21 जून 2022 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

  1. 111 और पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटाया:
  2. रक्षा मंत्री अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे:
  3. असम एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बना:
  4. उधमपुर में भूकंप विज्ञान वेधशाला का उद्घाटन:
  5. भारत और नेपाल के बीच सीमा प्रबंधन पर बैठक 15-16 जून को संपन्न हुई:
  6.  8वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह:
  7. ‘गार्जियन योग रिंग’
  1. 111 और पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटाया:

    सामान्य अध्ययन: 2
    शासन:
    विषय:  शासन के जनादेश,महत्वपूर्ण पहलू, पारदर्शिता एवं जवाबदेही, प्रतिरूप, सफलताएं और सीमाएं।
    प्रारंभिक परीक्षा: जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951,आईटी अधिनियम 1961,

    प्रसंग: 

    • 111 और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटा कर चुनाव चिन्ह आदेश (1968) के अंतर्गत लाभों को ख़त्म कर दिया हैं।

    उद्देश्य:

    • यह आदेश निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार की अध्यक्षता में आयोग की हुई बैठक के बाद जारी किया गया।
    • इस आदेश में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अनुच्छेद 29ए तथा 29सी का का पालन न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करे।

    विवरण:

    • 25 मई 2022 को 87 अस्तित्वहीन पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटाए जाने के बाद दूसरे चरण में आयोग ने 20 जून 2022 को 111 अतिरिक्त पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त दलों को निर्वाचन आयोग के रजिस्टर की सूची से हटाने का निर्णय लिया।
    • इन111 पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों ने अनुच्छेद 29ए (4) और अनुच्छेद 29ए (9) का  पालन नहीं किया था।
      • अनुच्छेद 29ए (4) में पंजीकरण के लिए आवश्यक पत्र-व्यवहार के लिए पता देने का प्रावधान है और अनुच्छेद 29ए (9) में पत्र व्यवहार के पते में किसी तरह के परिवर्तन की जानकारी आयोग को देने का प्रावधान है।
    • इन नियामक परिपालनों में प्रत्येक वर्ष का ऑडिट किया गया एकाउंट, योगदान रिपोर्ट, व्यय रिपोर्ट, वित्तीय लेन-देन (बैंक खाता सहित) के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता सहित दलों के पदाधिकारियों की अद्यतन जानकारी शामिल है।
    • ऐसे पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों की अलग की गई सूची वर्तमान कानूनी ढांचे के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों तथा सीबीडीटी को भेजी जाएगी।
    • इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल 3 पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी और आपराधिक कार्रवाई के लिए संदर्भ भेजा गया है।
    • वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 तथा 2019-20 में योगदान रिपोर्ट प्रस्तुत न करने के लिए क्रमशः
      • 1897, 2202 तथा 2351 पंजीकृत गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों की एक सूची भी आईटी अधिनियम 1961 के प्रासंगिक प्रावधानों और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अनुसार सभी परिणामजनक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
    • अधिनियम के अनुच्छेद 29 सी के अंतर्गत अधिदेशित योगदान रिपोर्ट प्रस्तुत किए बिना आयकर में छूट प्राप्ति का दावा करने वाले 66 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सूची भी राजस्व विभाग के साथ साझा की गई है।
  2. रक्षा मंत्री अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे:

    सामान्य अध्ययन: 2
    अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:
    विषय: भारत के रक्षा हितों पर विभिन्न विकसित एवं विकासशील देशों की नीतियां और उनका प्रभाव।
    मुख्य परीक्षा: यह द्विपक्षीय वार्ता दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की में किस प्रकार लाभदायक सिद्ध होगी।

    प्रसंग: 

    • रक्षा मंत्री 22 जून, 2022 को नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

    उद्देश्य:

    • द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, दोनों मंत्री दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की नयी पहलों पर विचार-विमर्श करेंगे।
    • वे आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार करेंगे।

    विवरण:

    • रिचर्ड मार्लेस अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।
    • भारत और ऑस्ट्रेलिया जून 2020 से एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सहभागी हैं और रक्षा क्षेत्र इस साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है।
    • यह साझेदारी मुक्त, खुले, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण पर आधारित है। पूरे क्षेत्र की शांति और समृद्धि से दोनों लोकतंत्रों के आपसी हित जुड़े हुए है।
  3. असम एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बना:

    सामान्य अध्ययन: 2
    जनकल्याणकारी पहल
    विषय: सामाजिक एवं खाद्य सुरक्षा क्षेत्र से संबंधित सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित मुद्दे।
    प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम

    मुख्य परीक्षा: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभाव एवं इसका महत्व।

    प्रसंग: 

    • असम एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) को लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बन गया है।

    उद्देश्य:

    • इसके साथ,ओएनओआरसी योजना को सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक लागू किया गया है,ताकि पूरे देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके ।
    • साथ ही खाद्य सुरक्षा अब एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में क्रियान्वित हो गई है।

    विवरण:

    • कोविड-19 महामारी के पिछले दो वर्षों के दौरान ओएनओआरसी योजना ने एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) के लाभार्थियों, विशेष रूप से प्रवासी लाभार्थियों को रियायती खाद्यान्न सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
    • यह देश में अपनी तरह की एक विशेष नागरिक केंद्रित पहल है, जिसे अगस्त 2019 में शुरू किए जाने के बाद से लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को कवर करते हुए बहुत कम समय में तेजी से लागू किया गया है।
    • इस लाभार्थी केंद्रित उच्च प्रभावी योजना का उद्देश्य सभी एनएफएसए लाभार्थियों को देश में कहीं पर भी अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से सशक्त बनाना है, जिससे वे अपने मौजूदा राशन कार्डों की पोर्टेबिलिटी के माध्यम से अपनी पसंद की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से सब्सिडी वाले खाद्यान्न (आंशिक या पूर्ण) को निर्बाध रूप से खरीद सकें ।
    • यह लाभार्थियों को उनकी पसंद के एफपीएस से अपने मूल स्थान या किसी और जगह पर भी उसी राशन कार्ड पर शेष/आवश्यक मात्रा में खाद्यान्न उठाने में सक्षम बनाता है।
    • इसके अतिरिक्त, एक प्रमुख संकेतक के रूप में वर्तमान में लगभग 3 करोड़ पोर्टेबल लेनदेन का मासिक औसत दर्ज किया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों को कहीं भी लचीलेपन के साथ सब्सिडी वाला एनएफएसए और मुफ्त पीएमजीकेएवाई खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है।
    • ओएनओआरसी योजना के तहत एक अन्य पहलू ‘मेरा राशन’ मोबाइल एप्लिकेशन है,जिसे ओएनओआरसी योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए शुरू किया गया है।
    • मोबाइल ऐप 13 भाषाओं में उपलब्ध है।
  4. उधमपुर में भूकंप विज्ञान वेधशाला का उद्घाटन:

    सामान्य अध्ययन: 3
    विज्ञानं एवं प्रोधोगिकी:
    विषय: विज्ञानं एवं प्रोधोगिकी का भूकंप जैसी घटनाओं का पूर्वानुमान लगा कर इसकी नुक्सान को सीमित करने में योगदान।
    प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र।

    प्रसंग: 

    • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उधमपुर में भूकंप विज्ञान वेधशाला का उद्घाटन किया।

    उद्देश्य:

    • मंत्री ने  जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में भूकंप विज्ञान वेधशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि उधमपुर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित नवीनतम उन्नत भूकंपीय वेधशाला के साथ विश्व भूकंपीय मानचित्र पर उभरा है।
    • राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एक पहल है।
    •  पिछले 8 वर्षों के दौरान, भारत ने देश भर में 70 से अधिक ऐसी वेधशालाएं स्थापित की हैं,जबकि इससे  पहले के  6 दशकों में केवल 80 स्थापित की गई थीं।

    विवरण:

    • अगले 5 वर्षों में रीयल टाइम डेटा मॉनिटरिंग और डेटा संग्रह में सुधार के लिए देश भर में ऐसे 100 और भूकंप विज्ञान केंद्र खोले जाएंगे।
    • भारत भूकंपीय प्रगति और समझ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के करीब पहुंच रहा है।
    • उधमपुर की यह वेधशाला पृथ्वी की पपड़ी (क्रस्ट) की आंतरिक गतिविधियों से संबंधित डेटा रिकॉर्ड करेगी और दुनिया भर के विभिन्न भूकंपीय स्टेशनों को डेटा प्रदान करेगी।
    • जम्मू-कश्मीर-विशेषकर दक्षिण और उत्तरी कश्मीर भूकंपीय क्षेत्र में आता है,विशेषकर जहां ऐसी वेधशालाएं स्थापित की गई हैं।
    • उधमपुर जम्मू-कश्मीर में तीसरा स्थान है जहां अब इस तरह के भूकंपीय अवलोकन दर्ज किए जाएंगे।
    • समुद्री  संसाधन, तटीय पहलें और भूकंप अध्ययन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की स्टार्टअप संभावनाओं में आती हैं।
    • इस वेधशाला की स्थापना के लिए उधमपुर के विशेष महत्व हैं क्योंकि उधमपुर जिला दो भूकंपीय भ्रंश रेखाओं (फॉल्ट लाइंस) के बीच स्थित है और इस प्रकार भूकंप से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा प्रदान कर सकता है।

