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31 जुलाई 2022 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

  1. संयुक्त सैनिक अभ्यास “एक्‍स विनबैक्‍स 2022”: 
  2. संयुक्त सैन्य अभ्यास अल नजाह: 
  3. राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत का प्रदर्शन:
  4.  ‘चाबहार दिवस’ मनाया गया:

1. संयुक्त सैनिक अभ्यास “एक्‍स विनबैक्‍स 2022”: 

सामान्य अध्ययन: 2

अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:

विषय: भारत के सुरक्षा हितों पर विभिन्न अंर्तष्ट्रीय सैनिक अभ्यासों,प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रभाव।   

प्रारंभिक परीक्षा: “एक्‍स विनबैक्‍स 2022”

प्रसंग: 

  • वियतनाम भारत द्विपक्षीय सैनिक अभ्यास का तीसरा संस्करण “एक्स विनबैक्‍स 2022” 01 अगस्‍त से 20 अगस्त 2022 तक चंडीमंदिर में होगा। 

उद्देश्य:

  • संयुक्त सैनिक अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानने का अवसर प्रदान करेगा। 
  • भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व 105 इंजीनियर रेजिमेंट के सैनिकों द्वारा किया जा रहा है।  

विवरण:  

  • यह सैनिक अभ्यास 2019 में वियतनाम में हुए पहले द्विपक्षीय सैनिक अभ्यास की अगली कड़ी है और भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
  • भारत और वियतनाम के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी हैं और रक्षा सहयोग इस साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है।
  • वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट नीति और इंडो-पैसिफिक विजन में एक महत्वपूर्ण भागीदार है।
  • एक्‍स विनबैक्‍स-2022 का विषय शांति सेनाओं के संचालन के लिए संयुक्त राष्ट्र दल के हिस्से के रूप में एक इंजीनियर कंपनी और एक मेडिकल टीम की नियुक्ति और तैनाती है।
  • भारत के पास संयुक्त राष्ट्र मिशनों में सैनिकों की तैनाती की एक समृद्ध विरासत है।
  • द्विपक्षीय अभ्यास के पिछले संस्करणों के बढ़े हुए दायरे के साथ एक फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास के रूप में एक्‍स विनबैक्‍स – 2022 का संचालन आपसी विश्वास, पारस्‍परिकता को मजबूत करेगा और भारतीय सेना और वियतनाम पीपल्स आर्मी के बीच सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने में सक्षम करेगा।
  • 48 घंटे का वैलीडेशन सैनिक अभ्यास संयुक्त राष्ट्र मिशनों में समान परिस्थितियों के अंतर्गत तकनीकी सैन्य अभियानों को अमल में लाते समय दोनों टुकडि़यों द्वारा प्राप्त मानकों का आकलन करने के लिए निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा है।
  • यह एक मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रदर्शन और उपकरण प्रदर्शन स्वदेशी समाधानों का उपयोग करते हुए प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान बचाव और राहत कार्यों को शुरू करने की भारत की क्षमता का प्रदर्शन करेगा।

2. संयुक्त सैन्य अभ्यास अल नजाह: 

सामान्य अध्ययन: 2

अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:

विषय: भारत के सुरक्षा हितों पर विभिन्न अंर्तष्ट्रीय सैनिक अभ्यासों,प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रभाव।   

प्रारंभिक परीक्षा: सैन्य अभ्यास अल नजाह

प्रसंग: 

  • भारतीय सेना और ओमान की शाही सेना की टुकड़ियों के बीच भारत-ओमान संयुक्त सैन्य अभ्यास का चौथा संस्करण ‘अल नजाह-IV’ 01 से 13 अगस्त 2022 तक महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (राजस्थान) के विदेशी प्रशिक्षण नोड में आयोजित किया जा रहा है। 

उद्देश्य:

