25 अप्रैल 2022 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

1. रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 में संशोधन:

सामान्य अध्ययन: 2,3

रक्षा क्षेत्र,अर्थव्यवस्था: 

विषय: देश में व्यापक भागीदारी और व्यापक आधार वाले स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को प्रोहत्साहन।  

प्रारंभिक परीक्षा:  ‘मेक इन इंडिया’,’आत्मनिर्भर भारत’ ।  

प्रसंग: 

  • रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को और बढ़ावा देने और व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करने के लिए रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी) 2020 को रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) द्वारा मंजूरी दी गई हैं।  

उद्देश्य:

  • घरेलू उद्योग पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए इंटीग्रिटी पैक्ट बैंक गारंटी की आवश्यकता ख़त्म की गई हैं।  

विवरण:  

  • रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी) 2020 को रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) द्वारा दी गई मंजूरी के आधार पर इन क्षेत्रों में संशोधन किया गया है:
  • एक कदम बढ़ाते हुए रक्षा सेवाओं और भारतीय तटरक्षक की सभी आधुनिकीकरण आवश्यकताओं की पूर्ति स्वदेशी रूप से की जानी है। 
  • पूंजी अधिग्रहण के विदेशी उद्योग से रक्षा उपकरण/ सोर्सिंग का आयात केवल एक अपवाद होना चाहिए और डीएसी/ रक्षा मंत्री के विशिष्ट अनुमोदन के साथ किया जाना चाहिए।
  • वित्त मंत्रालय की सलाह के अनुसार और वित्तीय सुरक्षा उपायों को बनाए रखते हुए भारतीय रक्षा उद्योग पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए इंटेग्रिटी पैक्ट बैंक गारंटी (आईपीबीजी) की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है। 
  • इसके बजाय, स्वीकृति की आवश्यकता (एओएन) की लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक के सभी अधिग्रहण मामलों के लिए बयाना राशि जमा (ईएमडी) को बोली सुरक्षा राशि के रूप में लिया जाएगा। 
  • ईएमडी चयनित विक्रेता के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने तक मान्य होगी और चयन की घोषणा के बाद शेष विक्रेताओं को वापस कर दी जाएगी। 
  • अनुबंध के बाद, इंटेग्रिटी पैक्ट परफॉरमेंस कम वारंटी बैंक गारंटी (पीडब्ल्यूबीजी) के माध्यम से कवर किया जाएगा। 
  • इसके अलावा, भारत सरकार की मौजूदा नीति के अनुसार, सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) से ईएमडी की आवश्यकता नहीं है ।
  • इसके अलावा अन्य तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाताओं को जिन्हें अनुबंध नहीं दिया गया है, उन्हें सेवाओं द्वारा एक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
  • एक ऐसा पारितंत्र जिसमें अनुसंधान एवं विकास संस्थानों, शिक्षाविदों, उद्योगों, स्टार्टअप और व्यक्तिगत नवप्रवर्तकों को शामिल करके रक्षा में नवाचार को बढ़ावा और प्रौद्योगिकी विकास को प्रोहत्सान मिले ऐसे आई-डीईएक्स फ्रेमवर्क अप्रैल 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया था।
  • डीएपी 2020 के मौजूदा प्रावधान स्टाफ मूल्यांकन, सीएनसी और आई-डीईएक्स खरीद के लिए अनुबंध की प्रक्रियाओं को ‘बाय (भारतीय- आईडीडीएम)’ की प्रक्रिया से जोड़ते हैं, जिसमें आदेश के प्लेसमेंट से पहले लगभग दो साल की लंबी अवधि होती है।
  • देश के नवोदित स्टार्टअप प्रतिभा पूल को आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण में योगदान करने में सक्षम बनाने के लिए डीएपी 2020 की आई-डीईएक्स प्रक्रिया के तहत खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ।
  • इस सरलीकरण के साथ, एओएन के अनुदान से अनुबंध पर हस्ताक्षर करने में लगने वाला समय घटकर 22 सप्ताह हो जाएगा।
  • डीएपी-2020 की मेक-2 प्रक्रिया, जिसमें प्रोटोटाइप विकास के चरण में उद्योग द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं के माध्यम से रक्षा उपकरणों का स्वदेशीकरण शामिल है, को प्रोटोटाइप के एकल चरण के समग्र परीक्षणों को शामिल करके और प्रत्यायोजित मामलों में प्रारंभिक खरीद की जांच और स्केलिंग के साथ वितरण को सरल बनाया गया है।
  • सरलीकरण के बाद, मेक-II प्रक्रिया में समय-सीमा को मौजूदा कुल समयावधि 122-180 सप्ताह से घटाकर 101-109 सप्ताह कर दिया जाएगा।

2. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 16 यूट्यूब समाचार चैनलों को ब्लॉक किया: 

सामान्य अध्ययन: 2

शासन: 

विषय:भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंध और सार्वजनिक व्यवस्था।   

मुख्य परीक्षा: यूट्यूब चैनल दहशत पैदा करने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए  किस प्रकार झूठी खबरें फैलाते हैं ?

प्रसंग: 

  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आईटी नियमावली, 2021 के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए 22 अप्रैल 2022 को दो अलग-अलग आदेशों के तहत सोलह (16) यूट्यूब आधारित समाचार चैनल और एक (1) फेसबुक अकाउंट को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं। 

उद्देश्य:

  • ब्लॉक किए गए सोशल मीडिया अकाउंट में छह पाकिस्तान स्थित और दस भारत के यूट्यूब समाचार चैनल शामिल हैं, जिनके दर्शकों की कुल संख्या संख्या 68 करोड़ से अधिक है। 
  • यह देखा गया कि इन चैनलों का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत के विदेशी संबंधों, देश में सांप्रदायिक सदभाव और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित मामलों पर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाने के लिए किया जा रहा था।
  • किसी भी डिजिटल समाचार प्रकाशक ने आईटी नियमावली, 2021 के नियम 18 के तहत मंत्रालय को आवश्यक जानकारी नहीं दी थी।

विवरण:  

सामग्री की प्रकृति:

  • भारत के कुछ यूट्यूब चैनलों द्वारा प्रकाशित सामग्री में एक समुदाय को आतंकवादी के रूप में संदर्भित किया गया है और विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच घृणा को उकसाया गया। इस तरह की सामग्री में सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की मंशा से प्रकाशित की गई।
  • कोविड-19 के कारण पूरे भारत में लॉकडाउन की घोषणा से संबंधित झूठे दावे करके प्रवासी श्रमिकों को जोखिम में डालना और कुछ धार्मिक समुदायों के लिए खतरों का आरोप लगाते हुए मनगढ़ंत दावे आदि इसके उदाहरण हैं।
  • ऐसी सामग्री को देश की सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक माना गया।
  • पाकिस्तान स्थित यूट्यूब चैनलों को भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर और यूक्रेन की स्थिति के संदर्भ में भारत के विदेशी संबंधों जैसे विभिन्न विषयों पर फर्जी समाचार पोस्ट करने के लिए सुनियोजित तरीके का इस्तेमाल करते हुए पाया गया।
  • इन चैनलों की सामग्री को राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता तथा अखंडता एवं विदेशी राज्यों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों के दृष्टिकोण से पूरी तरह से गलत और संवेदनशील माना गया।
  • 23 अप्रैल 2022 को, मंत्रालय ने निजी टीवी समाचार चैनलों को झूठे दावे करने और निंदनीय सुर्खियों का इस्तेमाल करने के विरुद्ध चेतावनी भी दी थी।

3. “विश्व मलेरिया दिवस 2022”: 

सामान्य अध्ययन: 2

स्वास्थ: 

विषय: सामुदायिक परिवेश में स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता मलेरिया के खिलाफ सामूहिक लड़ाई।  

प्रारंभिक परीक्षा:  विश्व मलेरिया दिवस । 

प्रसंग: 

  • केन्‍द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री  डॉ. मनसुख मांडविया ने “विश्व मलेरिया दिवस 2022” के उपलक्ष्य में मुख्य भाषण दिया।  

उद्देश्य:

