14 अप्रैल 2022 : PIB विश्लेषण

विषयसूची:

1. प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन: 

सामान्य अध्ययन: 1,2

इतिहास विरासत ,शासन: 

विषय:प्राचीन  से लेकर आधुनिक भारत की जानकारी।   

प्रारंभिक परीक्षा: नवनिर्मित प्रधानमंत्री संग्रहालय ।    

प्रसंग: 

  • प्रधानमंत्री ने अम्बेडकर जयंती के मौके पर नवनिर्मित प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन किया। 

उद्देश्य:

  • इस संग्रहालय के जरिए देश की आजादी के बाद बने प्रधानमंत्रियों के योगदान के बारे में बताया जाएगा।
  • देश के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों को समर्पित यह म्यूजियम 15,600 वर्ग मीटर क्षेत्र में, करीब 217 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।  

विवरण:  

  • प्रधानमंत्री संग्रहालय में देश के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यों का प्रदर्शन होगा। पहले इसे नेहरू संग्रहालय भवन के नाम से जाना जाता था।  
  • इस संग्रहालय में कुछ महत्वपूर्ण पत्राचार, व्यक्तिगत वस्तुओं, उपहार और यादगार वस्तुएं, सम्मान, पदक, स्मारक टिकट, सिक्के आदि भी प्रदर्शित  करने के लिए रखे गए हैं। 
  • इस संग्रहालय में जवाहर लाल नेहरू, गुलजारी लाल नंदा, लाल बहादुर शास्त्री,इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह,राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, नरसिंह राव, अटल बिहारी वाजपेयी, एचडी देवगौडा, इंद्रकुमार गुजराल, मनमोहन सिंह के कार्यों के प्रदर्शन को शामिल किया है।
  • यह संग्रहालय तीन मूर्ति भवन में बनाया गया है। 
  • इसकी पहली गैलरी में 1947 का इतिहास दिखाया जाएगा। यहां पंडित जवाहर लाल नेहरू के  कार्यों का प्रदर्शन किया गया हैं। 
  • यहां सभी आजाद भारत के प्रधानमत्रियो के बारे में पता चलेगा और प्राचीन से लेकर आधुनिक भारत की जानकारी मिलेगी।
  • गौरतलब हैं कि देश के हर प्रधानमंत्री ने संविधान की पूर्ति में अपना योगदान दिया है।  
  • इस संग्रहालय को देखने आने वाले लोग देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान के बारे में नजदीक से  उनके संघर्ष को जानेंगे। 
  • इससे भावी पीढ़ी को सीख मिलेगी कि किस किस पृष्ठभूमि के प्रधानमंत्री  बने है।
  • इसके अलावा संग्रहालय का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सभी भारतीय प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व, दूरदर्शिता और उपलब्धियों के बारे में संवेदनशील और प्रेरित करना है। 

पृष्ठ्भूमि: 

  • इस म्यूजियम में जितनी अतीत की यादें हैं, उतनी ही भविष्य की भी उम्मीद है।
  • इस म्यूजियम में 40 से अधिक गैलरी है और करीब 4 हजार लोगों के एक साथ घूमने की व्यवस्था है। 
  • तेजी से बदल रहे भारत की तस्वीर यह म्यूजियम दुनिया को दिखाएगा। यह ऐसा अनुभव देगा कि वाकई में हम उसी दौर में जी रहे हैं या उनसे संवाद कर रहे हैं।  

2. कपड़ा क्षेत्र से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम: 

सामान्य अध्ययन: 3

अर्थव्यवस्था: 

विषय: कपड़ा क्षेत्र से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के रोजगार पर प्रभाव।  

प्रारंभिक परीक्षा: उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम।  

मुख्य परीक्षा: कपड़ों के व्यापक दायरे और क्षमता पर विस्तार के लिए यह योजना किस प्रकार लाभदायक हैं ? 

प्रसंग: 

  • कपड़ा मंत्रालय चयन समिति ने कपड़ा क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के तहत 61 आवेदकों का चयन किया है। पीएलआई स्कीम के लिए 15 आवेदन भाग-1 के तहत तथा 52 आवेदन भाग – 2 के तहत हैं। 

उद्देश्य:

  • सरकार ने पांच वर्ष की अवधि के लिए 10,683 करोड़ रुपये के अनुमोदित परिव्यय के साथ भारत की विनिर्माण क्षमताओं तथा निर्यात में बढोतरी करने के लिए कपड़ा उत्पादों के लिए पीएलआई स्कीम को मंजूरी दी हैं।   

विवरण:  

  • इस स्कीम के दो भाग हैं। 
  • भाग 1 में न्यूनतम निवेश 300 करोड़ रुपये का है तथा प्रोत्साहन के लिए अपेक्षित न्यूनतम टर्नओवर 600 करोड़ रुपये का है। 
  • भाग 2 में न्यूनतम निवेश 100 करोड़ रुपये का है तथा प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए अपेक्षित न्यूनतम टर्नओवर 200 करोड़ रुपये का है।
  • सरकार ने कपड़ा उत्पादों जिनके नाम एमएमएफ अपैरन, एमएमएफ फैब्रिक्स तथा टेक्निकल टेक्स्टाइल के उत्पादों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम को पांच वर्ष की अवधि के लिए 10,683 करोड़ रुपये के अनुमोदित परिव्यय के साथ भारत की विनिर्माण क्षमताओं तथा निर्यात में बढोतरी करने के लिए मंजूरी दी।
  • सेक्टर के विकास को और बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कपास से आयात शुल्क को भी हटा दिया।
  • इस स्कीम के लिए अधिसूचना वर्ष 2021 में जारी की गई थी।

      प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

 आज इससे सम्बंधित कोई समाचार नहीं हैं। 


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लिंक किए गए लेख में 13 अप्रैल 2022 का पीआईबी सारांश और विश्लेषण पढ़ें।

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