12 मई 2022 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

1. कृषि, फसल बीमा और ऋण पर रणनीतिक साझेदारी के लिए यूएनडीपी के साथ समझौता:

सामान्य अध्ययन: 3

कृषि: 

विषय: भारत के हितों पर विभिन्न अंर्तष्ट्रीय संघठनो की नीतियां और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव।  

प्रारंभिक परीक्षा: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और किसान क्रेडिट कार्ड – संशोधित ब्याज सब्वेन्शन योजना।  

प्रसंग: 

  • भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत यूएनडीपी केंद्र की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और किसान क्रेडिट कार्ड – संशोधित ब्याज सब्वेन्शन योजना के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जायगी । 

उद्देश्य:

  • समझौता ज्ञापन के तहत, यूएनडीपी संयुक्त कृषि ऋण और फसल बीमा के कार्यान्वयन के लिए कृषि मंत्रालय को अपनी विशेषज्ञता और वैश्विक जानकारी से लाभान्वित करेगा। 

विवरण:  

  • केसीसी-एमआईएसएस और पीएमएफबीवाई को पिछली योजनाओं के समस्याग्रस्त क्षेत्रों से निपटने और वांछित परिणाम प्राप्त कर सभी हितधारकों के लिए बेहतर कार्यान्वयन विकल्प प्रदान करने वाली संरचना का मानचित्र तैयार करने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था। 
  • इस आशय के लिए, योजनाओं में कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। 
  • वर्तमान योजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे पूरे देश में समान रूप से लागू होती हैं और इनमें सभी फसलों को कवर करने का प्रावधान है।
  • समझौता ज्ञापन के अनुसार, यूएनडीपी कृषि ऋण और फसल बीमा के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी, मांग-संचालित तकनीकी सहायता प्रदान करेगा, साथ ही छोटे और सीमांत किसानों, महिला किसानों, बटाईदारों, काश्तकार और गैर-ऋणी किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा राष्ट्रीय और राज्य के संस्थानों को क्षमता विकास तथा सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सहायता प्रदान करेगा।
  • यूएनडीपी के साथ इस रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से फसल बीमा और कृषि ऋण योजनाओं के कार्यान्वयन में और भी बेहतर परिणाम प्राप्त करेंगे।

 2. प्रधानमंत्री ने दूसरे वैश्विक कोविड वर्चुअल शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया: 

सामान्य अध्ययन: 2 

अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध,स्वास्थ:  

विषय: भारत के हितों पर विकसित एवं विकासशील देशों की नीतियां,अंर्तष्ट्रीय संघठनों, सम्मेलनों और राजनीति का प्रभाव।  

प्रारंभिक परीक्षा: दूसरा वैश्विक कोविड वर्चुअल शिखर सम्मेलन।    

प्रसंग: 

  • प्रधानमंत्री ने 12 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडन के निमंत्रण पर दूसरे वैश्विक कोविड वर्चुअल शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।  

उद्देश्य:

  • प्रधानमंत्री ने ‘महामारी की थकान की रोकथाम और तैयारी को प्राथमिकता’ विषय पर शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। 

विवरण:  

  • प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने महामारी से निपटने के लिए एक जन केंद्रित रणनीति अपनाई और इस साल स्वास्थ्य बजट के लिए अब तक का सबसे अधिक आवंटन किया है। 
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है और अपनी करीब नब्बे प्रतिशत वयस्क आबादी और पचास मिलियन से अधिक बच्चों का टीकाकरण कर चुका है।
  • प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि वैश्विक समुदाय के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में, भारत अपनी सस्ती स्वदेशी कोविड शमन प्रौद्योगिकियों, टीकों और चिकित्सा विज्ञान को दूसरे देशों के साथ साझा करके सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।
  • भारत अपने जीनोमिक सर्विलांस कंसोर्टियम का विस्तार कर रहा है। भारत ने पारंपरिक चिकित्सा का व्यापक रूप से उपयोग कर इस ज्ञान को दुनिया को उपलब्ध कराने के लिए डब्ल्यूएचओ केंद्र की नींव रखी है।
  • प्रधानमंत्री ने एक मजबूत और अधिक लचीली वैश्विक स्वास्थ्य संरचना बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ को मजबूत करने और उसमें सुधार करने का भी आह्वान किया।
  • अन्य प्रतिभागियों में कार्यक्रम के सह-मेजबान केरिकॉम के अध्यक्ष के रूप में बेलीज सरकार के प्रमुख, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष के रूप में सेनेगल, जी20 के अध्यक्ष के रूप में इंडोनेशिया और जी7 के अध्यक्ष के रूप में जर्मनी शामिल थे।

