11 मई 2022 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

  1. भारत को वर्ष 2022-24 तक एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) का अध्यक्ष चुना गया:
  2. आगामी इथेनॉल संयंत्रों के लिए त्रिपक्षीय-सह-एस्क्रो समझौते पर हस्ताक्षर:
  3. चालीस डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को सफलतापूर्वक आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के साथ एकीकृत किया गया:
  4. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस: 

1. भारत को वर्ष 2022-24 तक एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) का अध्यक्ष चुना गया: 

सामान्य अध्ययन: 2

अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:

विषय: भारत के हितों पर विभिन्न अंर्तष्ट्रीय संघठनो एवं विकसित और विकासशील देशों की नीतियां और राजनीति का प्रभाव। 

प्रारंभिक परीक्षा: एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) ।   

 प्रसंग: 

  •  एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) के कार्यकारी बोर्ड और महासभा की 7 मई, 2022 को मनीला (फिलीपींस) में आयोजित बैठक में भारत को सर्वसम्मति से वर्ष 2022-2024 तक की अवधि के लिए एएईए का नया अध्यक्ष चुना गया है।  

उद्देश्य:

  • कमीशन ऑन इलेक्शन मनीला एएईए का वर्तमान अध्यक्ष था। कार्यकारी बोर्ड के नए सदस्यों में अब रूस, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, ताइवान और फिलीपींस शामिल हैं। 

विवरण:  

  • भारत के निर्वाचन आयोग का 3 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मनीला में आयोजित कार्यकारी बोर्ड की बैठक में शामिल हुआ और इसने वर्ष 2022-23 के लिए अपनी कार्य योजना तथा वर्ष 2023-24 तक की गतिविधियों के बारे में कार्यकारी बोर्ड को बताया । 
  • इन्होंने समावेशी और सहभागी चुनाव के लिए निर्वाचन और राजनीतिक प्रक्रियाओं में आ रही सामाजिक-राजनीतिक बाधाओं को दूर करने के लिए भारत द्वारा किए गए विभिन्न ठोस और लक्षित उपायों के बारे में भी प्रस्तुति दी। 
  • एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज का मिशन निर्वाचन अधिकारियों में अनुभवों और श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने तथा पारदर्शी चुनाव कराने के तरीकों के बारे में चर्चा और कार्रवाई करने का मंच  हैं।
  • अनेक एएईए सदस्य देशों के अधिकारी समय-समय पर इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग ले रहे हैं।
  • 2019 से,एएईए सदस्य देशों ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया है।
  • आईआईआईडीईएम विशेष एएईए सदस्य देशों के लिए क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करता है।
  • एएईए के प्रतिनिधि भारत चुनाव आयोग द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम में भी नियमित रूप से भाग ले रहे हैं।
  • 12 एएईए सदस्य देशों के 62 अधिकारियों ने 2022 में विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित तीसरे अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) में भाग लिया था।
  • एएईए विश्व निर्वाचन निकायों के 118 सदस्यीय संघ (ए-डब्ल्यूईबी) का सहयोगी सदस्य भी है।

पृष्ठ्भूमि: 

21वीं एएईए की स्थापना और सदस्यता:

  • एशियाई चुनाव के बारे में मनीला, फिलीपींस में 26-29 जनवरी, 1997 को आयोजित संगोष्ठी के प्रतिभागियों द्वारा पारित किए गए संकल्प के अनुपालन में एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (एएईए) की स्थापना 1998 में की गई थी। 
  • वर्तमान में 20 एशियाई देश ईएमबी एएईए के सदस्य हैं।
  • भारत निर्वाचन आयोग एएईए के ईएमबी का संस्थापक सदस्य है और इसने वर्ष 2011-13 के दौरान एएईए के कार्यकारी बोर्ड में उपाध्यक्ष और वर्ष 2014-16 के दौरान अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है।

2. आगामी इथेनॉल संयंत्रों के लिए त्रिपक्षीय-सह-एस्क्रो समझौते पर हस्ताक्षर: 

सामान्य अध्ययन: 3

ऊर्जा : 

विषय:ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाना और नवाचार ।   

प्रारंभिक परीक्षा: इथेनॉल,ई20 लक्ष्य ।    

प्रसंग: 

  • तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) – भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने  इथेनॉल संयंत्रों के साथ एक दीर्घकालिक खरीद समझौता (एलटीपीए) किया है। 

उद्देश्य:

  • अग्रणी तेल सार्वजनिक उपक्रम इथेनॉल संयंत्रों के साथ त्रिपक्षीय-सह-एस्क्रो समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए एक साथ आए हैं ।  

विवरण:  

  • भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और इंडियन बैंक तीन बैंक हैं जो ओएमसी और परियोजना के प्रस्तावकों के साथ इस त्रिपक्षीय समझौते में शामिल हैं। 
  • यह समझौता यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि इथेनॉल संयंत्रों द्वारा प्राप्त भुगतान का उपयोग इन बैंकों द्वारा दिए गए वित्त को चुकाने के लिए किया जाएगा।
  • समझौते के अनुसार, इथेनॉल उत्पादन के लिए समर्पित इन संयंत्रों द्वारा उत्पादित इथेनॉल को भारत सरकार के इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के अनुसार पेट्रोल के साथ सम्मिश्रण के लिए ओएमसी को बेचा जाएगा।
  • वर्ष 2021-22 में, भारत ने 186 करोड़ लीटर इथेनॉल की खपत करते हुए 9.90% इथेनॉल सम्मिश्रण हासिल किया जिससे 9000 करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा की बचत हुई।
  • हालांकि, सरकार ने 2025 तक 20% मिश्रित इथेनॉल प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है जिसे आमतौर पर ई20 लक्ष्य के रूप में जाना जाता है।
  • इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए इथेनॉल की कमी सबसे बड़ी चुनौती है। ई20 परिदृश्य के अनुसार, देश को 2025-26 में यह लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 1,016 करोड़ लीटर इथेनॉल की आवश्यकता है। लेकिन, मौजूदा उपलब्धता के अनुसार, लगभग 650 करोड़ लीटर इथेनॉल की कमी है।
  • इन पांच परियोजनाओं से प्रति वर्ष लगभग 23 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन होने की संभावना है।
  • इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से न केवल हमारा वातावरण स्वच्छ रहता है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश और रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मदद करता है।  इससे  38% कम कार्बन डाइऑक्साइड का  उत्सर्जन  होता  है।

3. चालीस डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को सफलतापूर्वक आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के साथ एकीकृत किया गया: 

सामान्य अध्ययन: 2

स्वास्थ: 

विषय: सरकार की स्वास्थ सम्बन्धी जनकल्याणकारी योजनाएं एवं उनका कमजोर वर्ग पर प्रभाव।  

प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ,आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम)।  

प्रसंग: 

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने अपनी प्रमुख योजना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत पिछले तीन महीनों में 13 और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के एबीडीएम सैंडबॉक्स से एकीकरण की घोषणा की। 

उद्देश्य:

  • 27 सितंबर, 2021 को इस मिशन की घोषणा से लेकर अब तक एबीडीएम एकीकृत सेवाओं की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। 
  • एबीडीएम पार्टनर इकोसिस्टम में अब 16 सरकारी और 24 निजी क्षेत्र की सेवाएं शामिल हैं।

विवरण:  

  • यह एकीकरण एबीडीएम और स्वास्थ्य तकनीक सेवा प्रदाताओं के मध्य एक तकनीकी सहयोग है जो विभिन्न डिजिटल मंचों, उपयोगकर्ता अनुप्रयोगों और हितधारकों के बीच मौजूदा अंतराल को समाप्त करने में मदद करेगा।
  • एबीडीएम के लॉन्च के पिछले सात महीनों के दौरान लोकप्रिय उपयोगकर्ताओं की बढ़ती हुई संख्या डिजिटल मंचों के साथ एकीकृत हो गई हैं।
  • वर्तमान में एबीडीएम सैंडबॉक्स में 867 सक्रिय इंटीग्रेटर मौजूद हैं।
  • एनएचए का लक्ष्य भारतीय स्वास्थ्य सेवा उद्योग के 1.35 बिलियन लोगों की सेवा करने के तरीके में बदलाव लाना है।
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय  द्वारा कोविन जैसे केंद्रीय केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विकसित अन्य स्वास्थ्य तकनीक समाधान, केंद्रीय टीबी डिवीजन द्वारा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निक्शय, स्वास्थ्य विभाग डीएनएच एंड डीडी ई-आरोग्य, आंध्र प्रदेश मेडिकल स्टाफ के लिए एएनएम एपी हेल्थ ऐप और आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा ईएचआर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संस्थान (एनआईएचएफडब्ल्यू) द्वारा सीपीएचसी-एनसीडी सॉफ्टवेयर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण एनएचए द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) का ट्रांस ट्रांसजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) और लाभार्थी पहचान प्रणाली (बीआईएस) हैं।
  • एबीडीएम एकीकरण एबीडीएम सैंडबॉक्स (डिजिटल स्वास्थ्य उत्पाद के वास्तविक उपयोग के लिए लाइव किए जाने से पहले एकीकरण प्रक्रियाओं के परीक्षण के लिए बनाए गए प्रयोग के लिए एक डिजिटल स्थान) के माध्यम से किया जाता है।
  • कोई भी डिजिटल स्वास्थ्य सेवा प्रदाता/डेवलपर एबीडीएम एपीआई के साथ अपने सॉफ्टवेयर को एकीकृत और मान्य करने की पूर्व-निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करके एबीडीएम सैंडबॉक्स पर अपना पंजीकरण करा सकता है।
  • वर्तमान में, 867 सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के इंटीग्रेटर्स ने इस योजना के तहत अपने सॉफ्टवेयर समाधानों को एकीकृत और मान्य करने के लिए एबीडीएम सैंडबॉक्स के तहत नामांकन किया है।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

4. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस:

  • वर्ष 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों के उपलक्ष्य में हर साल 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। 
  • इस वर्ष का विषय ‘सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का  एकीकृत दृष्टिकोण’ है।
  • यह विषय एक राष्ट्र की प्रगति के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सर्वांगीण विकास के महत्व पर जोर देता है।
  • वर्ष 1998 के इस गौरवपूर्ण अवसर के बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को परमाणु संपन्न देश घोषित किया।
  • तब से 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शामिल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और अन्य सभी की उपलब्धियों को याद करना है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की वैधानिक निकाय टीडीबी अपने अधिदेश के आधार पर उन तकनीकी नवाचारों का सम्मान करता है जिन्होंने वर्ष 1999 से राष्ट्रीय पुरस्कारों के तत्वावधान में विकास में मदद मिली है।

11 May 2022 : PIB विश्लेषण  :-Download PDF Here
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