  • अभ्यास अल नजाह के चौथे संस्करण की प्रमुख गतिविधियों में पेशेवर वार्ता, सैन्य अभ्यास एवं कार्य प्रणालियों की आपसी समझ, संयुक्त कमान और नियंत्रण संरचनाओं की स्थापना तथा आतंकवादी खतरों का शमन करना शामिल है।
  • इस सैन्य अभ्यास के दौरान संयुक्त शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, सामरिक अभ्यास, तकनीक एवं प्रक्रियाओं के समायोजन के अलावा संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के तहत आतंकवाद का मुकाबला करने वाले सैन्य ऑपरेशन, क्षेत्रीय सुरक्षा कार्यक्रम और शांति की रक्षा संचालन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा।

विवरण:  

  • ओमान के सुल्तान की पैराशूट रेजिमेंट से 60 सैन्य कर्मियों वाली ओमान की शाही सेना की टुकड़ी अभ्यास स्थल पर पहुंच चुकी है।
  • भारतीय सेना की तरफ से 18वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन के सैनिक इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे।
  • संयुक्त सैन्य अभ्यास अल नजाह का पिछला संस्करण 12 से 25 मार्च 2019 तक मस्कट में आयोजित किया गया था।
  • संयुक्त सचल वाहन चेक पोस्ट की स्थापना, संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान के बाद निर्धारित किये गए क्षेत्र में संयुक्त रूप से छोटे स्थानों पर पूरे किये जाने वाले ऑपरेशन्स के साथ 48 घंटे तक चलने वाले सैन्य अभ्यास से समापन तक पूरा होने वाला एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है।
  • संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य भारतीय सेना एवं ओमान की शाही सेना के बीच रक्षा सहयोग तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में और सहायक सिद्ध होगा।

 3. राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत का प्रदर्शन: 

सामान्य अध्ययन: प्रारंभिक परीक्षा

खेल: 

विषय: समसामायकी 

प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रमंडल खेल 2022 

प्रसंग: 

  • 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन बर्मिंघम में हो रहा है।

विवरण:  

  • मिजोरम के 19 साल के जेरेमी लालरिननुंगा ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन के 67 किलोग्राम वर्ग में भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
  • जेरेमी ने इन खेलों में कुल 300 किग्रा (स्नैच में 140 किग्रा + सी एंड जे में 160 किग्रा) भार उठाया, जो सीडब्ल्यूजी में एक रिकॉर्ड है।
  • इस मुकाबले में भारत का ये पांचवां पदक और दूसरा स्वर्ण पदक है।
  • सीडब्ल्यूजी 2022 में पुरुषों के 67 किग्रा भारोत्तोलन में जेरेमी का गोल्ड ‘खेलो इंडिया’ से टॉप्स कोर ग्रुप तक एक एथलीट की प्रगति का एक आदर्श उदाहरण है। जेरेमी ने राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ा है।
  • इससे पहले, मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 201 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता था।
  • संकेत सरगर ने पुरुषों की 55 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीता।
  • बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 55 किग्रा भारोत्तोलन में रजत पदक और पुरुषों के 61 किग्रा भारोत्तोलन वर्ग में गुरुराजा पुजारी ने कांस्य पदक जीता।
  • भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 55 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने कुल 202 किलोग्राम (86 किलोग्राम + 116 किलोग्राम) वजन उठाए।
  • एक दशक से भी कम समय पहले मणिपुर की बिंद्यारानी देवी ने अपने गृहनगर इम्फाल में भारोत्तोलन शुरू किया था।
  • इस खेल को अपनाने के तीन साल से भी कम समय में उन्हें इम्फाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में प्रशिक्षण के लिए चुना गया था।
  • उन्होंने राष्ट्रमंडल सीनियर चैंपियनशिप 2019 में स्वर्ण पदक, वर्ष 2021 में इसी स्पर्धा में रजत पदक सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है।
  • लेकिन उन्हें सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि 30 जुलाई को हासिल हुई जब उन्होंने बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेलों में 55 किलोग्राम भार वर्ग की स्पर्धा में रजत पदक जीता।
  • मीराबाई चानू द्वारा बहुप्रतीक्षित गोल्ड महिलाओं के 49 किग्रा स्नैच, क्लीन एंड जर्क और टोटल लिफ्ट में एक नया गेम रिकॉर्ड बनाया।