पृष्ठ्भूमि: 

  • प्रधानमंत्री ने 22 सितंबर 2021 को राष्ट्रपति बाइडन द्वारा आयोजित पहले वैश्विक कोविड वर्चुअल शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लिया था।

 3. सशस्त्र बलों के लिए वर्धित आवास मान – 2022 को मंजूरी: 

सामान्य अध्ययन: 2

जनकल्याणकारी पहल: 

विषय: सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं एवं उनका प्रभाव। 

प्रारंभिक परीक्षा: वर्धित आवास मान 2022 (एसओए),मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) । 

 प्रसंग: 

  • रक्षा मंत्री ने 12 मई 2022 को रक्षा सेवाओं के लिए वर्धित आवास मान 2022 (एसओए) को मंजूरी दे दी है। 

उद्देश्य:

  • यह कदम सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करेगा। 

विवरण:  

  • वर्धित आवास मान- 2022 के कार्यान्वयन से समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं / बुनियादी ढांचे और विशिष्टताओं में जबरदस्त सुधार होगा। 
  • बहु-मंजिला निर्माण के माध्यम से रक्षा भूमि के अधिकाधिक उपयोग एवं कॉमन सुविधाओं को जोड़कर खर्च बचाने के उपायों पर जोर दिया गया है।
  • ये रक्षा नागरिकों सहित रक्षा कर्मियों के लिए काम करने और रहने की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करेंगे।
  • विकलांग व्यक्तियों के लिए सभी सार्वजनिक भवनों में सुविधाएं शुरू की गई हैं और सभी सुविधाओं में लैंगिक समानता सुनिश्चित की गई है।
  • वर्धित आवास मान (एसओए) के तहत रक्षा सेवाओं के लिए सैन्य अभियानगत, कार्यात्मक, प्रशिक्षण, प्रशासनिक, रहने और मनोरंजन सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है।
  • ये स्केल तीनों रक्षा सेवाओं और भारतीय तटरक्षक बल पर लागू होंगे। पिछले एसओए को अक्टूबर 2009 में सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था।
  • नई इकाइयों, उन्नत तकनीकी सुविधाओं और उपकरण संबंधी सुविधाओं, अभियानगत तत्परता संबंधी आवश्यकताओं, ख़तरे की बढ़ी हुई धारणा, समकालीन मानकों समेत सतत विकास की अवधारणा और बेहतर जीवन स्तर के लिए सैन्यकर्मियों की बढ़ी हुई आकांक्षाओं को देखते हुए, एसओए 2009 में संशोधन की आवश्यकता अपरिहार्य थी।
  • आवास के पैमानों में संशोधन से बुनियादी ढांचे के विकास में बढ़ोतरी होगी, आधुनिक तकनीक का उपयोग संभव होगा,अधिकारियों को अधिक आज़ादी मिलेगी और उपयोगकर्ताओं की आकांक्षाएं पूरी होंगी।
  • वर्धित आवास मान सरकार के दृष्टिकोण जैसे स्वच्छ भारत, सुगम भारत, डिजिटल इंडिया, हरित भवन, सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, कार्बन फुटप्रिंट में कमी आदि जैसे कार्यक्रमों के अनुरूप होंगे।
  • मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) एक प्रमुख निर्माण एजेंसी है और भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के स्तंभों में से एक है जो सशस्त्र बलों और रक्षा मंत्रालय (एमओडी) के संबद्ध संगठनों को रियर लाइन इंजीनियरिंग सहायता प्रदान करती है।
  • एमईएस सीमावर्ती क्षेत्रों सहित देश भर में सैन्य स्टेशनों/ छावनियों के लिए आवासीय और कार्यालय भवनों, अस्पतालों, सड़कों, रनवे और समुद्री संरचनाओं जैसे विविध निर्माण गतिविधियों को अंजाम देती है।
  • पारंपरिक भवनों के अलावा, एमईएस जटिल प्रयोगशालाओं, कारखानों, कार्यशालाओं, हैंगर, गोला-बारूद भंडारण सुविधाओं, डॉकयार्ड, घाटों तथा अन्य जटिल / विशेष संरचनाओं के निर्माण में भी शामिल है।

4. एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से हवा में मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल को सफलता पूर्वक प्रक्षेपित किया गया: 

सामान्य अध्ययन: 3

रक्षा:

विषय: देश में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र। 

प्रारंभिक परीक्षा: एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान 

प्रसंग: 

  • भारत ने एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से हवा में मार करने वाले ब्रह्मोस मिसाइल के विस्तारित  संस्करण को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। विमान से प्रक्षेपण योजना के अनुसार था और मिसाइल ने बंगाल की खाड़ी में निर्दिष्ट लक्ष्य को साधा। 

विवरण:  

  • यह एसयू-30 एमकेआई विमान से ब्रह्मोस मिसाइल के विस्तारित दूरी के संस्करण का पहला प्रक्षेपण था। 
  • इसके साथ,भारतीय वायु सेना ने बहुत अधिक लंबी दूरी तक ज़मीन / समुद्र में एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से सटीक निशाना लगाने की क्षमता प्राप्त कर ली है।
  • भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ, ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड-बीएपीएल और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड-एचएएल के प्रयासों से इस उपलब्धि को हासिल किया गया।
  • वायु सेना को एक रणनीतिक पहुंच और भविष्य के युद्ध में प्रभाव बनाने की क्षमता प्रदान करेगी।

5. 20वीं पशुधन गणना रिपोर्ट जारी: 

सामान्य अध्ययन: 3

अर्थव्यवस्था: 

विषय: पारंपरिक कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में निवेश और नवाचार एवं पशुधन का महत्व।  

प्रारंभिक परीक्षा:20वीं पशुधन गणना ,राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर)।    

प्रसंग: 

  • केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन तथा डेयरी मंत्री  ने 20वीं पशुधन गणना के आधार पर नस्ल के अनुसार पशुधन और पोल्ट्री रिपोर्ट जारी की।  

उद्देश्य:

  • नस्ल के अनुसार पशुधन और पोल्ट्री पक्षियों की गणना की गई हैं। 
  • 19 चुनिंदा प्रजातियों की 184 मान्य स्वदेशी/विदेशी तथा संकर नस्लें कवर की गई।

विवरण:  

  • इस रिपोर्ट में पशुधन को उन्नत बनाने के महत्व और नीति-निर्धारकों तथा शोधकर्ताओं के लिए इसकी उपयोगिता पर बल दिया गया है । 
  • नस्ल के अनुसार डाटा संग्रह करने का काम 20वीं पशुधन गणना, 2019 के साथ किया गया।
  • देश में पहली बार नस्ल के अनुसार डाटा संग्रह किया गया।
  • डाटा एकत्रित करने के लिए टैबलेट कंप्यूटर का इस्तेमाल किया गया।
  • राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) की मान्यता के आधार पर पशुधन तथा पोल्ट्री पक्षियों की गणना की गई।

नस्ल के अनुसार पशुधन तथा पोल्ट्री रिपोर्ट के प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं-

