अग्निपथ योजना

अग्निपथ योजना क्या है ?

अग्निपथ योजना भारतीय सेना के तीनों अंगों थलसेना, वायुसेना और नौसेना में क्रमश: जवान, एयरमैन और नाविक के पदों पर भर्ती के लिए भारत सरकार के  रक्षा मंत्रालय द्वारा लाई गई एक नई योजना है | चयन  के बाद इन नए जवानों को  अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा और उनका कार्यकाल 4 वर्षों  का होगा | 4 वर्ष  के बाद निबंधित  बैच के  25% जवानों  को  15 साल की अवधि के लिये उनकी संबंधित सेवाओं में वापस भर्ती किया जाएगा। 4 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद कोई अग्निवीर सेना के किसी भी अंग में तभी नियमित हो पाएंगे, जब वे जूनियर कमीशंड अफसर अथवा अन्य किसी समरूप  पदों के नियमित  नियमों द्वारा शासित हो पाएंगे | इस योजना के लागू होने के बाद  से इन पदों पर भर्ती के लिए चलने वाली दूसरी अन्य योजनाएं समाप्त  हो जाएंगी | ऐसे अभ्यर्थी जिनकी उम्र  17.5 साल से 21 साल  के बीच के है, वो  इस योजना के तहत भर्ती होने के लिए आवेदन दे सकते हैं | हालाँकि ,कोरोना वैश्विक महामारी  में भर्ती प्रक्रिया में आई बाधाओं के कारण  इस साल (2022 में) उम्र की अधिकतम सीमा में 2 वर्षों  की छूट दी गई है | अर्थात 2022 में  23 साल तक की उम्र वाले उम्मीदवार भी  इस भर्ती  प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं | आवेदन जुलाई महीने से प्रारम्भ होंगे | इस योजना का उद्देश्य भारतीय युवाओं में देश प्रेम की भावना जागृत करने के साथ साथ , सेना को युवा शक्ति प्रदान करना भी है | वर्तमान में भारतीय सशस्त्र बलों के 13 लाख से भी अधिक संख्या की औसत उम्र लगभग 32 वर्ष है | इस योजना से इस औसत उम्र में कमी देखने को मिलेगी | इस लेख में आप अग्निपथ योजना की  विस्तृत जानकारी पा सकते हैं | इस लेख को अंग्रेजी माध्यम में पढने के लिए देखें Agnipath Scheme  |