  • हर साल, 25 अप्रैल को ‘विश्व मलेरिया दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
  • इस वर्ष की विषय वस्‍तु है “वैश्विक मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का दोहन” है।
  • स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने की प्रणाली के सुदृढ़ीकरण पर जोर देने और बहु-क्षेत्रीय समन्वय और सहयोग में सुधार करने की है।

विवरण:  

  • मंत्री ने राष्ट्रीय और उप-राष्ट्रीय प्रयासों के माध्यम से मलेरिया उन्मूलन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
  • उन्होंने जोर दिया कि प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाने से भारत की मलेरिया उन्मूलन योजना को आगे बढ़ाने के लिए विशेष समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी और बेहतर स्वास्थ्य, जीवन की गुणवत्ता और गरीबी उन्मूलन में योगदान मिलेगा। 
  • निदान, समय पर और प्रभावी उपचार और वेक्टर नियंत्रण उपायों के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए सहयोगी संगठनों के साथ आशा, एएनएम सहित जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों को मिलकर काम करने की जरूरत है।
  • निजी क्षेत्र सहित प्राइवेट डॉक्‍टर अपने मलेरिया मामलों के प्रबंधन और जानकारी तथा संबंधित कार्यों को राष्‍ट्रीय कार्यक्रम से जोड़ सकते हैं।
  • भारत की “ई-संजीवनी” ने टेली-परामर्श और टेली-रेफरेंसिंग का मार्ग दिखाया है जिसका मलेरिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्‍याओं के निदान और उपचार के लिए जमीनी स्तर पर व्‍यापक पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।”
  • भारत ने मलेरिया की घटनाओं और मौतों को कम करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।
  • किये गए प्रयासों के परिणामस्वरूप 2015 की तुलना में 2021 में मलेरिया के मामलों में 86.45% की गिरावट और मलेरिया से संबंधित मौतों में 79.16% कमी आई है। देश के 124 जिलों में ‘शून्य मलेरिया केस’ दर्ज किया गया है। मलेरिया उन्मूलन भारत के लक्ष्य की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, लेकिन मलेरिया मुक्त भारत के सपने को पूरा करने के लिए अभी और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।
  • 2030 तक मलेरिया को खत्म करने की दिशा में काम एक मिशन मोड पर चल रहा है।
  • केन्‍द्र सरकार बुनियादी ढांचे में सुधार और प्रयोगशाला सहायता सहित मलेरिया के बोझ को कम करने के लिए राज्य सरकारों के साथ जमीनी स्तर पर काम कर रही है। 
  • यदि जांच और उपचार में और प्रयास किए गए, तो भारत 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के सपने को हासिल कर लेगा
  • इस अवसर पर एकीकृत वेक्टर प्रबंधन 2022 पर एक नियम पुस्तिका जारी की गई। 
  • निरन्‍तर विकास के लक्ष्यों की उपलब्धि के साथ 2030 तक मलेरिया को खत्म करने के लिए उचित व्यवहार और पद्धतियों का पालन करने का संकल्प लिया।

4. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मुलाकात की: 

सामान्य अध्ययन: 2

अंतराष्ट्रीय सम्बन्ध:

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह और भारत से जुड़े समझौते या भारत के हितों को प्रभावित करना। 

प्रारंभिक परीक्षा: यूरोपीय आयोग। 

प्रसंग: 

  • यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 25 अप्रैल, 2022 राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मुलाकात की। 

विवरण:  

  • राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ दो सबसे जीवंत लोकतंत्र हैं, दो सबसे बड़ी मुक्त बाजार की अर्थव्यवस्थाएं व बहुलतावादी समाज हैं। 
  • भारत और यूरोपीय संघ सुधार एवं प्रभावी बहुपक्षवाद पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय नियम के अनुरूप चलने वाली व्यवस्था को बढ़ावा देने की साझी वचनबद्धता समेत विभिन्न क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं।
  • भारत और यूरोपीय संघ के बीच की रणनीतिक साझेदारी आने वाले दशक की सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक है तथा इस संबंध को मजबूत करना यूरोपीय संघ की तरह ही भारत की भी प्राथमिकता है।
  • जलवायु संबंधी कार्रवाई, स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास, डिजिटल रूपांतरण और अनुसंधान व नवाचार जैसे क्षेत्रों में भारत की उच्च महत्वाकांक्षा को पूरा करने में यूरोपीय संघ एक महत्वपूर्ण साझीदार रहेगा।
  • भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक एवं निवेश संबंधों के बारे में बोलते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोपीय संघ विभिन्न वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के सबसे महत्वपूर्ण स्रोतों में से एक है।
  • उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता भारत और यूरोपीय संघ के बीच के आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा ।
  • मुक्त बाजार की अर्थव्यवस्था और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, भारत और यूरोपीय संघ जैसे समान विचारधारा वाले देशों से आर्थिक जुड़ाव को और अधिक मजबूत करना आवश्यक है।
  • राष्ट्रपति ने कहा कि अपने पारस्परिक आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के अलावा, भारत और यूरोपीय संघ के लिए हिंद-प्रशांत जैसे क्षेत्र से संबंधित रणनीतिक एवं भू-राजनीतिक पहल में शामिल होना महत्वपूर्ण है।
  • हम यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के हिंद-प्रशांत महासागर से संबंधित पहल में शामिल होने की आशा करते हैं।
  • भारत का मानना ​​है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक “रणनीतिक यूरोपीय संघ” इस क्षेत्र की स्थिरता में योगदान देगा।
  • प्रधानमंत्री ने इस साल रायसीना डायलॉग में उद्घाटन भाषण देने के लिए सहमति प्रदान करने पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष का धन्यवाद किया।
  • दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि एक बड़े और जीवंत लोकतांत्रिक समाज के रूप में, भारत तथा यूरोप विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर एक जैसे मूल्य और साझा दृष्टिकोण रखते हैं।
  • दोनों नेताओं ने एक मुक्त व्यापार समझौते एवं निवेश समझौते पर वार्ता की पुन: शुरुआत सहित भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी में प्रगति की समीक्षा की।
  • भारत और यूरोपीय संघ के आपसी संबंधों के सभी पहलुओं का राजनीतिक-स्तरीय प्रबंधन करने तथा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय व्यापार एवं प्रौद्योगिकी आयोग स्थापित करने पर सहमति बनी।
  • आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों सहित भारत-ईयू संबंधों के पूरे कार्य-क्षेत्र की समीक्षा की गई।
  • दोनों नेताओं ने हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग की संभावनाओं सहित जलवायु संबंधी विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।
  • उन्होंने कोविड-19 की निरंतर चुनौतियों पर भी चर्चा की और दुनिया के सभी हिस्सों में टीकों एवं चिकित्सा विज्ञान की समान पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों पर जोर दिया।
  • इसके अलावा, इस बैठक के दौरान यूक्रेन की स्थिति और भारत-प्रशांत क्षेत्र से संबंधित विभिन्न घटनाक्रमों सहित सामयिक महत्व के कई भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई।

5. एक साथ 78,220 तिरंगे लहराकर भारत ने बनाया विश्व रिकार्ड: 

सामान्य अध्ययन: 1

भारतीय इतिहास एवं व्यक्तित्व: 

विषय: स्वतंत्रता आंदोलन से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य एवं व्यक्तित्व।   

प्रारंभिक परीक्षा:  वीर कुंवर सिंह।  

मुख्य परीक्षा:स्वतंत्रता आंदोलन से सम्बंधित व्यक्तित्व वीर कुंवर सिंह के योगदान पर चर्चा कीजिए।   

प्रसंग: 

  • भारत ने 23 अप्रैल 2022 को बिहार के भोजपुर के जगदीशपुर स्थित दुलौर मैदान में वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव कार्यक्रम में 78 हज़ार 220 तिरंगे झंडों को एक साथ लहराकर भारत ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया। 

उद्देश्य:

  • मौका था जगदीशपुर के तत्कालीन राजा वीर कुंवर सिंह का अंग्रेजों के खिलाफ विजय प्राप्त करने का, जिन्हें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक माना जाता है। 
  • यह कार्यक्रम भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत गृह मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय ने आयोजित किया था।

विवरण:  

