलना में फरवरी 2024 में 6.7 प्रतिशत (अनंतिम) की वृद्धि दर्ज हुई।

उद्देश्य:

  • आईसीआई आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन के संयुक्त और व्यक्तिगत कार्य प्रदर्शन का आकलन करता है, जिसमें सीमेंट, कोयला, कच्चा तेल, बिजली, उर्वरक, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और इस्पात शामिल हैं। इन आठ प्रमुख उद्योगों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं का 40.27 प्रतिशत हिस्सा शामिल है।

विवरण:

  • कोयला, प्राकृतिक गैस, सीमेंट, स्टील, कच्चा तेल, बिजली और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
  • नवंबर 2023 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर को संशोधित कर 7.9 प्रतिशत कर दिया गया है। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान आईसीआई की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.7 प्रतिशत (अनंतिम) है।

आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक का सारांश इस प्रकार है:

  • सीमेंट – सीमेंट उत्पादन (भारांक: 5.37 प्रतिशत) फरवरी, 2024 में फरवरी, 2023 की तुलना में 10.2 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।
  • कोयला – कोयला उत्पादन (भारांक: 10.33 प्रतिशत) फरवरी, 2024 में फरवरी, 2023 की तुलना में 11.6 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 12.1 प्रतिशत बढ़ गया।
  • कच्चा तेल – फरवरी, 2024 में कच्चे तेल के उत्पादन में (भारांक: 8.98 प्रतिशत) फरवरी, 2023 की तुलना में 7.9 प्रतिशत वृद्धि हुई। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.5 प्रतिशत बढ़ा है।
  • विद्युत – विद्युत उत्पादन (भारांक: 19.85 प्रतिशत) में फरवरी, 2024 के दौरान, फरवरी 2023 की तुलना में 6.3 प्रतिशत बढ़ा है। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 6.8 प्रतिशत बढ़ गया है।
  • उर्वरक – उर्वरक उत्पादन (भारांक: 2.63 प्रतिशत) फरवरी, 2023 की तुलना में फरवरी 2024 में 9.5 प्रतिशत कम हुआ है। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.1 प्रतिशत बढ़ गया है।
  • प्राकृतिक गैस – प्राकृतिक गैस का उत्पादन (भारांक: 6.88 प्रतिशत) फरवरी, 2023 की तुलना में फरवरी, 2024 में 11.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 6.0 प्रतिशत बढ़ा है। .
  • पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद – पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन (भारांक: 28.04 प्रतिशत) फरवरी, 2024 में फरवरी, 2023 की तुलना में 2.6 प्रतिशत बढ़ गया है। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.8 प्रतिशत बढ़ गया है।
  • स्टील – स्टील उत्पादन (भारांक: 17.92 प्रतिशत) फरवरी, 2024 में फरवरी, 2023 की तुलना में 8.4 प्रतिशत बढ़ा है। अप्रैल से फरवरी, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 12.9 प्रतिशत बढ़ गया है।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

1.आईएफटी आईएफएससी को ‘ग्लोबल फाइनेंस एंड अकाउंटिंग हब’ के रूप में विकसित करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने आईएफएससीए को रिपोर्ट सौंपी:

  • गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (जीआईएफटी आईएफएससी) को ‘ग्लोबल फाइनेंस एंड अकाउंटिंग हब’ के रूप में विकसित करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने 26 मार्च, 2024 को चेयरपर्सन, इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी (आईएफएससीए) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
  • इस विशेषज्ञ समिति का गठन वित्त मंत्रालय द्वारा 18 जनवरी, 2024 को जारी अधिसूचना के अनुपालन में किया गया था, जिसमें बहीखाता, लेखांकन, कराधान और वित्तीय अपराध अनुपालन को आईएफएससीए अधिनियम, 2019 की धारा 3(1)(ई)(xiv) के तहत ‘वित्तीय सेवाओं’ के रूप में अधिसूचित किया गया था।
  • विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के अध्यक्ष ने की थी।
  • इस समिति में उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के विशेषज्ञ शामिल थे।
  • विशेषज्ञ समिति ने भारत में आईएफएससी से बहीखाता, लेखांकन, कराधान और वित्तीय अपराध अनुपालन सेवाएं शुरू करने के लिए एक व्यापक नियामक व्यवस्था बनाने की सिफारिश की है।
  • इसके अलावा, समिति ने जीआईएफटी आईएफएससी को ‘ग्लोबल फाइनेंस एंड अकाउंटिंग हब’ के रूप में बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए कई सिफारिशें भी की हैं, जिनमें कार्यबल के कौशल और दक्षता को बढ़ाने के उपाय भी शामिल किए गए हैं।
  • अपनी रिपोर्ट में समिति ने जीआईएफटी आईएफएससी के लिए बहीखाता, लेखांकन, कराधान और वित्तीय अपराध अनुपालन सेवाओं के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता पर प्रकाश डाला है, जो प्रतिभाशाली कार्यबल के लिए रोजगार के लिए अधिक अवसरों का सृजन करेगा।

2. वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए फरवरी, 2024 तक भारत सरकार के खातों की मासिक समीक्षा:

  • भारत सरकार के फरवरी, 2024 तक के मासिक खाते को समेकित कर संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित कर दी गई है।

इस‍ रिपोर्ट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • भारत सरकार को फरवरी, 2024 तक 22,45,922 करोड़ रुपये (कुल प्राप्तियों के समतुल्‍य संशोधित अनुमान 2023-24 का 81.5 प्रतिशत) प्राप्त हुए हैं, जिसमें 18,49,452 करोड़ रुपये कर राजस्व (केंद्र को विशुद्ध रूप से प्राप्त), 3,60,330 करोड़ रुपये गैर-कर राजस्‍व और 36,140 करोड़ रुपये गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां, गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियों में 23,480 करोड़ रुपये की ऋण की वसूली और विविध पूंजीगत प्राप्तियां 12,660 करोड़ रुपये शामिल हैं।
  • इस अवधि तक भारत सरकार द्वारा 10,33,433 करोड़ रुपये राज्य सरकारों को करों के हिस्से के हस्तांतरण के रूप में ट्रांसफर किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2,25,345 करोड़ रुपये अधिक हैं।
  • भारत सरकार द्वारा किया गया कुल व्यय 37,47,287 करोड़ रुपये (समतुल्‍य संशोधित अनुमान 2023-24 का 83.4 प्रतिशत) है, जिसमें से 29,41,674 करोड़ रुपये का व्‍यय राजस्व खाते में और 8,05,613 करोड़ रुपये पूंजी खाते में किया गया है।
  • कुल राजस्व व्यय में से 8,80,788 करोड़ रुपये का व्‍यय ब्याज भुगतान के कारण और 3,60,997 करोड़ रुपये का व्‍यय प्रमुख सब्सिडी के कारण हुआ है।

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