यूपीएससी विधि का पाठ्यक्रम - (आईएएस वैकल्पिक विषय - लॉ)

सिविल सेवा (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा को पास करने के बाद उम्मीदवारों को यूपीएससी द्वारा सूचीबद्ध कुल 26 विषयों में से किसी  एक विषय  को मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर चुनना पड़ता है | इस लेख में आपको वैकल्पिक विषय के तौर पर विधि (लॉ) के दोनों पत्रों के पाठ्यक्रम की सम्पूर्ण  जानकारी दी जाएगी  | विधिशास्त्र के महत्वपूर्ण पुस्तकों की सूचि के लिए देखें हमारा हिंदी पेज सिविल सेवा में विधिशास्त्र के लिए पुस्तक सूचि I

पाठक  लिंक किए गए लेख में आईएएस हिंदी के बारे में जानकारी पा सकते हैं।  

विधि (लॉ) का विस्तृत पाठ्यक्रम – प्रश्न पत्र -1

सांविधिक एवं प्रशासनिक विधि: 

1. संविधान एवं संविधानवाद; संविधान के सुस्पष्ट लक्षण ।

2. मूल अधिकार-लोकहित याचिका, विधिक सहायता, विधिक सेवा प्राधिकरण ।

3. मूल अधिकार-निदेशक तत्व तथा मूल कर्तव्यों के बीच संबंध ।

4. राष्ट्रपति की संवैधानिक स्थिति तथा मंत्रिपरिषद् के साथ संबंध ।

5. राज्यपाल तथा उसकी शक्तियां ।

6. उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय:

  • (क) नियुक्ति तथा स्थानांतरण ।
  • (ख) शक्तियां, कार्य एवं अधिकारिता ।

7. केंद्र, राज्य एवं स्थानीय निकाय;

(क) संघ तथा राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का वितरण ।

(ख) स्थानीय निकाय ।

(ग) संघ, राज्यों तथा स्थानीय निकायों के बीच प्रशासनिक संबंध ।

(घ) सर्वोपरि अधिकार-राज्य संपत्ति-सामान्य संपत्ति-समुदाय संपत्ति ।

8. विधायी शक्तियां , विशेषाधिकार एवं उन्मुक्ति ।

9. संघ एवं राज्य के अधीन सेवाएं:

(क) भर्ती एवं सेवा शर्तें: सांविधानिक सुरक्षा; प्रशासनिक अधिकरण ।

(ख) संघ लोक सेवा आयोग एवं राज्य  लोक सेवा आयोग-शक्ति एवं कार्य ।

(ग) निर्वाचन आयोग-शक्ति एवं कार्य ।

10. आपात् उपबंध ।

11. संविधान संशोधन ।

12. नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत-आविर्भूव होती प्रवृतियाँ एवं न्यायिक उपागम ।

13. प्रत्यायोजित विधान एवं इसकी सांविधानिकता ।

14. शक्तियों एवं सांविधानिक शासन का पृथक्करण ।

15. प्रशासनिक कार्रवाई का न्यायिक पुनर्विलोकन ।

16. ओम्बड्समैन: लोकायुक्त, लोकपाल आदि ।

अंतर्राष्ट्रीय विधि:

1. अंतर्राष्ट्रीय विधि की प्रकृति तथा परिभाषा ।

2. अंतर्राष्ट्रीय विधि तथा राष्ट्रीय विधि के बीच संबंध ।

3. राज्य मान्यता तथा राज्य उत्तराधिकार ।

4. समुद्र नियम: अंतर्देशीय जलमार्ग, क्षेत्रीय समुद्र, समीपस्थ परिक्षेत्र, महाद्वीपीय उपतट, अनन्य आर्थिक परिक्षेत्र तथा महासमुद्र ।

5. व्यक्ति: राष्ट्रीयता, राज्यहीनता-मानवाधिकार तथा उनके प्रवर्तन के लिए उपलब्ध प्रक्रियाएं ।