पृष्ठ्भूमि

  • बर्मिंघम इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र का एक प्रमुख शहर है। 

 4. ‘चाबहार दिवस’ मनाया गया: 

सामान्य अध्ययन: 2

अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध:

विषय: भारत के व्यापारिक हितों पर विभिन्न विकसित एवं विकासशील देशों की नीतियां, समझौते और उनका प्रभाव।  

प्रारंभिक परीक्षा: चाबहार बंदरगाह। 

मुख्य परीक्षा: भारत ईरान संबंधों पर प्रकाश डालिये।  

प्रसंग: 

  • पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडबल्यू) ने इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल के सहयोग से मुंबई में चाबहार – आईएनएसटीसी से लिंक – मध्य एशियाई बाज़ारों को जोड़ने को चिह्नित करने के लिए ‘चाबहार दिवस’ मनाया। 

उद्देश्य:

  •  “चाबहार दिवस” आईएनएसटीसी की शुरुआत- भारत और मध्य एशिया के बीच कार्गो की आवाजाही को किफायती बनाने की भारत की परिकल्‍पना के अवसर पर मनाया जाता है।
  • ईरान स्थित चाबहार बंदरगाह क्षेत्र और विशेष रूप से मध्य एशिया का वाणिज्यिक पारगमन केन्‍द्र है।
  • ईरान में चाबहार के जीवंत शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह के माध्यम से आईएनएसटीसी का विचार एक मल्टी मोडल लॉजिस्टिक कॉरिडोर का उपयोग करके दो बाजारों को जोड़ने का है।
  • इससे न केवल  सम्‍पर्क बढ़ेगा, बल्कि हमारे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को मजबूत कर निवेश   भी बढ़ेगा ।
  • इसके जरिये लॉजिस्टिक लागत भी युक्तिसंगत बनेगी जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा।
  • आईएनएसटीसी (इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर) रूस, यूरोप तक पहुंचने और मध्य एशियाई बाजारों में प्रवेश करने के लिए ईएक्सआईएम शिपमेंट के लिए लगने वाले समय को कम करने के लिए भारत की परिकल्पना और पहल है।
  • ईरान में स्थित चाबहार बंदरगाह, इस क्षेत्र और विशेष रूप से मध्य एशिया का वाणिज्यिक आवागमन का केंद्र है।
  • यह मध्य एशियाई क्षेत्र की पारगमन और परिवहन संभावना को भी विकसित करेगा और उनके लॉजिस्टिक नेटवर्क में सुधार करेगा।
  • चाबहार बंदरगाह वहां पर एक क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परिवहन गलियारा बनाने के लिए एक संयुक्त पहल को बढ़ावा देने की अगुवाई करेगा।

विवरण:  

  • चाबहार में शाहिद बेहश्‍ती बंदरगाह की माल लादने और उतारने की क्षमता जो आज 8.5 मिलियन टन है, परियोजना के पहले चरण के पूरा होने पर बढ़कर 15 मिलियन टन हो जाएगी।
  • चाबहार बंदरगाह समृद्ध मध्य एशियाई क्षेत्र को दक्षिण एशियाई बाजारों से जोड़ता है।
  • यह व्यापार, आर्थिक सहयोग और दो भौगोलिक क्षेत्रों के बीच लोगों को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • भारत की परिकल्पना चाबहार में शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह को आवागमन का प्रमुख केंद्र बनाने और मध्य एशियाई देशों तक पहुंचने के लिए इसे आईएनएसटीसी से जोड़ने की है।
  • भारत शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह और चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र के प्रोत्साहनों का उपयोग करने के लिए व्यवसायों और रसद कंपनियों का आह्वान किया हैं।
  • आईएनएसटीसी के साथ चाबहार लिंक उनके क्षेत्रों में एक्जिम व्यापार को बढ़ावा देने और भूमि से घिरे देशों में विकास को और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

 आज इससे सम्बंधित कोई समाचार नहीं हैं। 

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