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  • अग्निपथ योजना भारतीय सेना के 3 अंगों थल सेना, वायु सेना और नौ-सेना में क्रमश: जवान, एयरमैन और नाविक के पदों पर भर्ती के लिए है |
  • इस योजना में   अफसर रैंक के पदों पर भर्ती का प्रावधान  नहीं है और उनकी भर्ती के लिए जो भी  प्रक्रियाएं वर्तमान में चल रही हैं वो जारी  रहेंगी |
  • इस वर्ष (2022 में ) सेना के तीनों अंगों में कुल मिलाकर 46,000 जवानों की भर्ती का लक्ष्य है | अगले 4-5 वर्षों  के दौरान, इस  संख्या को बढ़ाकर 50-60 हज़ार और उसके बाद 90,000  से 1,20,000 प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य है | कोरोना वैश्विक महामारी  में भर्ती प्रक्रिया में आई बाधाओं के कारण ,दिसंबर 2021 तक, जवान या अफसर रैंक से नीचे के कार्मिकों ( PBOR) के थल सेना में लगभग 1 लाख , वायुसेना में 5000 और नौसेना में कुल 11000 पद खाली हैं | इस योजना के माध्यम से शिघ्र्तः इन पदों को भरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है |
  • 4 वर्ष के अपने सेवा काल के दौरान अग्निवीरों को मासिक वेतन के अलावा हार्डशिप अलाउंस,ट्रेवल अलाउंस,यूनिफार्म अलाउंस,कैंटीन की सुविधा व स्वास्थ्य  सुविधाएं भी मिलेंगी | इसके अतिरिक्त उन्हें साल में 30 दिन की छुट्टी व मेडिकल लीव अलग से मिलेगी | 
  • सेवा के 4 वर्ष पूरे होने पर “अग्निवीरों” को 11.71 लाख रुपए का  ‘सेवा निधि’  पैकेज का भुगतान किया जाएगा जिसमें उनका अर्जित ब्याज भी शामिल होगा। इसके अलावा उन्हें उन्हें 4 वर्ष  के लिये 48 लाख रुपए का जीवन बीमा कवर भी मिलेगा। 4 वर्ष के  बाद सेवा -निवृत  सैनिकों के पुनर्वास की व्यवस्था सरकार के द्वारा की जाएगी । उन्हें सरकार के द्वारा एक कौशल प्रमाण पत्र  और ब्रिज कोर्स (Bridge Courses) प्रदान किये जाएंँगे।
  • 4 वर्ष के बाद जिन जवानों को नियमित किया जाएगा उन्हें अन्य  जवानों से अलग दिखने के लिए वर्दी पर अलग प्रतीक चिन्ह ( बैज) लगाए जाएंगे |
  • इस प्रक्रिया के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम ,1923 के तहत गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी ताकि वो अपने सेवा काल के दौरान मिली किसी भी सूचना व जानकारी को किसी अनधिकृत श्रोत अथवा व्यक्ति के साथ साझा न करें |
  • CAPF (केन्द्रीय सशत्र पुलिस  बल) तथा असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में 10% सीटें अग्निवीरों के लिए अरक्षित की जाएंगी |
ऐसे  देश जहाँ अनिवार्य सैन्य सेवा के प्रावधान हैं :

अमेरिका : अमेरिका में पुरुषों के लिए 2 वर्ष की अनिवार्य सैन्य सेवा का प्रावधान है | 

इजराइल : इजराइल में सैन्य सेवा सभी के लिए अनिवार्य है | पुरुष इजरायली रक्षा बल में 3 वर्ष  और महिलाएं 2 वर्ष  तक अपनी  सेवा देती  हैं |

दक्षिण कोरिया : द. कोरिया में  सभी पुरुषों को सेना में 21 महीने, नौसेना में 23 महीने या वायु सेना में 2 वर्ष  की सेवा  अनिवार्य है |

उत्तर कोरिया : उ. कोरिया में सबसे लंबी अनिवार्य सैन्य सेवा का प्रावधान है | इस देश में पुरुषों के लिए  11 साल जबकि  महिलाओं के लिए  7 साल की सैन्य सेवा अनिवार्य  है |

स्विट्ज़रलैंड : स्विट्ज़रलैंड में 18 से 34 वर्ष की आयु के पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है |

ब्राज़ील : ब्राजील में 18 साल के पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है जो की  10  महीने से 1 वर्ष  के बीच रहती है |

सीरिया : सीरिया में सभी पुरुषों के लिए 18 महीने (1.5 वर्ष) की  सैन्य सेवा अनिवार्य है |

जॉर्जिया : जॉर्जिया में 1 वर्ष की  अनिवार्य सैन्य सेवा का प्रावधान  है जिसमे से 3  महीने के लिए युद्ध प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि बचे हुए 9 महीनों में  ड्यूटी ऑफिसर के तौर पर सेवा दी जाती है | (जॉर्जिया में  अनिवार्य सैन्य सेवा को बंद कर दिया गया  था लेकिन  इसे  2017 में फिर से शुरू कर दिया गया है )

लिथुआनिया : लिथुआनिया में अनिवार्य सैन्य सेवा को 2016 में शुरू किया  गया है | यहां 18 से 26 साल के पुरुषों को 1  साल के लिए सेना में अनिवार्य रूप से सेवा देनी पड़ती है |

स्वीडन : स्वीडन में 1910 से अनिवार्य सैन्य सेवा पद्धति चली आ रही थी जिसे  100 सालों के बाद 2010 में समाप्त  कर दिया गया  था | किंतु  2017 में इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया  गया है |

नॉर्वे : यूरोपीय देश नॉर्वे में भी अनिवार्य सैन्य सेवा का प्रावधान  है |

अग्निपथ योजना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):

1.अग्निपथ योजना क्या है ?