6. राज्यों की क्षेत्राीय अधिकारिता-प्रत्यर्पण तथा शरण ।

7. संधियां: निर्माण, उपयोजन, पर्यवसान और आरक्षण ।

8. संयुक्त राष्ट्र: इसके प्रमुख अंग, शक्तियां कृत्य और सुधार ।

9. विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा: विभिन्न तरीके ।

10. बल का विधिपूर्ण आश्रय: आक्रमण, आत्मरक्षा,हस्तक्षेप ।

11. अंतर्राष्ट्रीय मानववादी विधि के मूल सिद्धांत-अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं समकालीन विकास ।

12. परमाणु अस्त्रों के प्रयोग की वैधता, परमाणु अस्त्रों के परीक्षण पर रोक – परमाणवीय अप्रसार संधि, सी.टी.बी.टी. ।

13. अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, राज्यप्रवर्तित आतंकवाद , अपहरण, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ।

15. नए अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक आदेश तथा मौद्रिक विधि, WTO,TRIPS,GATT,IMF, विश्व बैंक ।

16. मानव पर्यावरण का संरक्षण तथा सुधार – अंतर्राष्ट्रीय प्रयास ।

विधि (लॉ) का विस्तृत पाठ्यक्रम – प्रश्न पत्र -2

अपराध विधि: 

1. आपराधिक दायित्व के सामान्य सिद्धांत: आपराधिक मनःस्थिति तथा आपराधिक कार्य । सांविधिक अपराधों में आपराधिक मनःस्थिति ।

2. दंड के प्रकार एवं नई प्रवृत्तियाँ जैसे कि मृत्यु दंड उन्मूलन

3. तैयारियां तथा आपराधिक प्रयास

4. सामान्य अपवाद

5. संयुक्त तथा रचनात्मक दायित्व

6. दुष्प्रेरण

7. आपराधिक षडयंत्र

8. राज्य के प्रति अपराध

9. लोक शांति के प्रति अपराध

10. मानव शरीर के प्रति अपराध

11. संपत्ति के प्रति अपराध

12. स्त्राी के प्रति अपराध

13. मानहानि

14. भ्रष्टाचार निरोाधक अधिनियम, 1988

15. सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 एवं उत्तरवर्ती विधायी  विकास ।

16. अभिवचन सौदा ।

अपकृत्य विधि:

1. प्रकृति तथा परिभाषा

2. त्रुटि तथा कठोर दायित्व पर आधारित दायित्व, आत्यंतिक दायित्व ।

3. प्रतिनिधिक दायित्व, राज्य दायित्व सहित

4. सामान्य प्रतिरक्षा

5. संयुक्त अपकृत्यकर्ता

6. उपचार

7. उपेक्षा

8. मानहानि

9. उत्पात 

10. षडयंत्र

11. अपराधीकृत  बंदीकरण

12. विद्वेषपूर्ण अभियोजन

13. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ।

संविदा विधि और वाणिज्यिक विधि:

1. संविदा का स्वरूप और निर्माण/ ई-संविदा

2. स्वतंत्र सम्मति को दूषित करने वाले कारक

3. शून्य, शून्यकरणीय, अवैध तथा अप्रवर्तनीय करार

4. संविदा का पालन तथा उन्मोचन

5. संविदाकल्प

6. संविदा भंग के परिणाम

7. क्षतिपूर्ति, गारंटी एवं बीमा संविदा

8. अभिकरण संविदा

9. माल की बिक्री तथा अवक्रय (हायर परचेज)

10. भागीदारी का निर्माण तथा विघटन

11. परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881

12. माध्यस्थम  तथा सुलह अधिनियम , 1996

13. मानक रूप संविदा

समकालीन विधिक विकास:

1. लोकहित याचिका

2. बौद्धिक संपदा अधिकार-संकल्पना, प्रकार/संभावनाएं ।

3. सूचना प्रौद्योगिकी विधि, जिसमें साइबर विधियां शामिल हैं, संकल्पना, प्रयोजन /संभावनाएं ।

4. प्रतियोगिता विधि – संकल्पना, प्रयोग/संभावनाएं ।

5. वैकल्पिक विवाद समाधान -संकल्पना, प्रकार/संभावनाएं ।

6. पर्यावरणीय विधि से संबंधित प्रमुख कानून ।

7. सूचना का अधिकार अधिनियम ।

8. संचार माध्यमों (मीडिया) द्वारा विचारण ।

अन्य महत्वपूर्ण लिंक :

Leave a Comment

Your Mobile number and Email id will not be published.

*

*