  • बाबु वीर कुंवर सिंह 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने लगभग 80 वर्ष की उम्र में भी विदेशी हुकूमत का डट कर मुकाबला किया। 
  • वे जगदीशपुर के परमार राजपूतों के उज्जयिनी वंश के परिवार से संबंधित थे,जो वर्तमान में बिहार के भोजपुर जिले का एक हिस्सा है।
  • 80 साल की उम्र में,उन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ सशस्त्र सैनिकों के एक चयनित बैंड का नेतृत्व किया।
  • वह बिहार में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के मुख्य नायक थे। उन्हें वीर कुंवर सिंह के नाम से जाना जाता है।
  • बाबू कुंवर सिंह जी बहुत बड़े समाज सुधारक भी थे और उन्होंने पिछड़े और दलितों का कल्याण करने का एक विचार उस जमाने में देश के सामने रखा।

 प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

6. शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुडको) का 52 वां स्थापना दिवस:

  • 25 अप्रैल 2022 को आवास एवं शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुडको) का 52 वां स्थापना दिवस मनाया गया।
  • आज ही के दिन 1970 में हुडको की स्थापना ने भारत में एक औपचारिक आवास वित्त प्रणाली की नींव रखी थी।
  • हुडको ने इन 52 वर्षों के दौरान 21 क्षेत्रीय कार्यालयों और 11 विकास कार्यालयों के अखिल भारतीय नेटवर्क के साथ एक लंबी यात्रा तय की है, जो ‘‘सामाजिक न्याय के साथ लाभप्रदता’’ के सिद्धांत के साथ हमारे देश में आवास और मूल शहरी अवसंरचना परियोजनाओं के तकनीकी-वित्तपोषण में एक अद्वितीय भागीदार और बाजार के अगुआ के रूप में उभरा है।
  • आवास और शहरी अवसंरचना विशेष रूप से समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए हुडको का मिशन बहुत बढ़िया रहा है।
  • भूमि एक राज्य का विषय है, लेकिन चूंकि हम एक सहकारी संघीय ढांचे में रहते हैं, इसलिए केंद्र के लिए एक ऐसी योजना की अवधारणा करना संभव है जिसमें केंद्र को कुछ प्रोत्साहन देना होगा और राज्यों को केंद्र के साथ इसे लागू करना होगा।
  • 1.90 करोड़ शहरी और ग्रामीण गरीबों को आवास दिलाने में हुडको की अहम भूमिका रही है।
  • समाज के कमजोर वर्गों के लिए आवास उपलब्ध कराने में हुडको की भूमिका सराहनीय है। हुडको राज्यों के बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में सरकारी एजेंसियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  • हमारे देश में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक यह लगभग 35 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

7. ‘डेफलंपिक्स 2021’: 

  • 1 मई से शुरू होने वाले ‘डेफलंपिक्स 2021’ के लिए प्रस्‍थान होने से पहले भारतीय दल को  शुभकामनाएं दी गईं। 
  • डेफलंपिक्स का आयोजन 1 मई से 15 मई तक किया जायगा।
  • ब्राजील के काक्सियास डो सुल में होने वाले डेफलंपिक्स में भारत के कुल 65 एथलीट भाग लेंगे, और इसके साथ ही यह भारत की ओर से डेफलंपिक्स में भाग लेने वाला अब तक का सबसे बड़ा एवं सबसे युवा दल होगा।
  • ये एथलीट कुल 11 खेल स्‍पर्धाओं जिनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, जूडो, गोल्फ, कराटे, निशानेबाजी, तैराकी, टेनिस, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो और कुश्ती शामिल है, में भाग लेंगे। 
  • डेफलंपिक्स में भाग लेने वाले एथलीटों के लिए 30 दिवसीय राष्ट्रीय कोचिंग शिविर का आयोजन साई के समस्‍त केंद्रों में किया गया था। 
  • भारत ने वर्ष 2017 में तुर्की में आयोजित किए गए पिछले डेफलंपिक्स में 46 प्रतिभागियों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था, जिसने कुल 5 पदक जीते थे। इनमें 1 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल थे।  

25 अप्रैल 2022 : PIB विश्लेषण  :-Download PDF Here

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