    पृष्ठ्भूमि

    • भारत में लगभग 6000 किमी की एक बहुत लंबी तटरेखा है और भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसके नाम पर एक महासागर है।
  5. भारत और नेपाल के बीच सीमा प्रबंधन पर बैठक 15-16 जून को संपन्न हुई:

    सामान्य अध्ययन: 2
    अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:
    विषय: भारत के हितों पर पडोसी देशों की नीतियां और राजनीति का प्रभाव।
    मुख्य परीक्षा: दोनों देशों के बीच हुई यह वार्ता सीमा पार आपराधिक गतिविधियों, सीमा अवसंरचना को मजबूत करने, सुरक्षा संबंधी विभिन्न संस्थानों के सशक्तिकरण एवं क्षमता निर्माण, आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम/अंकुश लगाने में कितनी अहम् हैं ?

    प्रसंग: 

    • सीमा प्रबंधन और सुरक्षा मामलों से संबंधित विभिन्‍न मुद्दों पर चर्चा करने वाले 12वें भारत-नेपाल संयुक्त कार्यकारी समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक नई दिल्ली में 15-16 जून को आयोजित की गई थी।

    उद्देश्य:

    • दो दिवसीय वार्ता के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (सीमा प्रबंधन) ने किया और नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेपाल के गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव ने किया।

    विवरण:

    • दोनों पक्षों ने 10-11 फरवरी, 2015 को पोखरा, नेपाल में आयोजित अंतिम संयुक्त कार्यकारी समूह की बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की।
    • दोनों पक्षों ने सीमा पार आपराधिक गतिविधियों, सीमा अवसंरचना को मजबूत करने, सुरक्षा संबंधी विभिन्न संस्थानों के सशक्तिकरण एवं क्षमता निर्माण, आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम/अंकुश लगाने, इत्‍यादि से संबंधित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
    • संयुक्त कार्यकारी समूह ने पूर्व में आयोजित सीमा जिला समन्वय समिति (बीडीसीसी) की बैठकों की समीक्षा की।
    • संयुक्त कार्यकारी समूह ने इसके साथ ही पारस्परिक कानूनी सहायता संधि पर हस्ताक्षर करने, प्रत्यर्पण संधि और दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षर किए जाने वाले अन्य लंबित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के सम्बन्ध    में हुई प्रगति की भी समीक्षा की।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. 8वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह:
    • प्रधानमंत्री ने 8वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के अवसर पर कर्नाटक के मैसूर स्थित मैसूर पैलेस ग्राउंड में हजारों प्रतिभागियों के साथ एक सामूहिक योग प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
    • आजादी का अमृत महोत्सव की भावना के अनुरूप देश आजादी के 75वें वर्ष का उत्सव मना रहा है।
    • इसके तहत पूरे देश में 75 प्रमुख विरासत स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह आयोजित किए गए।
    • विजयपुरा के गोल गुंबद को देश के 75 प्रतिष्ठित स्थानों में शामिल किया गया है।इससे वैश्विक स्तर पर भारत की ब्रांडिंग में मदद मिलेगी।
    • 21 जून, 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से 21 जून को आईडीवाई के रूप में मान्यता देने का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य में योग की क्षमता को रेखांकित करना था।
    • इससे पहले दिसंबर, 2014 में प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में आईडीवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था और इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
    • इसके बाद 2015 से आईडीवाई पूरे विश्व में स्वास्थ्य के लिए एक जन आंदोलन के रूप में सामने आया है।
    • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने योग को महत्व दिया है और इसे बालवाटिका से कक्षा 12वीं तक के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है।
  2. ‘गार्जियन योग रिंग’:
    • एक नए कार्यक्रम ‘गार्जियन योग रिंग’ के तहत मैसूर में प्रधानमंत्री का योग कार्यक्रम और इससे संबंधित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा समारोह का आयोजन किया गया।
    • यह 79 देशों और संयुक्त राष्ट्र संगठनों के साथ-साथ विदेशों में भारतीय मिशनों के बीच एक सहयोगी अभ्यास है, जो योग की एकीकृत शक्ति को दिखाता है, जो राष्ट्रीय सीमाओं से परे  है।

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लिंक किए गए लेख में 20 जून 2022 का पीआईबी सारांश और विश्लेषण पढ़ें।

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