  • रिपोर्ट में एनबीएजीआर (राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो) द्वारा पंजीकृत 19 चयनित प्रजातियों की 184 मान्यता प्राप्त स्वदेशी / विदेशी और संकर नस्लों को शामिल किया गया है।
  • रिपोर्ट में 41 मान्यता प्राप्त स्वदेशी मवेशी हैं जबकि 4 विदेशी/संकर नस्लें शामिल हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार कुल मवेशियों की आबादी में विदेशी और संकर पशु का योगदान लगभग 26.5 प्रतिशत है जबकि 73.5 प्रतिशत स्वदेशी हैं।
  • कुल विदेशी/संकर मवेशियों में संकर होल्स्टीन फ्राइज़ियन (एचएफ) के 39.3 प्रतिशत की तुलना में संकर जर्सी का हिस्सा 49.3 प्रतिशत है।
  • कुल देशी मवेशियों में गिर, लखीमी और साहीवाल नस्लों का प्रमुख योगदान है।
  • भैंस में मुर्रा नस्ल का प्रमुख योगदान 42.8 प्रतिशत है, जो सामान्यतः उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पाया जाता है।
  • भेड़ की 3 विदेशी और 26 देशी नस्लें पाई गईं।
  • शुद्ध विदेशी नस्लों में कोरिडेल नस्ल का योगदान 17.3 प्रतिशत है और स्वदेशी नस्लों में नेल्लोर नस्ल का योगदान 20.0 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ श्रेणी में सबसे अधिक है।
  • देश में बकरियों की 28 देशी नस्लें पाई गई हैं। ब्लैक बंगाल नस्ल का योगदान 18.6 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक है।
  • विदेशी/संकर सूअरों में संकर नस्ल के सुअर का योगदान 86.6 प्रतिशत है, जबकि यॉर्कशायर का योगदान 8.4 प्रतिशत है। स्वदेशी सूअरों में डूम नस्ल का योगदान 3.9 प्रतिशत है।
  • घोड़ा तथा टट्टुओं में मारवाड़ी नस्ल का हिस्सा प्रमुख रूप से 9.8 प्रतिशत है।
  • गधों में स्पीति नस्ल की हिस्सेदारी 8.3 प्रतिशत है।
  • ऊँट में बीकानेरी नस्ल का योगदान 29.6 प्रतिशत है।
  • कुक्कुट, देसी मुर्गी में, असील नस्ल मुख्य रूप से बैकयार्ड कुक्कुट पालन और वाणिज्यिक कुक्कुट फार्म दोनों में योगदान करती है।

 6. वाराणसी में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित होगा: 

सामान्य अध्ययन: 2

जनकल्याणकारी पहल: 

विषय:सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं एवं उनका कमजोर वर्ग पर प्रभाव।   

प्रारंभिक परीक्षा: स्किल इंडिया । 

प्रसंग: 

  • केंद्रीय शिक्षा तथा कौशल विकास मंत्री ने एनएसडीसी इंटरनेशनल लिमिटेड तथा हिंदुस्तान पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (डीपी वर्ल्ड की एक इकाई) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।  

उद्देश्य:

  • वाराणसी में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर विकसित करने के लिए एनएसडीसी इंटरनेशनल (एनएसडीसीआई) तथा डीपी वर्ल्ड की भारतीय इकाई हिंदुस्तान पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता हुआ। 
  • इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य विदेशों में लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह संचालन तथा संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के लिए भारतीय युवाओं को कौशल प्रदान करना है।
  • वाराणसी में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार विश्व बाजार के लिए उम्मीदवारों को तैयार करने के उद्देश्य से कौशल प्रशिक्षण देगा।
  • स्किल इंडिया मिशन का उद्देश्य आर्थिक समृद्धि लाना है।

विवरण:  