  • अग्निपथ योजना भारतीय सेना के तीनों अंगों थलसेना, वायुसेना और नौसेना में क्रमश: जवान, एयरमैन और नाविक के पदों पर भर्ती के लिए भारत सरकार के  रक्षा मंत्रालय द्वारा लाई गई एक नई योजना है | चयन  के बाद इन नए जवानों को  अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा |

2.अग्निपथ योजना के तहत भर्ती की उम्र सीमा क्या है ?

  • अग्निपथ योजना के अंतर्गत न्यूनतम 17.5 वर्ष तथा अधिकतम 21 वर्ष की उम्र के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं |
  1. अग्निपथ योजना कितने वर्षों के लिए है ?
  • इस योजना के तहत 4 वर्ष के लिए अग्निवीरों की  भर्ती की जाएगी |

4.अग्निपथ योजना के तहत भर्ती की शैक्षणिक योग्यता  क्या है ?

  • इस योजना के तहत भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त संसथान से 10+2 होना अनिवार्य है |

5.अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों का वेतन कितना होगा ?

  • सेवा के पहले साल युवाओं को 30 हजार रुपए मासिक वेतन  पर रखा जाएगा। इस साल उन्हें 9000 रुपए  EPF/PPF (भविष्य निधि) का भी लाभ मिलेगा | इस प्रकार पहले साल अग्निवीरों की वार्षिक आय  4.76 लाख रुपए होगी । सेवा के दुसरे  साल युवाओं को 33 हजार रुपए मासिक वेतन  प्राप्त होगा । इस साल भी  उन्हें 9000 रुपए  EPF/PPF (भविष्य निधि) का भी लाभ मिलेगा | तीसरे  साल युवाओं को 36 हजार रुपए मासिक वेतन  प्राप्त होगा । इस साल उन्हें 10,950 रुपए  EPF/PPF के तौर पर  मिलेगा | चौथे साल तक मासिक वेतन  40 हजार रुपए हो जाएग । अर्थात  EPF/PPF मिलाकर उनकी वार्षिक आय  6.92 लाख रुपए होगी ।
सेवा का वर्ष  मासिक वेतन  EPF/PPF
पहला  30,000 9000
दूसरा  33,000 9000
तीसरा 36,000 10,950
चौथा  40,000 12,000
  1. अग्निपथ योजना के विरोध का क्या कारण है ?
  • इस योजना का कई कारणों से विरोध हो रहा है | विरोध का पहला कारण यह है कि  4 साल की सेवा पूरी  कर लेने के बाद अग्निवीरों को  किसी तरह की पेंशन नहीं दी जाएगी। दूसरा तर्क यह है कि 4 साल की सेवा के बाद अग्निवीर बेरोजगार हो जाएँगे और उन्हें फिर से किसी रोजगार की तलाश करनी पड़ेगी क्योंकि इस बैच के केवल 25% जवानों  को ही 15 साल की अवधि के लिये उनकी संबंधित सेवाओं में वापस भर्ती किया जाएगा। हालाँकि 75% अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज के तौर पर 12 लाख रुपए दिए जाएंगे जिससे वो अपना कोई काम शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा 48 लाख का इंश्योरेंस कवर होगा। विरोध का तीसरा कारण यह है कि सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों को 4 साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। इस बीच वो अपनी मर्जी से नौकरी नहीं छोड़ सकते। वे केवल कुछ विशेष परिस्थितियों  में ही अपनी  नौकरी छोड़ सकते हैं, लेकिन उसके लिए उन्हें होने ऑफिसर से इजाजत  लेनी पड़ेगी।

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