  • स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटरों का उद्देश्य भारतीय युवाओं को उच्च गुणवत्ता संपन्न प्रशिक्षण प्रदान करना है। 
  • केंद्र प्रशिक्षण सुविधा आयोजित करेंगे, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा अन्य जीसीसी क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय नियोक्ताओं की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देंगे।
  • स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के पास सहयोगी संगठनों और विदेशी नियोक्ताओं का व्यापक नेटवर्क होगा ताकि दूसरे देशों को कौशल संपन्न तथा प्रमाणिक कार्यबल उपलब्ध कराया जा सके।
  • ये सहयोग संगठन विदेशी बाजारों से मांग एकत्रित करने के लिए एनएसडीसीआई के साथ कार्य करेंगे। ये केंद्र मोबिलाइजेशन, काउंसिलिंग, कौशल प्रशिक्षण, प्रस्थान पूर्व ओरिएंटेशन, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, प्लेसमेंट तथा आब्रजन और प्लेसमेंट के बाद सहयोग जैसी सेवाएं देंगे।

 पृष्ठ्भूमि: 

एनएसडीसी इंटरनेशनल लिमिटेड (एनएसडीसीआई) :

  • एनएसडीसी इंटरनेशनल लिमिटेड भारत को विश्व की कौशल राजधानी बनाने के लिए स्किल इंडिया इंटरनेशनल मिशन को प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय कौशल विकास निगम का सहायक प्रतिष्ठान है। 
  • इसका विजन भारत को कौशल संपन्न तथा प्रमाणित कार्यबल के स्रोत का हब बनाना है।
  • इसका उद्देश्य अंतर्राषट्रीय रूप से गुणवत्ता संपन्न स्किल इकोसिस्टम बनाना और योग्यता संपन्न प्रतिभा के लिए वैश्विक सप्लायर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करना है।
  • यह प्रतिष्ठान देश में रहने वाले भारतीयों के लिए वैश्विक रोजगार के अवसरों तथा विदेशो में रहने वाले भारतीयों के लिए वैश्विक करियर मोबिलिटी की पेशकश करता है।

डीपी वर्ल्ड:

  • हिंदुस्तान पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड विश्व व्यापी स्मार्ट एंड टू एंड सप्लाई चैन लॉजिस्टिक प्रदानकर्ता डीपी वर्ल्ड का हिस्सा है। 
  • इसके उत्पादों और सेवाओं की व्यापक श्रृंखला मेरिटाइन और इनलैंड टर्मिनलों से लेकर मरीन सेवाओं, रेल नेटवर्क तथा आर्थिक क्षेत्रों और टैक्नोलॉजी सोल्यूशन शामिल है।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य: 

7. युवा पर्यटन क्लब’ स्थापित करने की पहल:

  • पर्यटन मंत्रालय ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ समारोह के हिस्से के रूप में ‘युवा पर्यटन क्लब’ स्थापित करने की पहल की है। 
  • युवा पर्यटन क्लब का उद्देश्य भारतीय पर्यटन के युवा राजदूतों को प्रोत्साहित व उनका विकास करना है।
  • पर्यटन के ये युवा राजदूत भारत में पर्यटन की संभावनाओं के बारे में जागरूक होंगे, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करेंगे और पर्यटन के प्रति रुचि एवं जुनून को विकसित करेंगे।
  • ये युवा राजदूत भारत में पर्यटन को बढ़ावा देंगे।
  • केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पर्यटन मंत्रालय की इस पहल का समर्थन करने के लिए आगे आया है और उसने सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों को युवा पर्यटन क्लब के गठन के संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
  • विभिन्न स्कूलों में स्थापित किए जा रहे युवा पर्यटन क्लब राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देंगे और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ायेंगे।
  • दूसरी ओर, जैसे-जैसे युवा पर्यटक राजदूत बनते जायेंगे, भारत दुनिया का पसंदीदा पर्यटन स्थल बनता जाएगा। इसका हमारी अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।

8. राजीव कुमार होंगे नए मुख्य निर्वाचन आयुक्त:

  • राजीव कुमार 14 मई, 2022 को सुशील चंद्रा के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटने के बाद 15 मई, 2022 से मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यभार ग्रहण करेंगे।

12 May 2022 : PIB विश्लेषण  :-Download PDF Here

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